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दिनांक 17 मार्च 2026 को उदवतपुर सेक्शन के पवैयाबाद गांव से गम्भीर रूप से घायल बाज को वन विभाग देवां रेंज की टीम द्वारा रेस्क्यू किया गया था।आज दिनांक 25 मार्च को पूरी तरह से स्वस्थ होने पर उसे प्राकृतवास में विमोचित किया गया। उक्त पक्षी को कलगीदार सर्प चील crested serpent eagle (Spilornis cheela) भी कहते हैं। यह विशेष रूप से वृक्षों पर रहने वाले सांपों को पसंद करता है इसके फलस्वरूप ही इन्हें इनका नाम दिया गया है।लेकिन इसका आहार केवल सांपों तक ही सीमित नहीं है। यह छिपकलियों, मेंढकों, टोड, स्तनधारियों, ईल, छोटे पक्षियों, दीमकों और बड़े केंचुओं का भी शिकार करता है। *वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972* के अंतर्गत इस पक्षी को संकटग्रस्त श्रेणी में रखते हुए एवम सर्वोच्च सुरक्षा हुए *अनुसूची 1* के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है।

2 hrs ago
user_पत्रकार बाराबंकी देवा शरीफ
पत्रकार बाराबंकी देवा शरीफ
मैं निजामुद्दीन पत्रकार जिला रिपोर्टर नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

दिनांक 17 मार्च 2026 को उदवतपुर सेक्शन के पवैयाबाद गांव से गम्भीर रूप से घायल बाज को वन विभाग देवां रेंज की टीम द्वारा रेस्क्यू किया गया था।आज दिनांक 25 मार्च को पूरी तरह से स्वस्थ होने पर उसे प्राकृतवास में विमोचित किया गया। उक्त पक्षी को कलगीदार सर्प चील crested serpent eagle (Spilornis cheela) भी कहते हैं। यह विशेष रूप से वृक्षों पर रहने वाले सांपों को पसंद करता है इसके फलस्वरूप ही इन्हें इनका नाम दिया गया है।लेकिन इसका आहार केवल सांपों तक ही सीमित नहीं है। यह छिपकलियों, मेंढकों, टोड, स्तनधारियों, ईल, छोटे पक्षियों, दीमकों और बड़े केंचुओं का भी शिकार करता है। *वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972* के अंतर्गत इस पक्षी को संकटग्रस्त श्रेणी में रखते हुए एवम सर्वोच्च सुरक्षा हुए *अनुसूची 1* के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है।

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  • मोनालिसा के आरोपों पर अब सनोज़ मिश्रा ने अपना पक्ष सामने रखा है। उन्होंने कहा कि “धर्मांतरण गैंग मेरे पीछे पड़ा है और झूठे आरोप लगाकर मुझे फंसाने की कोशिश की जा रही है।” सनोज़ का दावा है कि पूरी सच्चाई जानने के लिए उनका पूरा वीडियो देखना चाहिए। फिलहाल इस मामले को लेकर दोनों पक्षों में तकरार जारी है और पुलिस भी मामले की जांच में जुटी है।
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    मोनालिसा के आरोपों पर अब सनोज़ मिश्रा ने अपना पक्ष सामने रखा है। उन्होंने कहा कि “धर्मांतरण गैंग मेरे पीछे पड़ा है और झूठे आरोप लगाकर मुझे फंसाने की कोशिश की जा रही है।” सनोज़ का दावा है कि पूरी सच्चाई जानने के लिए उनका पूरा वीडियो देखना चाहिए। फिलहाल इस मामले को लेकर दोनों पक्षों में तकरार जारी है और पुलिस भी मामले की जांच में जुटी है।
    user_राम जी दीक्षित पत्रकार
    राम जी दीक्षित पत्रकार
    Voice of people नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    27 min ago
  • दिनांक 17 मार्च 2026 को उदवतपुर सेक्शन के पवैयाबाद गांव से गम्भीर रूप से घायल बाज को वन विभाग देवां रेंज की टीम द्वारा रेस्क्यू किया गया था।आज दिनांक 25 मार्च को पूरी तरह से स्वस्थ होने पर उसे प्राकृतवास में विमोचित किया गया। उक्त पक्षी को कलगीदार सर्प चील crested serpent eagle (Spilornis cheela) भी कहते हैं। यह विशेष रूप से वृक्षों पर रहने वाले सांपों को पसंद करता है इसके फलस्वरूप ही इन्हें इनका नाम दिया गया है।लेकिन इसका आहार केवल सांपों तक ही सीमित नहीं है। यह छिपकलियों, मेंढकों, टोड, स्तनधारियों, ईल, छोटे पक्षियों, दीमकों और बड़े केंचुओं का भी शिकार करता है। *वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972* के अंतर्गत इस पक्षी को संकटग्रस्त श्रेणी में रखते हुए एवम सर्वोच्च सुरक्षा हुए *अनुसूची 1* के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है।
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    दिनांक 17 मार्च 2026 को उदवतपुर सेक्शन के पवैयाबाद गांव से गम्भीर रूप से घायल बाज को वन विभाग देवां रेंज की टीम द्वारा रेस्क्यू किया गया था।आज दिनांक 25 मार्च को पूरी तरह से स्वस्थ होने पर उसे प्राकृतवास में विमोचित किया गया। 
उक्त पक्षी को कलगीदार सर्प चील crested serpent eagle (Spilornis cheela) भी कहते हैं। यह विशेष रूप से वृक्षों पर रहने वाले सांपों को पसंद करता है इसके फलस्वरूप ही इन्हें इनका नाम दिया गया है।लेकिन इसका आहार केवल सांपों तक ही सीमित नहीं है। यह छिपकलियों, मेंढकों, टोड, स्तनधारियों, ईल, छोटे पक्षियों, दीमकों और बड़े केंचुओं का भी शिकार करता है। *वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972* के अंतर्गत इस पक्षी को संकटग्रस्त श्रेणी में रखते हुए एवम सर्वोच्च सुरक्षा हुए *अनुसूची 1* के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है।
    user_पत्रकार बाराबंकी देवा शरीफ
    पत्रकार बाराबंकी देवा शरीफ
    मैं निजामुद्दीन पत्रकार जिला रिपोर्टर नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • अवधी भाषा को Google तक पहुंचाने की पहल | प्रदीप सारंग ने अवधी में दी बड़ी जानकारी
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    अवधी भाषा को Google तक पहुंचाने की पहल | प्रदीप सारंग ने अवधी में दी बड़ी जानकारी
    user_Public News Network24
    Public News Network24
    Newspaper publisher नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • बाराबंकी।बुधवार को उत्तर प्रदेश पुलिस के महत्वपूर्ण अभियान 'मिशन शक्ति' फेज 5 द्वितीय चरण के तहत, बाराबंकी जिले में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से “रन फॉर इम्पावरमेंट” दौड़ का आयोजन किया गया।इस कार्यक्रम को अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी, बाराबंकी विकास चन्द्र त्रिपाठी द्वारा पुलिस लाइन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। “रन फॉर इम्पावरमेंट” दौड़ रिजर्व पुलिस लाइन बाराबंकी से प्रारम्भ होकर पुलिस लाइन चौराहा होते हुए वापस पुनः पुलिस लाइन में समाप्त हुई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में महिलाओं को उनके कानूनी और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना है। अभियान का उद्देश्य महिलाओं को निडर होकर आगे बढ़ने का वातावरण उपलब्ध कराना है। किसी भी प्रकार की घटना या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल डायल 112 अथवा नजदीकी थाना/चौकी को दें। महिला स्वावलंबन से ही वास्तविक सशक्तिकरण संभव है। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी लाइन संगम कुमार, प्रतिसार निरीक्षक राजेश कुमार व अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
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    बाराबंकी।बुधवार को उत्तर प्रदेश पुलिस के महत्वपूर्ण अभियान 'मिशन शक्ति' फेज 5 द्वितीय चरण के तहत, बाराबंकी जिले में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से “रन फॉर इम्पावरमेंट” दौड़ का आयोजन किया गया।इस कार्यक्रम को अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी, बाराबंकी विकास चन्द्र त्रिपाठी द्वारा पुलिस लाइन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। “रन फॉर इम्पावरमेंट” दौड़ रिजर्व पुलिस लाइन बाराबंकी से प्रारम्भ होकर पुलिस लाइन चौराहा होते हुए वापस पुनः पुलिस लाइन में समाप्त हुई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में महिलाओं को उनके कानूनी और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना है।
अभियान का उद्देश्य महिलाओं को निडर होकर आगे बढ़ने का वातावरण उपलब्ध कराना है। किसी भी प्रकार की घटना या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल डायल 112 अथवा नजदीकी थाना/चौकी को दें। महिला स्वावलंबन से ही वास्तविक सशक्तिकरण संभव है। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी लाइन संगम कुमार, प्रतिसार निरीक्षक राजेश कुमार व अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
    user_Vikas
    Vikas
    Voice of people नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • बाराबंकी शहीद दिवस पर मसौली,बाराबंकी में 'मेरा युवा भारत' (MY Bharat) के तहत पदयात्रा का आयोजन । शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदान दिवस के अवसर पर आज विकास खंड मसौली में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय (भारत सरकार) द्वारा संचालित 'मेरा युवा भारत' (MY Bharat) पोर्टल के माध्यम से जिला स्तरीय पदयात्रा का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन सहयोगी संस्था आर. वी. पी. जी. कॉलेज, खुशहालपुर (सफदरगंज) के परिसर में हुआ। जिसमें मुख्य अतिथि कॉलेज प्रबंधक व विशिष्ट अतिथि कॉलेज प्राचार्य ने शहीदों की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया । पदयात्रा के जरिए युवाओं को देश के अमर शहीदों के बलिदान से रूबरू कराया गया और उनमें राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत की गई। कॉलेज के छात्र-छात्राओं और स्थानीय युवाओं ने इस पदयात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हाथों में तिरंगा और देशभक्ति के नारों के साथ युवाओं ने समाज को देश की एकता और अखंडता का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के जीवन पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने की शपथ दिलाई। इस अवसर पर रंगोली प्रतियोगिता,पेंटिंग चार्ट प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता  पौधरोपण भी कराया गया । जिसमें विभाग द्वारा विजेता प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र स्मृति चिन्ह देकर उनको सम्मानित किया गया । मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि जी को मेरा युवा भारत बाराबंकी द्वारा उनको स्मृति चिन्ह देकर उनको सम्मानित किया गया । इस अवसर पर कॉलेज प्रबंधन, खेल मंत्रालय के प्रतिनिधि और स्थानीय गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
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    बाराबंकी 
शहीद दिवस पर मसौली,बाराबंकी में 'मेरा युवा भारत' (MY Bharat) के तहत पदयात्रा का आयोजन ।
शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदान दिवस के अवसर पर आज विकास खंड मसौली में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय (भारत सरकार) द्वारा संचालित 'मेरा युवा भारत' (MY Bharat) पोर्टल के माध्यम से जिला स्तरीय पदयात्रा का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन सहयोगी संस्था आर. वी. पी. जी. कॉलेज, खुशहालपुर (सफदरगंज) के परिसर में हुआ। जिसमें मुख्य अतिथि कॉलेज प्रबंधक व विशिष्ट अतिथि कॉलेज प्राचार्य ने शहीदों की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया । पदयात्रा के जरिए युवाओं को देश के अमर शहीदों के बलिदान से रूबरू कराया गया और उनमें राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत की गई। कॉलेज के छात्र-छात्राओं और स्थानीय युवाओं ने इस पदयात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हाथों में तिरंगा और देशभक्ति के नारों के साथ युवाओं ने समाज को देश की एकता और अखंडता का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के जीवन पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने की शपथ दिलाई। इस अवसर पर रंगोली प्रतियोगिता,पेंटिंग चार्ट प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता  पौधरोपण भी कराया गया । जिसमें विभाग द्वारा विजेता प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र स्मृति चिन्ह देकर उनको सम्मानित किया गया । मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि जी को मेरा युवा भारत बाराबंकी द्वारा उनको स्मृति चिन्ह देकर उनको सम्मानित किया गया ।
इस अवसर पर कॉलेज प्रबंधन, खेल मंत्रालय के प्रतिनिधि और स्थानीय गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
    user_संजीव कुमार  ( संजय शरण दास )
    संजीव कुमार ( संजय शरण दास )
    पत्रकार Nawabganj, Barabanki•
    23 hrs ago
  • आजमगढ़ जिले के फूलपुर में पेट्रोल डीजल की अनिश्चिता के चलते पेट्रोल पंप पर उमड़ी भीड़
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    आजमगढ़ जिले के फूलपुर में पेट्रोल डीजल की अनिश्चिता के चलते पेट्रोल पंप पर उमड़ी भीड़
    user_MFT News
    MFT News
    लखनऊ, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    41 min ago
  • . #आदर्श_मीडिया_एसोसिएशन #amalive #lucknow #viralvideo #uppolice . . @amalivenews
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    .
#आदर्श_मीडिया_एसोसिएशन
#amalive 
#lucknow 
#viralvideo 
#uppolice 
.
.
@amalivenews
    user_आदर्श शुक्ला
    आदर्श शुक्ला
    Voice of people Bakshi Ka Talab, Lucknow•
    46 min ago
  • *🚨🇺🇸 अमेरिका में चिंता:* ईरान के शहीद ड्रोन पहले ही रक्षा प्रणाली को भेद रहे हैं — लेकिन चीन के ड्रोन और भी बड़ा खतरा बन सकते हैं *TGR:* ड्रोन अब सस्ते, ज्यादा स्मार्ट और रोकने में कठिन होते जा रहे हैं। मध्य पूर्व में हाल के संघर्षों ने दिखाया कि अपेक्षाकृत साधारण ईरानी सिस्टम भी रक्षा को चकमा देकर महत्वपूर्ण लक्ष्यों को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे अमेरिका/इज़राइल की एयर डिफेंस में कमजोरियां उजागर हुई हैं। अब असली सवाल यह है कि जब कोई ज्यादा उन्नत औद्योगिक ताकत इसी रणनीति को बड़े स्तर पर लागू करेगी, तो क्या होगा? चीन का ASN-301 एक अलग स्तर का खतरा है। ईरान के शहीद-136 के विपरीत, जो मुख्य रूप से पहले से प्रोग्राम किए गए हमले के लिए इस्तेमाल होता है, चीनी सिस्टम खास तौर पर एयर डिफेंस को निशाना बनाने के लिए बनाया गया है। यह घंटों तक हवा में रह सकता है, रडार सिग्नल पकड़ सकता है, सिग्नल बंद होने पर इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल ट्रैकिंग पर स्विच कर सकता है, और उड़ान के दौरान डाटा लिंक के जरिए अपडेट भी ले सकता है। यानी यह युद्धक्षेत्र को लगातार खोज और नष्ट करने वाले वातावरण में बदल देता है, खासकर रडार जैसे अहम सिस्टम के लिए। *ईरान की रणनीति संख्या पर आधारित है:* सस्ते और लंबी दूरी के ड्रोन को बड़ी संख्या में भेजकर रक्षा प्रणाली को थका देना। वहीं चीन इस मॉडल को सटीकता के साथ जोड़ता है। Feilong-300D जैसे वेरिएंट लागत को और कम करते हुए पेलोड और टार्गेटिंग में लचीलापन बनाए रखते हैं, जिससे बड़े पैमाने पर तैनाती और भी आसान हो जाती है। यहीं असली दबाव की स्थिति बनती है। अगर अमेरिकी सिस्टम पहले से ही ईरानी ड्रोन को रोकने में संघर्ष कर रहे हैं, तो इसके नतीजे गंभीर हो सकते हैं। पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में किसी भी संघर्ष का फैसला उत्पादन क्षमता पर निर्भर करेगा। चीन की बड़ी संख्या में स्मार्ट और अनुकूलनशील ड्रोन तैनात करने की क्षमता अमेरिका और उसके सहयोगियों को महंगे चक्र में फंसा सकती है — जहां उन्हें लाखों डॉलर के इंटरसेप्टर इस्तेमाल करने पड़ेंगे, उन ड्रोन को रोकने के लिए जो बेहद कम लागत में बनाए जाते हैं। *🇮🇳 भारत के लिए खतरा कितना बड़ा है?* भारत के लिए यह खतरा नजरअंदाज करने लायक नहीं है। चीन पहले से ही भारत का पड़ोसी और रणनीतिक प्रतिद्वंदी है, और यदि ऐसे उन्नत ड्रोन सिस्टम बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होते हैं, तो यह सीमावर्ती इलाकों — खासकर लद्दाख और अरुणाचल जैसे क्षेत्रों — में चुनौती बढ़ा सकते हैं। साथ ही, पाकिस्तान द्वारा सस्ते ड्रोन के इस्तेमाल के उदाहरण पहले ही सामने आ चुके हैं। अगर भविष्य में चीन की तकनीक या उसके जैसे सिस्टम क्षेत्र में फैलते हैं, तो भारत को दो तरफ से ड्रोन आधारित खतरे का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि भारत भी तेजी से अपनी एयर डिफेंस और एंटी-ड्रोन तकनीक को मजबूत कर रहा है, लेकिन यह साफ है कि आने वाले समय में युद्ध का स्वरूप बदल रहा है — जहां सस्ते, तेज और स्मार्ट ड्रोन बड़ी ताकतों को भी चुनौती दे सकते हैं।
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    *🚨🇺🇸 अमेरिका में चिंता:* ईरान के शहीद ड्रोन पहले ही रक्षा प्रणाली को भेद रहे हैं — लेकिन चीन के ड्रोन और भी बड़ा खतरा बन सकते हैं
*TGR:* ड्रोन अब सस्ते, ज्यादा स्मार्ट और रोकने में कठिन होते जा रहे हैं। मध्य पूर्व में हाल के संघर्षों ने दिखाया कि अपेक्षाकृत साधारण ईरानी सिस्टम भी रक्षा को चकमा देकर महत्वपूर्ण लक्ष्यों को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे अमेरिका/इज़राइल की एयर डिफेंस में कमजोरियां उजागर हुई हैं। अब असली सवाल यह है कि जब कोई ज्यादा उन्नत औद्योगिक ताकत इसी रणनीति को बड़े स्तर पर लागू करेगी, तो क्या होगा?
चीन का ASN-301 एक अलग स्तर का खतरा है। ईरान के शहीद-136 के विपरीत, जो मुख्य रूप से पहले से प्रोग्राम किए गए हमले के लिए इस्तेमाल होता है, चीनी सिस्टम खास तौर पर एयर डिफेंस को निशाना बनाने के लिए बनाया गया है। यह घंटों तक हवा में रह सकता है, रडार सिग्नल पकड़ सकता है, सिग्नल बंद होने पर इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल ट्रैकिंग पर स्विच कर सकता है, और उड़ान के दौरान डाटा लिंक के जरिए अपडेट भी ले सकता है। यानी यह युद्धक्षेत्र को लगातार खोज और नष्ट करने वाले वातावरण में बदल देता है, खासकर रडार जैसे अहम सिस्टम के लिए।
*ईरान की रणनीति संख्या पर आधारित है:* सस्ते और लंबी दूरी के ड्रोन को बड़ी संख्या में भेजकर रक्षा प्रणाली को थका देना। वहीं चीन इस मॉडल को सटीकता के साथ जोड़ता है। Feilong-300D जैसे वेरिएंट लागत को और कम करते हुए पेलोड और टार्गेटिंग में लचीलापन बनाए रखते हैं, जिससे बड़े पैमाने पर तैनाती और भी आसान हो जाती है।
यहीं असली दबाव की स्थिति बनती है। अगर अमेरिकी सिस्टम पहले से ही ईरानी ड्रोन को रोकने में संघर्ष कर रहे हैं, तो इसके नतीजे गंभीर हो सकते हैं। पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में किसी भी संघर्ष का फैसला उत्पादन क्षमता पर निर्भर करेगा। चीन की बड़ी संख्या में स्मार्ट और अनुकूलनशील ड्रोन तैनात करने की क्षमता अमेरिका और उसके सहयोगियों को महंगे चक्र में फंसा सकती है — जहां उन्हें लाखों डॉलर के इंटरसेप्टर इस्तेमाल करने पड़ेंगे, उन ड्रोन को रोकने के लिए जो बेहद कम लागत में बनाए जाते हैं।
*🇮🇳 भारत के लिए खतरा कितना बड़ा है?*
भारत के लिए यह खतरा नजरअंदाज करने लायक नहीं है। चीन पहले से ही भारत का पड़ोसी और रणनीतिक प्रतिद्वंदी है, और यदि ऐसे उन्नत ड्रोन सिस्टम बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होते हैं, तो यह सीमावर्ती इलाकों — खासकर लद्दाख और अरुणाचल जैसे क्षेत्रों — में चुनौती बढ़ा सकते हैं।
साथ ही, पाकिस्तान द्वारा सस्ते ड्रोन के इस्तेमाल के उदाहरण पहले ही सामने आ चुके हैं। अगर भविष्य में चीन की तकनीक या उसके जैसे सिस्टम क्षेत्र में फैलते हैं, तो भारत को दो तरफ से ड्रोन आधारित खतरे का सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि भारत भी तेजी से अपनी एयर डिफेंस और एंटी-ड्रोन तकनीक को मजबूत कर रहा है, लेकिन यह साफ है कि आने वाले समय में युद्ध का स्वरूप बदल रहा है — जहां सस्ते, तेज और स्मार्ट ड्रोन बड़ी ताकतों को भी चुनौती दे सकते हैं।
    user_राम जी दीक्षित पत्रकार
    राम जी दीक्षित पत्रकार
    Voice of people नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
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