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मोनालिसा के आरोपों पर अब सनोज़ मिश्रा ने अपना पक्ष सामने रखा है। उन्होंने कहा कि “धर्मांतरण गैंग मेरे पीछे पड़ा है और झूठे आरोप लगाकर मुझे फंसाने की कोशिश की जा रही है।” सनोज़ का दावा है कि पूरी सच्चाई जानने के लिए उनका पूरा वीडियो देखना चाहिए। फिलहाल इस मामले को लेकर दोनों पक्षों में तकरार जारी है और पुलिस भी मामले की जांच में जुटी है।

2 hrs ago
user_राम जी दीक्षित पत्रकार
राम जी दीक्षित पत्रकार
Voice of people नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

मोनालिसा के आरोपों पर अब सनोज़ मिश्रा ने अपना पक्ष सामने रखा है। उन्होंने कहा कि “धर्मांतरण गैंग मेरे पीछे पड़ा है और झूठे आरोप लगाकर मुझे फंसाने की कोशिश की जा रही है।” सनोज़ का दावा है कि पूरी सच्चाई जानने के लिए उनका पूरा वीडियो देखना चाहिए। फिलहाल इस मामले को लेकर दोनों पक्षों में तकरार जारी है और पुलिस भी मामले की जांच में जुटी है।

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  • *पीलीभीत टाइगर रिजर्व में सड़क पर बाघ का रोमांचक नज़ारा* पीलीभीत टाइगर रिजर्व में एक बार फिर से बाघ का रोमांचक नज़ारा देखने को मिला। एक बाघ सड़क पर टहलता दिखा, जिससे वाहनों के पहिये थम गए। लोग दूर से नज़ारा देखने लगे और कुछ ने वीडियो भी बनाया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है ¹ ² ³। बाघ की चहलकदमी देखकर राहगीर इतने रोमांचित हो उठे कि हर कोई वहां का तहां थमा रह गया। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि जंगल से गुजरने वाले मार्गों पर वन्यजीवों के आने की घटना आम है। बाघ की यह चहलकदमी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है ² ⁴। क्या आप जानना चाहेंगे कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या कितनी है या वहां के वन्यजीवों के बारे में और जानकारी चाहिए?
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    *पीलीभीत टाइगर रिजर्व में सड़क पर बाघ का रोमांचक नज़ारा*
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में एक बार फिर से बाघ का रोमांचक नज़ारा देखने को मिला। एक बाघ सड़क पर टहलता दिखा, जिससे वाहनों के पहिये थम गए। लोग दूर से नज़ारा देखने लगे और कुछ ने वीडियो भी बनाया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है ¹ ² ³।
बाघ की चहलकदमी देखकर राहगीर इतने रोमांचित हो उठे कि हर कोई वहां का तहां थमा रह गया। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि जंगल से गुजरने वाले मार्गों पर वन्यजीवों के आने की घटना आम है। बाघ की यह चहलकदमी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है ² ⁴।
क्या आप जानना चाहेंगे कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या कितनी है या वहां के वन्यजीवों के बारे में और जानकारी चाहिए?
    user_जनवार्ता न्यूज 24
    जनवार्ता न्यूज 24
    Local News Reporter Nawabganj, Barabanki•
    1 hr ago
  • मोनालिसा के आरोपों पर अब सनोज़ मिश्रा ने अपना पक्ष सामने रखा है। उन्होंने कहा कि “धर्मांतरण गैंग मेरे पीछे पड़ा है और झूठे आरोप लगाकर मुझे फंसाने की कोशिश की जा रही है।” सनोज़ का दावा है कि पूरी सच्चाई जानने के लिए उनका पूरा वीडियो देखना चाहिए। फिलहाल इस मामले को लेकर दोनों पक्षों में तकरार जारी है और पुलिस भी मामले की जांच में जुटी है।
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    मोनालिसा के आरोपों पर अब सनोज़ मिश्रा ने अपना पक्ष सामने रखा है। उन्होंने कहा कि “धर्मांतरण गैंग मेरे पीछे पड़ा है और झूठे आरोप लगाकर मुझे फंसाने की कोशिश की जा रही है।” सनोज़ का दावा है कि पूरी सच्चाई जानने के लिए उनका पूरा वीडियो देखना चाहिए। फिलहाल इस मामले को लेकर दोनों पक्षों में तकरार जारी है और पुलिस भी मामले की जांच में जुटी है।
    user_राम जी दीक्षित पत्रकार
    राम जी दीक्षित पत्रकार
    Voice of people नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • दिनांक 17 मार्च 2026 को उदवतपुर सेक्शन के पवैयाबाद गांव से गम्भीर रूप से घायल बाज को वन विभाग देवां रेंज की टीम द्वारा रेस्क्यू किया गया था।आज दिनांक 25 मार्च को पूरी तरह से स्वस्थ होने पर उसे प्राकृतवास में विमोचित किया गया। उक्त पक्षी को कलगीदार सर्प चील crested serpent eagle (Spilornis cheela) भी कहते हैं। यह विशेष रूप से वृक्षों पर रहने वाले सांपों को पसंद करता है इसके फलस्वरूप ही इन्हें इनका नाम दिया गया है।लेकिन इसका आहार केवल सांपों तक ही सीमित नहीं है। यह छिपकलियों, मेंढकों, टोड, स्तनधारियों, ईल, छोटे पक्षियों, दीमकों और बड़े केंचुओं का भी शिकार करता है। *वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972* के अंतर्गत इस पक्षी को संकटग्रस्त श्रेणी में रखते हुए एवम सर्वोच्च सुरक्षा हुए *अनुसूची 1* के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है।
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    दिनांक 17 मार्च 2026 को उदवतपुर सेक्शन के पवैयाबाद गांव से गम्भीर रूप से घायल बाज को वन विभाग देवां रेंज की टीम द्वारा रेस्क्यू किया गया था।आज दिनांक 25 मार्च को पूरी तरह से स्वस्थ होने पर उसे प्राकृतवास में विमोचित किया गया। 
उक्त पक्षी को कलगीदार सर्प चील crested serpent eagle (Spilornis cheela) भी कहते हैं। यह विशेष रूप से वृक्षों पर रहने वाले सांपों को पसंद करता है इसके फलस्वरूप ही इन्हें इनका नाम दिया गया है।लेकिन इसका आहार केवल सांपों तक ही सीमित नहीं है। यह छिपकलियों, मेंढकों, टोड, स्तनधारियों, ईल, छोटे पक्षियों, दीमकों और बड़े केंचुओं का भी शिकार करता है। *वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972* के अंतर्गत इस पक्षी को संकटग्रस्त श्रेणी में रखते हुए एवम सर्वोच्च सुरक्षा हुए *अनुसूची 1* के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है।
    user_पत्रकार बाराबंकी देवा शरीफ
    पत्रकार बाराबंकी देवा शरीफ
    मैं निजामुद्दीन पत्रकार जिला रिपोर्टर नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • अवधी भाषा को Google तक पहुंचाने की पहल | प्रदीप सारंग ने अवधी में दी बड़ी जानकारी
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    अवधी भाषा को Google तक पहुंचाने की पहल | प्रदीप सारंग ने अवधी में दी बड़ी जानकारी
    user_Public News Network24
    Public News Network24
    Newspaper publisher नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • बाराबंकी।बुधवार को उत्तर प्रदेश पुलिस के महत्वपूर्ण अभियान 'मिशन शक्ति' फेज 5 द्वितीय चरण के तहत, बाराबंकी जिले में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से “रन फॉर इम्पावरमेंट” दौड़ का आयोजन किया गया।इस कार्यक्रम को अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी, बाराबंकी विकास चन्द्र त्रिपाठी द्वारा पुलिस लाइन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। “रन फॉर इम्पावरमेंट” दौड़ रिजर्व पुलिस लाइन बाराबंकी से प्रारम्भ होकर पुलिस लाइन चौराहा होते हुए वापस पुनः पुलिस लाइन में समाप्त हुई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में महिलाओं को उनके कानूनी और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना है। अभियान का उद्देश्य महिलाओं को निडर होकर आगे बढ़ने का वातावरण उपलब्ध कराना है। किसी भी प्रकार की घटना या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल डायल 112 अथवा नजदीकी थाना/चौकी को दें। महिला स्वावलंबन से ही वास्तविक सशक्तिकरण संभव है। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी लाइन संगम कुमार, प्रतिसार निरीक्षक राजेश कुमार व अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
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    बाराबंकी।बुधवार को उत्तर प्रदेश पुलिस के महत्वपूर्ण अभियान 'मिशन शक्ति' फेज 5 द्वितीय चरण के तहत, बाराबंकी जिले में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से “रन फॉर इम्पावरमेंट” दौड़ का आयोजन किया गया।इस कार्यक्रम को अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी, बाराबंकी विकास चन्द्र त्रिपाठी द्वारा पुलिस लाइन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। “रन फॉर इम्पावरमेंट” दौड़ रिजर्व पुलिस लाइन बाराबंकी से प्रारम्भ होकर पुलिस लाइन चौराहा होते हुए वापस पुनः पुलिस लाइन में समाप्त हुई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में महिलाओं को उनके कानूनी और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना है।
अभियान का उद्देश्य महिलाओं को निडर होकर आगे बढ़ने का वातावरण उपलब्ध कराना है। किसी भी प्रकार की घटना या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल डायल 112 अथवा नजदीकी थाना/चौकी को दें। महिला स्वावलंबन से ही वास्तविक सशक्तिकरण संभव है। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी लाइन संगम कुमार, प्रतिसार निरीक्षक राजेश कुमार व अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
    user_Vikas
    Vikas
    Voice of people नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    1 day ago
  • 24 3.2026 को समाजवादी कार्यकर्ता सम्मेलन निचलौल जनपद महाराजगंज में आयोजित सफल हुआ जिसमें भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ 2027 में सभी बंधुओ से अनुरोध किया गया समाजवादी सरकार बनाने के लिए मजदूर सभा के साथीगढ़ मौजूद रहे जिला अध्यक्ष मोहन विश्वकर्मा मजदूर सभा महाराजगंज
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    24 3.2026 को समाजवादी कार्यकर्ता सम्मेलन निचलौल जनपद महाराजगंज में आयोजित सफल हुआ जिसमें भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ 2027 में सभी बंधुओ से अनुरोध किया गया समाजवादी सरकार बनाने के लिए मजदूर सभा के साथीगढ़ मौजूद रहे जिला अध्यक्ष मोहन विश्वकर्मा मजदूर सभा महाराजगंज
    user_#MAA ANANDI NEWS (Anurag Dwivedi)
    #MAA ANANDI NEWS (Anurag Dwivedi)
    Media company Lucknow, Uttar Pradesh•
    23 min ago
  • बाराबंकी में वाहन चालकों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया और अभद्रता कर ड्राइवर भाइयों को फर्जी मामले में फंसा कर जेल भेज दिया गया वाहन चालक कल्याण समिति संम्पूर्ण भारत संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्र यादव प्रदेश अध्यक्ष मनोज सिंह जिला प्रबंधक रवि तिवारी जनपद आजमगढ़ थाना क्षेत्र अहराउला ग्राम नान्हूशाह का निवासी हूं आपके संज्ञान में प्रदेश भर में वाहन चालकों की समस्याओं को लेकर बार-बार धरना प्रदर्शन के माध्यम से प्रदेश की सरकार को अवगत कराता रहा पर आज तक हमारी मांगों पर विचार नहीं किया गया वाहन चालक प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीड है परिवाहन के व्यवस्था के माध्यम से ही व्यवसाय उद्योग और जल जीवन सुचारन रुप से चलता है इसके इसके बावजूद चालक वर्ग की सामाजिक व कानूनी स्थिति आज अत्यन्त दयनीय बनी हुई है
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    बाराबंकी 
में वाहन चालकों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया और अभद्रता कर ड्राइवर भाइयों को फर्जी मामले में फंसा कर जेल भेज दिया गया 
वाहन चालक कल्याण समिति संम्पूर्ण भारत संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्र यादव प्रदेश अध्यक्ष मनोज सिंह जिला प्रबंधक रवि तिवारी जनपद आजमगढ़ थाना क्षेत्र अहराउला ग्राम नान्हूशाह का निवासी हूं आपके संज्ञान में प्रदेश भर में वाहन चालकों की समस्याओं को लेकर बार-बार धरना प्रदर्शन के माध्यम से प्रदेश की सरकार को अवगत कराता रहा पर आज तक हमारी मांगों पर विचार नहीं किया गया वाहन चालक प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीड है परिवाहन के व्यवस्था के माध्यम से ही व्यवसाय उद्योग और जल जीवन सुचारन रुप से चलता है इसके इसके बावजूद चालक वर्ग की सामाजिक व कानूनी स्थिति आज अत्यन्त दयनीय बनी हुई है
    user_क्राइम ब्यूरो लखनऊ उत्तर प्रदेश
    क्राइम ब्यूरो लखनऊ उत्तर प्रदेश
    Court reporter Sadar, Lucknow•
    1 hr ago
  • *🚨🇺🇸 अमेरिका में चिंता:* ईरान के शहीद ड्रोन पहले ही रक्षा प्रणाली को भेद रहे हैं — लेकिन चीन के ड्रोन और भी बड़ा खतरा बन सकते हैं *TGR:* ड्रोन अब सस्ते, ज्यादा स्मार्ट और रोकने में कठिन होते जा रहे हैं। मध्य पूर्व में हाल के संघर्षों ने दिखाया कि अपेक्षाकृत साधारण ईरानी सिस्टम भी रक्षा को चकमा देकर महत्वपूर्ण लक्ष्यों को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे अमेरिका/इज़राइल की एयर डिफेंस में कमजोरियां उजागर हुई हैं। अब असली सवाल यह है कि जब कोई ज्यादा उन्नत औद्योगिक ताकत इसी रणनीति को बड़े स्तर पर लागू करेगी, तो क्या होगा? चीन का ASN-301 एक अलग स्तर का खतरा है। ईरान के शहीद-136 के विपरीत, जो मुख्य रूप से पहले से प्रोग्राम किए गए हमले के लिए इस्तेमाल होता है, चीनी सिस्टम खास तौर पर एयर डिफेंस को निशाना बनाने के लिए बनाया गया है। यह घंटों तक हवा में रह सकता है, रडार सिग्नल पकड़ सकता है, सिग्नल बंद होने पर इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल ट्रैकिंग पर स्विच कर सकता है, और उड़ान के दौरान डाटा लिंक के जरिए अपडेट भी ले सकता है। यानी यह युद्धक्षेत्र को लगातार खोज और नष्ट करने वाले वातावरण में बदल देता है, खासकर रडार जैसे अहम सिस्टम के लिए। *ईरान की रणनीति संख्या पर आधारित है:* सस्ते और लंबी दूरी के ड्रोन को बड़ी संख्या में भेजकर रक्षा प्रणाली को थका देना। वहीं चीन इस मॉडल को सटीकता के साथ जोड़ता है। Feilong-300D जैसे वेरिएंट लागत को और कम करते हुए पेलोड और टार्गेटिंग में लचीलापन बनाए रखते हैं, जिससे बड़े पैमाने पर तैनाती और भी आसान हो जाती है। यहीं असली दबाव की स्थिति बनती है। अगर अमेरिकी सिस्टम पहले से ही ईरानी ड्रोन को रोकने में संघर्ष कर रहे हैं, तो इसके नतीजे गंभीर हो सकते हैं। पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में किसी भी संघर्ष का फैसला उत्पादन क्षमता पर निर्भर करेगा। चीन की बड़ी संख्या में स्मार्ट और अनुकूलनशील ड्रोन तैनात करने की क्षमता अमेरिका और उसके सहयोगियों को महंगे चक्र में फंसा सकती है — जहां उन्हें लाखों डॉलर के इंटरसेप्टर इस्तेमाल करने पड़ेंगे, उन ड्रोन को रोकने के लिए जो बेहद कम लागत में बनाए जाते हैं। *🇮🇳 भारत के लिए खतरा कितना बड़ा है?* भारत के लिए यह खतरा नजरअंदाज करने लायक नहीं है। चीन पहले से ही भारत का पड़ोसी और रणनीतिक प्रतिद्वंदी है, और यदि ऐसे उन्नत ड्रोन सिस्टम बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होते हैं, तो यह सीमावर्ती इलाकों — खासकर लद्दाख और अरुणाचल जैसे क्षेत्रों — में चुनौती बढ़ा सकते हैं। साथ ही, पाकिस्तान द्वारा सस्ते ड्रोन के इस्तेमाल के उदाहरण पहले ही सामने आ चुके हैं। अगर भविष्य में चीन की तकनीक या उसके जैसे सिस्टम क्षेत्र में फैलते हैं, तो भारत को दो तरफ से ड्रोन आधारित खतरे का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि भारत भी तेजी से अपनी एयर डिफेंस और एंटी-ड्रोन तकनीक को मजबूत कर रहा है, लेकिन यह साफ है कि आने वाले समय में युद्ध का स्वरूप बदल रहा है — जहां सस्ते, तेज और स्मार्ट ड्रोन बड़ी ताकतों को भी चुनौती दे सकते हैं।
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    *🚨🇺🇸 अमेरिका में चिंता:* ईरान के शहीद ड्रोन पहले ही रक्षा प्रणाली को भेद रहे हैं — लेकिन चीन के ड्रोन और भी बड़ा खतरा बन सकते हैं
*TGR:* ड्रोन अब सस्ते, ज्यादा स्मार्ट और रोकने में कठिन होते जा रहे हैं। मध्य पूर्व में हाल के संघर्षों ने दिखाया कि अपेक्षाकृत साधारण ईरानी सिस्टम भी रक्षा को चकमा देकर महत्वपूर्ण लक्ष्यों को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे अमेरिका/इज़राइल की एयर डिफेंस में कमजोरियां उजागर हुई हैं। अब असली सवाल यह है कि जब कोई ज्यादा उन्नत औद्योगिक ताकत इसी रणनीति को बड़े स्तर पर लागू करेगी, तो क्या होगा?
चीन का ASN-301 एक अलग स्तर का खतरा है। ईरान के शहीद-136 के विपरीत, जो मुख्य रूप से पहले से प्रोग्राम किए गए हमले के लिए इस्तेमाल होता है, चीनी सिस्टम खास तौर पर एयर डिफेंस को निशाना बनाने के लिए बनाया गया है। यह घंटों तक हवा में रह सकता है, रडार सिग्नल पकड़ सकता है, सिग्नल बंद होने पर इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल ट्रैकिंग पर स्विच कर सकता है, और उड़ान के दौरान डाटा लिंक के जरिए अपडेट भी ले सकता है। यानी यह युद्धक्षेत्र को लगातार खोज और नष्ट करने वाले वातावरण में बदल देता है, खासकर रडार जैसे अहम सिस्टम के लिए।
*ईरान की रणनीति संख्या पर आधारित है:* सस्ते और लंबी दूरी के ड्रोन को बड़ी संख्या में भेजकर रक्षा प्रणाली को थका देना। वहीं चीन इस मॉडल को सटीकता के साथ जोड़ता है। Feilong-300D जैसे वेरिएंट लागत को और कम करते हुए पेलोड और टार्गेटिंग में लचीलापन बनाए रखते हैं, जिससे बड़े पैमाने पर तैनाती और भी आसान हो जाती है।
यहीं असली दबाव की स्थिति बनती है। अगर अमेरिकी सिस्टम पहले से ही ईरानी ड्रोन को रोकने में संघर्ष कर रहे हैं, तो इसके नतीजे गंभीर हो सकते हैं। पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में किसी भी संघर्ष का फैसला उत्पादन क्षमता पर निर्भर करेगा। चीन की बड़ी संख्या में स्मार्ट और अनुकूलनशील ड्रोन तैनात करने की क्षमता अमेरिका और उसके सहयोगियों को महंगे चक्र में फंसा सकती है — जहां उन्हें लाखों डॉलर के इंटरसेप्टर इस्तेमाल करने पड़ेंगे, उन ड्रोन को रोकने के लिए जो बेहद कम लागत में बनाए जाते हैं।
*🇮🇳 भारत के लिए खतरा कितना बड़ा है?*
भारत के लिए यह खतरा नजरअंदाज करने लायक नहीं है। चीन पहले से ही भारत का पड़ोसी और रणनीतिक प्रतिद्वंदी है, और यदि ऐसे उन्नत ड्रोन सिस्टम बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होते हैं, तो यह सीमावर्ती इलाकों — खासकर लद्दाख और अरुणाचल जैसे क्षेत्रों — में चुनौती बढ़ा सकते हैं।
साथ ही, पाकिस्तान द्वारा सस्ते ड्रोन के इस्तेमाल के उदाहरण पहले ही सामने आ चुके हैं। अगर भविष्य में चीन की तकनीक या उसके जैसे सिस्टम क्षेत्र में फैलते हैं, तो भारत को दो तरफ से ड्रोन आधारित खतरे का सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि भारत भी तेजी से अपनी एयर डिफेंस और एंटी-ड्रोन तकनीक को मजबूत कर रहा है, लेकिन यह साफ है कि आने वाले समय में युद्ध का स्वरूप बदल रहा है — जहां सस्ते, तेज और स्मार्ट ड्रोन बड़ी ताकतों को भी चुनौती दे सकते हैं।
    user_राम जी दीक्षित पत्रकार
    राम जी दीक्षित पत्रकार
    Voice of people नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
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