निजी खर्च से जर्जर सड़क की मरम्मत कर समाजसेवी साजिद आलम बने मिसाल, ग्रामीणों ने की सराहना। मझौलिया प्रखंड क्षेत्र के भोगड़ी वार्ड संख्या-21 से गढ़वा जाने वाले मुख्य मार्ग तथा गढ़वा से रमपुरवा नारा जाने वाली जर्जर सड़क की मरम्मत कर भोगड़ी निवासी समाजसेवी साजिद आलम ने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने बिना किसी सरकारी सहायता के अपने निजी खर्च से सड़क पर राबिश (ईंट का चूरा) और मिट्टी गिरवाकर मार्ग को आवागमन योग्य बनवा दिया। स्थानीय ग्रामीण इम्तियाज ने बताया कि यह सड़क लंबे समय से बदहाल थी। बरसात के दिनों में कीचड़ और गड्ढों के कारण लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। यह मार्ग दो महत्वपूर्ण पंचायतों को जोड़ता है, जिससे प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता है। प्रशासन की अनदेखी के बीच साजिद आलम द्वारा उठाया गया यह कदम अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि खराब सड़क के कारण बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही थी और ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों में परेशानी उठानी पड़ रही थी। सड़क की मरम्मत से अब लोगों को काफी राहत मिलेगी। समाजसेवी साजिद आलम की इस निस्वार्थ पहल की क्षेत्र के लोगों ने खुले दिल से प्रशंसा की। शमीम आलम, शमशाद आलम, नेज़ामुद्दीन आलम, मुन्ना गद्दी, खलील गद्दी, रेयाज आलम, फैयाज आलम, साहब आलम, फरहाद आलम, अरमान आलम शेख तथा नेयाज आलम सहित अनेक ग्रामीणों ने उनके जनहित में किए गए इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे समाजसेवी लोगों से समाज को प्रेरणा मिलती है।
निजी खर्च से जर्जर सड़क की मरम्मत कर समाजसेवी साजिद आलम बने मिसाल, ग्रामीणों ने की सराहना। मझौलिया प्रखंड क्षेत्र के भोगड़ी वार्ड संख्या-21 से गढ़वा जाने वाले मुख्य मार्ग तथा गढ़वा से रमपुरवा नारा जाने वाली जर्जर सड़क की मरम्मत कर भोगड़ी निवासी समाजसेवी साजिद आलम ने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने बिना किसी सरकारी सहायता के अपने निजी खर्च से सड़क पर राबिश (ईंट का चूरा) और मिट्टी गिरवाकर मार्ग को आवागमन योग्य बनवा दिया। स्थानीय ग्रामीण इम्तियाज ने
बताया कि यह सड़क लंबे समय से बदहाल थी। बरसात के दिनों में कीचड़ और गड्ढों के कारण लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। यह मार्ग दो महत्वपूर्ण पंचायतों को जोड़ता है, जिससे प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता है। प्रशासन की अनदेखी के बीच साजिद आलम द्वारा उठाया गया यह कदम अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि खराब सड़क के कारण बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही थी और ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों में परेशानी उठानी
पड़ रही थी। सड़क की मरम्मत से अब लोगों को काफी राहत मिलेगी। समाजसेवी साजिद आलम की इस निस्वार्थ पहल की क्षेत्र के लोगों ने खुले दिल से प्रशंसा की। शमीम आलम, शमशाद आलम, नेज़ामुद्दीन आलम, मुन्ना गद्दी, खलील गद्दी, रेयाज आलम, फैयाज आलम, साहब आलम, फरहाद आलम, अरमान आलम शेख तथा नेयाज आलम सहित अनेक ग्रामीणों ने उनके जनहित में किए गए इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे समाजसेवी लोगों से समाज को प्रेरणा मिलती है।
- 1. **मझौलिया शुगर इंडस्ट्रीज ने 'टीबी मुक्त भारत' अभियान के तहत 10 मरीजों को वितरित किए पोषण किट** 2. **बहुअरवा राम जानकी मठ के तालाब में डूबने से 12 वर्षीय किशोर की मौत** 3. **बसवरिया पराउटोला पंचायत में वृहद पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प** 4. **निजी खर्च से जर्जर सड़क की मरम्मत कर समाजसेवी साजिद आलम बने मिसाल, ग्रामीणों ने की सराहना** 5. **अनिश्चितकालीन हड़ताल से बेतिया-लौरिया की सफाई व्यवस्था चरमराई, कचरे का अंबार** 6. **75.52 लाख की लागत से बेतिया में बनेंगे पांच सार्वजनिक शौचालय और 12 मूत्रालय, महापौर ने दिए गुणवत्तापूर्ण निर्माण के निर्देश**1
- सुरक्षा गार्ड पर कार्रवाई की मांग को लेकर आशाओं का हल्ला बोल, अनुमंडलीय अस्पताल में धरना-प्रदर्शन बिहार राज्य आशा संघ (एटक) के बैनर तले शनिवार को नरकटियागंज अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में आशा कार्यकर्ताओं एवं आशा फैसिलिटेटरों ने दो सूत्रीय मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि 25 जुलाई को अस्पताल परिसर में तैनात एक सुरक्षा गार्ड ने एक आशा कार्यकर्ता और उसके साथ आए मरीज के साथ मारपीट की। इस घटना में दो माह की गर्भवती महिला को गंभीर चोटें आईं, जिससे गर्भस्थ शिशु को नुकसान पहुंचने का आरोप लगाया गया। साथ ही महिला के माथे पर गंभीर चोट लगी, जबकि बीच-बचाव करने पहुंची आशा कार्यकर्ता के साथ भी मारपीट की गई। धरना दे रहे आशा कार्यकर्ताओं का कहना था कि घटना के बाद अस्पताल प्रशासन द्वारा दोषी सुरक्षा गार्ड के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उसी के पक्ष में शिकारपुर थाना में झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया गया। इसे लेकर आशा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर मामले को दबाने का आरोप लगाते हुए दोषी सुरक्षा गार्ड को तत्काल सेवा से हटाने तथा आशा कार्यकर्ताओं पर दर्ज कथित झूठे मुकदमे को अविलंब वापस लेने की मांग की। धरना को संबोधित करते हुए बिहार राज्य आशा संघ के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष ओम प्रकाश क्रांति, एटक नेता फिरोज भारती, आशा नेत्री रंजना, सुन्दरम मिश्रा, चंदा देवी, मीना देवी, बिन्दु मिश्रा सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष कार्रवाई की भी मांग की।1
- Virat Kohli Mumbai mein apni nai flat kharidi hai ab vah London mein nahin rahenge1
- एक्साइज की टीम ने सुगौली के छपरा बहास क्षेत्र से ईंट लदी ट्रेक्टर में छुपा कर ले जा रहे 332 लीटर विदेशी शराब किया जप्त। साथ हीं एक कारोबारी को किया गिरफ्तार।1
- मंत्री दीपक प्रकाश पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सरकार से पूछा बड़ा सवाल! पटना में मंत्री दीपक प्रकाश के मंत्री पद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण सवाल उठे। कोर्ट ने सरकार से पूछा कि जब वे न विधायक हैं और न ही विधान परिषद के सदस्य, तो मंत्री पद पर कैसे बने हुए हैं। इस मामले पर दीपक प्रकाश ने भी अपना पक्ष रखा। देखिए पूरी रिपोर्ट KSR Bihar News पर।1
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- 21 साल पुराने दुष्कर्म मामले में बड़ा फैसला: महिला दोषी को 7 साल 1 माह की सजा, कोर्ट ने लगाया जुर्माना भी बेतिया व्यवहार न्यायालय ने 21 साल पुराने चर्चित दुष्कर्म मामले में अहम फैसला सुनाते हुए महिला अभियुक्त को दोषी करार दिया है। मुफस्सिल थाना कांड संख्या 232/2005 से जुड़े इस मामले में विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार गुप्ता की अदालत ने अभियुक्त हसीना खातून को 7 वर्ष 1 माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 10,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अनन्य विशेष लोक अभियोजक जयशंकर तिवारी ने बताया कि घटना के समय पीड़िता अपने मामा के घर रहकर पढ़ाई कर रही थी। आरोप है कि हसीना खातून ने उसे बहला-फुसलाकर एक कमरे में पहुंचाया, जहां पहले से मौजूद मुख्य अभियुक्त नेयाज आलम ने उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य अभियुक्त नेयाज आलम की मृत्यु हो जाने के कारण उसके विरुद्ध कार्रवाई समाप्त हो गई, जबकि महिला अभियुक्त के खिलाफ मुकदमा जारी रहा। लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर हसीना खातून को दोषी मानते हुए 7 वर्ष 1 माह के कठोर कारावास और 10,500 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। इस फैसले के साथ करीब दो दशक पुराने इस बहुचर्चित मामले का न्यायिक पटाक्षेप हो गया।1
- kangana ranaut ne gen z ko gatar ka janresan kaha neha singh rathor ne diya jawab1
- उचकागांव के खोखी नदी में डूबने से किशोर की हुई मौत, एसडीआरएफ की टीम ने निकाला शव! गोपालगंज जिले के उचकागांव थाना क्षेत्र अंतर्गत हरपुर फुटानी मोड के समीप खोखी नदी में डूबने से अपने साथियों के साथ नहाने गए 14 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। एसडीआरएफ की टीम के सहयोग से किशोर के शव को नदी से ढूंढ कर निकाला गया। जिसके बाद मौके पर स्वजन की चीख-पुकार मच गई।1