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Virat Kohli Mumbai mein apni nai flat kharidi hai ab vah London mein nahin rahenge
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Virat Kohli Mumbai mein apni nai flat kharidi hai ab vah London mein nahin rahenge
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- सुरक्षा गार्ड पर कार्रवाई की मांग को लेकर आशाओं का हल्ला बोल, अनुमंडलीय अस्पताल में धरना-प्रदर्शन बिहार राज्य आशा संघ (एटक) के बैनर तले शनिवार को नरकटियागंज अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में आशा कार्यकर्ताओं एवं आशा फैसिलिटेटरों ने दो सूत्रीय मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि 25 जुलाई को अस्पताल परिसर में तैनात एक सुरक्षा गार्ड ने एक आशा कार्यकर्ता और उसके साथ आए मरीज के साथ मारपीट की। इस घटना में दो माह की गर्भवती महिला को गंभीर चोटें आईं, जिससे गर्भस्थ शिशु को नुकसान पहुंचने का आरोप लगाया गया। साथ ही महिला के माथे पर गंभीर चोट लगी, जबकि बीच-बचाव करने पहुंची आशा कार्यकर्ता के साथ भी मारपीट की गई। धरना दे रहे आशा कार्यकर्ताओं का कहना था कि घटना के बाद अस्पताल प्रशासन द्वारा दोषी सुरक्षा गार्ड के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उसी के पक्ष में शिकारपुर थाना में झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया गया। इसे लेकर आशा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर मामले को दबाने का आरोप लगाते हुए दोषी सुरक्षा गार्ड को तत्काल सेवा से हटाने तथा आशा कार्यकर्ताओं पर दर्ज कथित झूठे मुकदमे को अविलंब वापस लेने की मांग की। धरना को संबोधित करते हुए बिहार राज्य आशा संघ के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष ओम प्रकाश क्रांति, एटक नेता फिरोज भारती, आशा नेत्री रंजना, सुन्दरम मिश्रा, चंदा देवी, मीना देवी, बिन्दु मिश्रा सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष कार्रवाई की भी मांग की।1
- चेहल्लुम पर्व को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट । 31.07.2026. जिला पदाधिकारी माननीय श्री तरण जोत सिंह ने कहा चेहल्लुम पर्व की तैयारी में किसी भी स्तर पर चूक नहीं होनी चाहिए। 31.07.2026.1
- Virat Kohli Mumbai mein apni nai flat kharidi hai ab vah London mein nahin rahenge1
- पोखरा में डूबने से 12 वर्षीय बालक की मौत, गांव में पसरी मातम। प्रखंड क्षेत्र के बहुअरवा पंचायत स्थित रामजानकी मठ परिसर के पोखरा में नहाने के दौरान डूबने से 12 वर्षीय बालक की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई तथा परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मुखिया देवी सहनी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतक की पहचान बहुअरवा वार्ड संख्या-8 निवासी जय किशोर भगत के 12 वर्षीय पुत्र रोहित कुमार के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि रोहित अन्य बच्चों के साथ रामजानकी मठ परिसर स्थित पोखरे में नहाने गया था। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। काफी मशक्कत के बाद उसे पानी से बाहर निकाला गया, परंतु उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना तत्काल मझौलिया थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही थाना के एएसआई निलेश कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की तथा पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच, बेतिया भेज दिया। इस हृदयविदारक घटना से मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पोखरे के आसपास सुरक्षा के समुचित इंतजाम करने तथा ऐसे जलाशयों पर चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।4
- Vaibhav Suryavanshi has set a new record in international cricket1
- एक्साइज की टीम ने सुगौली के छपरा बहास क्षेत्र से ईंट लदी ट्रेक्टर में छुपा कर ले जा रहे 332 लीटर विदेशी शराब किया जप्त। साथ हीं एक कारोबारी को किया गिरफ्तार।1
- मंत्री दीपक प्रकाश पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सरकार से पूछा बड़ा सवाल! पटना में मंत्री दीपक प्रकाश के मंत्री पद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण सवाल उठे। कोर्ट ने सरकार से पूछा कि जब वे न विधायक हैं और न ही विधान परिषद के सदस्य, तो मंत्री पद पर कैसे बने हुए हैं। इस मामले पर दीपक प्रकाश ने भी अपना पक्ष रखा। देखिए पूरी रिपोर्ट KSR Bihar News पर।1
- 21 साल पुराने दुष्कर्म मामले में बड़ा फैसला: महिला दोषी को 7 साल 1 माह की सजा, कोर्ट ने लगाया जुर्माना भी बेतिया व्यवहार न्यायालय ने 21 साल पुराने चर्चित दुष्कर्म मामले में अहम फैसला सुनाते हुए महिला अभियुक्त को दोषी करार दिया है। मुफस्सिल थाना कांड संख्या 232/2005 से जुड़े इस मामले में विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार गुप्ता की अदालत ने अभियुक्त हसीना खातून को 7 वर्ष 1 माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 10,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अनन्य विशेष लोक अभियोजक जयशंकर तिवारी ने बताया कि घटना के समय पीड़िता अपने मामा के घर रहकर पढ़ाई कर रही थी। आरोप है कि हसीना खातून ने उसे बहला-फुसलाकर एक कमरे में पहुंचाया, जहां पहले से मौजूद मुख्य अभियुक्त नेयाज आलम ने उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य अभियुक्त नेयाज आलम की मृत्यु हो जाने के कारण उसके विरुद्ध कार्रवाई समाप्त हो गई, जबकि महिला अभियुक्त के खिलाफ मुकदमा जारी रहा। लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर हसीना खातून को दोषी मानते हुए 7 वर्ष 1 माह के कठोर कारावास और 10,500 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। इस फैसले के साथ करीब दो दशक पुराने इस बहुचर्चित मामले का न्यायिक पटाक्षेप हो गया।1