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खेसारी लाल यादव ने मंच पर दिखाई मिसाल, ब्राह्मण बच्चे के पैर छूकर दिया सम्मान का संदेश प्रयागराज में भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे मंच पर एक ब्राह्मण बच्चे के प्रति सम्मान का भाव प्रदर्शित करते नजर आ रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान मंच पर पहुंचे एक ब्राह्मण बच्चे ने जब खेसारी लाल यादव के पैर छूने का प्रयास किया, तो अभिनेता ने उसे ऐसा करने से मना कर दिया। खेसारी लाल यादव ने बच्चे से कहा, “आप ब्राह्मण कुल के आदमी हो। हमारे यहां ब्राह्मण बच्चों का भी पैर छूते हैं। हमारे यहां संस्कार है।” यह कहते हुए खेसारी लाल यादव स्वयं झुक गए और बच्चे के पैर छूकर उसे सम्मान दिया। इस दृश्य को देखकर मंच पर मौजूद लोग भावुक हो गए और तालियों से कार्यक्रम स्थल गूंज उठा। खेसारी लाल यादव के इस व्यवहार को लोग संस्कार, विनम्रता और सामाजिक समरसता का उदाहरण बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को लेकर प्रशंसकों का कहना है कि खेसारी लाल यादव ने यह साबित किया है कि सम्मान उम्र या प्रसिद्धि से नहीं, बल्कि संस्कारों से दिया जाता है। उनका यह कदम समाज में आपसी सम्मान और सद्भाव का संदेश देता है।

6 hrs ago
user_खुर्शीद आलम
खुर्शीद आलम
Newspaper publisher लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
6 hrs ago

खेसारी लाल यादव ने मंच पर दिखाई मिसाल, ब्राह्मण बच्चे के पैर छूकर दिया सम्मान का संदेश प्रयागराज में भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे मंच पर एक ब्राह्मण बच्चे के प्रति सम्मान का भाव प्रदर्शित करते नजर आ रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान मंच पर पहुंचे एक ब्राह्मण बच्चे ने जब खेसारी लाल यादव के पैर छूने का प्रयास किया, तो अभिनेता ने उसे ऐसा करने से मना कर दिया। खेसारी लाल यादव ने बच्चे से कहा, “आप ब्राह्मण कुल के आदमी हो। हमारे यहां ब्राह्मण बच्चों का भी पैर छूते हैं। हमारे यहां संस्कार है।” यह कहते हुए खेसारी लाल यादव स्वयं झुक गए और बच्चे के पैर छूकर उसे सम्मान दिया। इस दृश्य को देखकर मंच पर मौजूद लोग भावुक हो गए और तालियों से कार्यक्रम स्थल गूंज उठा। खेसारी लाल यादव के इस व्यवहार को लोग संस्कार, विनम्रता और सामाजिक समरसता का उदाहरण बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को लेकर प्रशंसकों का कहना है कि खेसारी लाल यादव ने यह साबित किया है कि सम्मान उम्र या प्रसिद्धि से नहीं, बल्कि संस्कारों से दिया जाता है। उनका यह कदम समाज में आपसी सम्मान और सद्भाव का संदेश देता है।

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  • @Apsnews24live #latestnews #news #congress
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    @Apsnews24live  #latestnews #news #congress
    user_Anurag Patel
    Anurag Patel
    Newspaper publisher लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • Post by INDIA TV24 NEWS
    1
    Post by INDIA TV24 NEWS
    user_INDIA TV24 NEWS
    INDIA TV24 NEWS
    Journalism Lakhimpur, Lakhimpur Kheri•
    5 hrs ago
  • प्रयागराज में भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे मंच पर एक ब्राह्मण बच्चे के प्रति सम्मान का भाव प्रदर्शित करते नजर आ रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान मंच पर पहुंचे एक ब्राह्मण बच्चे ने जब खेसारी लाल यादव के पैर छूने का प्रयास किया, तो अभिनेता ने उसे ऐसा करने से मना कर दिया। खेसारी लाल यादव ने बच्चे से कहा, “आप ब्राह्मण कुल के आदमी हो। हमारे यहां ब्राह्मण बच्चों का भी पैर छूते हैं। हमारे यहां संस्कार है।” यह कहते हुए खेसारी लाल यादव स्वयं झुक गए और बच्चे के पैर छूकर उसे सम्मान दिया। इस दृश्य को देखकर मंच पर मौजूद लोग भावुक हो गए और तालियों से कार्यक्रम स्थल गूंज उठा। खेसारी लाल यादव के इस व्यवहार को लोग संस्कार, विनम्रता और सामाजिक समरसता का उदाहरण बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को लेकर प्रशंसकों का कहना है कि खेसारी लाल यादव ने यह साबित किया है कि सम्मान उम्र या प्रसिद्धि से नहीं, बल्कि संस्कारों से दिया जाता है। उनका यह कदम समाज में आपसी सम्मान और सद्भाव का संदेश देता है।
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    प्रयागराज में भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे मंच पर एक ब्राह्मण बच्चे के प्रति सम्मान का भाव प्रदर्शित करते नजर आ रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान मंच पर पहुंचे एक ब्राह्मण बच्चे ने जब खेसारी लाल यादव के पैर छूने का प्रयास किया, तो अभिनेता ने उसे ऐसा करने से मना कर दिया।
खेसारी लाल यादव ने बच्चे से कहा,
“आप ब्राह्मण कुल के आदमी हो। हमारे यहां ब्राह्मण बच्चों का भी पैर छूते हैं। हमारे यहां संस्कार है।”
यह कहते हुए खेसारी लाल यादव स्वयं झुक गए और बच्चे के पैर छूकर उसे सम्मान दिया।
इस दृश्य को देखकर मंच पर मौजूद लोग भावुक हो गए और तालियों से कार्यक्रम स्थल गूंज उठा। खेसारी लाल यादव के इस व्यवहार को लोग संस्कार, विनम्रता और सामाजिक समरसता का उदाहरण बता रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को लेकर प्रशंसकों का कहना है कि खेसारी लाल यादव ने यह साबित किया है कि सम्मान उम्र या प्रसिद्धि से नहीं, बल्कि संस्कारों से दिया जाता है। उनका यह कदम समाज में आपसी सम्मान और सद्भाव का संदेश देता है।
    user_खुर्शीद आलम
    खुर्शीद आलम
    Newspaper publisher लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित करीब 200 साल पुराना गिरड माता मंदिर भीषण आग की चपेट में आकर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। देवदार की लकड़ी से निर्मित इस प्राचीन मंदिर की संरचना आग में पूरी तरह नष्ट हो गई। मंदिर के अंदर स्थापित अधिकांश प्राचीन मूर्तियां और धार्मिक सामग्री भी आग की भेंट चढ़ गईं, जिससे स्थानीय श्रद्धालुओं में गहरा दुख और आक्रोश है। बताया जा रहा है कि कड़ाके की ठंड के चलते मंदिर 13 अप्रैल तक शीतकालीन अवकाश के कारण बंद था। इसी दौरान आग लगने की घटना सामने आई। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। प्रशासन और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी हैं। प्रारंभिक आशंका शॉर्ट सर्किट या अन्य तकनीकी कारणों की जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। यह मंदिर क्षेत्र की आस्था और पारंपरिक पहाड़ी वास्तुकला का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता था। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
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    हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित करीब 200 साल पुराना गिरड माता मंदिर भीषण आग की चपेट में आकर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। देवदार की लकड़ी से निर्मित इस प्राचीन मंदिर की संरचना आग में पूरी तरह नष्ट हो गई।
मंदिर के अंदर स्थापित अधिकांश प्राचीन मूर्तियां और धार्मिक सामग्री भी आग की भेंट चढ़ गईं, जिससे स्थानीय श्रद्धालुओं में गहरा दुख और आक्रोश है।
बताया जा रहा है कि कड़ाके की ठंड के चलते मंदिर 13 अप्रैल तक शीतकालीन अवकाश के कारण बंद था। इसी दौरान आग लगने की घटना सामने आई।
फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। प्रशासन और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी हैं। प्रारंभिक आशंका शॉर्ट सर्किट या अन्य तकनीकी कारणों की जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
यह मंदिर क्षेत्र की आस्था और पारंपरिक पहाड़ी वास्तुकला का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता था। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
    user_Ajay shukla
    Ajay shukla
    Journalist Lakhimpur, Lakhimpur Kheri•
    6 hrs ago
  • पार्टी को कमजोर करने की साजिश चल रही ,,403,, सीटों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की
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    पार्टी को कमजोर करने की साजिश चल रही  ,,403,, सीटों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की
    user_अमित कुमार
    अमित कुमार
    लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • Post by Amtali Amtali
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    Post by Amtali Amtali
    user_Amtali Amtali
    Amtali Amtali
    लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • @Apsnews24live #latestnews #news #politics #politicalnews
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    @Apsnews24live  #latestnews #news #politics #politicalnews
    user_Anurag Patel
    Anurag Patel
    Newspaper publisher लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • धरने का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर, जिम्मेदार मौन लखीमपुर खीरी। अपनी मांगों को लेकर पिछले लगभग 54 दिनों से धरने पर बैठी आशा वर्करों की अब तक कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। लगातार चल रहे इस धरने का सीधा असर अब स्वास्थ्य विभाग के कार्यों पर साफ़ तौर पर दिखाई देने लगा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अब भी मौन साधे हुए हैं। धरने पर बैठी आशा वर्करों का कहना है कि वे रोज़ सुबह धरना स्थल पर पहुंचती हैं और दिनभर नारेबाजी व प्रदर्शन करती रहती हैं, लेकिन उनकी समस्याएं सुनने और समाधान निकालने वाला कोई नहीं है। लंबे समय से जारी इस अनदेखी से आशा वर्करों में भारी रोष व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आशा वर्कर स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ मानी जाती हैं। मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, सर्वे और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में उनकी अहम भूमिका होती है। ऐसे में उनका लंबे समय तक धरने पर रहना स्वास्थ्य सेवाओं को कमजोर कर रहा है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ सकता है। धरनारत आशा वर्करों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की होगी। अब बड़ा सवाल यह है कि 54 दिनों से जारी आंदोलन के बावजूद आखिर आशा वर्करों की आवाज़ कब सुनी जाएगी? या फिर यूं ही स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती रहेंगी।
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    धरने का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर, जिम्मेदार मौन
लखीमपुर खीरी। अपनी मांगों को लेकर पिछले लगभग 54 दिनों से धरने पर बैठी आशा वर्करों की अब तक कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। लगातार चल रहे इस धरने का सीधा असर अब स्वास्थ्य विभाग के कार्यों पर साफ़ तौर पर दिखाई देने लगा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अब भी मौन साधे हुए हैं। धरने पर बैठी आशा वर्करों का कहना है कि वे रोज़ सुबह धरना स्थल पर पहुंचती हैं और दिनभर नारेबाजी व प्रदर्शन करती रहती हैं, लेकिन उनकी समस्याएं सुनने और समाधान निकालने वाला कोई नहीं है। लंबे समय से जारी इस अनदेखी से आशा वर्करों में भारी रोष व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आशा वर्कर स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ मानी जाती हैं। मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, सर्वे और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में उनकी अहम भूमिका होती है। ऐसे में उनका लंबे समय तक धरने पर रहना स्वास्थ्य सेवाओं को कमजोर कर रहा है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ सकता है। धरनारत आशा वर्करों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की होगी। अब बड़ा सवाल यह है कि 54 दिनों से जारी आंदोलन के बावजूद आखिर आशा वर्करों की आवाज़ कब सुनी जाएगी? या फिर यूं ही स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती रहेंगी।
    user_खुर्शीद आलम
    खुर्शीद आलम
    Newspaper publisher लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
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    Post by Amtali Amtali
    user_Amtali Amtali
    Amtali Amtali
    लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
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