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रविवार को कुरवाई क्षेत्र में आई तेज आंधी-तूफान के साथ हुई बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिर गए, जिससे कुछ रास्तों पर आवागमन भी बाधित हो गया। इस आंधी से कई क्षेत्रों में मकानों, दुकानों और बिजली व्यवस्था को भी नुकसान पहुँचने की खबरें सामने आई हैं। प्रशासन द्वारा फिलहाल नुकसान का आकलन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गिरे हुए पेड़ों को तुरंत हटाने, बिजली आपूर्ति शीघ्र बहाल करने और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। नागरिकों से यह अपील भी की गई है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और पूरी सावधानी बरतें।
Gajendra Thakur Pess ripotar
रविवार को कुरवाई क्षेत्र में आई तेज आंधी-तूफान के साथ हुई बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिर गए, जिससे कुछ रास्तों पर आवागमन भी बाधित हो गया। इस आंधी से कई क्षेत्रों में मकानों, दुकानों और बिजली व्यवस्था को भी नुकसान पहुँचने की खबरें सामने आई हैं। प्रशासन द्वारा फिलहाल नुकसान का आकलन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गिरे हुए पेड़ों को तुरंत हटाने, बिजली आपूर्ति शीघ्र बहाल करने और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। नागरिकों से यह अपील भी की गई है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और पूरी सावधानी बरतें।
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- रविवार को कुरवाई क्षेत्र में आई तेज आंधी-तूफान के साथ हुई बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिर गए, जिससे कुछ रास्तों पर आवागमन भी बाधित हो गया। इस आंधी से कई क्षेत्रों में मकानों, दुकानों और बिजली व्यवस्था को भी नुकसान पहुँचने की खबरें सामने आई हैं। प्रशासन द्वारा फिलहाल नुकसान का आकलन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गिरे हुए पेड़ों को तुरंत हटाने, बिजली आपूर्ति शीघ्र बहाल करने और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। नागरिकों से यह अपील भी की गई है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और पूरी सावधानी बरतें।3
- सागर विश्वविद्यालय के बीटेक अंतिम वर्ष के एक छात्र ने बुधवार आधी रात बीना में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 21 वर्षीय अमन प्रजापति के रूप में हुई है, जो औडेर, तहसील मुगावली, जिला अशोकनगर का निवासी था। यह दुखद घटना बीना की छोटी बजरिया स्थित लक्ष्मी लॉज के कमरा नंबर 103 में हुई, जहाँ अमन साइबर फ्रॉड और लोन एजेंटों के लगातार दबाव से परेशान होकर यह कदम उठाने पर मजबूर हुआ। लॉज मालिक राजू सोनकर के अनुसार, अमन 2 जुलाई को शाम 6:45 बजे लॉज में ठहरा था और उसने स्टाफ से उसे प्रयागराज की ट्रेन पकड़ने के लिए रात में उठाने को कहा था। ट्रेन के समय से पहले जब स्टाफ उसे उठाने गया तो कमरे का ताला अंदर से बंद था और कोई आवाज नहीं आ रही थी। खिड़की से झाँकने पर अमन फांसी पर लटका मिला। तत्काल डायल 112 और छोटी बजरिया पुलिस चौकी को सूचना दी गई, साथ ही अमन के परिवार को भी मोबाइल से खबर दी गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए बीना सिविल हॉस्पिटल भेजा और पंचनामा के बाद परिजनों को सौंप दिया। अमन सागर विश्वविद्यालय में बीटेक अंतिम वर्ष का छात्र था और सागर के पोस्ट मैट्रिक छात्रावास व पोद्दार कॉलोनी में रहता था। 2 जुलाई को वह बिना बताए घर से निकल गया था, जिसके बाद परिवार ने सागर के गोपालगंज थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अमन के बड़े भाई सुनील प्रजापति ने बताया कि उसे पाकिस्तान के नंबर से कॉल कर जालसाजी की जा रही थी और उससे रुपये ऐंठे जा रहे थे। इसके अलावा, लोन देने वाले एजेंट भी लगातार उसे परेशान कर रहे थे। यह सभी जानकारी अमन के मोबाइल से मिली, जिससे पता चला कि उसने कभी परिवार को इन परेशानियों के बारे में नहीं बताया था। सुनील ने भावुक होकर कहा कि अगर बताया होता तो शायद अमन आज उनके बीच होता। अमन चार भाइयों में सबसे छोटा था। उसके बड़े भाई प्रियातेश की शादी 7 जुलाई को होनी थी, जिसकी तैयारियाँ घर पर चल रही थीं, लेकिन अमन के इस कदम से पूरे परिवार और गाँव में खुशी का माहौल गम में बदल गया है। इस घटना के मद्देनजर, पुलिस ने आम जनता से साइबर फ्रॉड को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। विशेष रूप से अज्ञात और विदेशी नंबरों से आने वाली कॉल या मैसेज पर पैसे न भेजने, धमकाने या लोन के नाम पर दबाव बनाने पर तुरंत पुलिस को या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचित करने की सलाह दी गई है। संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने और ओटीपी किसी से साझा न करने का भी आग्रह किया गया है। बीना पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और अमन के मोबाइल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।4
- विदिशा जिले में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) एनके अहिरवार ने सिरोंज के गोपाल नगर में हुई एक घटना के बाद पूरे जिले के सभी सरकारी स्कूलों के जर्जर भवनों की जांच के आदेश जारी किए हैं। यह निर्देश तब आए हैं जब सिरोंज के गोपाल नगर में स्कूल के प्लास्टर गिरने से तीन बच्चे घायल हो गए थे। एनके अहिरवार ने जानकारी दी कि सिरोंज में हुई घटना की जांच चल रही है और इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जिला प्रशासन की ओर से कार्रवाई भी की जा चुकी है। उन्होंने जिले के बाकी सभी सरकारी स्कूल भवनों की भी जांच कराने के निर्देश दिए हैं, जो जर्जर हालत में हैं। साथ ही, यह निर्देश भी जारी किए गए हैं कि क्षतिग्रस्त या जर्जर कक्षाओं में पढ़ाई न कराई जाए। DEO ने बताया कि इन भवनों को जल्द से जल्द सुधरवाने के लिए अनुमान (एस्टीमेट) बनाकर प्रयास किए जाएंगे।4
- विदिशा जिले की सिरोंज तहसील में चोरी की बढ़ती वारदातों ने स्थानीय पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चोरों ने बीती रात एक बार फिर रोलपुरा चौराहे पर स्थित एक कबाड़ की दुकान को निशाना बनाया, जहाँ से कीमती तांबे का सामान और अन्य माल चुरा लिया गया। दुकान मालिक सगीर कुरैशी ने बताया कि चोरों ने सूनी दुकान का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया। सुबह जब वे अपनी दुकान पर पहुँचे, तब उन्हें चोरी का पता चला। सिरोंज में लगातार हो रही इन चोरियों से स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों में भारी आक्रोश और असुरक्षा का माहौल है, क्योंकि उनका कहना है कि अब शहर के मुख्य चौराहों पर भी व्यापारी सुरक्षित नहीं हैं। पीड़ित दुकानदार द्वारा इस मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है। पुलिस ने मौका मुआयना करने के बाद अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश शुरू कर दी है।1
- पुलिस मुख्यालय के निर्देशन में संचालित 'सेफ क्लिक 2.0' साइबर सुरक्षा जनजागरूकता अभियान के तहत, विदिशा के चौपाल सागर में 5 जुलाई 2026 को एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक विदिशा श्री रोहित काशवानी के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे की उपस्थिति में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में मेधावी छात्र-छात्राओं, युवाओं, ग्रामीण क्षेत्र से आए नागरिकों सहित बड़ी संख्या में आमजन ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर, कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रतिशत प्राप्त कर जिले का नाम रोशन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धियों पर शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और अन्य छात्रों को भी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान, उपस्थित नागरिकों को वर्तमान में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी के नए-नए तरीकों से अवगत कराया गया। नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रभावी उपायों की विस्तृत जानकारी देते हुए, किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी एवं पासवर्ड किसी से साझा न करने, संदिग्ध कॉल एवं मैसेज से सतर्क रहने तथा साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने 'रुको... सोचो... एक्शन लो' का संदेश दिया और उपस्थित लोगों से अपने परिवार, मित्रों एवं आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम में यातायात थाना प्रभारी आशीष राय, सूबेदार मेघा शर्मा सहित अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे, जिन्होंने नागरिकों से संवाद स्थापित कर सुरक्षित डिजिटल जीवन अपनाने का संदेश दिया। विदिशा पुलिस 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के माध्यम से जिलेभर में लगातार विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर आमजन को साइबर अपराधों के प्रति सचेत कर रही है।4
- ललितपुर जिले के गिरार थाना क्षेत्र के धौरीसागर गाँव के किशुनपुरा मजरे में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ सुबह पानी से भरे एक गड्ढे में गिरने से डेढ़ वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। बताया गया है कि बच्ची खेलते-खेलते पानी से भरे गड्ढे के पास पहुँच गई और पानी से खेलते समय संतुलन बिगड़ने से उसी में गिर गई। परिजनों ने जब यह देखा तो तत्काल बच्ची को गड्ढे से निकालकर इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़ावरा ले गए, लेकिन जाँच के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।2
- मध्य प्रदेश के विदिशा जिला अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का एक शर्मनाक मामला सामने आया है। आरोप है कि प्रसव पीड़ा से तड़प रही 26 वर्षीय सुखवाती यादव को समय पर इलाज और चिकित्सा सहायता नहीं मिल पाई, जिसके चलते अस्पताल परिसर के फर्श पर ही समय से पहले बच्चे का जन्म हो गया। परिजनों का आरोप है कि मौके पर मौजूद डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने समय रहते प्रसूता की मदद नहीं की, जिसके कारण यह दर्दनाक स्थिति पैदा हुई। इस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और समग्र स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, और मामले की जांच तथा जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है।1