सागर विश्वविद्यालय के बीटेक अंतिम वर्ष के एक छात्र ने बुधवार आधी रात बीना में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 21 वर्षीय अमन प्रजापति के रूप में हुई है, जो औडेर, तहसील मुगावली, जिला अशोकनगर का निवासी था। यह दुखद घटना बीना की छोटी बजरिया स्थित लक्ष्मी लॉज के कमरा नंबर 103 में हुई, जहाँ अमन साइबर फ्रॉड और लोन एजेंटों के लगातार दबाव से परेशान होकर यह कदम उठाने पर मजबूर हुआ। लॉज मालिक राजू सोनकर के अनुसार, अमन 2 जुलाई को शाम 6:45 बजे लॉज में ठहरा था और उसने स्टाफ से उसे प्रयागराज की ट्रेन पकड़ने के लिए रात में उठाने को कहा था। ट्रेन के समय से पहले जब स्टाफ उसे उठाने गया तो कमरे का ताला अंदर से बंद था और कोई आवाज नहीं आ रही थी। खिड़की से झाँकने पर अमन फांसी पर लटका मिला। तत्काल डायल 112 और छोटी बजरिया पुलिस चौकी को सूचना दी गई, साथ ही अमन के परिवार को भी मोबाइल से खबर दी गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए बीना सिविल हॉस्पिटल भेजा और पंचनामा के बाद परिजनों को सौंप दिया। अमन सागर विश्वविद्यालय में बीटेक अंतिम वर्ष का छात्र था और सागर के पोस्ट मैट्रिक छात्रावास व पोद्दार कॉलोनी में रहता था। 2 जुलाई को वह बिना बताए घर से निकल गया था, जिसके बाद परिवार ने सागर के गोपालगंज थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अमन के बड़े भाई सुनील प्रजापति ने बताया कि उसे पाकिस्तान के नंबर से कॉल कर जालसाजी की जा रही थी और उससे रुपये ऐंठे जा रहे थे। इसके अलावा, लोन देने वाले एजेंट भी लगातार उसे परेशान कर रहे थे। यह सभी जानकारी अमन के मोबाइल से मिली, जिससे पता चला कि उसने कभी परिवार को इन परेशानियों के बारे में नहीं बताया था। सुनील ने भावुक होकर कहा कि अगर बताया होता तो शायद अमन आज उनके बीच होता। अमन चार भाइयों में सबसे छोटा था। उसके बड़े भाई प्रियातेश की शादी 7 जुलाई को होनी थी, जिसकी तैयारियाँ घर पर चल रही थीं, लेकिन अमन के इस कदम से पूरे परिवार और गाँव में खुशी का माहौल गम में बदल गया है। इस घटना के मद्देनजर, पुलिस ने आम जनता से साइबर फ्रॉड को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। विशेष रूप से अज्ञात और विदेशी नंबरों से आने वाली कॉल या मैसेज पर पैसे न भेजने, धमकाने या लोन के नाम पर दबाव बनाने पर तुरंत पुलिस को या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचित करने की सलाह दी गई है। संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने और ओटीपी किसी से साझा न करने का भी आग्रह किया गया है। बीना पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और अमन के मोबाइल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
सागर विश्वविद्यालय के बीटेक अंतिम वर्ष के एक छात्र ने बुधवार आधी रात बीना में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 21 वर्षीय अमन प्रजापति के रूप में हुई है, जो औडेर, तहसील मुगावली, जिला अशोकनगर का निवासी था। यह दुखद घटना बीना की छोटी बजरिया स्थित लक्ष्मी लॉज के कमरा नंबर 103 में हुई, जहाँ अमन साइबर फ्रॉड और लोन एजेंटों के लगातार दबाव से परेशान होकर यह कदम उठाने पर मजबूर हुआ। लॉज मालिक राजू सोनकर के अनुसार, अमन 2 जुलाई को शाम 6:45 बजे लॉज में ठहरा था और उसने स्टाफ से उसे प्रयागराज की ट्रेन पकड़ने के लिए रात में उठाने को कहा था। ट्रेन के समय से पहले जब
स्टाफ उसे उठाने गया तो कमरे का ताला अंदर से बंद था और कोई आवाज नहीं आ रही थी। खिड़की से झाँकने पर अमन फांसी पर लटका मिला। तत्काल डायल 112 और छोटी बजरिया पुलिस चौकी को सूचना दी गई, साथ ही अमन के परिवार को भी मोबाइल से खबर दी गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए बीना सिविल हॉस्पिटल भेजा और पंचनामा के बाद परिजनों को सौंप दिया। अमन सागर विश्वविद्यालय में बीटेक अंतिम वर्ष का छात्र था और सागर के पोस्ट मैट्रिक छात्रावास व पोद्दार कॉलोनी में रहता था। 2 जुलाई को वह बिना बताए घर से निकल गया था, जिसके बाद परिवार ने सागर के गोपालगंज थाने में
उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अमन के बड़े भाई सुनील प्रजापति ने बताया कि उसे पाकिस्तान के नंबर से कॉल कर जालसाजी की जा रही थी और उससे रुपये ऐंठे जा रहे थे। इसके अलावा, लोन देने वाले एजेंट भी लगातार उसे परेशान कर रहे थे। यह सभी जानकारी अमन के मोबाइल से मिली, जिससे पता चला कि उसने कभी परिवार को इन परेशानियों के बारे में नहीं बताया था। सुनील ने भावुक होकर कहा कि अगर बताया होता तो शायद अमन आज उनके बीच होता। अमन चार भाइयों में सबसे छोटा था। उसके बड़े भाई प्रियातेश की शादी 7 जुलाई को होनी थी, जिसकी तैयारियाँ घर पर चल रही थीं, लेकिन अमन के
इस कदम से पूरे परिवार और गाँव में खुशी का माहौल गम में बदल गया है। इस घटना के मद्देनजर, पुलिस ने आम जनता से साइबर फ्रॉड को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। विशेष रूप से अज्ञात और विदेशी नंबरों से आने वाली कॉल या मैसेज पर पैसे न भेजने, धमकाने या लोन के नाम पर दबाव बनाने पर तुरंत पुलिस को या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचित करने की सलाह दी गई है। संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने और ओटीपी किसी से साझा न करने का भी आग्रह किया गया है। बीना पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और अमन के मोबाइल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
- सागर विश्वविद्यालय के बीटेक अंतिम वर्ष के एक छात्र ने बुधवार आधी रात बीना में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 21 वर्षीय अमन प्रजापति के रूप में हुई है, जो औडेर, तहसील मुगावली, जिला अशोकनगर का निवासी था। यह दुखद घटना बीना की छोटी बजरिया स्थित लक्ष्मी लॉज के कमरा नंबर 103 में हुई, जहाँ अमन साइबर फ्रॉड और लोन एजेंटों के लगातार दबाव से परेशान होकर यह कदम उठाने पर मजबूर हुआ। लॉज मालिक राजू सोनकर के अनुसार, अमन 2 जुलाई को शाम 6:45 बजे लॉज में ठहरा था और उसने स्टाफ से उसे प्रयागराज की ट्रेन पकड़ने के लिए रात में उठाने को कहा था। ट्रेन के समय से पहले जब स्टाफ उसे उठाने गया तो कमरे का ताला अंदर से बंद था और कोई आवाज नहीं आ रही थी। खिड़की से झाँकने पर अमन फांसी पर लटका मिला। तत्काल डायल 112 और छोटी बजरिया पुलिस चौकी को सूचना दी गई, साथ ही अमन के परिवार को भी मोबाइल से खबर दी गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए बीना सिविल हॉस्पिटल भेजा और पंचनामा के बाद परिजनों को सौंप दिया। अमन सागर विश्वविद्यालय में बीटेक अंतिम वर्ष का छात्र था और सागर के पोस्ट मैट्रिक छात्रावास व पोद्दार कॉलोनी में रहता था। 2 जुलाई को वह बिना बताए घर से निकल गया था, जिसके बाद परिवार ने सागर के गोपालगंज थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अमन के बड़े भाई सुनील प्रजापति ने बताया कि उसे पाकिस्तान के नंबर से कॉल कर जालसाजी की जा रही थी और उससे रुपये ऐंठे जा रहे थे। इसके अलावा, लोन देने वाले एजेंट भी लगातार उसे परेशान कर रहे थे। यह सभी जानकारी अमन के मोबाइल से मिली, जिससे पता चला कि उसने कभी परिवार को इन परेशानियों के बारे में नहीं बताया था। सुनील ने भावुक होकर कहा कि अगर बताया होता तो शायद अमन आज उनके बीच होता। अमन चार भाइयों में सबसे छोटा था। उसके बड़े भाई प्रियातेश की शादी 7 जुलाई को होनी थी, जिसकी तैयारियाँ घर पर चल रही थीं, लेकिन अमन के इस कदम से पूरे परिवार और गाँव में खुशी का माहौल गम में बदल गया है। इस घटना के मद्देनजर, पुलिस ने आम जनता से साइबर फ्रॉड को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। विशेष रूप से अज्ञात और विदेशी नंबरों से आने वाली कॉल या मैसेज पर पैसे न भेजने, धमकाने या लोन के नाम पर दबाव बनाने पर तुरंत पुलिस को या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचित करने की सलाह दी गई है। संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने और ओटीपी किसी से साझा न करने का भी आग्रह किया गया है। बीना पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और अमन के मोबाइल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।4
- मौजूदा समय में किसान अत्यंत परेशान नजर आ रहे हैं। इसी के साथ गौ माता भी बहुत ज्यादा समस्याओं का सामना कर रही हैं।2
- विदिशा के लटेरी में एक महिला पिछले सात वर्षों से अपने लापता पति राजू उर्फ राजकुमार चौकसे की तलाश कर रही है। पुलिस और प्रशासन से कई बार गुहार लगाने के बाद यह मामला अब एक बार फिर अधिकारियों के सामने पहुँचा है। भोपाल के बैरसिया की प्रिया चौकसे की शादी लटेरी में हुई थी और उनके परिवार में दो बेटियां और एक बेटा है। उनके पति साल 2019 में अचानक लापता हो गए थे, जिसके बाद परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में उन्हें खूब तलाशा, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका। पति के गायब होने के बाद प्रिया ने लटेरी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी, लेकिन इस मामले में कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। इस दौरान परिवार की पूरी जिम्मेदारी प्रिया पर आ गई, और वह मजदूरी करके अपने तीनों बच्चों की परवरिश कर रही हैं। सात साल बाद जब प्रिया अपनी फरियाद लेकर एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे के पास पहुंचीं, तो उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली और संबंधित थाना पुलिस को निर्देश दिए कि प्रकरण की दोबारा समीक्षा की जाए और लापता व्यक्ति की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। सात साल का इंतजार किसी भी परिवार के लिए आसान नहीं होता, लेकिन अब पुलिस द्वारा एक बार फिर जांच शुरू करने का भरोसा दिए जाने के बाद इस परिवार की उम्मीदें फिर से जग उठी हैं कि शायद इस बार उनकी तलाश पूरी हो जाए।4
- बीते दिनों क्षेत्र में हुई बारिश ने जहाँ किसानों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी, वहीं ललितपुर जिले की मड़ावरा तहसील के ग्राम बुदनी मड़ावरा में पर्याप्त साफ-सफाई के अभाव में नालियों की गंदगी और कीचड़ सड़कों पर पसर जाने से ग्रामीणों की परेशानी का कारण बन गई है। गांव में व्याप्त इस गंदगी की तस्वीरों को जागरूक ग्रामीणों द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल करते हुए जिम्मेवार अधिकारियों से कार्यवाही की मांग की गई है। इस संबंध में गांव के निवासी करन पटेल ने बताया कि उनके गांव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त पड़ी है और वर्षों से नालियों की सफाई नहीं कराई गई है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल की बारिश के चलते गांव में जगह-जगह जलभराव और सड़कों-गलियों में गंदगी व कीचड़ आ जाने से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही, मच्छरों समेत जहरीले जीवों का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे ग्रामीण लगातार जूझ रहे हैं।3
- ललितपुर विकासखंड बिरधा का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। मिली जानकारी के अनुसार, CHC बिरधा 'राम भरोसे' चल रहा है, जहाँ बिजली आपूर्ति ठप होने से नवजात शिशु तड़प रहे हैं। इस स्थिति से प्रसव के लिए आई गर्भवती महिलाएँ और उनके साथ आए तामीरदार (अटेंडेंट) भी खासे परेशान हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिरधा में बुनियादी सुविधाएँ भी 'राम भरोसे' ही चल रही हैं, जिस पर न तो अधिकारी ध्यान दे रहे हैं और न ही नेता। इसी उपेक्षा के कारण आम महिलाएँ और स्थानीय जनता समस्याओं का सामना कर रही हैं। विकासखंड बिरधा के अंतर्गत आने वाले इस CHC पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं और यह क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- गुरुवार को भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट में 24 साल तक देश सेवा करने के बाद, ग्राम बम्होरी खड़ेसरा निवासी गनर राजेश कुर्मी पटेल सेवानिवृत्त होकर अपने पैतृक गांव बीना लौटे। बीना की धरती पर कदम रखते ही उनका भव्य स्वागत किया गया, जहाँ 'भारतीय आर्मी जिंदाबाद', 'भारत माता की जय' और 'भारत जिंदाबाद' के नारों से पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में रंग गया। राजेश कुर्मी के गांव पहुँचते ही ग्रामीणों, युवाओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने जगह-जगह स्वागत रैली निकाली। इस नागरिक अभिनंदन में पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर, पूर्व जनपद अध्यक्ष इंदर सिंह ठाकुर, पंडित सोनू शर्मा, राजेंद्र सिंह, बड़े भाई प्रमोद राय, चंद्रभान सिंह ठाकुर, श्रीकांत पाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों ने फूलमाला पहनाकर और पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। एक साधारण किसान परिवार से आने वाले राजेश कुर्मी ने विषम परिस्थितियों के बावजूद भारतीय सेना में शामिल होकर देश सेवा के अपने सपने को पूरा किया था। आर्टिलरी रेजिमेंट में रहते हुए, उन्होंने 24 साल की सेवा के दौरान देश के विभिन्न सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्रों में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दीं, जिसे गांव के लोग उनके त्याग और समर्पण का एक प्रेरणादायक उदाहरण बता रहे हैं। इस स्वागत समारोह में शामिल ग्रामीणों ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि राजेश कुर्मी ने पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है और वे युवाओं के लिए एक प्रेरणा हैं कि कैसे सीमित संसाधनों में भी मेहनत और देशभक्ति के बल पर बड़े लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं। गनर राजेश कुर्मी का यह भव्य स्वागत सिर्फ एक सैनिक का सम्मान नहीं था, बल्कि पूरे गांव द्वारा भारतीय सेना के प्रति आभार और सम्मान व्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी बन गया।4
- मध्य प्रदेश के विदिशा जिला अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का एक शर्मनाक मामला सामने आया है। आरोप है कि प्रसव पीड़ा से तड़प रही 26 वर्षीय सुखवाती यादव को समय पर इलाज और चिकित्सा सहायता नहीं मिल पाई, जिसके चलते अस्पताल परिसर के फर्श पर ही समय से पहले बच्चे का जन्म हो गया। परिजनों का आरोप है कि मौके पर मौजूद डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने समय रहते प्रसूता की मदद नहीं की, जिसके कारण यह दर्दनाक स्थिति पैदा हुई। इस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और समग्र स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, और मामले की जांच तथा जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है।1