विदिशा के लटेरी में एक महिला पिछले सात वर्षों से अपने लापता पति राजू उर्फ राजकुमार चौकसे की तलाश कर रही है। पुलिस और प्रशासन से कई बार गुहार लगाने के बाद यह मामला अब एक बार फिर अधिकारियों के सामने पहुँचा है। भोपाल के बैरसिया की प्रिया चौकसे की शादी लटेरी में हुई थी और उनके परिवार में दो बेटियां और एक बेटा है। उनके पति साल 2019 में अचानक लापता हो गए थे, जिसके बाद परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में उन्हें खूब तलाशा, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका। पति के गायब होने के बाद प्रिया ने लटेरी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी, लेकिन इस मामले में कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। इस दौरान परिवार की पूरी जिम्मेदारी प्रिया पर आ गई, और वह मजदूरी करके अपने तीनों बच्चों की परवरिश कर रही हैं। सात साल बाद जब प्रिया अपनी फरियाद लेकर एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे के पास पहुंचीं, तो उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली और संबंधित थाना पुलिस को निर्देश दिए कि प्रकरण की दोबारा समीक्षा की जाए और लापता व्यक्ति की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। सात साल का इंतजार किसी भी परिवार के लिए आसान नहीं होता, लेकिन अब पुलिस द्वारा एक बार फिर जांच शुरू करने का भरोसा दिए जाने के बाद इस परिवार की उम्मीदें फिर से जग उठी हैं कि शायद इस बार उनकी तलाश पूरी हो जाए।
विदिशा के लटेरी में एक महिला पिछले सात वर्षों से अपने लापता पति राजू उर्फ राजकुमार चौकसे की तलाश कर रही है। पुलिस और प्रशासन से कई बार गुहार लगाने के बाद यह मामला अब एक बार फिर अधिकारियों के सामने पहुँचा है। भोपाल के बैरसिया की प्रिया चौकसे की शादी लटेरी में हुई थी और उनके परिवार में
दो बेटियां और एक बेटा है। उनके पति साल 2019 में अचानक लापता हो गए थे, जिसके बाद परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में उन्हें खूब तलाशा, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका। पति के गायब होने के बाद प्रिया ने लटेरी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी, लेकिन इस मामले में कोई ठोस नतीजा सामने नहीं
आया। इस दौरान परिवार की पूरी जिम्मेदारी प्रिया पर आ गई, और वह मजदूरी करके अपने तीनों बच्चों की परवरिश कर रही हैं। सात साल बाद जब प्रिया अपनी फरियाद लेकर एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे के पास पहुंचीं, तो उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली और संबंधित थाना पुलिस को निर्देश दिए कि प्रकरण की दोबारा समीक्षा की जाए
और लापता व्यक्ति की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। सात साल का इंतजार किसी भी परिवार के लिए आसान नहीं होता, लेकिन अब पुलिस द्वारा एक बार फिर जांच शुरू करने का भरोसा दिए जाने के बाद इस परिवार की उम्मीदें फिर से जग उठी हैं कि शायद इस बार उनकी तलाश पूरी हो जाए।
- सागर विश्वविद्यालय के बीटेक अंतिम वर्ष के एक छात्र ने बुधवार आधी रात बीना में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 21 वर्षीय अमन प्रजापति के रूप में हुई है, जो औडेर, तहसील मुगावली, जिला अशोकनगर का निवासी था। यह दुखद घटना बीना की छोटी बजरिया स्थित लक्ष्मी लॉज के कमरा नंबर 103 में हुई, जहाँ अमन साइबर फ्रॉड और लोन एजेंटों के लगातार दबाव से परेशान होकर यह कदम उठाने पर मजबूर हुआ। लॉज मालिक राजू सोनकर के अनुसार, अमन 2 जुलाई को शाम 6:45 बजे लॉज में ठहरा था और उसने स्टाफ से उसे प्रयागराज की ट्रेन पकड़ने के लिए रात में उठाने को कहा था। ट्रेन के समय से पहले जब स्टाफ उसे उठाने गया तो कमरे का ताला अंदर से बंद था और कोई आवाज नहीं आ रही थी। खिड़की से झाँकने पर अमन फांसी पर लटका मिला। तत्काल डायल 112 और छोटी बजरिया पुलिस चौकी को सूचना दी गई, साथ ही अमन के परिवार को भी मोबाइल से खबर दी गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए बीना सिविल हॉस्पिटल भेजा और पंचनामा के बाद परिजनों को सौंप दिया। अमन सागर विश्वविद्यालय में बीटेक अंतिम वर्ष का छात्र था और सागर के पोस्ट मैट्रिक छात्रावास व पोद्दार कॉलोनी में रहता था। 2 जुलाई को वह बिना बताए घर से निकल गया था, जिसके बाद परिवार ने सागर के गोपालगंज थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अमन के बड़े भाई सुनील प्रजापति ने बताया कि उसे पाकिस्तान के नंबर से कॉल कर जालसाजी की जा रही थी और उससे रुपये ऐंठे जा रहे थे। इसके अलावा, लोन देने वाले एजेंट भी लगातार उसे परेशान कर रहे थे। यह सभी जानकारी अमन के मोबाइल से मिली, जिससे पता चला कि उसने कभी परिवार को इन परेशानियों के बारे में नहीं बताया था। सुनील ने भावुक होकर कहा कि अगर बताया होता तो शायद अमन आज उनके बीच होता। अमन चार भाइयों में सबसे छोटा था। उसके बड़े भाई प्रियातेश की शादी 7 जुलाई को होनी थी, जिसकी तैयारियाँ घर पर चल रही थीं, लेकिन अमन के इस कदम से पूरे परिवार और गाँव में खुशी का माहौल गम में बदल गया है। इस घटना के मद्देनजर, पुलिस ने आम जनता से साइबर फ्रॉड को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। विशेष रूप से अज्ञात और विदेशी नंबरों से आने वाली कॉल या मैसेज पर पैसे न भेजने, धमकाने या लोन के नाम पर दबाव बनाने पर तुरंत पुलिस को या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचित करने की सलाह दी गई है। संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने और ओटीपी किसी से साझा न करने का भी आग्रह किया गया है। बीना पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और अमन के मोबाइल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।4
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले सोशल मीडिया पर एक कथित धमकी सामने आने के बाद उसकी जाँच शुरू होने की खबर आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मेलबर्न में आयोजित एक कार्यक्रम से जुड़ी पोस्ट पर की गई टिप्पणी के बाद सुरक्षा एजेंसियाँ सतर्क हो गई हैं। फिलहाल, इस मामले की जाँच जारी है और अधिकारियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।1
- जयस के संस्थापक विक्रम दादा ने चेतर भाई वसवा जी के समर्थन में मंच पर मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। इस अवसर पर, विक्रम दादा ने यह उम्मीद जताई कि यदि विलेश भाई खराड़ी या कोई अन्य सामाजिक कार्यकर्ता जेल जाता है, तो सभी को मिलकर एक साथ आवाज़ उठानी चाहिए।1
- मध्य प्रदेश किसान कांग्रेस ने विदिशा के माधवगंज चौराहा पर किसानों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को लेकर एक विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। इस दौरान किसानों की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग करते हुए माननीय मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को एक ज्ञापन भी सौंपा गया। धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विनीत सिंह दांगी ने आरोप लगाया कि प्रदेश का अन्नदाता अपनी ही सरकार की किसान विरोधी नीतियों से सर्वाधिक परेशान है। उन्होंने खाद की समय पर अनुपलब्धता, खाद की कालाबाजारी, बिजली का अभाव, ई-टोकन व्यवस्था की अव्यवस्था और फसलों के उचित मूल्य न मिलने जैसी गंभीर समस्याओं का उल्लेख किया। दांगी ने चेतावनी दी कि यदि किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं कराई गई, कालाबाजारी पर रोक नहीं लगी, मूंग की 100 प्रतिशत खरीदी सुनिश्चित नहीं हुई, ई-टोकन व्यवस्था समाप्त नहीं की गई और प्रतिदिन 12 घंटे निर्बाध बिजली नहीं मिली, तो किसान कांग्रेस गांव-गांव जाकर किसानों को संगठित करेगी और जिले से लेकर भोपाल तक एक व्यापक और चरणबद्ध आंदोलन चलाएगी। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि किसान कांग्रेस किसानों के सम्मान, अधिकार और उनके हक की लड़ाई हर स्तर पर लड़ेगी और उनके हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कांग्रेस कमेटी विदिशा के अध्यक्ष श्री मोहित रघुवंशी ने भाजपा सरकार को किसान हितैषी होने का दिखावा करने वाली बताया, जबकि धरातल पर किसान खाद, बिजली और उपज बेचने जैसी मूलभूत दिक्कतों से जूझ रहे हैं। उन्होंने किसान कांग्रेस के संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के हर संघर्ष में उनके साथ खड़ी है और उनकी आवाज को सड़क से सदन तक उठाएगी। महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्रीमती प्रियंका किरार ने किसान परिवारों की महिलाओं की समस्याओं पर जोर देते हुए सरकार की विफलताओं का प्रमाण बताया। मध्यप्रदेश किसान कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने सरकार को समय पर खाद उपलब्ध कराने की अपनी जिम्मेदारी में विफल बताते हुए राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी यदि किसानों की मांगों की अनदेखी जारी रही। धरना-प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन की प्रमुख मांगों में किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराना, कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाना, मूंग की 100 प्रतिशत खरीदी सुनिश्चित करना, ई-टोकन व्यवस्था समाप्त करना और किसानों को प्रतिदिन 12 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना शामिल था। इस कार्यक्रम में किसान नेता राजेश दुबे, प्रदेश महामंत्री रमेश तिवारी, नीलम रघुवंशी, जिला निर्वाचन प्रभारी अंकुर गुप्ता, जिला प्रवक्ता अरुण अवस्थी, मानव ताम्रकार, असलम पटेल, युवा कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष वैभव भारद्वाज, प्रदेश सचिव निर्भय सिंह लोधी, नीतू सिंह राजपूत सहित बड़ी संख्या में किसान, कांग्रेसजन एवं महिलाएं उपस्थित रहीं।4
- गुना जिले के नाला पीपल मंडी स्थित 1/44 हजूरी भवन के पीछे वाली गली में सीवेज लाइन से लगातार गंदगी सड़क पर बाहर निकल रही है। इस लीकेज के कारण राहगीरों को वहां से निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने का आग्रह किया है।1
- बाबा ओंकारेश्वर के दर्शन के बाद क्या बोले मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार बाबा ओंकारेश्वर के दर्शन के बाद क्या बोले मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार1
- गुरुवार को भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट में 24 साल तक देश सेवा करने के बाद, ग्राम बम्होरी खड़ेसरा निवासी गनर राजेश कुर्मी पटेल सेवानिवृत्त होकर अपने पैतृक गांव बीना लौटे। बीना की धरती पर कदम रखते ही उनका भव्य स्वागत किया गया, जहाँ 'भारतीय आर्मी जिंदाबाद', 'भारत माता की जय' और 'भारत जिंदाबाद' के नारों से पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में रंग गया। राजेश कुर्मी के गांव पहुँचते ही ग्रामीणों, युवाओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने जगह-जगह स्वागत रैली निकाली। इस नागरिक अभिनंदन में पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर, पूर्व जनपद अध्यक्ष इंदर सिंह ठाकुर, पंडित सोनू शर्मा, राजेंद्र सिंह, बड़े भाई प्रमोद राय, चंद्रभान सिंह ठाकुर, श्रीकांत पाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों ने फूलमाला पहनाकर और पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। एक साधारण किसान परिवार से आने वाले राजेश कुर्मी ने विषम परिस्थितियों के बावजूद भारतीय सेना में शामिल होकर देश सेवा के अपने सपने को पूरा किया था। आर्टिलरी रेजिमेंट में रहते हुए, उन्होंने 24 साल की सेवा के दौरान देश के विभिन्न सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्रों में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दीं, जिसे गांव के लोग उनके त्याग और समर्पण का एक प्रेरणादायक उदाहरण बता रहे हैं। इस स्वागत समारोह में शामिल ग्रामीणों ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि राजेश कुर्मी ने पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है और वे युवाओं के लिए एक प्रेरणा हैं कि कैसे सीमित संसाधनों में भी मेहनत और देशभक्ति के बल पर बड़े लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं। गनर राजेश कुर्मी का यह भव्य स्वागत सिर्फ एक सैनिक का सम्मान नहीं था, बल्कि पूरे गांव द्वारा भारतीय सेना के प्रति आभार और सम्मान व्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी बन गया।4
- गुना जिले के फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम रामनगर में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ बलराम मीना नाम के एक युवक ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर अपनी पत्नी, सास और साले पर गंभीर आरोप लगाए। लाइव वीडियो के दौरान ही युवक ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बताया गया है कि बलराम मीना और उनकी पत्नी के बीच पिछले कुछ समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था, जिसके चलते पत्नी अपने मायके में रह रही थी। युवक ने अपने सोशल मीडिया लाइव में इन्हीं विवादों के संबंध में पत्नी, सास और साले पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस घटना के बाद परिजनों और आसपास के लोगों ने तत्काल युवक को अस्पताल पहुंचाया था, जहाँ डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया था। हालाँकि, उसे बचाया नहीं जा सका। युवक की मौत के बाद गाँव में शोक का माहौल है और यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सोशल मीडिया पर वायरल हुए लाइव वीडियो सहित सभी पहलुओं की गहराई से जाँच की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इस घटना से जुड़े आरोप मृतक के कथित बयानों पर आधारित हैं और इनकी पुष्टि पुलिस की विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगी।1