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सोइन्तरा में खारा पानी बना जी का जंजाल, 800 टीडीएस तक पानी पीने को मजबूर ग्रामीण। 2020 के बाद कभी नही भरा उच्च जलाशय। सरकारे आई,सरकारे गई पर समस्या जस की तस। क्योंकि नेताओं नही है जनता से सरोकार।

1 hr ago
user_विक्रमसिंह चौहान
विक्रमसिंह चौहान
Local News Reporter शेरगढ़, जोधपुर, राजस्थान•
1 hr ago

सोइन्तरा में खारा पानी बना जी का जंजाल, 800 टीडीएस तक पानी पीने को मजबूर ग्रामीण। 2020 के बाद कभी नही भरा उच्च जलाशय। सरकारे आई,सरकारे गई पर समस्या जस की तस। क्योंकि नेताओं नही है जनता से सरोकार।

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  • वन्यजीव प्रेमियों ने बचाई नीलगाय के बच्चे की जान, कुतो के चंगुल से छुड़ा कर वन विभाग को किया सुपुर्द। वन्यजीव प्रेमी मदन सियाग बने प्रेणा के स्त्रोत।
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    वन्यजीव प्रेमियों ने बचाई नीलगाय के बच्चे की जान, कुतो के चंगुल से छुड़ा कर वन विभाग को किया सुपुर्द।
वन्यजीव प्रेमी मदन सियाग बने प्रेणा के स्त्रोत।
    user_विक्रमसिंह चौहान
    विक्रमसिंह चौहान
    Local News Reporter शेरगढ़, जोधपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • Post by राजेश कुमार
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    Post by राजेश कुमार
    user_राजेश कुमार
    राजेश कुमार
    Shergarh, Jodhpur•
    5 hrs ago
  • रेगिस्तान प्यासा, मंच पर भाषणों की बरसात… पानी पर राजनीति कब होगी बंद?” जैसलमेर के फलसूंड की रात्रि चौपाल में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का बेहद आक्रामक अंदाज देखने को मिला। मंच से भ्रष्टाचार पर गरजते हुए उन्होंने साफ कहा कि “जो पानी के पैसे में चोरी करेगा, उसका हाल महेश जोशी जैसा होगा।” बयान जोरदार था, तालियां भी खूब बजीं, लेकिन रेगिस्तान की जनता अब सवाल पूछ रही है कि आखिर इतने सालों से पानी की इस लूट का जिम्मेदार कौन है? क्योंकि सच यह है कि जैसलमेर, बाड़मेर और जोधपुर के हजारों गांव आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। कहीं जल जीवन मिशन की पाइपलाइन अधूरी पड़ी है, कहीं नल लगे हैं लेकिन पानी नहीं आता, कहीं टंकियां बनकर खड़ी हैं लेकिन सप्लाई शुरू नहीं हुई, तो कहीं पूरा सिस्टम सिर्फ टैंकरों के भरोसे चल रहा है। गांवों में आज भी तपती गर्मी में कई किलोमीटर दूर से महंगे दामों में टैंकरों से पानी आ रहा हैं और दूसरी तरफ मंचों पर करोड़ों की योजनाओं के भाषण दिए जा रहे हैं। सबसे बड़ा कटाक्ष तो यही है कि हर सरकार आते ही पिछली सरकार को पानी चोर बता देती है, लेकिन जनता की प्यास कभी खत्म नहीं होती। एक सरकार कहती है पिछली सरकार ने लूट की… दूसरी कहती है पहले वालों ने फाइलों में विकास कर दिया… लेकिन गांव का आदमी आज भी पूछ रहा है — “साहब, हमारे घर पानी कब आएगा?” रात्रि चौपाल में मंत्री ने PHED व्यवस्था को “पूरी तरह कोलैप्स” बताया। सवाल यह है कि अगर सिस्टम इतना ही ध्वस्त है तो वर्षों से बैठे अधिकारी क्या कर रहे थे? क्या किसी बड़े अफसर पर कार्रवाई हुई? क्या किसी बड़े ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया गया? या फिर हमेशा की तरह छोटे कर्मचारियों पर गाज गिराकर मामला शांत कर दिया जाएगा? जनता यह भी पूछ रही है कि जल जीवन मिशन में हजारों करोड़ खर्च होने के बाद भी आखिर टैंकर माफिया इतने ताकतवर कैसे हो गए? अगर हर घर तक पानी पहुंच चुका है जैसा रिपोर्टों में दिखाया गया, तो फिर हर गर्मी में टैंकरों की राजनीति क्यों शुरू हो जाती है? क्यों हर गांव में पानी “किसकी सिफारिश है” देखकर बांटा जाता है? असल में रेगिस्तान की सबसे बड़ी त्रासदी सिर्फ पानी की कमी नहीं, बल्कि पानी पर राजनीति है। यहां हर चुनाव में पानी मुद्दा बनता है, हर नेता पानी पर भाषण देता है, हर अधिकारी मीटिंग करता है, हर योजना का उद्घाटन होता है… लेकिन गर्मी आते ही वही पुरानी तस्वीर सामने आ जाती है — सूखी टंकियां, खाली नल और परेशान जनता। बिजली को लेकर भी मंच से बड़े दावे किए गए। कांग्रेस पर झूठे आंकड़े भेजने के आरोप लगे। मगर गांवों में लोग आज भी घंटों बिजली कटौती झेल रहे हैं। जनता कह रही है कि सरकारें बदलती रहीं, बयान बदलते रहे, लेकिन हालात ज्यादा नहीं बदले। सबसे दिलचस्प बात यह है कि जब जनता सवाल पूछती है तो नेता कहते हैं “पिछली सरकार जिम्मेदार है”… और जब वही नेता सत्ता में आ जाते हैं तो अधिकारी जिम्मेदार हो जाते हैं। लेकिन कभी किसी ने यह नहीं बताया कि आखिर जनता की बदहाली की जिम्मेदारी लेने वाला कौन है? आज जरूरत भाषणों की नहीं, ईमानदार कार्रवाई की है। जरूरत उन फाइलों को खोलने की है जिनमें “हर घर जल” का सपना पूरा दिखाया गया। जरूरत उन ठेकेदारों पर कार्रवाई की है जिन्होंने रेगिस्तान की प्यास पर करोड़ों कमाए। और जरूरत उन अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की है जिनकी रिपोर्टों में सबकुछ “संतोषजनक” चलता रहता है। क्योंकि रेगिस्तान की जनता अब सिर्फ भाषण नहीं सुनना चाहती… उसे अपने घर के नल में पानी चाहिए।
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    रेगिस्तान प्यासा, मंच पर भाषणों की बरसात… पानी पर राजनीति कब होगी बंद?”
जैसलमेर के फलसूंड की रात्रि चौपाल में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का बेहद आक्रामक अंदाज देखने को मिला। मंच से भ्रष्टाचार पर गरजते हुए उन्होंने साफ कहा कि “जो पानी के पैसे में चोरी करेगा, उसका हाल महेश जोशी जैसा होगा।”
बयान जोरदार था, तालियां भी खूब बजीं, लेकिन रेगिस्तान की जनता अब सवाल पूछ रही है कि आखिर इतने सालों से पानी की इस लूट का जिम्मेदार कौन है?
क्योंकि सच यह है कि जैसलमेर, बाड़मेर और जोधपुर के हजारों गांव आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। कहीं जल जीवन मिशन की पाइपलाइन अधूरी पड़ी है, कहीं नल लगे हैं लेकिन पानी नहीं आता, कहीं टंकियां बनकर खड़ी हैं लेकिन सप्लाई शुरू नहीं हुई, तो कहीं पूरा सिस्टम सिर्फ टैंकरों के भरोसे चल रहा है।
गांवों में आज भी तपती गर्मी में कई किलोमीटर दूर से महंगे दामों में टैंकरों से पानी आ रहा हैं और दूसरी तरफ मंचों पर करोड़ों की योजनाओं के भाषण दिए जा रहे हैं।
सबसे बड़ा कटाक्ष तो यही है कि हर सरकार आते ही पिछली सरकार को पानी चोर बता देती है, लेकिन जनता की प्यास कभी खत्म नहीं होती।
एक सरकार कहती है पिछली सरकार ने लूट की… दूसरी कहती है पहले वालों ने फाइलों में विकास कर दिया… लेकिन गांव का आदमी आज भी पूछ रहा है — “साहब, हमारे घर पानी कब आएगा?”
रात्रि चौपाल में मंत्री ने PHED व्यवस्था को “पूरी तरह कोलैप्स” बताया। सवाल यह है कि अगर सिस्टम इतना ही ध्वस्त है तो वर्षों से बैठे अधिकारी क्या कर रहे थे?
क्या किसी बड़े अफसर पर कार्रवाई हुई?
क्या किसी बड़े ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया गया?
या फिर हमेशा की तरह छोटे कर्मचारियों पर गाज गिराकर मामला शांत कर दिया जाएगा?
जनता यह भी पूछ रही है कि जल जीवन मिशन में हजारों करोड़ खर्च होने के बाद भी आखिर टैंकर माफिया इतने ताकतवर कैसे हो गए?
अगर हर घर तक पानी पहुंच चुका है जैसा रिपोर्टों में दिखाया गया, तो फिर हर गर्मी में टैंकरों की राजनीति क्यों शुरू हो जाती है?
क्यों हर गांव में पानी “किसकी सिफारिश है” देखकर बांटा जाता है?
असल में रेगिस्तान की सबसे बड़ी त्रासदी सिर्फ पानी की कमी नहीं, बल्कि पानी पर राजनीति है।
यहां हर चुनाव में पानी मुद्दा बनता है, हर नेता पानी पर भाषण देता है, हर अधिकारी मीटिंग करता है, हर योजना का उद्घाटन होता है… लेकिन गर्मी आते ही वही पुरानी तस्वीर सामने आ जाती है — सूखी टंकियां, खाली नल और परेशान जनता।
बिजली को लेकर भी मंच से बड़े दावे किए गए। कांग्रेस पर झूठे आंकड़े भेजने के आरोप लगे। मगर गांवों में लोग आज भी घंटों बिजली कटौती झेल रहे हैं।
जनता कह रही है कि सरकारें बदलती रहीं, बयान बदलते रहे, लेकिन हालात ज्यादा नहीं बदले।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि जब जनता सवाल पूछती है तो नेता कहते हैं “पिछली सरकार जिम्मेदार है”… और जब वही नेता सत्ता में आ जाते हैं तो अधिकारी जिम्मेदार हो जाते हैं।
लेकिन कभी किसी ने यह नहीं बताया कि आखिर जनता की बदहाली की जिम्मेदारी लेने वाला कौन है?
आज जरूरत भाषणों की नहीं, ईमानदार कार्रवाई की है।
जरूरत उन फाइलों को खोलने की है जिनमें “हर घर जल” का सपना पूरा दिखाया गया।
जरूरत उन ठेकेदारों पर कार्रवाई की है जिन्होंने रेगिस्तान की प्यास पर करोड़ों कमाए।
और जरूरत उन अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की है जिनकी रिपोर्टों में सबकुछ “संतोषजनक” चलता रहता है।
क्योंकि रेगिस्तान की जनता अब सिर्फ भाषण नहीं सुनना चाहती…
उसे अपने घर के नल में पानी चाहिए।
    user_Gopal singh jodha
    Gopal singh jodha
    Local News Reporter फलसूंड, जैसलमेर, राजस्थान•
    43 min ago
  • बालोतरा जिला मुख्यालय के वार्ड नंबर 3 में लगे ट्रांसफॉर्मर से लगातार चिंगारियां निकल रही हैं, जिससे कभी भी बड़े हादसे का खतरा है। विद्युत विभाग की घोर लापरवाही के कारण स्थानीय निवासियों में डर का माहौल है।
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    बालोतरा जिला मुख्यालय के वार्ड नंबर 3 में लगे ट्रांसफॉर्मर से लगातार चिंगारियां निकल रही हैं, जिससे कभी भी बड़े हादसे का खतरा है। विद्युत विभाग की घोर लापरवाही के कारण स्थानीय निवासियों में डर का माहौल है।
    user_Pukhraj soni
    Pukhraj soni
    पत्रकार पचपदरा, बाड़मेर, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • पोकरण में हुए परमाणु परीक्षण को आज 28 वर्ष पूर्ण विधायक महंत प्रताप पूरी हुए मीडिया से रूबरू पोकरण परमाणु परीक्षण के 28 वर्ष पूर्ण, विधायक महंत प्रताप पुरी बोले — भाजपा सरकारों ने लिए ऐतिहासिक निर्णय 11 मई 1998 को Pokhran-II के तहत पोकरण में हुए परमाणु परीक्षण को 28 वर्ष पूर्ण होने पर पोकरण विधायक महंत प्रताप पुरी ने इसे देश के गौरव और सामरिक शक्ति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि देश में जब भी भाजपा की सरकार बनी है तब ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय लिए गए हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 11 मई 1998 को किसी भी अंतरराष्ट्रीय दबाव की परवाह किए बिना स्वनिर्णय लेते हुए पोकरण की धरती पर परमाणु परीक्षण कर भारत को विश्व शक्ति के रूप में स्थापित किया। विधायक ने कहा कि वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भी देश ने मजबूत इच्छाशक्ति का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत दुश्मनों को उनके घर में घुसकर जवाब दिया गया, जो देश की सैन्य क्षमता और दृढ़ नेतृत्व का परिचायक है। महंत प्रताप पुरी ने कहा कि पोकरण वास्तव में “शक्ति स्थल” कहलाने योग्य है, जिसने अपने गर्भ में पांच परमाणु परीक्षण झेले और देश की सुरक्षा एवं स्वाभिमान को नई पहचान दिलाई।
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    पोकरण में हुए परमाणु परीक्षण को आज 28 वर्ष पूर्ण विधायक महंत प्रताप पूरी हुए मीडिया से रूबरू
पोकरण परमाणु परीक्षण के 28 वर्ष पूर्ण, विधायक महंत प्रताप पुरी बोले — भाजपा सरकारों ने लिए ऐतिहासिक निर्णय
11 मई 1998 को Pokhran-II के तहत पोकरण में हुए परमाणु परीक्षण को 28 वर्ष पूर्ण होने पर पोकरण विधायक महंत प्रताप पुरी ने इसे देश के गौरव और सामरिक शक्ति का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा कि देश में जब भी भाजपा की सरकार बनी है तब ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय लिए गए हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 11 मई 1998 को किसी भी अंतरराष्ट्रीय दबाव की परवाह किए बिना स्वनिर्णय लेते हुए पोकरण की धरती पर परमाणु परीक्षण कर भारत को विश्व शक्ति के रूप में स्थापित किया।
विधायक ने कहा कि वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भी देश ने मजबूत इच्छाशक्ति का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत दुश्मनों को उनके घर में घुसकर जवाब दिया गया, जो देश की सैन्य क्षमता और दृढ़ नेतृत्व का परिचायक है।
महंत प्रताप पुरी ने कहा कि पोकरण वास्तव में “शक्ति स्थल” कहलाने योग्य है, जिसने अपने गर्भ में पांच परमाणु परीक्षण झेले और देश की सुरक्षा एवं स्वाभिमान को नई पहचान दिलाई।
    user_गिरिराज
    गिरिराज
    पोकरण, जैसलमेर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • दुर्गम रास्तों से ट्रैक्टर में पहुंचकर अधिकारियों ने सुनी ग्रामीणों की पेयजल समस्या, मौके पर किया समाधान दुर्गम रास्तों से ट्रैक्टर में पहुंचकर अधिकारियों ने सुनी ग्रामीणों की पेयजल समस्या, मौके पर किया समाधान बायतु भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत निम्बाणियों की ढाणी के राजस्व ग्राम भैराज की ढाणी में पेयजल समस्या का जायजा लिया गया। दुर्गम मार्ग होने के कारण ग्रामीणों के सहयोग से ट्रैक्टर के माध्यम से सहायक अभियंता बायतु के द्वारा मौके पर पहुंचकर हालात का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों की पेयजल संबंधी समस्याएं सुनी गईं तथा मौके पर ही समाधान करवाया गया। भैराज की ढाणी स्थित स्कूल परिसर में बने सार्वजनिक टांके में पेयजल आपूर्ति सुचारू करवाई गई, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली। इस दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद कर पेयजल व्यवस्था की जानकारी ली तथा भविष्य में पेयजल आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए संबंधित कार्मिकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। ग्रामीणों ने समस्या के त्वरित समाधान पर संतोष जताया।
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    दुर्गम रास्तों से ट्रैक्टर में पहुंचकर अधिकारियों ने सुनी ग्रामीणों की पेयजल समस्या, मौके पर किया समाधान 
दुर्गम रास्तों से ट्रैक्टर में पहुंचकर अधिकारियों ने सुनी ग्रामीणों की पेयजल समस्या, मौके पर किया समाधान 
बायतु 
भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत निम्बाणियों की ढाणी के राजस्व ग्राम भैराज की ढाणी में पेयजल समस्या का जायजा लिया गया। दुर्गम मार्ग होने के कारण ग्रामीणों के सहयोग से ट्रैक्टर के माध्यम से सहायक अभियंता बायतु के द्वारा मौके पर पहुंचकर हालात का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों की पेयजल संबंधी समस्याएं सुनी गईं तथा मौके पर ही समाधान करवाया गया। भैराज की ढाणी स्थित स्कूल परिसर में बने सार्वजनिक टांके में पेयजल आपूर्ति सुचारू करवाई गई, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली।
इस दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद कर पेयजल व्यवस्था की जानकारी ली तथा भविष्य में पेयजल आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए संबंधित कार्मिकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। ग्रामीणों ने समस्या के त्वरित समाधान पर संतोष जताया।
    user_Ghamanda Ram
    Ghamanda Ram
    पत्रकार बायतू, बाड़मेर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • पानी की बर्बादी पर वाटर बॉक्स मोन जोधपुर*एक तरफ शहर में पानी किल्लत क्लोजर दे परेशान पानी के तरसती जनता वही दूसरी तरफ पिछले कई दिनों से सिवांची गेट मसाला मार्केट के पास बाबा नाड़ी में सड़क पर व्यर्थ बहता पानी जिसपे किसी की नजर नहीं जलदाय विभाग को समय रहते इसका निवारण नहीं करना चाहिए।
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    पानी की बर्बादी पर वाटर बॉक्स मोन 
जोधपुर*एक तरफ शहर में पानी किल्लत क्लोजर दे परेशान पानी के तरसती जनता वही    दूसरी तरफ पिछले कई दिनों से सिवांची गेट मसाला मार्केट के पास बाबा नाड़ी में सड़क पर व्यर्थ बहता पानी जिसपे किसी की नजर नहीं जलदाय विभाग को समय रहते इसका निवारण नहीं करना चाहिए।
    user_Jitendra dave
    Jitendra dave
    Journalist Jodhpur, Rajasthan•
    4 hrs ago
  • सोइन्तरा में खारा पानी बना जी का जंजाल, 800 टीडीएस तक पानी पीने को मजबूर ग्रामीण। 2020 के बाद कभी नही भरा उच्च जलाशय। सरकारे आई,सरकारे गई पर समस्या जस की तस। क्योंकि नेताओं नही है जनता से सरोकार।
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    सोइन्तरा में खारा पानी बना जी का जंजाल, 800 टीडीएस तक पानी पीने को मजबूर ग्रामीण। 2020 के बाद कभी नही भरा उच्च जलाशय। सरकारे आई,सरकारे गई पर समस्या जस की तस। क्योंकि नेताओं नही है जनता से सरोकार।
    user_विक्रमसिंह चौहान
    विक्रमसिंह चौहान
    Local News Reporter शेरगढ़, जोधपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
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