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पूरा रोड में बवासीर हो गया हैं..🤔😱 #shortvideo #reels #road #pani #barsat #lohardaga #lohardaga
AAM JANATA
पूरा रोड में बवासीर हो गया हैं..🤔😱 #shortvideo #reels #road #pani #barsat #lohardaga #lohardaga
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- Post by Altamas Rja1
- Post by AAM JANATA1
- lohardga mein har chhoti Se chhoti khabren aap tak pahunchate rahenge1
- अन्वी एजुकेशन बना छात्रों के लिए सहारा, 50 से अधिक विश्वविद्यालयों में दिला रहा नामांकन चंदवा:-संजय यादव क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहा अन्वी एजुकेशन आज छात्रों के लिए एक भरोसेमंद संस्थान के रूप में उभर कर सामने आया है। यह संस्थान ओपन यूनिवर्सिटी के माध्यम से पढ़ाई करने वाले छात्रों को सही मार्गदर्शन और नामांकन में सहयोग प्रदान कर रहा है। संस्थान द्वारा देशभर के करीब 50 से अधिक विश्वविद्यालयों में नामांकन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे दूर-दराज के छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में आसानी हो रही है। अन्वी एजुकेशन एक कंसल्टेंसी के रूप में चंदवा में कार्यरत है, जहां छात्रों को कोर्स चयन से लेकर एडमिशन तक पूरी सहायता दी जाती है। खासकर वे छात्र जो किसी कारणवश नियमित पढ़ाई नहीं कर पाते, उनके लिए यह संस्थान एक बेहतर विकल्प बनकर उभरा है। संस्थान के प्रयासों से क्षेत्र के कई छात्र उच्च शिक्षा की ओर अग्रसर हो रहे हैं, जिससे शिक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है।1
- *महुआडांड़ में अवैध क्लीनिकों पर छापेमारी शुरू, स्वास्थ्य विभाग की सख्ती से मचा हड़कंप* संवाद सूत्र जागरण महुआडांड़ (लातेहार): झारखंड सरकार के सख्त निर्देशों के बाद अब लातेहार जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने की कवायद ज़मीन पर उतर चुकी है। हाल ही में Clinical Establishment (Registration & Regulation) Act, 2010 के तहत जारी आदेश के अनुपालन में महुआडांड़ प्रखंड में अवैध क्लीनिकों और निजी अस्पतालों के खिलाफ जांच अभियान तेज कर दिया गया है।मंगलवार को महुआडांड़ स्वास्थ्य प्रभारी डॉ. अमित खलखो ने पुलिस प्रशासन के सहयोग से प्रखंड क्षेत्र में संचालित विभिन्न निजी अस्पतालों और क्लीनिकों पर छापेमारी की। इस दौरान एसआई नौशाद अहमद एवं पुलिस बल के जवान भी मौजूद रहे। टीम ने उन सभी स्वास्थ्य संस्थानों की जांच की, जहां मरीजों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। *रजिस्ट्रेशन और मानकों की हुई जांच* छापेमारी के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लीनिकों के रजिस्ट्रेशन, डॉक्टरों की योग्यता, उपलब्ध चिकित्सा संसाधनों, मरीजों के रिकॉर्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। कई स्थानों पर आवश्यक दस्तावेजों की कमी और मानकों का पालन नहीं होने की बात सामने आई है, जिन पर विभाग द्वारा नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। *बिना लाइसेंस संचालन पर सख्त कार्रवाई के संकेत* स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना पंजीकरण या मानकों के अनुरूप संचालन करने वाले क्लीनिकों और अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे संस्थानों को सील करने के साथ-साथ संबंधित संचालकों पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। *प्रशासन की चेतावनी—नियमों का पालन अनिवार्य* स्वास्थ्य प्रभारी डॉ. अमित खलखो ने बताया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने सभी निजी क्लीनिक संचालकों को निर्देश दिया कि वे निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करें और आवश्यक दस्तावेज अद्यतन रखें, अन्यथा कार्रवाई से बच पाना संभव नहीं होगा। *क्षेत्र में बढ़ी हलचल* जांच अभियान शुरू होते ही महुआडांड़ क्षेत्र में कई क्लीनिक संचालकों के बीच हलचल देखी जा रही है। वर्षों से बिना पूर्ण दस्तावेजों के संचालित हो रहे संस्थानों में अब जांच और कार्रवाई का डर साफ नजर आ रहा है। *सरकार का स्पष्ट संदेश* झारखंड सरकार ने इस कार्रवाई के माध्यम से साफ संकेत दिया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अवैध गतिविधि अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में जिले के अन्य प्रखंडों में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।1
- एनसीसी कैडेट्स से जांच और मेडिकल प्रणाम पत्र के नाम पर मांगा गया पैसा, डीसी तक पहुंचा मामला जुटती भीड़ को देख कार्यालय छोड़ भागें पदाधिकारी और कर्मी समाज सेवी संजय वर्मा ने उपायुक्त को फोन कर अवैध वसुली का जानकारी दिए एनसीसी कैडेट्स ने कहा चार दिनों से लगातार अस्पताल का चक्कर काट रहे हैं। हम तो विद्यार्थी हैं और अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए पढ़ाई के साथ तैयारी कर रहे हैं। हमें नहीं पता था कि सरकारी अस्पताल और कार्यालय में अवैध वसुली किया जाता हैं। यह मामला गुमला जिला अंतर्गत रेफरल अस्पताल सिसई का हैं। यह मामला से स्पष्ट पता चल रहा हैं कि अस्पताल में सेवा कम और पैसों का वसूली अधिक किया जाता हैं। बड़ी बात तो यह हैं कि जांच घर के बाहर कोई जांच शुल्क तालिका बोर्ड नहीं लगाया गया हैं और ना ही शुल्क जमा करने के बाद भी मरीजों को रसीद दिया जाता हैं। आखिर रोज दिन सैकड़ों मरीजों से जांच के नाम पर लिया गया पैसा कहा जाता हैं। इस बारे में जब उपस्थित पदाधिकारी और कर्मी से जानने का प्रयास किया गया तो वे लोग भागते नजर आए। सिसई प्रखंड अंतर्गत कार्तिक प्लस टू उच्च विद्यालय छारदा के 50 एनसीसी कैडेट्स एनसीसी कैंप में जाने के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने रेफरल अस्पताल सिसई आए थे। कैडेट्स ने बताया कि बीते मंगलवार से अस्पताल का चक्कर काट रहे थे लेकिन समय पर जांच भी नहीं किया गया और ना ही सर्टिफिकेट दिया गया। सोमवार को सर्टिफिकेट देने के समय जांच और सर्टिफिकेट के नाम पर प्रत्येक कैडेट्स से ₹30 का मांग किया गया। जब छात्रों ने देने से इनकार कर दिया तो उनको प्रमाण पत्र नहीं दिया गया।1
- bhijathe sudar komal kaya 👀👀👀👀👀👀👀👀1
- Post by Altamas Rja1