एनसीसी कैडेट्स से जांच और मेडिकल प्रणाम पत्र के नाम पर मांगा गया पैसा, डीसी तक पहुंचा मामला एनसीसी कैडेट्स से जांच और मेडिकल प्रणाम पत्र के नाम पर मांगा गया पैसा, डीसी तक पहुंचा मामला जुटती भीड़ को देख कार्यालय छोड़ भागें पदाधिकारी और कर्मी समाज सेवी संजय वर्मा ने उपायुक्त को फोन कर अवैध वसुली का जानकारी दिए एनसीसी कैडेट्स ने कहा चार दिनों से लगातार अस्पताल का चक्कर काट रहे हैं। हम तो विद्यार्थी हैं और अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए पढ़ाई के साथ तैयारी कर रहे हैं। हमें नहीं पता था कि सरकारी अस्पताल और कार्यालय में अवैध वसुली किया जाता हैं। यह मामला गुमला जिला अंतर्गत रेफरल अस्पताल सिसई का हैं। यह मामला से स्पष्ट पता चल रहा हैं कि अस्पताल में सेवा कम और पैसों का वसूली अधिक किया जाता हैं। बड़ी बात तो यह हैं कि जांच घर के बाहर कोई जांच शुल्क तालिका बोर्ड नहीं लगाया गया हैं और ना ही शुल्क जमा करने के बाद भी मरीजों को रसीद दिया जाता हैं। आखिर रोज दिन सैकड़ों मरीजों से जांच के नाम पर लिया गया पैसा कहा जाता हैं। इस बारे में जब उपस्थित पदाधिकारी और कर्मी से जानने का प्रयास किया गया तो वे लोग भागते नजर आए। सिसई प्रखंड अंतर्गत कार्तिक प्लस टू उच्च विद्यालय छारदा के 50 एनसीसी कैडेट्स एनसीसी कैंप में जाने के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने रेफरल अस्पताल सिसई आए थे। कैडेट्स ने बताया कि बीते मंगलवार से अस्पताल का चक्कर काट रहे थे लेकिन समय पर जांच भी नहीं किया गया और ना ही सर्टिफिकेट दिया गया। सोमवार को सर्टिफिकेट देने के समय जांच और सर्टिफिकेट के नाम पर प्रत्येक कैडेट्स से ₹30 का मांग किया गया। जब छात्रों ने देने से इनकार कर दिया तो उनको प्रमाण पत्र नहीं दिया गया।
एनसीसी कैडेट्स से जांच और मेडिकल प्रणाम पत्र के नाम पर मांगा गया पैसा, डीसी तक पहुंचा मामला एनसीसी कैडेट्स से जांच और मेडिकल प्रणाम पत्र के नाम पर मांगा गया पैसा, डीसी तक पहुंचा मामला जुटती भीड़ को देख कार्यालय छोड़ भागें पदाधिकारी और कर्मी समाज सेवी संजय वर्मा ने उपायुक्त को फोन कर अवैध वसुली का जानकारी दिए एनसीसी कैडेट्स ने कहा चार दिनों से लगातार अस्पताल का चक्कर काट रहे हैं। हम तो विद्यार्थी हैं और अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए पढ़ाई के साथ तैयारी कर रहे हैं। हमें नहीं पता था कि सरकारी अस्पताल और कार्यालय में अवैध वसुली किया जाता हैं। यह मामला गुमला जिला अंतर्गत रेफरल अस्पताल सिसई का हैं। यह मामला से स्पष्ट पता चल रहा हैं कि अस्पताल में सेवा कम और पैसों का वसूली अधिक किया जाता हैं। बड़ी बात तो यह हैं कि जांच घर के बाहर कोई जांच शुल्क तालिका बोर्ड नहीं लगाया गया हैं और ना ही शुल्क जमा करने के बाद भी मरीजों को रसीद दिया जाता हैं। आखिर रोज दिन सैकड़ों मरीजों से जांच के नाम पर लिया गया पैसा कहा जाता हैं। इस बारे में जब उपस्थित पदाधिकारी और कर्मी से जानने का प्रयास किया गया तो वे लोग भागते नजर आए। सिसई प्रखंड अंतर्गत कार्तिक प्लस टू उच्च विद्यालय छारदा के 50 एनसीसी कैडेट्स एनसीसी कैंप में जाने के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने रेफरल अस्पताल सिसई आए थे। कैडेट्स ने बताया कि बीते मंगलवार से अस्पताल का चक्कर काट रहे थे लेकिन समय पर जांच भी नहीं किया गया और ना ही सर्टिफिकेट दिया गया। सोमवार को सर्टिफिकेट देने के समय जांच और सर्टिफिकेट के नाम पर प्रत्येक कैडेट्स से ₹30 का मांग किया गया। जब छात्रों ने देने से इनकार कर दिया तो उनको प्रमाण पत्र नहीं दिया गया।
- User2543Gumla, Jharkhand😤3 hrs ago
- Post by Altamas Rja1
- Post by AAM JANATA1
- चैनपुर : आज प्रखंड सह अंचल कार्यालय, चैनपुर के गेट के समीप सरकारी कर्मचारियों द्वारा एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया गया और "पेन ड्रॉप" के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया गया। झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ, प्रखंड शाखा चैनपुर के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में कर्मचारियों ने काला बिल्ला लगाकर अपना विरोध जताया।2
- आंधी-तूफान का कहर: जरडा गांव में गरीब परिवार का उजड़ा आशियाना, खुले आसमान तले गुजर रही रातें जारी (गुमला): जानकारी देते हुए सोमवार शाम करीब छह बजे बताया गया कि जारी प्रखंड अंतर्गत जरडा गांव में आए तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी। इस प्राकृतिक आपदा में एक गरीब परिवार का घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे परिवार गहरे संकट में आ गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित गुड्डू नायक एवं उनकी पत्नी सबिता देवी का कच्चा मकान तेज हवा की चपेट में आ गया। आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि घर की अलबेस्टर छत उड़ गई और पूरा आशियाना बुरी तरह टूटकर रहने लायक नहीं बचा। घटना के बाद परिवार अचानक बेघर हो गया। तेज बारिश के कारण घर में रखा धान, चावल समेत खाद्यान्न पूरी तरह भींगकर खराब हो गया। इससे परिवार के सामने अब भोजन का भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है। हालात ऐसे हैं कि पीड़ित परिवार को खुले आसमान के नीचे रात बितानी पड़ रही है और खाने-पीने के लिए भी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से तत्काल आर्थिक सहायता, राहत सामग्री और मुआवजा उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। वहीं ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सर्वे कर पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता दी जाए, ताकि वे इस संकट से उबर सकें।1
- चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बरवेनगर गांव के पास सोमवार शाम करीब 6:30 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। इस हादसे में सुगासरवा गांव निवासी 32 वर्षीय अलबिनुस लकड़ा (पिता- जोर्ज लकड़ा) तथा 34 वर्षीय अभय एक्का गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अलबिनुस लकड़ा और अभय एक्का किसी निजी कार्य से चैनपुर आए हुए थे। काम समाप्त करने के बाद दोनों देर शाम स्कूटी से अपने गांव सुगासरवा लौट रहे थे। इसी दौरान बरवेनगर गांव के समीप उनकी स्कूटी एक ट्रैक्टर की चपेट में आ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही चैनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को तत्काल चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान गंभीर रूप से घायल अलबिनुस लकड़ा की मौत हो गई, जबकि अभय एक्का का इलाज जारी है और उसकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है।1
- गुमला: आज बुधवार को जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने चंदाली स्थित ईवीएम वेयरहाउस का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने ईवीएम वेयरहाउस की सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित सभी आवश्यक पहलुओं की गहन जांच की। इस क्रम में सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, अन्य सुरक्षा उपकरणों की स्थिति एवं उनके रख-रखाव का जायजा लिया गया। उपायुक्त ने संपूर्ण परिसर का भ्रमण करते हुए विद्युत व्यवस्था, बैलट यूनिट हॉल, अग्निशमन व्यवस्था, कमरों की सीलिंग, डबल लॉक प्रणाली सहित भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाए रखने तथा सभी उपकरणों के नियमित रख-रखाव सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। मौके पर डीसीएलआर गुमला राजीव कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी सुषमा लकड़ा, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि—कांग्रेस पार्टी से फिरोज आलम एवं रामनिवास प्रसाद, झारखंड मुक्ति मोर्चा से रणजीत सरदार, राष्ट्रीय जनता दल से रविन्द्र बड़ाइक एवं अरविंद कुमार महतो—सहित निर्वाचन कार्यालय के शेखर कुमार, विकास शर्मा, शशिकांत भारती एवं अन्य कर्मीगण उपस्थित थे।2
- pulic se mar pit1
- इंदिरा आवास ढहने से बुजुर्ग की मौत, गांव में शोक और आक्रोश डुमरी (गुमला): डुमरी प्रखंड के खेतली पंचायत अंतर्गत बरटोली गांव में मंगलवार देर रात आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। प्राकृतिक आपदा के बीच एक प्रधानमंत्री आवास (इंदिरा आवास) के अचानक ढह जाने से उसमें सो रहे 72 वर्षीय भोवा झोरा की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई है। जानकारी के मुताबिक, रात करीब 1 बजे तेज हवा और लगातार बारिश के कारण जर्जर स्थिति में बना आवास अचानक भरभराकर गिर पड़ा। उस समय भोवा झोरा घर के अंदर सो रहे थे और मलबे में दब गए। घटना की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद उन्हें मलबे से बाहर निकाला गया। ग्रामीण लिली टोप्पो के अनुसार, बाहर निकालने के बाद कुछ समय तक उनकी सांसें चल रही थीं, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया। ग्राम पंचायत के मुखिया जवाहर कवर ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि मृतक के पास एक पुराना कच्चा मकान सुरक्षित था, जबकि सरकारी योजना के तहत बना आवास घटिया निर्माण के कारण जर्जर हो गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि दलालों के जरिए घटिया निर्माण कराए जाने से यह हादसा हुआ। मुखिया ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और जल्द सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की मांग की है। घटना के बाद बरटोली गांव में मातम के साथ-साथ आक्रोश भी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जर्जर आवासों की जांच और मरम्मत की जाती, तो इस हादसे को टाला जा सकता था। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से राहत और कार्रवाई करता है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।1
- अन्वी एजुकेशन बना छात्रों के लिए सहारा, 50 से अधिक विश्वविद्यालयों में दिला रहा नामांकन चंदवा:-संजय यादव क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहा अन्वी एजुकेशन आज छात्रों के लिए एक भरोसेमंद संस्थान के रूप में उभर कर सामने आया है। यह संस्थान ओपन यूनिवर्सिटी के माध्यम से पढ़ाई करने वाले छात्रों को सही मार्गदर्शन और नामांकन में सहयोग प्रदान कर रहा है। संस्थान द्वारा देशभर के करीब 50 से अधिक विश्वविद्यालयों में नामांकन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे दूर-दराज के छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में आसानी हो रही है। अन्वी एजुकेशन एक कंसल्टेंसी के रूप में चंदवा में कार्यरत है, जहां छात्रों को कोर्स चयन से लेकर एडमिशन तक पूरी सहायता दी जाती है। खासकर वे छात्र जो किसी कारणवश नियमित पढ़ाई नहीं कर पाते, उनके लिए यह संस्थान एक बेहतर विकल्प बनकर उभरा है। संस्थान के प्रयासों से क्षेत्र के कई छात्र उच्च शिक्षा की ओर अग्रसर हो रहे हैं, जिससे शिक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है।1