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चैनपुर में सरकारी कर्मियों का फूटा गुस्सा, 'पेन डाउन' हड़ताल और एक दिवसीय धरना प्रदर्शन चैनपुर : आज प्रखंड सह अंचल कार्यालय, चैनपुर के गेट के समीप सरकारी कर्मचारियों द्वारा एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया गया और "पेन ड्रॉप" के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया गया। झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ, प्रखंड शाखा चैनपुर के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में कर्मचारियों ने काला बिल्ला लगाकर अपना विरोध जताया।

2 hrs ago
user_Sunderam Keshri
Sunderam Keshri
चैनपुर, गुमला, झारखंड•
2 hrs ago

चैनपुर में सरकारी कर्मियों का फूटा गुस्सा, 'पेन डाउन' हड़ताल और एक दिवसीय धरना प्रदर्शन चैनपुर : आज प्रखंड सह अंचल कार्यालय, चैनपुर के गेट के समीप सरकारी कर्मचारियों द्वारा एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया गया और "पेन ड्रॉप" के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया गया। झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ, प्रखंड शाखा चैनपुर के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में कर्मचारियों ने काला बिल्ला लगाकर अपना विरोध जताया।

More news from झारखंड and nearby areas
  • Post by Alex Shivansh
    1
    Post by Alex Shivansh
    user_Alex Shivansh
    Alex Shivansh
    Security Guard गुमला, गुमला, झारखंड•
    3 hrs ago
  • Post by Altamas Rja
    1
    Post by Altamas Rja
    user_Altamas Rja
    Altamas Rja
    Local News Reporter Lohardaga, Jharkhand•
    1 hr ago
  • Post by AAM JANATA
    1
    Post by AAM JANATA
    user_AAM JANATA
    AAM JANATA
    लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    5 hrs ago
  • एनसीसी कैडेट्स से जांच और मेडिकल प्रणाम पत्र के नाम पर मांगा गया पैसा, डीसी तक पहुंचा मामला जुटती भीड़ को देख कार्यालय छोड़ भागें पदाधिकारी और कर्मी समाज सेवी संजय वर्मा ने उपायुक्त को फोन कर अवैध वसुली का जानकारी दिए एनसीसी कैडेट्स ने कहा चार दिनों से लगातार अस्पताल का चक्कर काट रहे हैं। हम तो विद्यार्थी हैं और अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए पढ़ाई के साथ तैयारी कर रहे हैं। हमें नहीं पता था कि सरकारी अस्पताल और कार्यालय में अवैध वसुली किया जाता हैं। यह मामला गुमला जिला अंतर्गत रेफरल अस्पताल सिसई का हैं। यह मामला से स्पष्ट पता चल रहा हैं कि अस्पताल में सेवा कम और पैसों का वसूली अधिक किया जाता हैं। बड़ी बात तो यह हैं कि जांच घर के बाहर कोई जांच शुल्क तालिका बोर्ड नहीं लगाया गया हैं और ना ही शुल्क जमा करने के बाद भी मरीजों को रसीद दिया जाता हैं। आखिर रोज दिन सैकड़ों मरीजों से जांच के नाम पर लिया गया पैसा कहा जाता हैं। इस बारे में जब उपस्थित पदाधिकारी और कर्मी से जानने का प्रयास किया गया तो वे लोग भागते नजर आए। सिसई प्रखंड अंतर्गत कार्तिक प्लस टू उच्च विद्यालय छारदा के 50 एनसीसी कैडेट्स एनसीसी कैंप में जाने के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने रेफरल अस्पताल सिसई आए थे। कैडेट्स ने बताया कि बीते मंगलवार से अस्पताल का चक्कर काट रहे थे लेकिन समय पर जांच भी नहीं किया गया और ना ही सर्टिफिकेट दिया गया। सोमवार को सर्टिफिकेट देने के समय जांच और सर्टिफिकेट के नाम पर प्रत्येक कैडेट्स से ₹30 का मांग किया गया। जब छात्रों ने देने से इनकार कर दिया तो उनको प्रमाण पत्र नहीं दिया गया।
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    एनसीसी कैडेट्स से जांच और मेडिकल प्रणाम पत्र के नाम पर मांगा गया पैसा, डीसी तक पहुंचा मामला
जुटती भीड़ को देख कार्यालय छोड़ भागें पदाधिकारी और कर्मी 
समाज सेवी संजय वर्मा ने उपायुक्त को फोन कर अवैध वसुली का जानकारी दिए 
एनसीसी कैडेट्स ने कहा चार दिनों से लगातार अस्पताल का चक्कर काट रहे हैं। हम तो विद्यार्थी हैं और अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए पढ़ाई के साथ तैयारी कर रहे हैं। हमें नहीं पता था कि सरकारी अस्पताल और कार्यालय में अवैध वसुली किया जाता हैं। यह मामला गुमला जिला अंतर्गत रेफरल अस्पताल सिसई का हैं। यह मामला से स्पष्ट पता चल रहा हैं कि अस्पताल में सेवा कम और पैसों का वसूली अधिक किया जाता हैं। बड़ी बात तो यह हैं कि जांच घर के बाहर कोई जांच शुल्क तालिका बोर्ड नहीं लगाया गया हैं और ना ही शुल्क जमा करने के बाद भी मरीजों को रसीद दिया जाता हैं। आखिर रोज दिन सैकड़ों मरीजों से जांच के नाम पर लिया गया पैसा कहा जाता हैं। इस बारे में जब उपस्थित पदाधिकारी और कर्मी से जानने का प्रयास किया गया तो वे लोग भागते नजर आए। सिसई प्रखंड अंतर्गत कार्तिक प्लस टू उच्च विद्यालय छारदा के 50 एनसीसी कैडेट्स एनसीसी कैंप में जाने के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने रेफरल अस्पताल सिसई आए थे। कैडेट्स ने बताया कि बीते मंगलवार से अस्पताल का चक्कर काट रहे थे लेकिन समय पर जांच भी नहीं किया गया और ना ही सर्टिफिकेट दिया गया। सोमवार को सर्टिफिकेट देने के समय जांच और सर्टिफिकेट के नाम पर प्रत्येक कैडेट्स से ₹30 का मांग किया गया। जब छात्रों ने देने से इनकार कर दिया तो उनको प्रमाण पत्र नहीं दिया गया।
    user_कृष्णा कुमार साहु
    कृष्णा कुमार साहु
    रिपोर्टर सिसई, गुमला, झारखंड•
    18 hrs ago
  • Post by Salim Dungdung
    1
    Post by Salim Dungdung
    user_Salim Dungdung
    Salim Dungdung
    सिमडेगा, सिमडेगा, झारखंड•
    6 hrs ago
  • BJP की बड़ी जीत के बाद कांसाबेल में जश्न | आतिशबाजी और झालमुरी के साथ मनाई खुशी
    1
    BJP की बड़ी जीत के बाद कांसाबेल में जश्न | आतिशबाजी और झालमुरी के साथ मनाई खुशी
    user_Ibnul khan
    Ibnul khan
    Media house कांसबेल, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • सड़क हादसे ने खोली चैनपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल, डॉक्टर और एंबुलेंस के अभाव में गई एक जान चैनपुर को अनुमंडल का दर्जा मिले लंबा समय बीत चुका है, लेकिन जमीनी स्तर पर बुनियादी सुविधाओं की हालत अब भी चिंताजनक बनी हुई है। जानकारी देते हुए मंगलवार शाम पांच बजे बताया गया कि चैनपुर थाना क्षेत्र के पाराहटोली के समीप हुई एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना ने स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकारी दावों की पोल खोलकर रख दी। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। मिली जानकारी के अनुसार सुग्गासरवा निवासी अलबिनुस लकड़ा (पिता जॉर्ज लकड़ा) और अभय एक्का (पिता जोसेफ एक्का) स्कूटी से पैनसो बाजार से गाय खरीदकर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान पाराहटोली के समीप पीछे से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही चैनपुर थाना प्रभारी अरविंद कुमार एवं एएसआई संतोष धर्मपाल लुगुन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के सहयोग से घायलों को चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। लेकिन अस्पताल में डॉक्टर मौजूद नहीं रहने के कारण घायल अलबिनुस लकड़ा को मृत घोषित तक नहीं किया जा सका। अस्पताल पहुंचने के क्रम में ही उनकी मौत हो गई, जिसके बाद कागजी प्रक्रिया के लिए शव को गुमला सदर अस्पताल रेफर करना पड़ा। बताया गया कि अस्पताल परिसर में एंबुलेंस खड़ी तो है, लेकिन लंबे समय से कंडम घोषित होने के कारण उसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। मौके पर पहुंचे प्रखंड उप प्रमुख प्रमोद खलखो ने बताया कि घायल अभय एक्का की गंभीर स्थिति को देखते हुए कई बार एक सौ आठ एंबुलेंस सेवा को कॉल किया गया, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अंततः मजबूर होकर परिजनों को निजी व्यवस्था से मृतक और घायल को अस्पताल ले जाना पड़ा। इस घटना के बाद क्षेत्रवासियों में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि अनुमंडल बनने के बावजूद यदि समय पर डॉक्टर और एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो पा रही है, तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
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    सड़क हादसे ने खोली चैनपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल, डॉक्टर और एंबुलेंस के अभाव में गई एक जान
चैनपुर को अनुमंडल का दर्जा मिले लंबा समय बीत चुका है, लेकिन जमीनी स्तर पर बुनियादी सुविधाओं की हालत अब भी चिंताजनक बनी हुई है। जानकारी देते हुए मंगलवार शाम पांच बजे बताया गया कि चैनपुर थाना क्षेत्र के पाराहटोली के समीप हुई एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना ने स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकारी दावों की पोल खोलकर रख दी। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया।
मिली जानकारी के अनुसार सुग्गासरवा निवासी अलबिनुस लकड़ा (पिता जॉर्ज लकड़ा) और अभय एक्का (पिता जोसेफ एक्का) स्कूटी से पैनसो बाजार से गाय खरीदकर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान पाराहटोली के समीप पीछे से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही चैनपुर थाना प्रभारी अरविंद कुमार एवं एएसआई संतोष धर्मपाल लुगुन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के सहयोग से घायलों को चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। लेकिन अस्पताल में डॉक्टर मौजूद नहीं रहने के कारण घायल अलबिनुस लकड़ा को मृत घोषित तक नहीं किया जा सका। अस्पताल पहुंचने के क्रम में ही उनकी मौत हो गई, जिसके बाद कागजी प्रक्रिया के लिए शव को गुमला सदर अस्पताल रेफर करना पड़ा।
बताया गया कि अस्पताल परिसर में एंबुलेंस खड़ी तो है, लेकिन लंबे समय से कंडम घोषित होने के कारण उसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। मौके पर पहुंचे प्रखंड उप प्रमुख प्रमोद खलखो ने बताया कि घायल अभय एक्का की गंभीर स्थिति को देखते हुए कई बार एक सौ आठ एंबुलेंस सेवा को कॉल किया गया, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अंततः मजबूर होकर परिजनों को निजी व्यवस्था से मृतक और घायल को अस्पताल ले जाना पड़ा।
इस घटना के बाद क्षेत्रवासियों में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि अनुमंडल बनने के बावजूद यदि समय पर डॉक्टर और एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो पा रही है, तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
    user_चैनपुर अपडेट
    चैनपुर अपडेट
    Classified ads newspaper publisher चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    3 hrs ago
  • pulic se mar pit
    1
    pulic se mar pit
    user_Alex Shivansh
    Alex Shivansh
    Security Guard गुमला, गुमला, झारखंड•
    4 hrs ago
  • Post by Altamas Rja
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    Post by Altamas Rja
    user_Altamas Rja
    Altamas Rja
    Local News Reporter Lohardaga, Jharkhand•
    10 hrs ago
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