बालाघाट जिले के विकासखंड बालाघाट के अंतर्गत आने वाले ग्राम टवेझरी में कृषि कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के प्रयासों से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। यहाँ के प्रगतिशील किसान विवेकानंद डोंगरे ने रासायनिक खेती का रास्ता छोड़कर हरी खाद आधारित प्राकृतिक खेती को अपनाया है। उन्होंने क्षेत्र के अन्य किसानों के सामने सफलता का एक प्रेरक उदाहरण पेश किया है। कृषि विस्तार अधिकारी अभिलाष सूर्यवंशी के मार्गदर्शन में विवेकानंद डोंगरे ने विभाग से सस्बेनिया रोस्ट्राटा (ढेंचा) के बीज प्राप्त कर अपने खेत में बोए थे। फसल में फूल आने से पहले ही उन्होंने रोटावेटर चलाकर ढेंचा को खेत की मिट्टी में मिला दिया और इसे हरी खाद के रूप में इस्तेमाल किया। इस तकनीक के कारण खेत की मिट्टी की उर्वरक क्षमता काफी बढ़ गई है और प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन की उपलब्धता में भी वृद्धि हुई है, जिससे मुख्य फसल की बुवाई के लिए खेत बेहद अच्छी तरह से तैयार हो गया है। विवेकानंद डोंगरे के खेत में दिखे इस सकारात्मक बदलाव के बाद अब टवेझरी गांव के दूसरे किसान भी इस पद्धति की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। रासायनिक उर्वरकों पर होने वाले खर्च को कम करने और अपनी भूमि की सेहत सुधारने के लिए किसानों ने ढेंचा की खेती में गहरी रुचि दिखाई है। कृषि विस्तार अधिकारी अभिलाष सूर्यवंशी ने कहा कि हरी खाद खेती की लागत घटाने का एक बेहद प्रभावी और टिकाऊ माध्यम है। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक जैविक एवं प्राकृतिक खेती की तकनीकों को अपनाने की अपील की है ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए भूमि की उर्वरता सुरक्षित बनी रहे।
बालाघाट जिले के विकासखंड बालाघाट के अंतर्गत आने वाले ग्राम टवेझरी में कृषि कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के प्रयासों से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। यहाँ के प्रगतिशील किसान विवेकानंद डोंगरे ने रासायनिक खेती का रास्ता छोड़कर हरी खाद आधारित प्राकृतिक खेती को अपनाया है। उन्होंने क्षेत्र के अन्य किसानों के सामने सफलता का एक प्रेरक उदाहरण पेश किया है। कृषि विस्तार अधिकारी अभिलाष सूर्यवंशी के मार्गदर्शन में विवेकानंद डोंगरे ने विभाग से सस्बेनिया रोस्ट्राटा (ढेंचा) के बीज प्राप्त कर अपने खेत में बोए थे। फसल में फूल आने से पहले ही उन्होंने रोटावेटर चलाकर ढेंचा को खेत की मिट्टी में मिला दिया और इसे हरी खाद के रूप में इस्तेमाल किया। इस तकनीक के कारण खेत की मिट्टी की उर्वरक क्षमता काफी बढ़ गई है और प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन की उपलब्धता में भी वृद्धि हुई है, जिससे मुख्य फसल की बुवाई के लिए खेत बेहद अच्छी तरह से तैयार हो गया है। विवेकानंद डोंगरे के खेत में दिखे इस सकारात्मक बदलाव के बाद अब टवेझरी गांव के दूसरे किसान भी इस पद्धति की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। रासायनिक उर्वरकों पर होने वाले खर्च को कम करने और अपनी भूमि की सेहत सुधारने के लिए किसानों ने ढेंचा की खेती में गहरी रुचि दिखाई है। कृषि विस्तार अधिकारी अभिलाष सूर्यवंशी ने कहा कि हरी खाद खेती की लागत घटाने का एक बेहद प्रभावी और टिकाऊ माध्यम है। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक जैविक एवं प्राकृतिक खेती की तकनीकों को अपनाने की अपील की है ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए भूमि की उर्वरता सुरक्षित बनी रहे।
- सिवनी जिले में लगातार मानसून सक्रिय बना हुआ है। भू-संसाधन प्रबंधन कार्यालय द्वारा जारी दैनिक वर्षा प्रतिवेदन के अनुसार, 1 जून से 20 जुलाई 2026 तक जिले में 355.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। वहीं, अकेले 20 जुलाई को जिले में 35.4 मिमी औसत वर्षा रिकॉर्ड की गई। 20 जुलाई को जिले की बरघाट तहसील में सर्वाधिक 80.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा लखनादौन में 59.4 मिमी, कुरई में 53.0 मिमी, सिवनी में 49.4 मिमी, छपारा में 25.3 मिमी, धनौरा में 13.5 मिमी तथा केवलारी में 2.2 मिमी वर्षा हुई, जबकि घंसौर में इस दिन कोई वर्षा नहीं हुई। संचयी वर्षा के आंकड़ों के मुताबिक, बरघाट 530.1 मिमी बारिश के साथ जिले में सबसे आगे बना हुआ है। इसके बाद सिवनी में 426.4 मिमी, लखनादौन में 406.4 मिमी, केवलारी में 381.2 मिमी, कुरई में 347.0 मिमी, छपारा में 296.4 मिमी, धनौरा में 254.0 मिमी तथा घंसौर में 204.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। अब तक जिले में कुल 2847.2 मिमी संचयी वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। तुलनात्मक रूप से देखें तो 20 जुलाई 2025 तक जिले में 608.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई थी, जो इस वर्ष की अब तक हुई वर्षा से अधिक है।1
- सिवनी के बंडोल (कलारबाकी) में 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान के दौरान क्षेत्र के थाना प्रभारी ने लोगों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। इस कार्यक्रम को लेकर नरेश उर्फ नीलू यादव सिवनी द्वारा जानकारी साझा की गई है।1
- मध्य प्रदेश के मंडला में पहली ही बारिश ने करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क की पोल खोलकर रख दी है। पहली बारिश होते ही यह नवनिर्मित सड़क पूरी तरह से खराब हो गई है, जिससे निर्माण कार्य में हुए भ्रष्टाचार की खुली पोल सबके सामने आ गई है। करोड़ों की भारी-भरकम राशि खर्च करने के बाद भी पहली ही बारिश में सड़क का इस तरह खराब होना इसमें हुए बड़े भ्रष्टाचार को साफ तौर पर उजागर करता है।1
- मंडला जिले के बिछिया थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध गांजे की खेती के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम चंदिया से 107 गांजे के पौधे जब्त किए हैं। मध्यप्रदेश शासन के "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने 68 वर्षीय आरोपी भंगी सिंह राजपूत को गिरफ्तार किया है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपी के घर के पीछे स्थित बाड़ी में दबिश देकर यह कार्रवाई की। तलाशी के दौरान खेत में गांजे के पौधे मिले, जिनके संबंध में आरोपी कोई भी वैध दस्तावेज या अनुमति प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस द्वारा जब्त किए गए गांजे के पौधों का कुल वजन लगभग 36 किलो 980 ग्राम है और बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की धारा 8/20 एवं 8(b)/20(a)(i) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। यह पूरी कार्रवाई मंडला पुलिस अधीक्षक राजेश रघुवंशी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवकुमार वर्मा और एसडीओपी बिछिया सौरव तिवारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक रंजीत सिंह सैयाम के नेतृत्व वाली पुलिस टीम द्वारा की गई। पुलिस का कहना है कि अवैध मादक पदार्थों के कारोबार और खेती के खिलाफ आगे भी ऐसी सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1
- सिवनी में स्कूल की छुट्टी के बाद सड़कों पर नाबालिगों द्वारा 'स्पीड का खेल' शुरू हो जाता है। यहाँ नाबालिग वाहनों पर तीन-तीन सवारियां बैठाकर तेजी से फर्राटे भर रहे हैं। इस खतरनाक लापरवाही के चलते क्षेत्र में गंभीर हादसे का खतरा काफी ज्यादा बढ़ गया है।1
- सिवनी में आयोजित समय-सीमा बैठक में कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं, जनसुनवाई, सीएम हेल्पलाइन, राजस्व प्रकरणों और विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने लंबित मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान स्वरोजगार योजनाओं, वनाधिकार अधिनियम, जल जीवन मिशन, मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना, प्राकृतिक खेती तथा विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने उपस्थित अधिकारियों को नियमित रूप से मैदानी भ्रमण करने, आपसी विभागीय समन्वय बनाए रखने और पात्र हितग्राहियों को समय पर योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने जर्जर शासकीय भवनों को जल्द से जल्द ध्वस्त करने के लिए भी निर्देशित किया। इस बैठक में जिला पंचायत सीईओ, अपर कलेक्टर, एसडीएम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।1
- पंडरिया विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत डोमनपुर में शासकीय राशि के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। यहाँ के सरपंच और सचिव पर सरकारी धन के गबन के गंभीर आरोप लगे हैं। ग्राम पंचायत में फैले इस भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें सीधे तौर पर सरपंच-सचिव को सरकारी राशि के गबन और दुरुपयोग का जिम्मेदार ठहराया गया है।1
- सिवनी में NH-44 पर गोभी से भरा एक तेज रफ्तार ट्रक पलट गया। इस हादसे के बाद ट्रक के ड्राइवर को गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है।1