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सिवनी में स्कूल की छुट्टी के बाद सड़कों पर नाबालिगों द्वारा 'स्पीड का खेल' शुरू हो जाता है। यहाँ नाबालिग वाहनों पर तीन-तीन सवारियां बैठाकर तेजी से फर्राटे भर रहे हैं। इस खतरनाक लापरवाही के चलते क्षेत्र में गंभीर हादसे का खतरा काफी ज्यादा बढ़ गया है।
BS News Network
सिवनी में स्कूल की छुट्टी के बाद सड़कों पर नाबालिगों द्वारा 'स्पीड का खेल' शुरू हो जाता है। यहाँ नाबालिग वाहनों पर तीन-तीन सवारियां बैठाकर तेजी से फर्राटे भर रहे हैं। इस खतरनाक लापरवाही के चलते क्षेत्र में गंभीर हादसे का खतरा काफी ज्यादा बढ़ गया है।
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- सिवनी जिले में लगातार मानसून सक्रिय बना हुआ है। भू-संसाधन प्रबंधन कार्यालय द्वारा जारी दैनिक वर्षा प्रतिवेदन के अनुसार, 1 जून से 20 जुलाई 2026 तक जिले में 355.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। वहीं, अकेले 20 जुलाई को जिले में 35.4 मिमी औसत वर्षा रिकॉर्ड की गई। 20 जुलाई को जिले की बरघाट तहसील में सर्वाधिक 80.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा लखनादौन में 59.4 मिमी, कुरई में 53.0 मिमी, सिवनी में 49.4 मिमी, छपारा में 25.3 मिमी, धनौरा में 13.5 मिमी तथा केवलारी में 2.2 मिमी वर्षा हुई, जबकि घंसौर में इस दिन कोई वर्षा नहीं हुई। संचयी वर्षा के आंकड़ों के मुताबिक, बरघाट 530.1 मिमी बारिश के साथ जिले में सबसे आगे बना हुआ है। इसके बाद सिवनी में 426.4 मिमी, लखनादौन में 406.4 मिमी, केवलारी में 381.2 मिमी, कुरई में 347.0 मिमी, छपारा में 296.4 मिमी, धनौरा में 254.0 मिमी तथा घंसौर में 204.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। अब तक जिले में कुल 2847.2 मिमी संचयी वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। तुलनात्मक रूप से देखें तो 20 जुलाई 2025 तक जिले में 608.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई थी, जो इस वर्ष की अब तक हुई वर्षा से अधिक है।1
- मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में पुलिस द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के लिए एक अनोखा अभियान चलाया जा रहा है। इस नवाचार के तहत पुलिस एआईबीए कार्टून और एनीमेशन का प्रयोग कर जनहित के संदेश लोगों तक पहुँचा रही है। विशेषकर बारिश के मौसम को देखते हुए कार्टून एनीमेशन के जरिए लोगों को सतर्कता और सावधानी बरतने का संदेश दिया जा रहा है, जिसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं। इसके साथ ही, खाद्य विभाग छिंदवाड़ा ने कई रिसोर्ट का औचक निरीक्षण किया है। इस कार्रवाई के दौरान रिसोर्ट में कई कमियां पाई गईं, जिसके चलते प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और जुर्माना भी लगाया गया है। विशेष रूप से दो रिसोर्ट में एक्सपायरी (तय तिथि से बाहर की) खाद्य सामग्री मिलने पर नोटिस जारी कर कार्रवाई की गई है। दूसरी तरफ, शासकीय स्कूलों के विद्यार्थी अभी भी स्कूल यूनिफॉर्म का इंतजार कर रहे हैं क्योंकि इस संबंध में अब तक शासन का कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। सरकारी स्कूलों में यूनिफॉर्म वितरण कार्यक्रम के तहत डायरेक्ट बेनिफिट प्रणाली के माध्यम से सीधे विद्यार्थियों के खातों में ड्रेस की रकम पहुँचाई जाती है। भीलवाड़ा जिले के अनुमानित आंकड़ों के अनुसार, करीब 1 लाख 28 हजार छात्राओं को अभी भी अपनी स्कूल यूनिफॉर्म मिलने का इंतजार है।3
- छिंदवाड़ा जिले के बिछुआ नगर में रविवार को जय भीम सामाजिक संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक सामुदायिक भवन में संपन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य बिछुआ नगर में डॉ. भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति स्थापित करने और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर विचार-विमर्श करना था। इसके साथ ही बैठक के दौरान संगठन के विभिन्न पदों पर नियुक्तियां भी की गईं। बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहब की मूर्ति स्थापना से समाज में जागरूकता बढ़ेगी और आने वाली पीढ़ी को उनके विचारों से प्रेरणा मिलेगी। इसके साथ ही संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने, सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अभियान चलाने और जरूरतमंदों की मदद करने का संकल्प लिया। बैठक में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से जिला प्रमुख शिवम पहाड़े, बिछुआ ब्लॉक महामंत्री दिनेश कोंचे, ब्लॉक अध्यक्ष शंकर चिलाटे और जिला सह सचिव हर्ष सातनकर सहित संगठन के कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।2
- छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत थाना माहुलझिर पुलिस द्वारा आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया गया है। पुलिस ने लोगों से अपील करते हुए संदेश दिया कि आइए, हम सभी मिलकर नशे को ना कहें और स्वस्थ, सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।1
- छिंदवाड़ा जिले के तामिया स्थित एकलव्य विद्यालय में छात्र-छात्राओं ने खाने की गुणवत्ता को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है। गुस्साए बच्चों ने स्कूल के सामने धरने पर बैठकर जमकर नारेबाजी की। बच्चों का आरोप है कि उन्हें जो खाना परोसा जा रहा है, वह बिल्कुल भी खाने लायक नहीं है। प्रदर्शन के दौरान मासूम बच्चे रोते हुए पूछ रहे थे कि "ऐसा खाना कौन खाएगा"। छात्रों ने बताया कि इस संबंध में पहले भी शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन उस पर कोई सुनवाई नहीं की गई। मासूम बच्चों की आंखों से बहते आंसू उनकी पीड़ा को बयां कर रहे थे। छात्रों की मांग है कि जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त सत्येंद्र मरकाम खुद मौके पर आएं और उनकी समस्या को सुनें। बच्चों ने स्पष्ट कह दिया है कि वे कलेक्टर से मुलाकात करने के बाद ही मानेंगे। इस मामले में स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले भर के आदिवासी अंचल इलाकों में स्थित आदिवासी छात्रावासों और एकलव्य विद्यालयों से खाने की गुणवत्ता को लेकर इस तरह की शिकायतें लगातार आ रही हैं और यह कोई पहली घटना नहीं है। फिलहाल, प्रशासन के अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच का आश्वासन दिया है।1
- सिवनी में स्कूल की छुट्टी के बाद सड़कों पर नाबालिगों द्वारा 'स्पीड का खेल' शुरू हो जाता है। यहाँ नाबालिग वाहनों पर तीन-तीन सवारियां बैठाकर तेजी से फर्राटे भर रहे हैं। इस खतरनाक लापरवाही के चलते क्षेत्र में गंभीर हादसे का खतरा काफी ज्यादा बढ़ गया है।1
- सिवनी में आयोजित समय-सीमा बैठक में कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं, जनसुनवाई, सीएम हेल्पलाइन, राजस्व प्रकरणों और विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने लंबित मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान स्वरोजगार योजनाओं, वनाधिकार अधिनियम, जल जीवन मिशन, मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना, प्राकृतिक खेती तथा विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने उपस्थित अधिकारियों को नियमित रूप से मैदानी भ्रमण करने, आपसी विभागीय समन्वय बनाए रखने और पात्र हितग्राहियों को समय पर योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने जर्जर शासकीय भवनों को जल्द से जल्द ध्वस्त करने के लिए भी निर्देशित किया। इस बैठक में जिला पंचायत सीईओ, अपर कलेक्टर, एसडीएम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।1
- छिंदवाड़ा में बहरिया कंसलटेंसी एंड सर्विस पिछले 5 वर्षों से युवाओं को रोजगार के कई बेहतरीन अवसर प्रदान कर रही है। संस्था के संचालक के अनुसार, युवाओं को मीडिया पत्रकारिता, डायरेक्ट सेलिंग और प्लांटेशन गो फाउंडेशन जैसे क्षेत्रों में काम करके अपनी आय बढ़ाने का सुनहरा मौका मिल रहा है। इसके अलावा, यहाँ सभी प्रकार के वाहन बीमा, हेल्थ इंश्योरेंस, जीवन बीमा, होम लोन, डायवर्सन और नगर निगम मंजूरी जैसी सुविधाएँ भी एक ही जगह उपलब्ध कराई जा रही हैं। लोग अधिक जानकारी के लिए व्हाट्सएप नंबर 6263470137 पर संपर्क कर सकते हैं। संस्थान युवाओं को आयुर्वेद, हेल्थ केयर, होम केयर और कृषि से जुड़े डायरेक्ट सेलिंग प्रोडक्ट्स के माध्यम से भी रोजगार से जोड़ रहा है, जो ग्राहकों को बाजार से कम दामों में मिलते हैं। इसके साथ ही, युवाओं को प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के विभिन्न न्यूज़ नेटवर्क चैनलों में काम करने का अवसर दिया जा रहा है, ताकि वे अपने आसपास की जनहित व मौलिक समस्याओं को सरकारी तंत्र और संबंधित विभागों तक पहुँचा सकें। डेहरिया कंसलटेंसी एंड सर्विस छिंदवाड़ा द्वारा युवाओं को लगातार सही मार्गदर्शन दिया जा रहा है।4
- बालाघाट के वारासिवनी में चंदन नदी में डूबे 11 वर्षीय बालक सूर्यांश देशमुख का शव सोमवार सुबह घटना स्थल से करीब 300 मीटर दूर नदी किनारे बरामद किया गया है। रविवार की शाम करीब 4 बजे वार्ड क्रमांक 13 निवासी सूर्यांश अपने दोस्तों पार्थ देशमुख, भानु देशमुख, अनोख देशमुख और साहिल के साथ वार्ड क्रमांक 14 की पुरानी सड़क स्थित चंदन नदी में नहाने गया था। नहाते समय गहराई और तेज बहाव की चपेट में आने से सूर्यांश नदी के बीच में जाकर डूब गया, जबकि उसके साथ मौजूद अन्य चारों दोस्तों ने एक-दूसरे का सहारा लेकर किसी तरह अपनी जान बचाई। बच्चों द्वारा परिजनों को घटना की जानकारी देर से दिए जाने के बाद पुलिस ने तत्काल ही एसडीआरएफ बालाघाट की टीम को मौके पर बुलाया था, लेकिन अंधेरा होने के कारण रविवार रात को रेस्क्यू अभियान रोकना पड़ा था। सोमवार सुबह करीब 6 बजे परिजनों और पड़ोसियों द्वारा दोबारा खोजबीन शुरू करने पर नदी किनारे सूर्यांश का शव दिखाई दिया, जिससे पूरे मोहल्ले में मातम पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि चंदन नदी में लगातार हो रहे रेत खनन के कारण कई स्थानों पर गहरे गड्ढे बन गए हैं, जो इस तरह की दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। आक्रोशित लोगों ने नदी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और अवैध रेत खनन पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उल्लेखनीय है कि लगभग एक वर्ष पूर्व भी वार्ड क्रमांक 12 के एक बालक की इसी नदी में डूबने से मौत हो गई थी, जिसका शव आज तक बरामद नहीं हो सका है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने नदी की सुरक्षा व्यवस्था और रेत खनन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1