गाजीपुर में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दुल्लहपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। थाना दुल्लहपुर पुलिस टीम ने 23 जून 2026 को एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है, जो मुकदमा संख्या 162/2026 में धारा 69 बीएनएस और 67(ए) आईटी एक्ट के तहत दर्ज मामले से संबंधित था। पुलिस के अनुसार, 23 जून 2026 को थानाध्यक्ष वागीश विक्रम सिंह अपनी टीम के साथ चौजा रेवरिया पुल पर संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान, दुल्लहपुर थाने में पंजीकृत मुकदमा संख्या 162/2026 से जुड़े वांछित अभियुक्त प्रदीप पाल को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान प्रदीप पाल पुत्र गुलाब चन्द पाल, निवासी ग्राम मसोन, थाना भांवरकोल, जनपद गाजीपुर, उम्र लगभग 22 वर्ष के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि अभियुक्त प्रदीप पाल के खिलाफ मुकदमा संख्या 162/2026 में धारा 69 बीएनएस एवं 67(ए) आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज है। गिरफ्तारी के बाद, अभियुक्त के विरुद्ध आवश्यक अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थानाध्यक्ष वागीश विक्रम सिंह और थाना दुल्लहपुर की पुलिस टीम शामिल थी।
गाजीपुर में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दुल्लहपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। थाना दुल्लहपुर पुलिस टीम ने 23 जून 2026 को एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है, जो मुकदमा संख्या 162/2026 में धारा 69 बीएनएस और 67(ए) आईटी एक्ट के तहत दर्ज मामले से संबंधित था। पुलिस के अनुसार, 23 जून 2026 को थानाध्यक्ष वागीश विक्रम सिंह अपनी टीम के साथ चौजा रेवरिया पुल पर संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान, दुल्लहपुर थाने में पंजीकृत मुकदमा संख्या 162/2026 से जुड़े वांछित अभियुक्त प्रदीप पाल को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान प्रदीप पाल पुत्र गुलाब चन्द पाल, निवासी ग्राम मसोन, थाना भांवरकोल, जनपद गाजीपुर, उम्र लगभग 22 वर्ष के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि अभियुक्त प्रदीप पाल के खिलाफ मुकदमा संख्या 162/2026 में धारा 69 बीएनएस एवं 67(ए) आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज है। गिरफ्तारी के बाद, अभियुक्त के विरुद्ध आवश्यक अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थानाध्यक्ष वागीश विक्रम सिंह और थाना दुल्लहपुर की पुलिस टीम शामिल थी।
- गाजीपुर में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दुल्लहपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। थाना दुल्लहपुर पुलिस टीम ने 23 जून 2026 को एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है, जो मुकदमा संख्या 162/2026 में धारा 69 बीएनएस और 67(ए) आईटी एक्ट के तहत दर्ज मामले से संबंधित था। पुलिस के अनुसार, 23 जून 2026 को थानाध्यक्ष वागीश विक्रम सिंह अपनी टीम के साथ चौजा रेवरिया पुल पर संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान, दुल्लहपुर थाने में पंजीकृत मुकदमा संख्या 162/2026 से जुड़े वांछित अभियुक्त प्रदीप पाल को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान प्रदीप पाल पुत्र गुलाब चन्द पाल, निवासी ग्राम मसोन, थाना भांवरकोल, जनपद गाजीपुर, उम्र लगभग 22 वर्ष के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि अभियुक्त प्रदीप पाल के खिलाफ मुकदमा संख्या 162/2026 में धारा 69 बीएनएस एवं 67(ए) आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज है। गिरफ्तारी के बाद, अभियुक्त के विरुद्ध आवश्यक अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थानाध्यक्ष वागीश विक्रम सिंह और थाना दुल्लहपुर की पुलिस टीम शामिल थी।1
- उत्तर प्रदेश की कुशवाहा मौर्य परिवार कल्याण समिति के तत्वावधान में 23 जून 2026, मंगलवार को गाजीपुर के कासिमाबाद स्थित फेमस मैरेज हॉल में एक भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, अभिभावकों, समाज के गणमान्य लोगों और समिति के पदाधिकारियों ने सहभागिता की। समारोह का शुभारंभ श्री चंद्रभान मौर्य द्वारा महामानव गौतम बुद्ध की वंदना के साथ हुआ। अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि पूर्व विधायक उमाशंकर कुशवाहा, जमानियां के ब्लॉक प्रमुख संतोष कुशवाहा, अपनी जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार भारती, जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह कुशवाहा, रेनू मौर्य, सीमा कुशवाहा, इंदु मेहता सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष कुशवाहा, कोषाध्यक्ष राधेश्याम कुशवाहा, जिलाध्यक्ष शिवजी वर्मा, संरक्षक वाल्मीकि कुशवाहा, कालिका कुशवाहा और अन्य सभी पदाधिकारी एवं सदस्य भी कार्यक्रम में सक्रिय रूप से मौजूद रहे। अपने प्रेरणादायक संबोधन में मुख्य अतिथि स्वामी प्रसाद मौर्य ने शिक्षा को व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के विकास का मार्ग प्रशस्त करने वाला माध्यम बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक शिक्षा ग्रहण करें, अनुशासन और परिश्रम को जीवन का आधार बनाएं, तथा समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनें। उन्होंने सभी मेधावी छात्र-छात्राओं को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। समारोह की अध्यक्षता समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष कुशवाहा ने की, वहीं जिला महासचिव रामध्यान कुशवाहा ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस दौरान मेधावी छात्र-छात्राओं को उनके शैक्षणिक उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया और उनकी सराहना की गई। उपस्थित लोगों ने ऐसे आयोजनों को समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता और प्रतिस्पर्धी भावना बढ़ाने वाला करार दिया। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, और आयोजकों ने अंत में सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।4
- आजमगढ़ के महूवारी गांव में एक बड़ा और अत्यंत जहरीला सांप एक बिल में फंस गया था, जिससे वह बाहर नहीं निकल पा रहा था। इसके बाद, लोगों ने फरसे की मदद से बिल को खोदकर सांप को सफलतापूर्वक बाहर निकाला। इस बचाव अभियान के बाद सांप की जान बचा ली गई और उसे सुरक्षित रूप से जिंदा छोड़ दिया गया। इस घटना से संबंधित वीडियो को ज्यादा से ज्यादा साझा करने का आग्रह किया जा रहा है।1
- yeh baat sun kar ruh kap jyega ga ap logo ka1
- उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रानीपुर थाना क्षेत्र के असलपुर और लरेवा गांवों में बुधवार को शराब के एक नए ठेके के विरोध में ग्रामीणों का भारी गुस्सा देखा गया। सैकड़ों की संख्या में स्थानीय महिलाओं और पुरुषों ने सड़क पर उतरकर निर्माणाधीन ठेके का काम रुकवा दिया। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वे गांव के भीतर और स्कूलों के पास किसी भी कीमत पर शराब की दुकान नहीं खुलने देंगे। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों, जिनमें सचिन चौहान, धर्मराज चौहान, जितेंद्र चौहान, अमरजीत चौहान, सत्यपाल चौहान और विपिन चौहान शामिल थे, ने बताया कि जिस स्थान पर शराब का ठेका खोला जा रहा है, उसके मात्र 100 मीटर के दायरे में दो प्राथमिक विद्यालय, एक उच्च प्राथमिक विद्यालय और एक पवित्र मंदिर स्थित हैं। ग्रामीणों ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी जगह पर शराब की दुकान खुलने से बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर बेहद नकारात्मक असर पड़ेगा। साथ ही, यह गांव की महिलाओं और स्कूल आने-जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा बन जाएगा। विरोध प्रदर्शन में शामिल महिलाओं, जिनमें सरिता चौहान, प्रेमा देवी, सुशीला, अंजनी, गीता, अनीता, कौशिल्या और रीता चौहान थीं, ने प्रशासन के रवैये पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने जानकारी दी कि इस समस्या को लेकर पहले भी जिलाधिकारी (डीएम) को एक लिखित ज्ञापन सौंपा गया था, जिसमें ठेके को निरस्त करने या उसे किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की गई थी। हालांकि, प्रशासनिक आश्वासन के बावजूद, बुधवार को ठेके वाले स्थान पर चोरी-छिपे फिर से काम शुरू करा दिया गया। जैसे ही ग्रामीणों को इसकी भनक लगी, भारी संख्या में पुरुष और महिलाएं मौके पर इकट्ठा हो गए और एकजुट होकर चल रहे निर्माण कार्य को तत्काल बंद करवा दिया। सिकन्दर चौहान और सतीश कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं और शराब के ठेके को वहां से नहीं हटाया गया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। ग्रामीणों ने दृढ़ता से कहा कि अपनी बहू-बेटियों के सम्मान और बच्चों के उज्जवल भविष्य की रक्षा के लिए वे बहुत जल्द एक बड़े आंदोलन के साथ भूख हड़ताल पर बैठने को विवश होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।2
- बृजभूषण शरण सिंह ने बिहार में हुए भारत तिवारी एनकाउंटर को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना के संदर्भ में मौजूदा न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि आजकल एक न्याय सिस्टम शुरू हुआ है, जिसमें 'मार दो' का सिद्धांत अपनाया जा रहा है, और यह सरासर गलत है।2
- आजमगढ़ के जिलाधिकारी द्वारा जारी निर्देशों के क्रम में और मुख्य अग्निशमन अधिकारी के निर्देशन में जनपद में एक विशेष अग्नि सुरक्षा जागरूकता एवं निरीक्षण अभियान चलाया गया। यह पहल 22 जून 2026 को जनपद लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुई दुखद अग्निकांड की घटना को देखते हुए की गई। इस अभियान के तहत, आजमगढ़ जनपद के विभिन्न कोचिंग संस्थानों, कंप्यूटर सेंटरों, पुस्तकालयों और अन्य शिक्षण संस्थानों का सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान, संस्थानों में उपलब्ध अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया, जिसमें अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और उनकी कार्यशीलता, आपातकालीन निकास मार्ग, विद्युत वायरिंग की सुरक्षा, फायर एनओसी की वैधता तथा आपदा की स्थिति में सुरक्षित निकासी संबंधी व्यवस्थाएं शामिल थीं। जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं नहीं मिलीं, उन्हें तत्काल आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि शैक्षणिक संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य रूप से होना चाहिए ताकि किसी भी आपात स्थिति में जनहानि की संभावना को कम से कम किया जा सके। अभियान के दौरान संस्थान संचालकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं को अग्नि दुर्घटनाओं से बचाव, विद्युत सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित निकासी के उपायों की जानकारी भी दी गई। साथ ही, अग्निशमन विभाग द्वारा जागरूकता संदेश देते हुए सभी संस्थानों से नियमित सुरक्षा जांच और उपकरणों के रखरखाव पर विशेष ध्यान देने की अपील की गई।3
- गाजीपुर से अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने भगवान राम मंदिर से करोड़ों रुपये की धन-संपत्ति, सोना और चांदी चोरी होने की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत गंभीर मामला बताते हुए मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि जब मंदिरों की सुरक्षा के लिए बनाई गई व्यवस्थाएं ही विफल हो जाएं, तो जिम्मेदारी तय करने की मांग स्वाभाविक है। उन्होंने प्रश्न किया कि यदि इतनी महत्वपूर्ण धार्मिक संपत्ति सुरक्षित नहीं रह पा रही है, तो सुरक्षा प्रबंधन की जवाबदेही किसकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धार्मिक आस्था प्रत्येक व्यक्ति का निजी विषय है, लेकिन मंदिरों, मठों और अन्य धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन तथा संबंधित प्रबंधन संस्थाओं का दायित्व है। उनके अनुसार, ऐसी घटनाएं सुरक्षा तंत्र की कमजोरियों को उजागर करती हैं और इनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने मांग की है कि चोरी की घटना की गहन और पारदर्शी जांच कराई जाए तथा दोषियों की जल्द पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। मौर्य ने यह भी कहा कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। उनके अनुसार, जनता की आस्था से जुड़े स्थलों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और प्रशासन को इस मामले में पूरी गंभीरता तथा पारदर्शिता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए।1