इस समय सोमवार और मलमास का एक विशेष संयोग बना है, जिसे भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का अत्यंत शुभ अवसर माना जा रहा है। सोमवार का दिन भोलेनाथ को समर्पित होता है, और मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और दर्शन करने से चंद्र दोष समाप्त होता है तथा मन को शांति मिलती है। वहीं, मलमास, जिसे पुरुषोत्तम मास या अधिकमास भी कहते हैं, हर तीन साल में एक बार आता है। इस पूरे महीने में किए गए जप, दान और दर्शन का फल सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक प्राप्त होता है। इस मास के स्वामी स्वयं भगवान विष्णु होते हैं, और यह मास भगवान शिव को भी विशेष रूप से प्रिय है। प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में, यानी सुबह 4 से 6 बजे के बीच, मंदिर में शिवलिंग पर सबसे पहले जल चढ़ाने को 'प्रातः बेला का वरदान' कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस समय भगवान भोलेनाथ अत्यंत शीघ्र प्रसन्न होते हैं, और बिना किसी आडंबर के, केवल 'ॐ नमः शिवाय' के जाप मात्र से भी उनकी कृपा बरस जाती है। इस पावन और शुभ अवसर पर कुछ विशेष कार्य करने की सलाह दी गई है। इसमें जल में काले तिल और बेलपत्र मिलाकर अर्पित करना, 108 बार 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करना, और गरीब व जरूरतमंदों को भोजन या अन्न दान करना शामिल है। बताया गया है कि मलमास के दौरान किया गया अन्न दान अक्षय पुण्य प्रदान करता है।
इस समय सोमवार और मलमास का एक विशेष संयोग बना है, जिसे भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का अत्यंत शुभ अवसर माना जा रहा है। सोमवार का दिन भोलेनाथ को समर्पित होता है, और मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और दर्शन करने से चंद्र दोष समाप्त होता है तथा मन को शांति मिलती है। वहीं, मलमास, जिसे पुरुषोत्तम मास या अधिकमास भी कहते हैं, हर तीन साल में एक बार आता है। इस पूरे महीने में किए गए जप, दान और दर्शन का फल सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक प्राप्त होता है। इस मास के स्वामी स्वयं भगवान विष्णु होते हैं, और यह मास भगवान शिव को भी विशेष रूप से प्रिय है। प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में, यानी सुबह 4 से 6 बजे के बीच, मंदिर में शिवलिंग पर सबसे पहले जल चढ़ाने को 'प्रातः बेला का वरदान' कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस समय भगवान भोलेनाथ अत्यंत शीघ्र प्रसन्न होते हैं, और बिना किसी आडंबर के, केवल 'ॐ नमः शिवाय' के जाप मात्र से भी उनकी कृपा बरस जाती है। इस पावन और शुभ अवसर पर कुछ विशेष कार्य करने की सलाह दी गई है। इसमें जल में काले तिल और बेलपत्र मिलाकर अर्पित करना, 108 बार 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करना, और गरीब व जरूरतमंदों को भोजन या अन्न दान करना शामिल है। बताया गया है कि मलमास के दौरान किया गया अन्न दान अक्षय पुण्य प्रदान करता है।
- इस समय सोमवार और मलमास का एक विशेष संयोग बना है, जिसे भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का अत्यंत शुभ अवसर माना जा रहा है। सोमवार का दिन भोलेनाथ को समर्पित होता है, और मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और दर्शन करने से चंद्र दोष समाप्त होता है तथा मन को शांति मिलती है। वहीं, मलमास, जिसे पुरुषोत्तम मास या अधिकमास भी कहते हैं, हर तीन साल में एक बार आता है। इस पूरे महीने में किए गए जप, दान और दर्शन का फल सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक प्राप्त होता है। इस मास के स्वामी स्वयं भगवान विष्णु होते हैं, और यह मास भगवान शिव को भी विशेष रूप से प्रिय है। प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में, यानी सुबह 4 से 6 बजे के बीच, मंदिर में शिवलिंग पर सबसे पहले जल चढ़ाने को 'प्रातः बेला का वरदान' कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस समय भगवान भोलेनाथ अत्यंत शीघ्र प्रसन्न होते हैं, और बिना किसी आडंबर के, केवल 'ॐ नमः शिवाय' के जाप मात्र से भी उनकी कृपा बरस जाती है। इस पावन और शुभ अवसर पर कुछ विशेष कार्य करने की सलाह दी गई है। इसमें जल में काले तिल और बेलपत्र मिलाकर अर्पित करना, 108 बार 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करना, और गरीब व जरूरतमंदों को भोजन या अन्न दान करना शामिल है। बताया गया है कि मलमास के दौरान किया गया अन्न दान अक्षय पुण्य प्रदान करता है।1
- सतना शहर में चोरी की एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है, जिसने पुलिस के साथ-साथ शहरवासियों को भी हैरान कर दिया है। खेरमाई रोड स्थित बिहारी ट्रेडर्स के एसी-कूलर के एक गोदाम में चोरी करने पहुंचे बदमाशों में से एक आरोपित वारदात के दौरान ही गहरी नींद में सो गया। सुबह जब गोदाम मालिक दुकान खोलने पहुंचे, तो चोर को अंदर आराम से सोता देख वे भी हैरान रह गए। जानकारी के मुताबिक, चोरों ने रविवार रात को खेरमाई रोड स्थित इस गोदाम को निशाना बनाया। बदमाश छत के रास्ते अंदर दाखिल हुए और एसी के आउटडोर यूनिट को क्षतिग्रस्त कर गोदाम में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने टीवी, एसी, कूलर समेत अन्य कीमती सामान चोरी कर लाखों रुपये का माल समेट लिया। इस चोरी के घटनाक्रम के दौरान एक आरोपित थकान की वजह से गोदाम के फर्श पर ही सो गया, जबकि उसके साथी चोरी का सामान लेकर मौके से फरार हो गए। गोदाम मालिक ने सुबह जब चोर को सोता हुआ पाया, तो उन्होंने उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। इस तरह, चोरी करने घुसे बदमाश का खेल उसकी नींद ने बिगाड़ दिया।1
- रीवा संभाग अंतर्गत सीधी जिले के पैपखरा गांव से अवैध ब्लास्टिंग और खनन का एक बड़ा मामला सामने आया है। ग्रामीणों द्वारा बनाए गए वीडियो में साफ दिख रहा है कि विजय शर्मा और उनके पुत्रों द्वारा अवैध रूप से खदान चलाई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, एक क्रेशर का रजिस्ट्रेशन कराकर दो-दो क्रेशर संचालित किए जा रहे हैं और अवैध रूप से निर्धारित नियम से अधिक ब्लास्टिंग तथा खुदाई करवाई जा रही है। इन अवैध गतिविधियों में नियमों की अनदेखी करते हुए तय सीमा से अधिक ब्लास्टिंग और खुदाई करवाई जा रही है। खास बात यह है कि जहां ब्लास्टिंग होती है, वहां से महज 500 मीटर के दायरे में ही गांव बसा हुआ है, जिससे ग्रामीणों को आए दिन 'मौत का तांडव' झेलना पड़ रहा है। फर्म का नाम 'बालाजी स्टोन क्रेशर' बताया गया है, जिसके मालिक विजय शर्मा और उनके पुत्र हैं। ग्रामीणों को धमकाया भी जाता है, जिसमें कहा जाता है कि शिकायत करने वाले का खैर नहीं, जिससे वहां के लोग सदमे में दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में यह भी स्पष्ट है कि विजय शर्मा और उनके बालक बेखौफ होकर यह अवैध कार्य कर रहे हैं, जैसे उन्हें शासन-प्रशासन का कोई डर न हो। सूत्रों ने यह भी बताया कि विजय शर्मा और उनके बालक गन और पिस्टल लेकर चलते हैं। गंभीर आरोप यह भी है कि सीधी कलेक्टर ने इनकी जांच किए बिना ही तुरंत लाइसेंस जारी कर दिए हैं, जबकि कई लोग बरसों से लाइसेंस का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उनका लाइसेंस नहीं बन पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सीधी कलेक्टर द्वारा ऐसे व्यक्तियों को तुरंत लाइसेंस दिए जा रहे हैं जो 'फर्जी तरीके से काम कर रहे हैं'।1
- रीवा जिला चिकित्सालय बिछिया अस्पताल में पार्किंग को लेकर खुलेआम भ्रष्टाचार चलने का आरोप सामने आया है। सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, एक व्यक्ति अपने पिताजी को लेकर अस्पताल गए थे और उन्होंने अपनी गाड़ी अस्पताल के गेट के बाहर खड़ी कर दी थी। पानी की बोतल लेने के लिए वह 20 मिनट के लिए गए और वापस लौटे तो पाया कि उनकी गाड़ी को जंजीर से बांधा गया है। पूछने पर, पार्किंग कर्मी ने बताया कि उसने सिविल सर्जन के आदेश पर गाड़ी को जंजीर से बांधा है। कर्मचारी के मुताबिक, सिविल सर्जन का निर्देश है कि अस्पताल के गेट के बाहर खड़ी गाड़ियों में सकरी लगाई जाए और ₹20 का पार्किंग शुल्क वसूला जाए। साथ ही, किसी भी सवाल पर सिविल सर्जन का नाम लेने का निर्देश भी दिया गया है। मौके पर न तो कोई रेट सूची लगी है और न ही कोई नोटिस प्रदर्शित किया गया है। वहीं, जो पावती दी जा रही है उसमें साइकिल के लिए ₹2, मोटरसाइकिल के लिए ₹5 और बड़े वाहनों के लिए ₹10 का शुल्क दर्ज है, जो वसूले जा रहे ₹20 से भिन्न है। इस मामले को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि जब जनता अपने इलाज के लिए सरकारी अस्पताल आती है, क्योंकि उनके पास निजी अस्पताल में इलाज कराने के लिए पैसे नहीं होते, ऐसे में पार्किंग के नाम पर यह वसूली अनुचित है। यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब जनता के 'रक्षक ही भक्षक' बन जाएं। शासन-प्रशासन से इस भ्रष्टाचार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है।1
- साइकिल दिवस के अवसर पर सतना में एक साइकिल रैली का आयोजन किया गया। यह रैली वेंकटेश मंदिर से शुरू होकर कलेक्ट्रेट होते हुए वापस वेंकटेश मंदिर पर ही समाप्त हुई। इस साइकिल रैली में रामपुर बाघेलान विधायक के कांग्रेस पार्टी प्रत्याशी रामशंकर पयासी भी सम्मिलित हुए।1
- पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा, लखनऊ के दिनांक 03 जून 2026 के आदेश के अनुपालन में, साथ ही जिलाधिकारी चित्रकूट और पुलिस अधीक्षक चित्रकूट के निर्देशन में, जनपद में अग्नि सुरक्षा, बचाव और जागरूकता को लेकर एक विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत, आज दिनांक 07 जून 2026 को जनपद चित्रकूट के विभिन्न होटलों का सघन निरीक्षण किया गया। प्रभारी अग्निशमन अधिकारी चित्रकूट, श्री पवन कुमार त्यागी ने व्यक्तिगत रूप से इन होटलों का निरीक्षण किया। उन्होंने अग्नि सुरक्षा उपकरणों के रख-रखाव की स्थिति, आग के खतरों को कम करने के उपायों और किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित पलायन सुनिश्चित करने के दृष्टिकोण से व्यापक जाँच की। इस दौरान, होटल में कार्यरत कर्मचारियों के लिए अग्निशमन प्रशिक्षण और मॉकड्रिल का भी आयोजन किया गया, और उन्हें अग्नि सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। जिन प्रमुख होटलों का निरीक्षण किया गया उनमें अग्रोहा होटल (चित्रागोकुल रोड, सीतापुर), जैपुरिया स्मृति भवन (सीतापुर), ख्याति भवन (रामघाट रोड, सीतापुर), श्री रामाचार्यइन (रामघाट रोड, सीतापुर) और श्री भागवत् धाम (रामघाट रोड, सीतापुर) शामिल हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी श्री यदूनाथ सिंह ने इस संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल फलोरिश में लगी भयानक आग की घटना को ध्यान में रखते हुए चलाया गया है।1
- सतना जिले में पुरानी आबकारी पार्क से अतिक्रमण हटाने के लिए आज प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की। तीन दिन का समय दिए जाने के बावजूद भी अतिक्रमण खाली नहीं किया गया था, जिसके बाद एसडीएम स्वयं मौके पर मौजूद रहे और यह कार्रवाई की गई। अतिक्रमण हटाने की इस मुहिम के दौरान सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह चौहान, टीआई राघवेंद्र द्विवेदी और नगर निगम का अमला भी मौके पर उपस्थित रहा।1
- धूमा पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है, जिसके तहत उन्होंने चोरी हुए एक ट्रक और एक ड्रिलिंग मशीन को मात्र 24 घंटे के भीतर बरामद कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और दक्षता को दर्शाती है।1