पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा, लखनऊ के दिनांक 03 जून 2026 के आदेश के अनुपालन में, साथ ही जिलाधिकारी चित्रकूट और पुलिस अधीक्षक चित्रकूट के निर्देशन में, जनपद में अग्नि सुरक्षा, बचाव और जागरूकता को लेकर एक विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत, आज दिनांक 07 जून 2026 को जनपद चित्रकूट के विभिन्न होटलों का सघन निरीक्षण किया गया। प्रभारी अग्निशमन अधिकारी चित्रकूट, श्री पवन कुमार त्यागी ने व्यक्तिगत रूप से इन होटलों का निरीक्षण किया। उन्होंने अग्नि सुरक्षा उपकरणों के रख-रखाव की स्थिति, आग के खतरों को कम करने के उपायों और किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित पलायन सुनिश्चित करने के दृष्टिकोण से व्यापक जाँच की। इस दौरान, होटल में कार्यरत कर्मचारियों के लिए अग्निशमन प्रशिक्षण और मॉकड्रिल का भी आयोजन किया गया, और उन्हें अग्नि सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। जिन प्रमुख होटलों का निरीक्षण किया गया उनमें अग्रोहा होटल (चित्रागोकुल रोड, सीतापुर), जैपुरिया स्मृति भवन (सीतापुर), ख्याति भवन (रामघाट रोड, सीतापुर), श्री रामाचार्यइन (रामघाट रोड, सीतापुर) और श्री भागवत् धाम (रामघाट रोड, सीतापुर) शामिल हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी श्री यदूनाथ सिंह ने इस संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल फलोरिश में लगी भयानक आग की घटना को ध्यान में रखते हुए चलाया गया है।
पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा, लखनऊ के दिनांक 03 जून 2026 के आदेश के अनुपालन में, साथ ही जिलाधिकारी चित्रकूट और पुलिस अधीक्षक चित्रकूट के निर्देशन में, जनपद में अग्नि सुरक्षा, बचाव और जागरूकता को लेकर एक विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत, आज दिनांक 07 जून 2026 को जनपद चित्रकूट के विभिन्न होटलों का सघन निरीक्षण किया गया। प्रभारी अग्निशमन अधिकारी चित्रकूट, श्री पवन कुमार त्यागी ने व्यक्तिगत रूप से इन होटलों का निरीक्षण किया। उन्होंने अग्नि सुरक्षा उपकरणों के रख-रखाव की स्थिति, आग के खतरों को कम करने के उपायों और किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित पलायन सुनिश्चित करने के दृष्टिकोण से व्यापक जाँच की। इस दौरान, होटल में कार्यरत कर्मचारियों के लिए अग्निशमन प्रशिक्षण और मॉकड्रिल का भी आयोजन किया गया, और उन्हें अग्नि सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। जिन प्रमुख होटलों का निरीक्षण किया गया उनमें अग्रोहा होटल (चित्रागोकुल रोड, सीतापुर), जैपुरिया स्मृति भवन (सीतापुर), ख्याति भवन (रामघाट रोड, सीतापुर), श्री रामाचार्यइन (रामघाट रोड, सीतापुर) और श्री भागवत् धाम (रामघाट रोड, सीतापुर) शामिल हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी श्री यदूनाथ सिंह ने इस संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल फलोरिश में लगी भयानक आग की घटना को ध्यान में रखते हुए चलाया गया है।
- पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा, लखनऊ के दिनांक 03 जून 2026 के आदेश के अनुपालन में, साथ ही जिलाधिकारी चित्रकूट और पुलिस अधीक्षक चित्रकूट के निर्देशन में, जनपद में अग्नि सुरक्षा, बचाव और जागरूकता को लेकर एक विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत, आज दिनांक 07 जून 2026 को जनपद चित्रकूट के विभिन्न होटलों का सघन निरीक्षण किया गया। प्रभारी अग्निशमन अधिकारी चित्रकूट, श्री पवन कुमार त्यागी ने व्यक्तिगत रूप से इन होटलों का निरीक्षण किया। उन्होंने अग्नि सुरक्षा उपकरणों के रख-रखाव की स्थिति, आग के खतरों को कम करने के उपायों और किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित पलायन सुनिश्चित करने के दृष्टिकोण से व्यापक जाँच की। इस दौरान, होटल में कार्यरत कर्मचारियों के लिए अग्निशमन प्रशिक्षण और मॉकड्रिल का भी आयोजन किया गया, और उन्हें अग्नि सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। जिन प्रमुख होटलों का निरीक्षण किया गया उनमें अग्रोहा होटल (चित्रागोकुल रोड, सीतापुर), जैपुरिया स्मृति भवन (सीतापुर), ख्याति भवन (रामघाट रोड, सीतापुर), श्री रामाचार्यइन (रामघाट रोड, सीतापुर) और श्री भागवत् धाम (रामघाट रोड, सीतापुर) शामिल हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी श्री यदूनाथ सिंह ने इस संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल फलोरिश में लगी भयानक आग की घटना को ध्यान में रखते हुए चलाया गया है।1
- चित्रकूट की चैना देवी ने पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह से गुहार लगाई है, जिसमें उन्होंने अपने ससुराल पक्ष पर लगातार मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि उसे और उसके पति चंदन सिंह को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, तथा उसके भाई महेश को भी धमकियां दी जा रही हैं। पीड़िता को उसके संबंधित हक से भी वंचित रखा जा रहा है। चैना देवी के अनुसार, 25 जनवरी 2026 को आरोपी चंद्र पाल, बाबूलाल और रामकरण ने फाटापुरवा थाना भरतकूप के पास रोड पर उनके साथ मारपीट की थी और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी थी, जिसका एक वीडियो भी पीड़िता के पास मौजूद है। आरोप है कि पति चंदन सिंह के साथ भी आरोपियों ने घर में घुसकर मारपीट की थी, जिसके कारण वह दस साल से परदेश में रह रहे हैं और पीड़िता अकेले रहती है। साजिश के तहत, आरोपी चक्रपाल, बाबूलाल, सुनील, रामकरण और रामराज पीड़िता को इतना परेशान कर रहे हैं कि वह मानसिक रूप से अत्यधिक पीड़ित है और आत्महत्या जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। पीड़िता ने यह भी बताया कि 31 अगस्त 2025 को आरोपियों ने उनके पति के साथ और 25 फरवरी 2026 को उनके साथ मारपीट व गाली-गलौज की थी, जिसकी शिकायत दर्ज कराने पर पुलिस थाने में बुलाकर जबरदस्ती दबाव में सुलहनामा करवा दिया गया। इस घटना के बाद से आरोपियों के हौसले और बुलंद हो गए हैं। चैना देवी ने पुलिस अधीक्षक से अपील की है कि उनके मामले में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराई जाए और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।4
- लालापुर पुल पर एक भयावह घटना सामने आई है, जहाँ एक बेकाबू ट्रक फिल्मी अंदाज में पलट गया। इस हादसे में एक बोलेरो वाहन बाल-बाल बच गया, जिसने सचमुच मौत को मात दे दी।2
- सतना जिले के सभापुर थाना क्षेत्र के कटरा टोला में संदिग्ध गतिविधियों को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। हाल ही में, आधी रात करीब 12:50 बजे एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा एक घर का दरवाजा खोलने की कोशिश की गई, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से लगातार संदिग्ध लोग क्षेत्र में घूम रहे हैं, जिस कारण महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस घटना ने कई अनुत्तरित प्रश्न खड़े कर दिए हैं: आखिर ये संदिग्ध व्यक्ति कौन हैं, क्या किसी बड़ी वारदात की तैयारी चल रही है, या यह केवल एक अफवाह है?1
- धवारी, सतना में अनियमित विद्युत कटौती ने स्थानीय जनता को भारी परेशानी में डाल दिया है। लगातार शिकायतों के बावजूद बिजली कटौती की स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिससे शहरवासी परेशान हैं। जनता का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना के हो रही ये कटौतियाँ भ्रष्टाचार के कारण व्यवस्था के पूरी तरह से चरमरा जाने का परिणाम हैं। साथ ही, यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या प्रदेश के कर्ज में चलने की वजह से ऐसे हालात उत्पन्न हुए हैं। भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने इन सभी मामलों की गहन जांच की मांग की है।1
- बांधवगढ़ नेशनल पार्क में सतना के एक युवा वन्यप्राणी प्रेमी और फोटोग्राफर द्वारा कैमरे में कैद किया गया एक दुर्लभ नजारा पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों के बीच काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। बांधवगढ़ नेशनल पार्क अपनी घनी बाघ आबादी और अद्भुत वन्यजीवन के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है, जहाँ अक्सर कुछ ऐसे दुर्लभ क्षण देखने को मिलते हैं जो किसी भी फोटोग्राफर के लिए जीवनभर की पूंजी बन जाते हैं। सतना के इस युवा ने बांधवगढ़ में कैमरे में कैद करके ऐसा ही एक बेहद खास और जीवनभर का सबसे दुर्लभ पल दर्ज किया है।1
- इस समय सोमवार और मलमास का एक विशेष संयोग बना है, जिसे भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का अत्यंत शुभ अवसर माना जा रहा है। सोमवार का दिन भोलेनाथ को समर्पित होता है, और मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और दर्शन करने से चंद्र दोष समाप्त होता है तथा मन को शांति मिलती है। वहीं, मलमास, जिसे पुरुषोत्तम मास या अधिकमास भी कहते हैं, हर तीन साल में एक बार आता है। इस पूरे महीने में किए गए जप, दान और दर्शन का फल सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक प्राप्त होता है। इस मास के स्वामी स्वयं भगवान विष्णु होते हैं, और यह मास भगवान शिव को भी विशेष रूप से प्रिय है। प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में, यानी सुबह 4 से 6 बजे के बीच, मंदिर में शिवलिंग पर सबसे पहले जल चढ़ाने को 'प्रातः बेला का वरदान' कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस समय भगवान भोलेनाथ अत्यंत शीघ्र प्रसन्न होते हैं, और बिना किसी आडंबर के, केवल 'ॐ नमः शिवाय' के जाप मात्र से भी उनकी कृपा बरस जाती है। इस पावन और शुभ अवसर पर कुछ विशेष कार्य करने की सलाह दी गई है। इसमें जल में काले तिल और बेलपत्र मिलाकर अर्पित करना, 108 बार 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करना, और गरीब व जरूरतमंदों को भोजन या अन्न दान करना शामिल है। बताया गया है कि मलमास के दौरान किया गया अन्न दान अक्षय पुण्य प्रदान करता है।1
- चित्रकूट जनपद में दिनांक 07 जून 2026 को होटलों में अग्निशमन सुरक्षा, बचाव और जागरूकता को लेकर एक विशेष अभियान चलाया गया। यह अभियान उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा लखनऊ के पुलिस महानिदेशक के दिनांक 03 जून 2026 के आदेशों के अनुपालन में तथा जिलाधिकारी चित्रकूट व पुलिस अधीक्षक चित्रकूट के निर्देशों के तहत आयोजित किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य हाल ही में देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल फलोरिश में लगी भयानक आग जैसी घटनाओं के दृष्टिगत अग्नि सुरक्षा सुनिश्चित करना था, जैसा कि मुख्य अग्निशमन अधिकारी श्री यदूनाथ सिंह ने बताया। अभियान के तहत, प्रभारी अग्निशमन अधिकारी चित्रकूट श्री पवन कुमार त्यागी ने जनपद के विभिन्न होटलों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान अग्निसुरक्षा उपकरणों के रख-रखाव, आग के खतरों को कम करने के उपायों तथा किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित पलायन के तरीकों पर विशेष ध्यान दिया गया। निरीक्षण किए गए होटलों में सीतापुर स्थित अग्रोहा होटल (चित्रागोकुल रोड), जैपुरिया स्मृति भवन, ख्याति भवन (रामघाट रोड), श्री रामाचार्यइन (रामघाट रोड) और श्री भागवत् धाम (रामघाट रोड) शामिल हैं। निरीक्षण के साथ-साथ, इन होटलों के कार्यरत कर्मचारियों के लिए अग्निशमन प्रशिक्षण और मॉकड्रिल का भी आयोजन किया गया, जिसमें उन्हें अग्नि सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।1