सरकार विकास और बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन सामने आया यह वीडियो जमीनी हकीकत को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। सरकार विकास और बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन सामने आया यह वीडियो जमीनी हकीकत को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। वीडियो में एक बस स्टैंड का परिसर बेहद खराब और उपेक्षित स्थिति में दिखाई दे रहा है। आसपास घास-फूस और गंदगी नजर आ रही है, जबकि परिसर की दीवारों की हालत भी खराब दिखाई देती है। हालात ऐसे नजर आते हैं कि कुछ लोग खुद सफाई करते और परिसर को सुधारने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में दिख रही तस्वीरें यह सवाल जरूर खड़ा करती हैं कि जब सार्वजनिक सुविधाओं के विकास और रखरखाव को लेकर लगातार दावे किए जाते हैं, तो जमीन पर इन व्यवस्थाओं की नियमित देखरेख कितनी हो रही है? स्थानीय स्तर पर सफाई, रखरखाव और सार्वजनिक सुविधाओं की स्थिति को लेकर जिम्मेदार विभाग से जवाब और आवश्यक कार्रवाई की अपेक्षा की जा सकती है। दावे अपनी जगह हैं, लेकिन जमीनी तस्वीर भी सामने आनी चाहिए—आखिर इस बदहाल बस स्टैंड की जिम्मेदारी किसकी है?
सरकार विकास और बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन सामने आया यह वीडियो जमीनी हकीकत को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। सरकार विकास और बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन सामने आया यह वीडियो जमीनी हकीकत को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। वीडियो में एक बस स्टैंड का परिसर बेहद खराब और उपेक्षित स्थिति में दिखाई दे रहा है। आसपास घास-फूस और गंदगी नजर आ रही है, जबकि परिसर की दीवारों की हालत भी खराब दिखाई देती है। हालात ऐसे नजर आते हैं कि कुछ लोग खुद सफाई करते और परिसर को सुधारने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में दिख रही तस्वीरें यह सवाल जरूर खड़ा करती हैं कि जब सार्वजनिक सुविधाओं के विकास और रखरखाव को लेकर लगातार दावे किए जाते हैं, तो जमीन पर इन व्यवस्थाओं की नियमित देखरेख कितनी हो रही है? स्थानीय स्तर पर सफाई, रखरखाव और सार्वजनिक सुविधाओं की स्थिति को लेकर जिम्मेदार विभाग से जवाब और आवश्यक कार्रवाई की अपेक्षा की जा सकती है। दावे अपनी जगह हैं, लेकिन जमीनी तस्वीर भी सामने आनी चाहिए—आखिर इस बदहाल बस स्टैंड की जिम्मेदारी किसकी है?
- यूपी पुलिस ने उन्नाव में तमंचा रखे युवक को लाइव वीडियो बनाक यूपी पुलिस ने उन्नाव में तमंचा रखे युवक को लाइव वीडियो बनाकर पकड़ा है। गंगा आरती स्थल के पास खड़ा हुआ था। तलाशी ली तो तमंचा और जिंदा कारतूस मिला। युवक जेल में है। वीडियो में 12वें सेकंड पर तमंचा दरोगा के हाथ में आ गया था लेकिन 2 सेकंड बाद ही आरोपी के हाथ में वापस दे दिया था।1
- ‼️उन्नाव में लोक अदालत का बड़ा असर! 99,078 वादों का निस्तारण, 52 जोड़ों ने सुलह से खत्म की कानूनी जंग।‼️ ➡️उन्नाव में राष्ट्रीय लोक अदालत का बड़ा असर! करीब 99 हजार 78 वादों का निस्तारण हुआ। 52 दंपतियों ने सुलह कर दोबारा साथ रहने का फैसला किया। चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के विधि छात्र-छात्राओं ने भी सहभागिता की। न्यायालय ने इसे समाधान की दिशा में अहम पहल बताया।... ‼️स्वागत जिंदगी से श्याम जी गुप्ता के साथ विनोद मिश्रा की एक विशेष रिपोर्ट‼️1
- उन्नाव फिर गरजी प्राधिकरण की JCB, सचिव मनोज सिंह का चला बुलडोजर *ब्रेकिंग न्यूज: उन्नाव* उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण ने अवैध प्लाटिंग पर बड़ी कार्रवाई की है। सचिव/नगर मजिस्ट्रेट मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में आज हरदोई-सफीपुर मार्ग पर स्थित ग्राम सैयद अब्बासपुर में 10 बीघा जमीन पर हो रही अवैध प्लाटिंग को JCB से ध्वस्त कर दिया गया। बताया जा रहा है कि लगभग 1.5 करोड़ की जमीन पर बिना नक्शा पास कराए कॉलोनी काटी जा रही थी। इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। सचिव मनोज कुमार सिंह ने सख्त चेतावनी दी है कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और प्लाटिंग करने वाले किसी भी भू-माफिया को बख्शा नहीं जाएगा। यह अभियान लगातार जारी रहेगा। स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई को लेकर सचिव को बेस्ट अफसर बताया और उनके काम की सराहना की।2
- BREAKING NEWS: कानपुर के मसवानपुर में सड़क पर रखे ट्रांसफार्मरों ने बढ़ाई आफत, BREAKING NEWS: कानपुर के मसवानपुर में सड़क पर रखे ट्रांसफार्मरों ने बढ़ाई आफत, मसवानपुर में लगा भीषण जाम कानपुर। रावतपुर थाना क्षेत्र के केशवपुरम सब-स्टेशन अंतर्गत मसवानपुर इलाके में बिजली विभाग की लापरवाही राहगीरों और स्थानीय निवासियों पर भारी पड़ रही है। इलाके में ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद जब उसे बदलने का काम शुरू किया गया, तो मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और भीषण जाम की स्थिति बन गई। घंटों लोग जाम में फंसे रहे और आवागमन पूरी तरह चरमरा गया। : स्थानीय लोगों के अनुसार, मुख्य मार्ग पर पहले से ही एक अतिरिक्त ट्रांसफार्मर आधी सड़क घेर कर रखा गया है, जिससे रास्ता बेहद संकरा हो चुका है। इलाके में जाम की यह समस्या सिर्फ आज की नहीं है; सड़क पर रखे ट्रांसफार्मरों के कारण यहां आए दिन यही स्थिति बनी रहती है। : एक ही जगह पर सड़क घेरकर दो-दो ट्रांसफार्मर लगाने की क्या मजबूरी है, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। स्थानीय लोगों में बिजली विभाग के इस लचर प्रबंधन को लेकर भारी आक्रोश है। घंटों की मशक्कत के बाद भी सड़क पर यातायात सामान्य कराने में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। - अनूप कुमार निषाद, वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़, कानपुर1
- बिठूर विधानसभा के हरबतपुर मे किसानो के हालत खराब, नाला नाली, साफ न होने पर किसानो की फसल डूब गई, वही संसद, विधायक को किसानो से कोई मतलब नही, विकास के नाम पर जनता को झूठे सहारे मिले, कल हो जायेगा, परसो, हो जायेगा, विकास, मदद केवल जाति देखकर, किया गया, इस बार विधायक कि कुर्सी..........? बिठूर विधानसभा के हरबतपुर मे किसानो के हालत खराब, नाला नाली, साफ न होने पर किसानो की फसल डूब गई, वही संसद, विधायक को किसानो से कोई मतलब नही, विकास के नाम पर जनता को झूठे सहारे मिले, कल हो जायेगा, परसो, हो जायेगा, विकास, मदद केवल जाति देखकर, किया गया, इस बार विधायक कि कुर्सी..........?1
- उल्टी आरती करते दिखे सलमान खान, बहन ने टोका | Ganesh Visarjan 2026 आज बॉलीवुड से एक प्यारी और वायरल खबर आ रही है। गणपति विसर्जन के दिन एक्टर सलमान खान अपने भाई सोहेल खान के घर पहुंचे। वहां खान परिवार ने गणपति बप्पा की आरती की और विसर्जन किया। वीडियो में सलमान खान आरती की थाली लेकर बप्पा के सामने खड़े दिख रहे हैं। लेकिन उन्होंने थाली उल्टी दिशा में घुमाना शुरू कर दिया। इसी दौरान उनकी बहन अर्पिता खान ने गलती नोटिस की और तुरंत भाई को टोका। उन्होंने इशारे से सही दिशा बताई, जिसके बाद सलमान ने मुस्कुराते हुए गलती सुधार ली। इस मौके पर सलमान की कथित गर्लफ्रेंड यूलिया वंतूर भी मौजूद थीं और उन्होंने भी आरती में हिस्सा लिया। परिवार के अन्य सदस्य और मेहमान भी वहां मौजूद थे। विसर्जन सोहेल खान के बिल्डिंग परिसर में ही एक बड़े पानी के टैंक में किया गया। भाई-बहन की ये क्यूट बॉन्डिंग सोशल मीडिया पर काफी पसंद की जा रही है। आपको ये वीडियो कैसा लगा? कमेंट में जरूर बताएं। ऐसी और एंटरटेनमेंट न्यूज के लिए चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें। Current Time News..1
- सरकार विकास और बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन सामने आया यह वीडियो जमीनी हकीकत को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। सरकार विकास और बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन सामने आया यह वीडियो जमीनी हकीकत को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। वीडियो में एक बस स्टैंड का परिसर बेहद खराब और उपेक्षित स्थिति में दिखाई दे रहा है। आसपास घास-फूस और गंदगी नजर आ रही है, जबकि परिसर की दीवारों की हालत भी खराब दिखाई देती है। हालात ऐसे नजर आते हैं कि कुछ लोग खुद सफाई करते और परिसर को सुधारने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में दिख रही तस्वीरें यह सवाल जरूर खड़ा करती हैं कि जब सार्वजनिक सुविधाओं के विकास और रखरखाव को लेकर लगातार दावे किए जाते हैं, तो जमीन पर इन व्यवस्थाओं की नियमित देखरेख कितनी हो रही है? स्थानीय स्तर पर सफाई, रखरखाव और सार्वजनिक सुविधाओं की स्थिति को लेकर जिम्मेदार विभाग से जवाब और आवश्यक कार्रवाई की अपेक्षा की जा सकती है। दावे अपनी जगह हैं, लेकिन जमीनी तस्वीर भी सामने आनी चाहिए—आखिर इस बदहाल बस स्टैंड की जिम्मेदारी किसकी है?1
- स्पेस टेक्नोलॉजी के दावों के बीच लखनऊ की सड़क धंसी, योगी सरकार से सवाल—राजधानी नहीं संभल रही तो यूपी कैसे संभलेगा? स्पेस टेक्नोलॉजी के दावों के बीच लखनऊ की सड़क धंसी, योगी सरकार से सवाल—राजधानी नहीं संभल रही तो यूपी कैसे संभलेगा? लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सामने आया यह वीडियो सड़क व्यवस्था और सरकारी दावों के बीच बड़ा सवाल खड़ा करता है। वीडियो में सड़क का एक हिस्सा बुरी तरह धंसा और गहरे गड्ढे में तब्दील नजर आ रहा है, जिसके आसपास सुरक्षा के लिए बैरिकेड लगाए गए हैं। सवाल यह है कि जब सरकार आधुनिक तकनीक, स्मार्ट सिटी और विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, तो राजधानी की सड़कों की यह तस्वीर उन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल क्यों खड़े कर रही है? हाल के दिनों में लखनऊ में बारिश के बाद सड़क धंसने और जलभराव की कई घटनाएं रिपोर्ट हुई हैं। सितंबर की शुरुआत में शहर में सड़क धंसने के कई मामले सामने आए, जिनमें एक जगह दस फीट से अधिक गहरी जगह बनने और बाइक सवार के घायल होने की भी रिपोर्ट सामने आई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 11 सितंबर को अधिकारियों को बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत करने और प्रमुख मार्गों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए थे। ऐसे में इस वीडियो ने विपक्ष और आम जनता के लिए सवाल उठाने का मौका दिया है—अगर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सड़कें बड़े गड्ढों और धंसाव की समस्या से जूझ रही हैं, तो प्रदेश के बाकी हिस्सों में सड़क व्यवस्था की निगरानी कितनी प्रभावी है? और एक सवाल सरकार से भी—जिस स्पेस और हाईटेक टेक्नोलॉजी की उपलब्धियों की बात की जाती है, क्या उसका इस्तेमाल जमीन पर मौजूद ऐसी समस्याओं की समय रहते पहचान और समाधान के लिए भी हो रहा है? यह वीडियो सिर्फ एक सड़क की तस्वीर नहीं, बल्कि सड़क निर्माण, गुणवत्ता, जलनिकासी, निगरानी और समय पर मरम्मत की व्यवस्था पर जवाब मांगता सवाल बनकर सामने आया है।1