logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

बीकानेर के लूणकरणसर में फरार गैंगस्टर रोहित गोदारा के पैतृक घर को लेकर एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां खेत में बनी उसकी आलीशान ढाणी (फार्महाउस) को बीती रात बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। स्थानीय लोगों का दावा है कि देर रात अचानक जेसीबी मशीन और कई अन्य वाहन वहां पहुंचे और इस आलीशान मकान को तोड़ दिया। सुबह जब आसपास के लोगों ने टूटे हुए मकान को देखा, तो उन्होंने मौके के वीडियो बनाए जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। जिस समय यह घटना हुई, उस दौरान फरार गैंगस्टर रोहित गोदारा के पिता या परिवार का कोई भी सदस्य घर पर मौजूद नहीं था। इस घटना के बाद पूरे इलाके में यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर इतनी बड़ी कार्रवाई को किसने और किसके आदेश पर अंजाम दिया। दूसरी तरफ, पुलिस प्रशासन ने इस पूरे मामले में किसी भी तरह की सरकारी कार्रवाई से साफ इनकार कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कोई प्रशासनिक या पुलिस की कार्रवाई नहीं है, जिससे यह पूरा मामला और भी अधिक रहस्यमयी हो गया है। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। देर रात चुपचाप जेसीबी और वाहनों के वहां पहुंचने की सूचना, सुबह वायरल हुए वीडियो और पुलिस के इनकार के बीच पूरा घटनाक्रम चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन या जांच एजेंसियां इस रहस्यमयी विध्वंस के मामले में आगे क्या कदम उठाती हैं और इस घर को तोड़े जाने के पीछे की असली सच्चाई क्या सामने आती है।

1 hr ago
user_Mohit Badtiya
Mohit Badtiya
Teacher सिविल लाइन्स, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
1 hr ago

बीकानेर के लूणकरणसर में फरार गैंगस्टर रोहित गोदारा के पैतृक घर को लेकर एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां खेत में बनी उसकी आलीशान ढाणी (फार्महाउस) को बीती रात बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। स्थानीय लोगों का दावा है कि देर रात अचानक जेसीबी मशीन और कई अन्य वाहन वहां पहुंचे और इस आलीशान मकान को तोड़ दिया। सुबह जब आसपास के लोगों ने टूटे हुए मकान को देखा, तो उन्होंने मौके के वीडियो बनाए जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। जिस समय यह घटना हुई, उस दौरान फरार गैंगस्टर रोहित गोदारा के पिता या परिवार का कोई भी सदस्य घर पर मौजूद नहीं था। इस घटना के बाद पूरे इलाके में यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर इतनी बड़ी कार्रवाई को किसने और किसके आदेश पर अंजाम दिया। दूसरी तरफ, पुलिस प्रशासन ने इस पूरे मामले में किसी भी तरह की सरकारी कार्रवाई से साफ इनकार कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कोई प्रशासनिक या पुलिस की कार्रवाई नहीं है, जिससे यह पूरा मामला और भी अधिक रहस्यमयी हो गया है। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। देर रात चुपचाप जेसीबी और वाहनों के वहां पहुंचने की सूचना, सुबह वायरल हुए वीडियो और पुलिस के इनकार के बीच पूरा घटनाक्रम चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन या जांच एजेंसियां इस रहस्यमयी विध्वंस के मामले में आगे क्या कदम उठाती हैं और इस घर को तोड़े जाने के पीछे की असली सच्चाई क्या सामने आती है।

More news from दिल्ली and nearby areas
  • उत्तर पूर्वी दिल्ली के यमुना विहार में इलेक्ट्रिकल काम करवाने के लिए संपर्क करने की अपील की गई है। यहाँ पूरी सावधानी और ध्यान के साथ इलेक्ट्रिकल का काम किया जाता है। किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रिकल कार्य को सुरक्षित तरीके से पूरा कराने के लिए इनसे संपर्क किया जा सकता है।
    4
    उत्तर पूर्वी दिल्ली के यमुना विहार में इलेक्ट्रिकल काम करवाने के लिए संपर्क करने की अपील की गई है। यहाँ पूरी सावधानी और ध्यान के साथ इलेक्ट्रिकल का काम किया जाता है। किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रिकल कार्य को सुरक्षित तरीके से पूरा कराने के लिए इनसे संपर्क किया जा सकता है।
    user_Anavar electrician
    Anavar electrician
    Artist यमुना विहार, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    9 min ago
  • दिल्ली में केजरीवाल और उनकी गैंग के हाथ हिंदुओं के खून से रंगे हुए हैं। ताहिर हुसैन को केवल एक एक्टर बताते हुए यह तीखा सवाल उठाया गया है कि आखिर इसका असली डायरेक्टर कौन है। इस मामले में केजरीवाल से पांच सीधे सवाल पूछे गए हैं कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने अंकित शर्मा की हत्या पर दो शब्द क्यों नहीं बोले और संजय सिंह ने बार-बार ताहिर हुसैन को बेगुनाह क्यों बताया? इसके साथ ही, सड़कें बंद करके हत्याएं और दंगे करने वालों का केजरीवाल गैंग द्वारा समर्थन करने, हिंदू पीड़ितों से मिलने मंत्रिमंडल के किसी भी सदस्य के न जाने और राहत कार्य केवल एक खास समाज के लोगों के लिए ही किए जाने पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं।
    1
    दिल्ली में केजरीवाल और उनकी गैंग के हाथ हिंदुओं के खून से रंगे हुए हैं। ताहिर हुसैन को केवल एक एक्टर बताते हुए यह तीखा सवाल उठाया गया है कि आखिर इसका असली डायरेक्टर कौन है।

इस मामले में केजरीवाल से पांच सीधे सवाल पूछे गए हैं कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने अंकित शर्मा की हत्या पर दो शब्द क्यों नहीं बोले और संजय सिंह ने बार-बार ताहिर हुसैन को बेगुनाह क्यों बताया? इसके साथ ही, सड़कें बंद करके हत्याएं और दंगे करने वालों का केजरीवाल गैंग द्वारा समर्थन करने, हिंदू पीड़ितों से मिलने मंत्रिमंडल के किसी भी सदस्य के न जाने और राहत कार्य केवल एक खास समाज के लोगों के लिए ही किए जाने पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं।
    user_अनिल कुमार गुप्ता
    अनिल कुमार गुप्ता
    Local News Reporter Civil Lines, Central Delhi•
    11 min ago
  • दिल्ली के पीतमपुरा-शालीमार बाग मुख्य मार्ग पर सरकारी जमीन पर बने कथित अवैध मजार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया है। लंबे समय से सड़क के बीचों-बीच खड़ी यह बाधा आखिरकार ढहा दी गई, जिससे सड़क चौड़ीकरण में आ रहा रोड़ा दूर हो गया। अधिकारियों के अनुसार, इस निर्माण के कारण लंबे समय से ट्रैफिक की रफ्तार थमी हुई थी और रोजाना लगने वाले जाम व लोगों की बढ़ती शिकायतों के बाद आखिरकार प्रशासन को यह सख्त कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा। इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए सुबह से ही इलाके में हलचल तेज थी। मौके पर भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी, बैरिकेडिंग और प्रशासनिक टीम की पूरी तैयारी थी। किसी भी तरह के विरोध को रोकने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और पुलिस की पैनी नजर के बीच पूरे ऑपरेशन को बिना किसी बड़ी रुकावट के अंजाम दिया गया। प्रशासन ने इस कार्रवाई के जरिए साफ संदेश दे दिया है कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के लिए अब कोई राहत नहीं होगी। "जीरो टॉलरेंस" की नीति के तहत दिल्ली में ऐसे अवैध ढांचों पर लगातार बुलडोजर चलता रहेगा।
    1
    दिल्ली के पीतमपुरा-शालीमार बाग मुख्य मार्ग पर सरकारी जमीन पर बने कथित अवैध मजार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया है। लंबे समय से सड़क के बीचों-बीच खड़ी यह बाधा आखिरकार ढहा दी गई, जिससे सड़क चौड़ीकरण में आ रहा रोड़ा दूर हो गया। अधिकारियों के अनुसार, इस निर्माण के कारण लंबे समय से ट्रैफिक की रफ्तार थमी हुई थी और रोजाना लगने वाले जाम व लोगों की बढ़ती शिकायतों के बाद आखिरकार प्रशासन को यह सख्त कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा।

इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए सुबह से ही इलाके में हलचल तेज थी। मौके पर भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी, बैरिकेडिंग और प्रशासनिक टीम की पूरी तैयारी थी। किसी भी तरह के विरोध को रोकने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और पुलिस की पैनी नजर के बीच पूरे ऑपरेशन को बिना किसी बड़ी रुकावट के अंजाम दिया गया।

प्रशासन ने इस कार्रवाई के जरिए साफ संदेश दे दिया है कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के लिए अब कोई राहत नहीं होगी। "जीरो टॉलरेंस" की नीति के तहत दिल्ली में ऐसे अवैध ढांचों पर लगातार बुलडोजर चलता रहेगा।
    user_BHARAT TODAY NEWS
    BHARAT TODAY NEWS
    Media house Saraswati Vihar, North West Delhi•
    12 min ago
  • राजधानी दिल्ली में नाबालिगों द्वारा किए जा रहे अपराधों के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई जा रही है। इस गंभीर विषय पर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के डीसीपी राहुल अलावल ने स्पष्ट किया है कि कानून के प्रावधानों के अनुसार, यदि यह पाया जाता है कि 16 से 18 वर्ष के नाबालिग ने किसी गंभीर अपराध को पूरी समझ-बूझ के साथ अंजाम दिया है, तो उस मामले का आकलन जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड करता है। इसके बाद आवश्यक होने पर आगे की उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाती है। डीसीपी ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति नाबालिगों को अपराध या फिर नशे के काले कारोबार में शामिल होने के लिए उकसाता है या उनका इस्तेमाल करता है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत बेहद कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। इसके साथ ही, उन्होंने अभिभावकों से भी विशेष अपील की है कि वे अपने बच्चों की संगत, उनकी दैनिक गतिविधियों और नशे जैसी आदतों पर लगातार नजर रखें।
    1
    राजधानी दिल्ली में नाबालिगों द्वारा किए जा रहे अपराधों के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई जा रही है। इस गंभीर विषय पर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के डीसीपी राहुल अलावल ने स्पष्ट किया है कि कानून के प्रावधानों के अनुसार, यदि यह पाया जाता है कि 16 से 18 वर्ष के नाबालिग ने किसी गंभीर अपराध को पूरी समझ-बूझ के साथ अंजाम दिया है, तो उस मामले का आकलन जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड करता है। इसके बाद आवश्यक होने पर आगे की उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाती है।

डीसीपी ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति नाबालिगों को अपराध या फिर नशे के काले कारोबार में शामिल होने के लिए उकसाता है या उनका इस्तेमाल करता है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत बेहद कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। इसके साथ ही, उन्होंने अभिभावकों से भी विशेष अपील की है कि वे अपने बच्चों की संगत, उनकी दैनिक गतिविधियों और नशे जैसी आदतों पर लगातार नजर रखें।
    user_Sadhna news mp.Cg.rj.Naajim
    Sadhna news mp.Cg.rj.Naajim
    Local News Reporter सीलमपुर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    39 min ago
  • ईपीएफओ वित्त वर्ष 2026 के लिए भविष्य निधि (पीएफ) ब्याज जमा कर रहा है। श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने बुधवार को जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2026 के लिए 34 करोड़ सदस्य खातों पर 8.25 प्रतिशत की दर से वार्षिक ब्याज दिया जाएगा, जिसका अनुमान 1.44 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। यह ब्याज स्वतः संसाधित किया जाएगा और फिर सदस्य खाता शेष में जमा करने से पहले क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा सत्यापित किया जाएगा। सभी सदस्य 15 जुलाई तक अपनी पासबुक में यह ब्याज जमा देख सकेंगे। सरकार ने पिछले महीने ही भविष्य निधि पर 8.25 प्रतिशत ब्याज भुगतान को मंजूरी दी थी। श्रम मंत्री के अनुसार, पहले सरकारी मंजूरी मिलने के बाद आमतौर पर अक्टूबर-नवंबर में ब्याज भुगतान की प्रक्रिया की जाती थी। अपना पीएफ बैलेंस ऑनलाइन चेक करने के लिए सदस्यों का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) एक्टिवेट होना जरूरी है। बैलेंस चेक करने के लिए सबसे पहले ईपीएफओ सदस्य पासबुक पोर्टल पर जाएं। इसके बाद यूएएन, पासवर्ड और कैप्चा का उपयोग करके साइन इन करें। फिर अपने आधार से जुड़े फोन नंबर पर भेजे गए ओटीपी को दर्ज करें। इसके बाद संबंधित सदस्य आईडी का चयन करें और "पासबुक देखें" पर क्लिक करें। पासबुक दिखाई देने पर उसमें तीन अलग-अलग कॉलम दिखाई देंगे।
    1
    ईपीएफओ वित्त वर्ष 2026 के लिए भविष्य निधि (पीएफ) ब्याज जमा कर रहा है। श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने बुधवार को जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2026 के लिए 34 करोड़ सदस्य खातों पर 8.25 प्रतिशत की दर से वार्षिक ब्याज दिया जाएगा, जिसका अनुमान 1.44 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। यह ब्याज स्वतः संसाधित किया जाएगा और फिर सदस्य खाता शेष में जमा करने से पहले क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा सत्यापित किया जाएगा। सभी सदस्य 15 जुलाई तक अपनी पासबुक में यह ब्याज जमा देख सकेंगे। सरकार ने पिछले महीने ही भविष्य निधि पर 8.25 प्रतिशत ब्याज भुगतान को मंजूरी दी थी।

श्रम मंत्री के अनुसार, पहले सरकारी मंजूरी मिलने के बाद आमतौर पर अक्टूबर-नवंबर में ब्याज भुगतान की प्रक्रिया की जाती थी।

अपना पीएफ बैलेंस ऑनलाइन चेक करने के लिए सदस्यों का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) एक्टिवेट होना जरूरी है। बैलेंस चेक करने के लिए सबसे पहले ईपीएफओ सदस्य पासबुक पोर्टल पर जाएं। इसके बाद यूएएन, पासवर्ड और कैप्चा का उपयोग करके साइन इन करें। फिर अपने आधार से जुड़े फोन नंबर पर भेजे गए ओटीपी को दर्ज करें। इसके बाद संबंधित सदस्य आईडी का चयन करें और "पासबुक देखें" पर क्लिक करें। पासबुक दिखाई देने पर उसमें तीन अलग-अलग कॉलम दिखाई देंगे।
    user_Ragini Garg
    Ragini Garg
    Civil Lines, Central Delhi•
    1 hr ago
  • लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के लोकार्पण कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि वह जल्द ही हवा में उड़ने वाली बस लेकर आएंगे। अपने वादों पर दृढ़ता जताते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह वे पानी में उतरने वाला हवाई जहाज लेकर आए थे, ठीक उसी तरह वे जो भी वादा करेंगे, उसे पूरा करके दिखाएंगे।
    1
    लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के लोकार्पण कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि वह जल्द ही हवा में उड़ने वाली बस लेकर आएंगे। अपने वादों पर दृढ़ता जताते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह वे पानी में उतरने वाला हवाई जहाज लेकर आए थे, ठीक उसी तरह वे जो भी वादा करेंगे, उसे पूरा करके दिखाएंगे।
    user_AIB Hindi
    AIB Hindi
    Media house चाणक्यपुरी, नई दिल्ली, दिल्ली•
    2 hrs ago
  • मथुरा जनपद के विकास खंड महावन के अंतर्गत ग्राम पंचायत नरहोली जुन्नारदार के मजरा गांव खडेरा में बदहाल और जर्जर सड़क से परेशान ग्रामीणों ने विरोध का एक अनोखा तरीका अपनाया है। ग्रामीणों ने विकास कार्यों के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कीचड़ और पानी से भरी सरकारी सड़क पर ही धान की रोपाई शुरू कर दी। सड़क पर धान लगाते ग्रामीणों का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और पूरे जिले में कौतूहल का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की यह सड़क लंबे समय से जर्जर हालत में पड़ी है। बरसात होते ही पूरी सड़क कीचड़ और पानी से लबालब हो जाती है, जिससे लोगों का निकलना दूभर हो जाता है। इस बदहाली के कारण बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी हो रही है, बुजुर्गों को आने-जाने में भारी दिक्कत उठानी पड़ रही है और मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाना भी किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले भी कई बार अधिकारियों और ग्राम पंचायत स्तर पर शिकायतें दर्ज कराई थीं, लेकिन आज तक इस सड़क की मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। नाराज ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत सचिव पर विकास कार्यों में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी को एक शिकायती पत्र भी सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया और उन्हें बार-बार अधिकारियों के चक्कर काटने पड़े। अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि शिकायतों के बावजूद समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई और क्या इस अनोखे विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन जागेगा और इस समस्या का कोई स्थायी समाधान निकालेगा।
    3
    मथुरा जनपद के विकास खंड महावन के अंतर्गत ग्राम पंचायत नरहोली जुन्नारदार के मजरा गांव खडेरा में बदहाल और जर्जर सड़क से परेशान ग्रामीणों ने विरोध का एक अनोखा तरीका अपनाया है। ग्रामीणों ने विकास कार्यों के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कीचड़ और पानी से भरी सरकारी सड़क पर ही धान की रोपाई शुरू कर दी। सड़क पर धान लगाते ग्रामीणों का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और पूरे जिले में कौतूहल का विषय बना हुआ है।

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की यह सड़क लंबे समय से जर्जर हालत में पड़ी है। बरसात होते ही पूरी सड़क कीचड़ और पानी से लबालब हो जाती है, जिससे लोगों का निकलना दूभर हो जाता है। इस बदहाली के कारण बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी हो रही है, बुजुर्गों को आने-जाने में भारी दिक्कत उठानी पड़ रही है और मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाना भी किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले भी कई बार अधिकारियों और ग्राम पंचायत स्तर पर शिकायतें दर्ज कराई थीं, लेकिन आज तक इस सड़क की मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया।

नाराज ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत सचिव पर विकास कार्यों में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी को एक शिकायती पत्र भी सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया और उन्हें बार-बार अधिकारियों के चक्कर काटने पड़े। अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि शिकायतों के बावजूद समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई और क्या इस अनोखे विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन जागेगा और इस समस्या का कोई स्थायी समाधान निकालेगा।
    user_Rekha Patrakaar Govardhan
    Rekha Patrakaar Govardhan
    Reporter सिविल लाइन्स, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    30 min ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.