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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के लोकार्पण कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि वह जल्द ही हवा में उड़ने वाली बस लेकर आएंगे। अपने वादों पर दृढ़ता जताते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह वे पानी में उतरने वाला हवाई जहाज लेकर आए थे, ठीक उसी तरह वे जो भी वादा करेंगे, उसे पूरा करके दिखाएंगे।

2 hrs ago
user_AIB Hindi
AIB Hindi
Media house चाणक्यपुरी, नई दिल्ली, दिल्ली•
2 hrs ago

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के लोकार्पण कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि वह जल्द ही हवा में उड़ने वाली बस लेकर आएंगे। अपने वादों पर दृढ़ता जताते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह वे पानी में उतरने वाला हवाई जहाज लेकर आए थे, ठीक उसी तरह वे जो भी वादा करेंगे, उसे पूरा करके दिखाएंगे।

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  • दिल्ली में केजरीवाल और उनकी गैंग के हाथ हिंदुओं के खून से रंगे हुए हैं। ताहिर हुसैन को केवल एक एक्टर बताते हुए यह तीखा सवाल उठाया गया है कि आखिर इसका असली डायरेक्टर कौन है। इस मामले में केजरीवाल से पांच सीधे सवाल पूछे गए हैं कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने अंकित शर्मा की हत्या पर दो शब्द क्यों नहीं बोले और संजय सिंह ने बार-बार ताहिर हुसैन को बेगुनाह क्यों बताया? इसके साथ ही, सड़कें बंद करके हत्याएं और दंगे करने वालों का केजरीवाल गैंग द्वारा समर्थन करने, हिंदू पीड़ितों से मिलने मंत्रिमंडल के किसी भी सदस्य के न जाने और राहत कार्य केवल एक खास समाज के लोगों के लिए ही किए जाने पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं।
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    दिल्ली में केजरीवाल और उनकी गैंग के हाथ हिंदुओं के खून से रंगे हुए हैं। ताहिर हुसैन को केवल एक एक्टर बताते हुए यह तीखा सवाल उठाया गया है कि आखिर इसका असली डायरेक्टर कौन है।

इस मामले में केजरीवाल से पांच सीधे सवाल पूछे गए हैं कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने अंकित शर्मा की हत्या पर दो शब्द क्यों नहीं बोले और संजय सिंह ने बार-बार ताहिर हुसैन को बेगुनाह क्यों बताया? इसके साथ ही, सड़कें बंद करके हत्याएं और दंगे करने वालों का केजरीवाल गैंग द्वारा समर्थन करने, हिंदू पीड़ितों से मिलने मंत्रिमंडल के किसी भी सदस्य के न जाने और राहत कार्य केवल एक खास समाज के लोगों के लिए ही किए जाने पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं।
    user_अनिल कुमार गुप्ता
    अनिल कुमार गुप्ता
    Local News Reporter Civil Lines, Central Delhi•
    11 min ago
  • ओमान के तट के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कमर्शियल जहाजों पर हुए घातक मिसाइल हमले में एक भारतीय नाविक की मौत के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। इस घटना के बाद विदेश मंत्रालय (MEA) ने नई दिल्ली में ईरानी मिशन के उप प्रमुख मोहम्मद जवाद हुसैनी समेत अन्य राजनयिकों को तलब कर अपनी गंभीर चिंताएं दर्ज कराई हैं और उनसे इस मामले पर स्पष्टीकरण मांगा है। यह मामला तब सामने आया जब होर्मुज में ओमान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र से गुजर रहे यूएई के झंडे वाले दो तेल टैंकरों पर IRGC ने घातक मिसाइल से हमला किया। इस हमले में चालक दल के एक भारतीय सदस्य की जान चली गई, जबकि भारतीय नागरिकों समेत छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। भारत सरकार ने इस जानलेवा हमले को लेकर ईरान के समक्ष कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। विदेश मंत्रालय में हुई इस बेहद महत्वपूर्ण बैठक के बाद ईरानी मिशन के उप प्रमुख मोहम्मद जवाद हुसैनी और अन्य राजनयिक बिना कोई सार्वजनिक बयान दिए वहां से रवाना हो गए। इस मुलाकात और भारत की कड़ी आपत्ति को लेकर ईरानी दूतावास की तरफ से भी अभी तक कोई आधिकारिक या सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। भारत सरकार ने यह कूटनीतिक कदम खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते गंभीर भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों पर मंडराते खतरों के बीच उठाया है। वैश्विक एनर्जी पारगमन के लिए बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण माने जाने वाले इस जलमार्ग में व्यापारिक जहाजों पर हो रहे इन हमलों ने भारत सहित कई देशों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि इससे समुद्री व्यापार और नाविकों की सुरक्षा को सीधा खतरा पैदा हो गया है।
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    ओमान के तट के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कमर्शियल जहाजों पर हुए घातक मिसाइल हमले में एक भारतीय नाविक की मौत के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। इस घटना के बाद विदेश मंत्रालय (MEA) ने नई दिल्ली में ईरानी मिशन के उप प्रमुख मोहम्मद जवाद हुसैनी समेत अन्य राजनयिकों को तलब कर अपनी गंभीर चिंताएं दर्ज कराई हैं और उनसे इस मामले पर स्पष्टीकरण मांगा है।

यह मामला तब सामने आया जब होर्मुज में ओमान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र से गुजर रहे यूएई के झंडे वाले दो तेल टैंकरों पर IRGC ने घातक मिसाइल से हमला किया। इस हमले में चालक दल के एक भारतीय सदस्य की जान चली गई, जबकि भारतीय नागरिकों समेत छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। भारत सरकार ने इस जानलेवा हमले को लेकर ईरान के समक्ष कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।

विदेश मंत्रालय में हुई इस बेहद महत्वपूर्ण बैठक के बाद ईरानी मिशन के उप प्रमुख मोहम्मद जवाद हुसैनी और अन्य राजनयिक बिना कोई सार्वजनिक बयान दिए वहां से रवाना हो गए। इस मुलाकात और भारत की कड़ी आपत्ति को लेकर ईरानी दूतावास की तरफ से भी अभी तक कोई आधिकारिक या सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

भारत सरकार ने यह कूटनीतिक कदम खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते गंभीर भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों पर मंडराते खतरों के बीच उठाया है। वैश्विक एनर्जी पारगमन के लिए बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण माने जाने वाले इस जलमार्ग में व्यापारिक जहाजों पर हो रहे इन हमलों ने भारत सहित कई देशों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि इससे समुद्री व्यापार और नाविकों की सुरक्षा को सीधा खतरा पैदा हो गया है।
    user_Sunita Jain
    Sunita Jain
    Engineer वसंत विहार, नई दिल्ली, दिल्ली•
    27 min ago
  • भारत में साल 2026 से यातायात नियमों में कई महत्वपूर्ण और बड़े बदलाव लागू किए जा रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख '5-स्ट्राइक सिस्टम' की शुरुआत है, जिसके तहत एक साल में पांच गंभीर यातायात अपराध करने पर चालक का लाइसेंस रद्द या निलंबित किया जा सकता है। इस नियम के तहत बार-बार नियम तोड़ने वालों को पकड़ने के लिए सभी उल्लंघनों को एक डेटाबेस से जोड़ा जाएगा। लाल बत्ती पार करने, तेज गति से गाड़ी चलाने, मोबाइल पर बात करने, बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के चलने और लापरवाही से लेन बदलने जैसे अपराधों पर सख्त कार्रवाई होगी। इसके साथ ही, नियमों के उल्लंघन को पकड़ने के लिए एआई (AI) और एएनपीआर (ANPR) कैमरों का तेजी से इस्तेमाल किया जा रहा है, पीछे की सीट पर सीट बेल्ट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है और हेलमेट के लिए बीआईएस मानकों को सख्ती से लागू किया जा रहा है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अब अधिकारी डिजिटल ड्राइविंग दस्तावेजों को भी स्वीकार करेंगे। नए नियमों के अनुसार, यातायात जुर्माने का भुगतान करने के लिए चालकों को 45 दिनों का समय मिलेगा और इस दौरान उन पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। हालांकि, यदि निर्धारित 45 दिनों के भीतर जुर्माना नहीं भरा गया, तो वाहन पंजीकरण, बीमा नवीनीकरण और गाड़ी बेचने के समय गंभीर दिक्कतें आ सकती हैं, क्योंकि व्यक्तिगत उल्लंघन रिकॉर्ड को सीधे वाहन के डेटाबेस से लिंक किया जा रहा है। मोटर वाहन अधिनियम पर आधारित संशोधित जुर्माना सूची के तहत नियमों को तोड़ने पर भारी राशि चुकानी होगी। बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट के गाड़ी चलाने पर ₹1,000 का जुर्माना तय किया गया है, जबकि बिना बीमा के गाड़ी चलाने पर ₹2,000 और ट्रिपल राइडिंग पर ₹2,000 का जुर्माना लगेगा। इसके अतिरिक्त, ओवर-स्पीडिंग के लिए ₹1,000 से ₹2,000, बिना ड्राइविंग लाइसेंस और ड्राइविंग के दौरान फोन का उपयोग करने पर ₹5,000, लाल बत्ती कूदने पर ₹1,000 से ₹5,000, तथा शराब पीकर गाड़ी चलाने और बिना पीयूसी (PUC) के वाहन चलाने पर ₹10,000 का भारी जुर्माना देना होगा।
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    भारत में साल 2026 से यातायात नियमों में कई महत्वपूर्ण और बड़े बदलाव लागू किए जा रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख '5-स्ट्राइक सिस्टम' की शुरुआत है, जिसके तहत एक साल में पांच गंभीर यातायात अपराध करने पर चालक का लाइसेंस रद्द या निलंबित किया जा सकता है। इस नियम के तहत बार-बार नियम तोड़ने वालों को पकड़ने के लिए सभी उल्लंघनों को एक डेटाबेस से जोड़ा जाएगा। लाल बत्ती पार करने, तेज गति से गाड़ी चलाने, मोबाइल पर बात करने, बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के चलने और लापरवाही से लेन बदलने जैसे अपराधों पर सख्त कार्रवाई होगी। इसके साथ ही, नियमों के उल्लंघन को पकड़ने के लिए एआई (AI) और एएनपीआर (ANPR) कैमरों का तेजी से इस्तेमाल किया जा रहा है, पीछे की सीट पर सीट बेल्ट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है और हेलमेट के लिए बीआईएस मानकों को सख्ती से लागू किया जा रहा है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अब अधिकारी डिजिटल ड्राइविंग दस्तावेजों को भी स्वीकार करेंगे।

नए नियमों के अनुसार, यातायात जुर्माने का भुगतान करने के लिए चालकों को 45 दिनों का समय मिलेगा और इस दौरान उन पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। हालांकि, यदि निर्धारित 45 दिनों के भीतर जुर्माना नहीं भरा गया, तो वाहन पंजीकरण, बीमा नवीनीकरण और गाड़ी बेचने के समय गंभीर दिक्कतें आ सकती हैं, क्योंकि व्यक्तिगत उल्लंघन रिकॉर्ड को सीधे वाहन के डेटाबेस से लिंक किया जा रहा है।

मोटर वाहन अधिनियम पर आधारित संशोधित जुर्माना सूची के तहत नियमों को तोड़ने पर भारी राशि चुकानी होगी। बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट के गाड़ी चलाने पर ₹1,000 का जुर्माना तय किया गया है, जबकि बिना बीमा के गाड़ी चलाने पर ₹2,000 और ट्रिपल राइडिंग पर ₹2,000 का जुर्माना लगेगा। इसके अतिरिक्त, ओवर-स्पीडिंग के लिए ₹1,000 से ₹2,000, बिना ड्राइविंग लाइसेंस और ड्राइविंग के दौरान फोन का उपयोग करने पर ₹5,000, लाल बत्ती कूदने पर ₹1,000 से ₹5,000, तथा शराब पीकर गाड़ी चलाने और बिना पीयूसी (PUC) के वाहन चलाने पर ₹10,000 का भारी जुर्माना देना होगा।
    user_Rekha Panchal
    Rekha Panchal
    Delhi Cantonment, New Delhi•
    57 min ago
  • ईपीएफओ वित्त वर्ष 2026 के लिए भविष्य निधि (पीएफ) ब्याज जमा कर रहा है। श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने बुधवार को जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2026 के लिए 34 करोड़ सदस्य खातों पर 8.25 प्रतिशत की दर से वार्षिक ब्याज दिया जाएगा, जिसका अनुमान 1.44 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। यह ब्याज स्वतः संसाधित किया जाएगा और फिर सदस्य खाता शेष में जमा करने से पहले क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा सत्यापित किया जाएगा। सभी सदस्य 15 जुलाई तक अपनी पासबुक में यह ब्याज जमा देख सकेंगे। सरकार ने पिछले महीने ही भविष्य निधि पर 8.25 प्रतिशत ब्याज भुगतान को मंजूरी दी थी। श्रम मंत्री के अनुसार, पहले सरकारी मंजूरी मिलने के बाद आमतौर पर अक्टूबर-नवंबर में ब्याज भुगतान की प्रक्रिया की जाती थी। अपना पीएफ बैलेंस ऑनलाइन चेक करने के लिए सदस्यों का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) एक्टिवेट होना जरूरी है। बैलेंस चेक करने के लिए सबसे पहले ईपीएफओ सदस्य पासबुक पोर्टल पर जाएं। इसके बाद यूएएन, पासवर्ड और कैप्चा का उपयोग करके साइन इन करें। फिर अपने आधार से जुड़े फोन नंबर पर भेजे गए ओटीपी को दर्ज करें। इसके बाद संबंधित सदस्य आईडी का चयन करें और "पासबुक देखें" पर क्लिक करें। पासबुक दिखाई देने पर उसमें तीन अलग-अलग कॉलम दिखाई देंगे।
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    ईपीएफओ वित्त वर्ष 2026 के लिए भविष्य निधि (पीएफ) ब्याज जमा कर रहा है। श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने बुधवार को जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2026 के लिए 34 करोड़ सदस्य खातों पर 8.25 प्रतिशत की दर से वार्षिक ब्याज दिया जाएगा, जिसका अनुमान 1.44 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। यह ब्याज स्वतः संसाधित किया जाएगा और फिर सदस्य खाता शेष में जमा करने से पहले क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा सत्यापित किया जाएगा। सभी सदस्य 15 जुलाई तक अपनी पासबुक में यह ब्याज जमा देख सकेंगे। सरकार ने पिछले महीने ही भविष्य निधि पर 8.25 प्रतिशत ब्याज भुगतान को मंजूरी दी थी।

श्रम मंत्री के अनुसार, पहले सरकारी मंजूरी मिलने के बाद आमतौर पर अक्टूबर-नवंबर में ब्याज भुगतान की प्रक्रिया की जाती थी।

अपना पीएफ बैलेंस ऑनलाइन चेक करने के लिए सदस्यों का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) एक्टिवेट होना जरूरी है। बैलेंस चेक करने के लिए सबसे पहले ईपीएफओ सदस्य पासबुक पोर्टल पर जाएं। इसके बाद यूएएन, पासवर्ड और कैप्चा का उपयोग करके साइन इन करें। फिर अपने आधार से जुड़े फोन नंबर पर भेजे गए ओटीपी को दर्ज करें। इसके बाद संबंधित सदस्य आईडी का चयन करें और "पासबुक देखें" पर क्लिक करें। पासबुक दिखाई देने पर उसमें तीन अलग-अलग कॉलम दिखाई देंगे।
    user_Ragini Garg
    Ragini Garg
    Civil Lines, Central Delhi•
    1 hr ago
  • लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के लोकार्पण कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि वह जल्द ही हवा में उड़ने वाली बस लेकर आएंगे। अपने वादों पर दृढ़ता जताते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह वे पानी में उतरने वाला हवाई जहाज लेकर आए थे, ठीक उसी तरह वे जो भी वादा करेंगे, उसे पूरा करके दिखाएंगे।
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    लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के लोकार्पण कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि वह जल्द ही हवा में उड़ने वाली बस लेकर आएंगे। अपने वादों पर दृढ़ता जताते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह वे पानी में उतरने वाला हवाई जहाज लेकर आए थे, ठीक उसी तरह वे जो भी वादा करेंगे, उसे पूरा करके दिखाएंगे।
    user_AIB Hindi
    AIB Hindi
    Media house चाणक्यपुरी, नई दिल्ली, दिल्ली•
    2 hrs ago
  • मथुरा जनपद के विकास खंड महावन के अंतर्गत ग्राम पंचायत नरहोली जुन्नारदार के मजरा गांव खडेरा में बदहाल और जर्जर सड़क से परेशान ग्रामीणों ने विरोध का एक अनोखा तरीका अपनाया है। ग्रामीणों ने विकास कार्यों के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कीचड़ और पानी से भरी सरकारी सड़क पर ही धान की रोपाई शुरू कर दी। सड़क पर धान लगाते ग्रामीणों का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और पूरे जिले में कौतूहल का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की यह सड़क लंबे समय से जर्जर हालत में पड़ी है। बरसात होते ही पूरी सड़क कीचड़ और पानी से लबालब हो जाती है, जिससे लोगों का निकलना दूभर हो जाता है। इस बदहाली के कारण बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी हो रही है, बुजुर्गों को आने-जाने में भारी दिक्कत उठानी पड़ रही है और मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाना भी किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले भी कई बार अधिकारियों और ग्राम पंचायत स्तर पर शिकायतें दर्ज कराई थीं, लेकिन आज तक इस सड़क की मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। नाराज ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत सचिव पर विकास कार्यों में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी को एक शिकायती पत्र भी सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया और उन्हें बार-बार अधिकारियों के चक्कर काटने पड़े। अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि शिकायतों के बावजूद समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई और क्या इस अनोखे विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन जागेगा और इस समस्या का कोई स्थायी समाधान निकालेगा।
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    मथुरा जनपद के विकास खंड महावन के अंतर्गत ग्राम पंचायत नरहोली जुन्नारदार के मजरा गांव खडेरा में बदहाल और जर्जर सड़क से परेशान ग्रामीणों ने विरोध का एक अनोखा तरीका अपनाया है। ग्रामीणों ने विकास कार्यों के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कीचड़ और पानी से भरी सरकारी सड़क पर ही धान की रोपाई शुरू कर दी। सड़क पर धान लगाते ग्रामीणों का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और पूरे जिले में कौतूहल का विषय बना हुआ है।

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की यह सड़क लंबे समय से जर्जर हालत में पड़ी है। बरसात होते ही पूरी सड़क कीचड़ और पानी से लबालब हो जाती है, जिससे लोगों का निकलना दूभर हो जाता है। इस बदहाली के कारण बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी हो रही है, बुजुर्गों को आने-जाने में भारी दिक्कत उठानी पड़ रही है और मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाना भी किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले भी कई बार अधिकारियों और ग्राम पंचायत स्तर पर शिकायतें दर्ज कराई थीं, लेकिन आज तक इस सड़क की मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया।

नाराज ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत सचिव पर विकास कार्यों में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी को एक शिकायती पत्र भी सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया और उन्हें बार-बार अधिकारियों के चक्कर काटने पड़े। अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि शिकायतों के बावजूद समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई और क्या इस अनोखे विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन जागेगा और इस समस्या का कोई स्थायी समाधान निकालेगा।
    user_Rekha Patrakaar Govardhan
    Rekha Patrakaar Govardhan
    Reporter सिविल लाइन्स, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    30 min ago
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