मोटरसाइकिल–टेंपो भिड़ंत में युवक की मौत, गांव में पसरा मातम,सैकड़ों लोगों की नम आंखों के बीच युवक को दी गई अंतिम विदाई चिनियां से हेमंत कुमार की रिपोर्ट गढ़वा जिले के चिनियां थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। सोमवार दोपहर चिनियां–गढ़वा मुख्य सड़क स्थित पेशका गांव के पास मोटरसाइकिल और टेंपो की आमने-सामने टक्कर में बिलैती खैर गांव निवासी अजय साह (लगभग 38 वर्ष), पिता शिवनारायण साह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत बेहतर इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था—रास्ते में ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। जिसके बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर रात करीब 10 बजे शव को पैतृक गांव विलैती खैर पहुंचाया गया। शव के गांव पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, जहां परिजनों की रोती बिलखती आवाजों ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया,पूरी रात मातम पसरा रहा, वहीं इस अचानक हादसे से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बताया जाता है कि मृतक अजय साह अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चों को छोड़ गए हैं, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब उनके परिवार के सामने जीवन यापन की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। मंगलवार सुबह सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी में अजय साह का अंतिम संस्कार गांव के नदी किनारे स्थित मुक्तिधाम में पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ किया गया। इस दौरान पंचायत के मुखिया पति रवि प्रसाद समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। तो वही एक ओर इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार के खतरों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। पूरे क्षेत्र में इस हादसे की चर्चा जोरों पर है और लोग गमगीन माहौल में परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं।
मोटरसाइकिल–टेंपो भिड़ंत में युवक की मौत, गांव में पसरा मातम,सैकड़ों लोगों की नम आंखों के बीच युवक को दी गई अंतिम विदाई चिनियां से हेमंत कुमार की रिपोर्ट गढ़वा जिले के चिनियां थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। सोमवार दोपहर चिनियां–गढ़वा मुख्य सड़क स्थित पेशका गांव के पास मोटरसाइकिल और टेंपो की आमने-सामने टक्कर में बिलैती खैर गांव निवासी अजय साह (लगभग 38 वर्ष), पिता शिवनारायण साह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत बेहतर इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था—रास्ते में ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। जिसके बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर रात करीब 10 बजे शव को पैतृक गांव विलैती खैर पहुंचाया गया। शव के गांव पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, जहां परिजनों की रोती बिलखती आवाजों ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया,पूरी रात मातम पसरा रहा, वहीं इस अचानक हादसे से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बताया जाता है कि मृतक अजय साह अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चों को छोड़ गए हैं, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब उनके परिवार के सामने जीवन यापन की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। मंगलवार सुबह सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी में अजय साह का अंतिम संस्कार गांव के नदी किनारे स्थित मुक्तिधाम में पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ किया गया। इस दौरान पंचायत के मुखिया पति रवि प्रसाद समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। तो वही एक ओर इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार के खतरों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। पूरे क्षेत्र में इस हादसे की चर्चा जोरों पर है और लोग गमगीन माहौल में परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं।
- चिनियां से हेमंत कुमार की रिपोर्ट गढ़वा जिले के चिनियां थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। सोमवार दोपहर चिनियां–गढ़वा मुख्य सड़क स्थित पेशका गांव के पास मोटरसाइकिल और टेंपो की आमने-सामने टक्कर में बिलैती खैर गांव निवासी अजय साह (लगभग 38 वर्ष), पिता शिवनारायण साह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत बेहतर इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था—रास्ते में ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। जिसके बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर रात करीब 10 बजे शव को पैतृक गांव विलैती खैर पहुंचाया गया। शव के गांव पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, जहां परिजनों की रोती बिलखती आवाजों ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया,पूरी रात मातम पसरा रहा, वहीं इस अचानक हादसे से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बताया जाता है कि मृतक अजय साह अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चों को छोड़ गए हैं, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब उनके परिवार के सामने जीवन यापन की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। मंगलवार सुबह सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी में अजय साह का अंतिम संस्कार गांव के नदी किनारे स्थित मुक्तिधाम में पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ किया गया। इस दौरान पंचायत के मुखिया पति रवि प्रसाद समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। तो वही एक ओर इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार के खतरों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। पूरे क्षेत्र में इस हादसे की चर्चा जोरों पर है और लोग गमगीन माहौल में परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं।1
- अंबेडकर जयंती पर संबोधित करती डंडई पैराडाइज स्कूल की छात्रा साधना कुमारी1
- Post by Sunil singh1
- मेरे मुसलमान भाइयों तुम्हें अल्लाह का वास्ता गाय माता को मत मारो ! हदीस में जो लिखा है उसका पालन करो ! अल्लाह पर ईमान लाओ मोहम्मद साहब की बात सुनो और गौ माता को मारना छोड़ दो खुदा के लिए यह गुनाह ना करो ! क्या कुरान में कुर्बानी का जिक्र है? क्या अल्लाह का आदेश है कि बलिदान दिया जाए? कुरान में कम से कम नौ स्थानों पर, एक दर्जन से अधिक आयतों में कई बार उल्लेख करते हुए, अल्लाह मुसलमानों को अनुष्ठानिक बलिदान (उधिया) में निर्दिष्ट जानवरों (स. हदी) की पेशकश करने का आदेश या आग्रह करता है। कुरान में 49 पारा में क्या लिखा है? सूरह अल-हुजुरात पवित्र कुरान का 49वां सूरह (अध्याय) है। इस सूरह का अर्थ है "मकान"। इसमें 18 आयतें हैं और यह पवित्र शहर मदीना में अवतरित हुई थी, यानी पैगंबर ﷺ के मदीना हिजरत करने के बाद। कुरान का 55वां अध्याय सूरह अर-रहमान (Surah Ar-Rahman) है, जिसे "अत्यंत कृपालु" या "दयालु" कहा जाता है। इसमें 78 आयतें हैं और यह मुख्य रूप से अल्लाह की नेमतों (उपहारों) और उसकी रहमत का वर्णन करती है। यह मक्की सूरह है और पारा 27 में स्थित है। सूरह अर-रहमान की मुख्य विशेषताएं: अर्थ: अर-रहमान का अर्थ है "अत्यंत दयालु" (The Most Gracious)। प्रमुख आयत: इस सूरह में "فَبِأَيِّ آلَاءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ" (तुम अपने रब की कौन-कौन सी नेमतों को झुठलाओगे) आयत 31 बार दोहराई गई है। .विषय: यह अल्लाह की रचनाओं, जैसे सूर्य, चंद्रमा, समुद्र, और मनुष्य की उत्पत्ति का वर्णन करती है। मूल: यह सूरा मक्का में अवतरित हुई थी। यह सूरा अल्लाह की दयालुता और ब्रह्मांड में उसकी निशानियों को याद दिलाती है। अर-रहमान - विकिपीडिया सूरा अर-रहमान (इंग्लिश: Ar-Rahman) इस्लाम के पवित्र ग्रन्थ कुरआन का 55 वां सूरा (अध्याय) है। इसमें 78 आयतें हैं। Surah Rahman: कुरान का 55वां अध्याय सूरह रहमान रोजाना पढ़ने से दूर ... Surah Rahman: सूरह रहमान कुरान का 55वां अध्याय है, जिसकी शुरुआत अल्लाह के गुण से होती है. सूरह कुरान का एक ऐसा अध्याय जो आपको अल्लाह के करीब लाता है. जानिए कुरा... Ar-Rahman. ... * 55:2. علم القران ٢ ... * 55:3. خلق الانسان ٣ ... * 55:4. علمه البيان ٤ ... * 55:5. الشمس والقمر بحسبان ٥ ... * 55:6. والنجم والشجر يس... सूरह अर-रहमान के बारे में | क़ुरआन-अमरैन - Amrayn Translated — सूरह अर-रहमान पवित्र कुरान का 55वां सूरह (अध्याय) है। इस सूरह का नाम "कृपालु" है। इसमें 78 आयतें हैं और यह पवित्र शहर मक्का में अवतरित हुई थी, यानी पैगंबर ﷺ के ... अर-रहमान - विकिपीडिया Translated — अर-रहमान (अरबी: ٱلرَّحْمَٰنِ, रोमनकृत: ar-raḥmān; अर्थ: दयालु; अत्यंत कृपालु; अत्यंत दयालु) कुरान का 55वां अध्याय (सूरह) है, जिसमें 78 आयतें हैं 55. Ar-Rahman - सूरा अर-रहमान - Ar-Rahman (Surah ५५). कुरान की जानकारी : अर-रहमान. القرآن الكريم: الرحمن. आयत सजदा (سجدة):, -. सूरा (latin):, Ar-Rahman. सूरा: 55. कुल आयत: 78. कुल शब्द: 351. क... कुरान में सूरा 55: विश्लेषण और प्रतीकवाद - Translated — केरी बीस साल से ज़्यादा समय से शिक्षिका और प्रशासक रही हैं। उनके पास शिक्षा में स्नातकोत्तर की डिग्री है। ... इस पाठ में, हम क़ुरआन की सूरह 55 का विश्लेषण करेंग.. Surah Rahman: कुरान का 55वां अध्याय सूरह रहमान रोजाना पढ़ने से दूर होंगी परेशानियां! जानें इसके सूरह रहमान कुरान का 55 वां अध्याय है, जिसकी शुरुआत अल्लाह के गुण से होती है. यह सूरह अल्लाह की असीम दया, दुनिया और आखिरत के नेमतों के साथ-साथ कयामत के दिन का जि... Surah Rahman: कुरान का 55वां अध्याय सूरह रहमान रोजाना पढ़ने से दूर होंगी परेशानियां! जानें इसके सूरह रहमान कुरान का 55 वां अध्याय है, जिसकी शुरुआत अल्लाह के गुण से होती है. यह सूरह अल्लाह की असीम दया, दुनिया और आखिरत के नेमतों के साथ-साथ कयामत के दिन का जि...1
- होटल में रेड पड़ी रेड की नाम रिलेशनशिप में दे दिया गया गढ़वा1
- Post by Soshil kumar singh1
- *हिंडाल्को कंपनी द्वारा लगाई गई स्ट्रीट लाइट सिस्टम बंद, हिंडाल्को के अधिकारी जिम्मेदारी से बचते नजर आए1
- हेमंत कुमार की रिपोर्ट डंडई प्रखंड मुख्यालय स्थित पैराडाइज पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर उत्साह और जोश के साथ भव्य शोभा यात्रा सह जागरूकता रैली निकाली। मंगलवार सुबह निकली रैली में शामिल बच्चों ने हाथों में तख्तियां लेकर समाज को शिक्षा, समानता और एकता का संदेश दिया। रैली बाजार समिति से शुरू होकर रविदास टोला, हनीफ शेख पेट्रोल पंप, थाना रोड और पुरानी बाजार होते हुए अंबेडकर चौक पहुंची। पूरे रास्ते “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो”, “बेटा-बेटी एक समान”, “भेदभाव मिटाओ, भाईचारा बढ़ाओ” जैसे जोशीले नारों से माहौल गूंजता रहा। अंबेडकर चौक पर पहुंचकर छात्र-छात्राओं ने बाबा साहेब सहित अन्य महापुरुषों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ भी किया गया, जिससे कार्यक्रम का महत्व और भी बढ़ गया। इसके बाद विद्यालय परिसर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जमुना प्रसाद रवि ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जागरूक करने और इतिहास से सीख लेने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने विद्यालय के प्रयासों की सराहना करते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। विद्यालय के निदेशक सिकंदर प्रजापति ने बाबा साहेब के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने समाज के हर वर्ग को अधिकार दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया। वहीं पूर्व प्राचार्य आर.के. विश्वकर्मा ने उनके मूल मंत्र “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” को जीवन में अपनाने पर जोर दिया। प्राचार्य बिंदु कुमार रवि ने भी छात्र-छात्राओं को बाबा साहेब के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली, जिससे पूरा वातावरण प्रेरणादायक बन गया।1