राजस्थान में ग्राम सभाओं की बैठकें: साल में दो अनिवार्य, चार प्रमुख तिथियों पर विशेष महत्व उदयपुर सहित पूरे राजस्थान में ग्राम सभा की बैठकों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हैं। राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 के प्रावधानों के तहत ग्राम सभा की बैठकें वित्तीय वर्ष के दौरान आयोजित की जाती हैं। इन बैठकों में विकास कार्यों की योजना, सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों का चयन, उपलब्धियों एवं खर्चों का लेखा-जोखा तथा सामाजिक अंकेक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा और प्रस्ताव लिए जाते हैं। वित्तीय वर्ष में बैठकों का महत्व वित्तीय वर्ष की शुरुआत में अप्रैल से जून के दौरान ग्राम सभा में आगामी विकास कार्यों की कार्ययोजना, विशेषकर ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP), से जुड़े प्रस्तावों और आंकड़ों पर चर्चा की जाती है। वहीं जनवरी से मार्च के दौरान पूरे वित्तीय वर्ष में हुए विकास कार्यों तथा उनके भौतिक एवं वित्तीय प्रगति का जायजा लेने के साथ सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया को महत्व दिया जाता है। चार प्रमुख अवसरों पर ग्राम सभा ग्रामीण विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े आंकड़ों, पात्र लाभार्थियों और विभिन्न प्रस्तावों के सत्यापन के लिए ग्राम सभाओं का आयोजन प्रमुख राष्ट्रीय पर्वों एवं महत्वपूर्ण तिथियों के आसपास भी किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से— 26 जनवरी — गणतंत्र दिवस 1 मई — मजदूर दिवस 15 अगस्त — स्वतंत्रता दिवस 2 अक्टूबर — गांधी जयंती इन अवसरों पर होने वाली ग्राम सभाओं में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण सहित विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं से संबंधित लाभार्थी सूचियों एवं प्रस्तावों का अनुमोदन और सत्यापन किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर विशेष ग्राम सभा किसी विशेष योजना, सर्वेक्षण, जनगणना अथवा नए आंकड़ों के संकलन की आवश्यकता होने पर पंचायती राज विभाग द्वारा विशेष ग्राम सभा आयोजित करने के निर्देश भी जारी किए जा सकते हैं। ऐसी बैठकों का उद्देश्य संबंधित योजना के लिए आवश्यक जानकारी एवं ग्रामीण स्तर के आंकड़ों का सत्यापन करना होता है। ग्रामीणों को पहले दी जाती है सूचना ग्राम सभा की बैठक की तिथि और एजेंडे की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर सूचना का प्रसार किया जाता है। इसमें पंचायत कार्यालय के नोटिस बोर्ड, मुनादी तथा अन्य स्थानीय माध्यमों का उपयोग किया जाता है। बैठक की सूचना निर्धारित समय से पहले ग्रामीणों को उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें भाग ले सकें। ग्राम सभा केवल औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि गांव के विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और सामाजिक अंकेक्षण में ग्रामीणों की प्रत्यक्ष भागीदारी का महत्वपूर्ण माध्यम है।
राजस्थान में ग्राम सभाओं की बैठकें: साल में दो अनिवार्य, चार प्रमुख तिथियों पर विशेष महत्व उदयपुर सहित पूरे राजस्थान में ग्राम सभा की बैठकों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हैं। राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 के प्रावधानों के तहत ग्राम सभा की बैठकें वित्तीय वर्ष के दौरान आयोजित की जाती हैं। इन बैठकों में विकास कार्यों की योजना, सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों का चयन, उपलब्धियों एवं खर्चों का लेखा-जोखा तथा सामाजिक अंकेक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा और प्रस्ताव लिए जाते हैं। वित्तीय वर्ष में बैठकों का महत्व वित्तीय वर्ष की शुरुआत में अप्रैल से जून के दौरान ग्राम सभा में आगामी विकास कार्यों की कार्ययोजना, विशेषकर ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP), से जुड़े प्रस्तावों और आंकड़ों पर चर्चा की जाती है। वहीं जनवरी से मार्च के दौरान पूरे वित्तीय वर्ष में हुए विकास कार्यों तथा उनके भौतिक एवं वित्तीय प्रगति का जायजा लेने के साथ सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया को महत्व दिया जाता है। चार प्रमुख अवसरों पर ग्राम सभा ग्रामीण विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े आंकड़ों, पात्र लाभार्थियों और विभिन्न प्रस्तावों के सत्यापन के लिए ग्राम सभाओं का आयोजन प्रमुख राष्ट्रीय पर्वों एवं महत्वपूर्ण तिथियों के आसपास भी किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से— 26 जनवरी — गणतंत्र दिवस 1 मई — मजदूर दिवस 15 अगस्त — स्वतंत्रता दिवस 2 अक्टूबर — गांधी जयंती इन अवसरों पर होने वाली ग्राम सभाओं में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण सहित विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं से संबंधित लाभार्थी सूचियों एवं प्रस्तावों का अनुमोदन और सत्यापन किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर विशेष ग्राम सभा किसी विशेष योजना, सर्वेक्षण, जनगणना अथवा नए आंकड़ों के संकलन की आवश्यकता होने पर पंचायती राज विभाग द्वारा विशेष ग्राम सभा आयोजित करने के निर्देश भी जारी किए जा सकते हैं। ऐसी बैठकों का उद्देश्य संबंधित योजना के लिए आवश्यक जानकारी एवं ग्रामीण स्तर के आंकड़ों का सत्यापन करना होता है। ग्रामीणों को पहले दी जाती है सूचना ग्राम सभा की बैठक की तिथि और एजेंडे की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर सूचना का प्रसार किया जाता है। इसमें पंचायत कार्यालय के नोटिस बोर्ड, मुनादी तथा अन्य स्थानीय माध्यमों का उपयोग किया जाता है। बैठक की सूचना निर्धारित समय से पहले ग्रामीणों को उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें भाग ले सकें। ग्राम सभा केवल औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि गांव के विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और सामाजिक अंकेक्षण में ग्रामीणों की प्रत्यक्ष भागीदारी का महत्वपूर्ण माध्यम है।
- उदयपुर के डबोक airport पर गुंडाराज, taxi चालक ने बताया अपना दर्द1
- झाड़ोल स्कूल में पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता, विद्यार्थियों को BIS मानकों के प्रति किया जागरूक राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय झाड़ोल में 22 अगस्त को भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) जयपुर शाखा की ओर से संचालित मानक क्लब के तत्वावधान में पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में मानक क्लब से जुड़े विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य विनोद कुमार ने विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले विभिन्न उत्पादों की गुणवत्ता जांचने तथा ISI मार्क देखकर ही सामग्री खरीदने के लिए प्रेरित किया। उप प्राचार्य पदम प्रकाश जैन ने कहा कि मानक चिन्हों की जानकारी आमजन को ठगी से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मानक क्लब प्रभारी राजीव धर द्विवेदी ने विद्यार्थियों को भारतीय मानक ब्यूरो की स्थापना, कार्य एवं उद्देश्यों, निर्धारित मानक चिन्हों तथा BIS द्वारा बनाए गए विभिन्न मानकों की जानकारी दी। उन्होंने BIS Care एप के उपयोग के बारे में भी बताया और विद्यार्थियों से अपने आसपास के लोगों को मानक चिन्हों की पहचान के प्रति जागरूक करने की अपील की। प्रतियोगिता में भावना खराड़ी (कक्षा 11E) ने प्रथम, वंदना पारगी (11E) ने द्वितीय, रोशनी डोडियार (12D) ने तृतीय तथा राजू मेरावत (11D) ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया। पोस्टर का मूल्यांकन बबीता खाथूरिया, जशोदा मेघवाल, ममता मेघवाल, स्वस्ति गोस्वामी, शमशाद परवीन, कुसुम पुरबिया एवं कुणाल मीणा ने किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए अल्पाहार की व्यवस्था भी की गई। विद्यालय के उप प्राचार्य महावीर पुरबिया, पुष्पेंद्र कुमार चौबीसा, शमशाद परवीन, सोहन लाल पटेल, मंजू मैडम, भगवती लाल मेघवाल सहित विद्यालय स्टाफ ने कार्यक्रम में सहभागिता की। अंत में पुष्पेंद्र कुमार चौबीसा ने आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की।1
- ब्लॉक स्तरीय छात्र क्रिकेट प्रतियोगिता में नवानिया स्कूल बना विजेता, ग्रामीणों ने किया स्वागत वल्लभनगर ब्लॉक स्तरीय 19 वर्ष छात्र क्रिकेट प्रतियोगिता में पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नवानिया ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए विजेता होने का गौरव प्राप्त किया। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मेनार द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में नवानिया ने सेमीफाइनल में करणपुर एवं फाइनल में बाठेड़ा को 10 विकेट से हरा करके पांचवीं बार विजेता बनने का गौरव प्राप्त किया है। टीम मैनेजर डॉ. बी एल नागदा एवं शारीरिक शिक्षक सुरेश जाट के नेतृत्व में टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।1
- रूपनारायण दर्शन रिपोर्टर नंदलाल पुरबिया न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल नांदोली राजसमंद राजस्थान1
- ऑपरेशन सुदर्शन चक्र- 2 के तहत राजसमंद पुलिस की प्रभावी कार्रवाई तरुण जोशी राजसमंद 9414239 644 राजसमंद पुलिस का सफल ऑपरेशन सुदर्शन चक्र 2 , नशे की लत और अवैध कारोबारों पर सफल साबित हो रहा ऑपरेशन, जिले में नशे की प्रवृत्ति पर काफी हद तक लग रही लगाम, राजसमंद एसपी हेमंत कुमार कलाल ने पत्रकार वार्ता में दी जानकारी,1
- करजालीसे समेलिया महादेव जी कावड़ यात्रा निकल गई और जल और जल चढ़कर अभिषेक किया गया इसमें बारिश अच्छे आने के कारण2
- जीतावास विद्यालय प्रकरण में शिक्षकों की बहाली की मांग, शिक्षक संगठनों ने रैली निकालकर किया प्रदर्शन जीतावास विद्यालय प्रकरण में शिक्षकों की बहाली की मांग, शिक्षक संगठनों ने रैली निकालकर किया प्रदर्शन रेलमगरा। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जीतावास में कार्यरत शिक्षक हरीश कुमार विजयवर्गीय एवं शिक्षिका रिंकू बाला आचार्य के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को लेकर शिक्षक संगठनों में रोष बढ़ता जा रहा है। दोनों शिक्षकों के समर्थन में मंगलवार को अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ एवं प्रारंभिक शारीरिक शिक्षक संघ सहित विभिन्न शिक्षक संगठनों के सैकड़ों शिक्षक एकत्रित हुए और विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षक संगठन के सदस्य रैली के रूप में उपखंड कार्यालय की ओर रवाना हुए। इस दौरान रेलमगरा के मुख्य बस स्टैंड पर मानव श्रृंखला बनाकर विरोध जताया गया। इसके बाद शिक्षक रैली के रूप में उपखंड कार्यालय पहुंचे, जहां उपखंड अधिकारी आकांक्षा दुबे को ज्ञापन सौंपकर प्रकरण में निष्पक्ष जांच, शिक्षकों की बहाली तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की गई। आरोपों को बताया तथ्यहीन, बहाली की मांग ज्ञापन में शिक्षक हरीश कुमार विजयवर्गीय एवं शिक्षिका रिंकू बाला आचार्य के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को तथ्यहीन एवं निराधार बताते हुए उनके आधार पर की जा रही विभागीय कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की मांग की गई। शिक्षक संगठनों ने दोनों कार्मिकों को शीघ्र बहाल करने तथा विद्यालयों में शिक्षकों को अनावश्यक रूप से प्रताड़ित किए जाने की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की। संगठनों ने कहा कि विद्यालयों में बाहरी व्यक्तियों के अनावश्यक हस्तक्षेप से शिक्षकों पर मानसिक दबाव बनता है और इसका प्रतिकूल प्रभाव शैक्षणिक वातावरण पर पड़ता है। किसी भी शिक्षक के विरुद्ध शिकायत मिलने पर पहले तथ्यात्मक जांच एवं निष्पक्ष सुनवाई की जाए और उसके बाद ही विभागीय कार्रवाई की जाए। सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल करने वालों पर कार्रवाई की मांग प्रारंभिक शारीरिक शिक्षक संघ की ओर से दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा शिक्षक हरीश कुमार विजयवर्गीय एवं शिक्षिका रिंकू बाला आचार्य की सामाजिक प्रतिष्ठा और छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है। संगठन ने ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने तथा शिक्षकों को उचित सुरक्षा एवं मानसिक संबल उपलब्ध कराने की मांग की। शिक्षक प्रतिनिधियों ने उपखंड अधिकारी से मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष एवं संवेदनशील हस्तक्षेप कर उचित निर्णय लेने का आग्रह किया। ये रहे मौजूद प्रदर्शन के दौरान अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उपशाखा अध्यक्ष मुकेश कुमार सुथार, प्रारंभिक शारीरिक शिक्षक संघ अध्यक्ष नीलम सोमानी, प्रेम सिंह राणावत, राधेश्याम वैष्णव, अरुण कुमार, राजेश राजौरा, धनराज गोस्वामी, भगवान लाल सुखवाल, राजेश आचार्य, मदन लाल प्रधानाचार्य, सुरेश चंद्र पीपला, रमेश गर्ग, कमला शंकर, ओम प्रकाश जीनगर, मेनारिया, लक्ष्मी नारायण तोषनीवाल, विजय शर्मा, तारा पारीक, दिलखुश, वर्षा माहेश्वरी, उर्मिला विजयवर्गीय, रामगनी मीणा, दिनेश बेरवा, गोविन्द व्यास, शांतिलाल कुमावत, अनिल जीनगर, फणीश्वर राजौरा, दिनेश खटीक, रमेश बैरागी, सीताराम खटीक, नितेश बैरागी, कमलेश जाट, जारमुकेश दाधीच, शंकर सिंह सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे। शिक्षक संगठनों ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों के सम्मान, सुरक्षा और गरिमा से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा प्रकरण में न्यायोचित कार्रवाई होने तक संगठन स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।4
- उदयपुर के झाड़ोल ब्लॉक की श्रेष्ठ प्रतिभाओं का हुआ सम्मान झाड़ोल ब्लॉक की श्रेष्ठ प्रतिभाओं का हुआ सम्मान1