पंडोखर सरकार और धीरेंद्र शास्त्री के बयानों से गरमाया माहौल, सिद्धियों और दावों पर छिड़ी बहस पंडोखर सरकार और धीरेंद्र शास्त्री के बयानों से गरमाया माहौल, सिद्धियों और दावों पर छिड़ी बहस (विशेष नोट: हालांकि, यह वायरल वीडियो कब का है और किस संदर्भ में पूरी बात कही गई थी, इस बात की पुष्टि 'कवरेज रिपोर्ट इंडिया' नहीं करता है।) बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और पंडोखर सरकार के नाम से प्रसिद्ध गुरुशरण महाराज के बयानों को लेकर सोशल मीडिया और धार्मिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। दोनों ओर से सामने आए बयानों और दावों के बाद सिद्धियों और चमत्कारिक दावों को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। वायरल वीडियो और बयानों के अनुसार, पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक कथा या मंच के दौरान किसी संत या साधक के शिष्यों द्वारा नोट नंबर, मोबाइल नंबर और आधार नंबर बताने के दावों पर सवाल खड़े किए थे। धीरेंद्र शास्त्री का कहना था कि यदि कोई इस तरह के नंबर बता सकता है, तो वह सट्टे का नंबर क्यों नहीं बताता। उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि जो लोग भारी-भरकम राशि लेकर पर्चा खोलते हैं, यदि वे सट्टे का नंबर बता दें तो करोड़ों रुपये कमा सकते हैं। धीरेंद्र शास्त्री के इस बयान के बाद पंडोखर सरकार (गुरुशरण महाराज) का कड़ा पलटवार सामने आया। पंडोखर सरकार ने तीखे तेवरों में अपनी सिद्धियों का बचाव करते हुए खुले मंच से चुनौती दी। उन्होंने कहा कि 35 वर्षों की साधना और अनुभव के आगे धीरेंद्र शास्त्री अभी उम्र और अनुभव में काफी छोटे हैं। पंडोखर सरकार ने कहा कि वे अपनी आध्यात्मिक शक्तियों पर पूरा विश्वास रखते हैं और किसी भी तरह की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने मीडिया और टीआरपी की होड़ में बयानबाज़ी करने वालों पर भी निशाना साधा। इस बयानबाज़ी के बाद दोनों कथावाचकों और पीठों के समर्थकों के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां धीरेंद्र शास्त्री के अनुयायी इसे अंधविश्वास और व्यापार के खिलाफ एक बेबाक बयान मान रहे हैं, वहीं पंडोखर सरकार के समर्थक इसे अपनी पीठ की प्राचीन परंपरा और सिद्धियों का अपमान बता रहे हैं। फिलहाल इस वाकयुद्ध ने धार्मिक मंचों पर सिद्धियों के प्रदर्शन और उनके व्यावहारिक आधार को लेकर एक नई बहस को जन्म दे दिया है।
पंडोखर सरकार और धीरेंद्र शास्त्री के बयानों से गरमाया माहौल, सिद्धियों और दावों पर छिड़ी बहस पंडोखर सरकार और धीरेंद्र शास्त्री के बयानों से गरमाया माहौल, सिद्धियों और दावों पर छिड़ी बहस (विशेष नोट: हालांकि, यह वायरल वीडियो कब का है और किस संदर्भ में पूरी बात कही गई थी, इस बात की पुष्टि 'कवरेज रिपोर्ट इंडिया' नहीं करता है।) बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और पंडोखर सरकार के नाम से प्रसिद्ध गुरुशरण महाराज के बयानों को लेकर सोशल मीडिया और धार्मिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। दोनों ओर से सामने आए बयानों और दावों के बाद सिद्धियों और चमत्कारिक दावों को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। वायरल वीडियो और बयानों के अनुसार, पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक कथा या मंच के दौरान किसी संत या साधक के शिष्यों द्वारा नोट नंबर, मोबाइल नंबर और आधार नंबर बताने के दावों पर सवाल खड़े किए थे। धीरेंद्र शास्त्री का कहना था कि यदि कोई इस तरह के नंबर बता सकता है, तो वह सट्टे का नंबर क्यों नहीं बताता। उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि जो लोग भारी-भरकम राशि लेकर पर्चा खोलते हैं, यदि वे सट्टे का नंबर बता दें तो करोड़ों रुपये कमा सकते हैं। धीरेंद्र शास्त्री के इस बयान के बाद पंडोखर सरकार (गुरुशरण महाराज) का कड़ा पलटवार सामने आया। पंडोखर सरकार ने तीखे तेवरों में अपनी सिद्धियों का बचाव करते हुए खुले मंच से चुनौती दी। उन्होंने कहा कि 35 वर्षों की साधना और अनुभव के आगे धीरेंद्र शास्त्री अभी उम्र और अनुभव में काफी छोटे हैं। पंडोखर सरकार ने कहा कि वे अपनी आध्यात्मिक शक्तियों पर पूरा विश्वास रखते हैं और किसी भी तरह की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने मीडिया और टीआरपी की होड़ में बयानबाज़ी करने वालों पर भी निशाना साधा। इस बयानबाज़ी के बाद दोनों कथावाचकों और पीठों के समर्थकों के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां धीरेंद्र शास्त्री के अनुयायी इसे अंधविश्वास और व्यापार के खिलाफ एक बेबाक बयान मान रहे हैं, वहीं पंडोखर सरकार के समर्थक इसे अपनी पीठ की प्राचीन परंपरा और सिद्धियों का अपमान बता रहे हैं। फिलहाल इस वाकयुद्ध ने धार्मिक मंचों पर सिद्धियों के प्रदर्शन और उनके व्यावहारिक आधार को लेकर एक नई बहस को जन्म दे दिया है।
- एससी/एसटी एक्ट के दुरुपयोग के विरोध में सवर्ण अधिकारी-कर्मचारी समाज ने पुलिस अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन एससी/एसटी एक्ट के दुरुपयोग के विरोध में सवर्ण अधिकारी-कर्मचारी समाज ने पुलिस अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन पन्ना। अजयगढ़ थाने में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किए गए एक मामले के विरोध में सवर्ण अधिकारी कर्मचारी सामान्य उत्थान परिषद ने मोर्चा खोल दिया है। परिषद के सदस्यों एवं सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने जिला मुख्यालय पहुँचकर पुलिस अधीक्षक (SP) के नाम ज्ञापन सौंपा और मामले की निष्पक्ष व गहन जाँच कराने की माँग की। झूठे मामले में फंसाने का आरोप ज्ञापन सौंपने पहुंचे परिषद के पदाधिकारियों का कहना है कि अजयगढ़ थाने में दर्ज किया गया यह मामला पूर्वाग्रह और द्वेष भावना से प्रेरित है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक्ट का दुरुपयोग कर निर्दोष व्यक्ति/कर्मचारी को मानसिक एवं सामाजिक रूप से प्रताड़ित करने की मंशा से यह एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई है। निष्पक्ष जाँच और कार्रवाई की माँग ज्ञापन के माध्यम से सवर्ण समाज और संगठन ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि: अजयगढ़ थाने में दर्ज मामले की किसी वरिष्ठ अधिकारी द्वारा निष्पक्ष और पारदर्शी जाँच कराई जाए। बिना ठोस सबूत और प्राथमिक जाँच के किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। यदि जाँच में आरोप असत्य या झूठे पाए जाते हैं, तो दुर्भावनापूर्वक शिकायत दर्ज कराने वाले व्यक्ति के खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी परिषद के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि यदि मामले में न्यायसंगत कार्रवाई नहीं हुई और निष्पक्ष जाँच के बिना कोई एकतरफा कदम उठाया गया, तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान सवर्ण अधिकारी कर्मचारी सामान्य उत्थान परिषद के जिला एवं स्थानीय पदाधिकारी, सदस्य तथा बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे। पुलिस प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए मामले में नियमानुसार व निष्पक्ष जाँच का आश्वासन दिया1
- hello Hardik Satyam is video mein hota hai isiliye aage badhen aur isiliye like Karen photo frame share Karen subscribe Karen1
- सही तो कहा था भारतवासियों के लिए पंडित श्री जवाहरलाल नेहरू जी ने लेकिन अंध भक्तों को अभी तक समझ नहीं आया सही तो कहा था भारतवासियों के लिए पंडित श्री जवाहरलाल नेहरू जी ने लेकिन अंध भक्तों को अभी तक समझ नहीं आया1
- 💐😭 अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब… सम्मान से विदा हुए फोई लाल चौधरी जी। 🕯️🙏😭 सामाजिक कार्यकर्ता रामभुवन चौधरी जी पन्ना1
- पन्ना की धरती ने उगला 27.29 कैरेट का बेशकीमती हीरा स्लग: एनएमडीसी की मझगवां हीरा खनन परियोजना में मिली बड़ी कामयाबी एंकर: पन्ना की धरती एक बार फिर अपने बेशकीमती हीरे की चमक से सुर्खियों में है। एनएमडीसी लिमिटेड की मझगवां हीरा खनन परियोजना में 27.29 कैरेट का बहुमूल्य हीरा प्राप्त हुआ है। यह हीरा 15 सितंबर 2026 को खनन के दौरान मिला है। वीओ: पन्ना। मध्यप्रदेश का पन्ना जिला देश और दुनिया में अपने प्राकृतिक हीरों के लिए जाना जाता है। इसी पहचान को एक बार फिर मजबूती देते हुए एनएमडीसी लिमिटेड की हीरा खनन परियोजना, मझगवां में 27.29 कैरेट का बेशकीमती हीरा मिला है। 15 सितंबर को प्राप्त हुए इस हीरे को परियोजना की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। एनएमडीसी के अनुसार, यह उपलब्धि आधुनिक खनन तकनीक, तकनीकी दक्षता और परियोजना में कार्यरत टीम के समर्पित प्रयासों का परिणाम है। पन्ना की धरती से निकला यह बहुमूल्य रत्न एक बार फिर जिले की हीरा नगरी के रूप में पहचान को सामने लाता है। अब इस हीरे की आगामी प्रक्रिया नियमानुसार की जाएगी। एंकर आउट: पन्ना के हीरों की चमक देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान रखती है। 27.29 कैरेट के इस बेशकीमती हीरे ने एक बार फिर पन्ना को सुर्खियों में ला दिया है।1
- 12 जिंदगियों पर मंडराया मौत का साया; पन्ना टाइगर रिजर्व से विस्थापित आदिवासियों पर 'काल' बनकर खिसका पहाड़! 7 फीट दूर दलदल,दहशत में रहवासी 12 जिंदगियों पर मंडराया मौत का साया; पन्ना टाइगर रिजर्व से विस्थापित आदिवासियों पर 'काल' बनकर खिसका पहाड़! 7 फीट दूर दलदल,दहशत में रहवासी1
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