सहरसा जिले के नौहट्टा प्रखंड अंतर्गत मोहनपुर गांव में मुहर्रम का त्योहार अत्यंत श्रद्धा और शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर कर्बला के शहीदों की याद में इमामबाड़े और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में अकीदतमंद उमड़ पड़े। मुहर्रम के मौके पर मोहनपुर में पारंपरिक रूप से आयोजित होने वाले 'जंघी' खेल को देखने के लिए भी भारी भीड़ इकट्ठा हुई। सफेद पोशाक और सिर पर पगड़ी बांधे युवा टोलियों ने ढोल-ताशों की मातमी धुन पर अस्त्र-शबाज़ी और विभिन्न पारंपरिक करतबों का जीवंत प्रदर्शन किया। इस दौरान पूरा माहौल "या अली, या हुसैन" के नारों से गूंज उठा। रंग-बिरंगे झंडों और अलम के साथ निकाला गया यह जुलूस सभी का ध्यान अपनी ओर खींचने में सफल रहा। आयोजन के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद दिखे। नौहट्टा प्रखंड प्रशासन द्वारा संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। वहीं, मोहनपुर के स्थानीय गणमान्य लोगों और शांति समिति के सदस्यों ने भी जुलूस को अनुशासित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने में सक्रिय भूमिका निभाई। यह आयोजन केवल मुस्लिम समुदाय तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि विभिन्न समुदायों के लोगों ने भी इसमें अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। यह घटना क्षेत्र की समृद्ध गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी भाईचारे की एक अनूठी मिसाल पेश करती है। बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक, सभी आयु वर्ग के लोग इस पारंपरिक आयोजन के गवाह बने।
सहरसा जिले के नौहट्टा प्रखंड अंतर्गत मोहनपुर गांव में मुहर्रम का त्योहार अत्यंत श्रद्धा और शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर कर्बला के शहीदों की याद में इमामबाड़े और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में अकीदतमंद उमड़ पड़े। मुहर्रम के मौके पर मोहनपुर में पारंपरिक रूप से आयोजित होने वाले 'जंघी' खेल को देखने के लिए भी भारी भीड़ इकट्ठा हुई। सफेद पोशाक और सिर पर पगड़ी बांधे युवा टोलियों ने ढोल-ताशों की मातमी धुन पर अस्त्र-शबाज़ी और विभिन्न पारंपरिक करतबों का जीवंत प्रदर्शन किया। इस दौरान पूरा माहौल "या अली, या हुसैन" के नारों से गूंज उठा। रंग-बिरंगे झंडों और अलम के साथ निकाला गया यह जुलूस सभी का ध्यान अपनी ओर खींचने में सफल रहा। आयोजन के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद दिखे। नौहट्टा प्रखंड प्रशासन द्वारा संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। वहीं, मोहनपुर के स्थानीय गणमान्य लोगों और शांति समिति के सदस्यों ने भी जुलूस को अनुशासित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने में सक्रिय भूमिका निभाई। यह आयोजन केवल मुस्लिम समुदाय तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि विभिन्न समुदायों के लोगों ने भी इसमें अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। यह घटना क्षेत्र की समृद्ध गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी भाईचारे की एक अनूठी मिसाल पेश करती है। बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक, सभी आयु वर्ग के लोग इस पारंपरिक आयोजन के गवाह बने।
- नेपाल बैराज के बाईस फाटक खोले जाने के बाद कोसी नदी ने विकराल रूप ले लिया है।1
- कोसी नदी में जलस्तर काफी बढ़ गया है, जिसके कारण स्थानीय लोगों का जीवन बहुत मुश्किल हो गया है। इस वृद्धि ने क्षेत्र की फसलों को भी बर्बाद कर दिया है।1
- बिहार के सुपौल जिले के पिपरा स्थित एक गांव में वाहन से जुड़ी अत्यंत दयनीय स्थिति सामने आई है। स्थानीय लोगों ने इस बात पर चिंता व्यक्त की है कि गांव में वाहनों की हालत इतनी खराब हो चुकी है, लेकिन इसकी मरम्मत के बारे में अभी तक किसी ने कोई विचार नहीं किया है और न ही इस दिशा में कोई पहल की गई है।1
- समस्तीपुर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आगमन पर उनका भव्य स्वागत किया गया। इसी अवसर पर, भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने जिले की अनेकों जनसमस्याओं के निदान हेतु एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया।1
- मधुबनी से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ टाउन थाना पुलिस ने शराब माफिया और रंगदारी (एक्सटॉर्शन) से जुड़े दो आरोपियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए इन आरोपियों की पहचान अर्जुन मंडल और किशन राम के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी अर्जुन मंडल के खिलाफ शराब तस्करी, रंगदारी और जुआ अधिनियम से संबंधित कई मामले दर्ज हैं। इसी तरह, किशन राम पर भी रंगदारी और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामले पहले से दर्ज बताए जा रहे हैं। इन दोनों आरोपियों पर पुलिस टीम पर हमला करने का भी आरोप है।1
- Main Kya jaanta hun is bare mein Bhagwan jaane is baat Ko Jara Gaur Se sunna Insan jaane follow to jaruri kar dena bhai1
- सहरसा के नौहट्टा प्रखंड अंतर्गत मोहनपुर गांव में यौम-ए-आशूरा (मुहर्रम) का त्योहार पूरे अकीदत, पारंपरिक उत्साह और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मोहनपुर में भव्य ताजिया का निर्माण किया गया था, और मुहर्रम के आठवें दिन अकीदत तथा उत्साह का माहौल चरम पर देखने को मिला। इसे देखने के लिए आस-पास के इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। खेला के दौरान, अखाड़े के युवाओं ने लाठी, डंडे, तलवार और पारंपरिक हथियारों के साथ एक से बढ़कर एक हैरतअंगेज करतब दिखाए। 'या हुसैन, या हुसैन' के नारों से पूरा माहौल गूंज उठा, और युवाओं के हुनर तथा उनके हैरतअंगेज प्रदर्शन ने वहां मौजूद सभी दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। मोहनपुर में आयोजित इस मुहर्रम जुलूस की सबसे खास बात यहाँ का सामाजिक सौहार्द रहा, जो गंगा-जमुनी तहजीब का एक अनूठा नजारा पेश कर गया। अखाड़े में न केवल मुस्लिम समुदाय के लोगों ने, बल्कि हिंदू समाज के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग किया। इस आयोजन ने क्षेत्र में आपसी भाईचारे की एक अनूठी मिसाल प्रस्तुत की, जो शांति और सौहार्द का प्रतीक बनी।1
- आज प्रखंड विकास पदाधिकारी विवेक रंजन, अंचल अधिकारी कुमारी सरिता रानी, और थाना प्रभारी सिंघिया श्याम कुमार मेहता ने मुहर्रम पर्व के मद्देनजर सिंघिया के संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा किया। इस भ्रमण के दौरान, सभी अधिकारियों ने आमजन से अपील की कि वे मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाएं।1
- मधेपुरा जिले के मुरलीगंज में मुहर्रम पर्व के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से बुधवार को पुलिस ने शहर के प्रमुख इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला। इस दौरान आम लोगों से अफवाहों से दूर रहने और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की गई। प्रशिक्षु डीएसपी सह थानाध्यक्ष नूरुल हक के नेतृत्व में यह फ्लैग मार्च थाना परिसर से शुरू हुआ और बाजार के मुख्य मार्गों, चौक-चौराहों, तथा संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरा। मार्च में बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल थे। पुलिस टीम ने लोगों से मुहर्रम को शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे के साथ मनाने का आग्रह किया। फ्लैग मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का जायजा भी लिया गया, और यह संदेश दिया गया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। साथ ही, किसी भी तरह की अफवाह या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई। पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे मुहर्रम पर्व को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं, और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती भी की गई है, जिससे आम लोगों के सहयोग से पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जा सके। प्रशासन की इस सक्रियता से आम लोगों में सुरक्षा के प्रति विश्वास बढ़ा है, जबकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।3