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नेपाल बैराज के बाईस फाटक खोले जाने के बाद कोसी नदी ने विकराल रूप ले लिया है।
Mukesh kr mandal
नेपाल बैराज के बाईस फाटक खोले जाने के बाद कोसी नदी ने विकराल रूप ले लिया है।
- Muzaffarpur ki batchitबांद्रा, मुजफ्फरपुर, बिहार🤝1 hr ago
More news from Saharsa and nearby areas
- नेपाल बैराज के बाईस फाटक खोले जाने के बाद कोसी नदी ने विकराल रूप ले लिया है।1
- सहरसा सदर थाना द्वारा की गई एक कार्रवाई में अनैतिक गतिविधियों का खुलासा हुआ है। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप, पुलिस ने कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया है।1
- सहरसा जिले के महिषी से प्राप्त जानकारी में बीए फाइनल का जिक्र किया गया है।1
- सुपौल जिले के निर्मली प्रखंड अंतर्गत कमलपुर में वार्ड नंबर 6 और 7 की सड़कों का निर्माण कार्य किया जा रहा है।1
- दरभंगा के पुतई गाँव के वार्ड-01 में लगातार शिकायतों और जनआवाज़ उठाने के लगभग दो सप्ताह बाद अंततः एक नया मोटर लगाया गया, जिसके फलस्वरूप जलापूर्ति फिर से शुरू हो गई। इस समस्या को लेकर स्थानीय लोग काफी समय से अपनी बात उठा रहे थे। हालांकि, यह उपलब्धि केवल महथौर पंचायत के वार्ड-01 तक ही सीमित है। पंचायत के कई अन्य वार्ड आज भी पेयजल, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं की गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक हर वार्ड तक आवश्यक सुविधाएँ नहीं पहुँच जातीं, तब तक उनकी आवाज़ उठती रहेगी और वे सभी वंचित वार्डों के लिए अपने हकों का संघर्ष जारी रखेंगे।1
- मधेपुरा जिले के मुरलीगंज में मुहर्रम पर्व के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से बुधवार को पुलिस ने शहर के प्रमुख इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला। इस दौरान आम लोगों से अफवाहों से दूर रहने और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की गई। प्रशिक्षु डीएसपी सह थानाध्यक्ष नूरुल हक के नेतृत्व में यह फ्लैग मार्च थाना परिसर से शुरू हुआ और बाजार के मुख्य मार्गों, चौक-चौराहों, तथा संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरा। मार्च में बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल थे। पुलिस टीम ने लोगों से मुहर्रम को शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे के साथ मनाने का आग्रह किया। फ्लैग मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का जायजा भी लिया गया, और यह संदेश दिया गया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। साथ ही, किसी भी तरह की अफवाह या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई। पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे मुहर्रम पर्व को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं, और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती भी की गई है, जिससे आम लोगों के सहयोग से पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जा सके। प्रशासन की इस सक्रियता से आम लोगों में सुरक्षा के प्रति विश्वास बढ़ा है, जबकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।3
- बिहार के मधेपुरा जिले के गम्हरिया प्रखंड के चिकनी फुलका गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है, जो विधवा महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाता है। दो छोटे बच्चों की मां पूजा रानी ने अपने सौतेले भैंसुर विकास यादव और उसके समर्थकों पर उनकी जमीन हड़पने, लगातार प्रताड़ित करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पूजा रानी का कहना है कि उनके पति नितेश कुमार उर्फ नीतीश की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं और उन्हें अब अपने बच्चों की सुरक्षा की चिंता सता रही है। पूजा रानी के अनुसार, उनके पति के निधन के बाद से ही उनके सौतेले भैंसुर और उनके समर्थक लगातार उनकी जमीन और संपत्ति पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। वर्ष 2024 में, जब उन्होंने अपनी जमीन पर फसल लगाई, तब कथित तौर पर आरोपियों ने ट्रैक्टर चलाकर पूरी फसल बर्बाद कर दी थी। इतना ही नहीं, जुलाई-अगस्त 2024 में पति के नाम का गलत इस्तेमाल कर जमीन की रजिस्ट्री कराने की कोशिश भी की गई। पीड़िता ने इस मामले में धोखाधड़ी समेत कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया है, जो वर्तमान में न्यायालय में लंबित है। पूजा रानी का आरोप है कि स्थानीय थाने और प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार शिकायत करने के बावजूद उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है। उनके परिवार के कुछ सदस्य उनके साथ खड़े हैं, लेकिन मुख्य आरोपी अदालत की तारीखों पर भी उपस्थित नहीं हो रहा। पूजा रानी ने बताया कि वह पिछले एक साल से थाना, एसडीओ कार्यालय और अन्य सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रही हैं और हाल ही में उन्होंने डीएम कार्यालय में भी सभी दस्तावेज जमा कर कार्रवाई की मांग की है। डर और असुरक्षा के कारण उन्होंने अपने दोनों बच्चों को मायके भेज दिया है। इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अगर एक विधवा महिला को न्याय पाने के लिए महीनों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ें, तो महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर किए जा रहे दावों की सच्चाई क्या है। फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।4
- सहसा जिले के बैजनाथपुर चौक पर वाहन चालकों और आम राहगीरों को लगातार कई समस्याओं का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। बारिश के बाद सड़क मार्ग का जलमग्न होना और फ्लाईओवर के नीचे जगह की कमी के कारण लंबे वाहनों का मुड़ न पाना, नियमित रूप से भीषण जाम की समस्या उत्पन्न करता है, जिससे निकलने के लिए चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। अब इन समस्याओं के बीच एक नई परेशानी खड़ी हो गई है। जिन वाहन चालकों को फ्लाईओवर के ऊपर से नहीं जाना होता है, वे बीच सड़क से ही नीचे उतरना चाहते हैं, लेकिन सड़क मार्ग पर रोड स्टट लाइटें न लगे होने के कारण उन्हें सड़क की गहराई या चौड़ाई का पता नहीं चल पाता है, जिससे वे हादसे का शिकार हो जाते हैं। मंगलवार देर शाम ऐसी ही एक घटना सामने आई, जब एक चार पहिया वाहन चालक को फ्लाईओवर के ऊपर से नहीं जाना था और उसने बीच सड़क से ही नीचे उतरने का प्रयास किया। रात के समय सड़क मार्ग के दोनों किनारों पर चमकती हुई लाइटें दिखाई नहीं दीं, जिससे उसे पता नहीं चल पाया कि बगल में सड़क नहीं बल्कि खाई है। चालक बाल-बाल हादसे का शिकार होने से बच गया, जिसे स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने मिलकर किसी तरह सुरक्षित बचाया, अन्यथा एक और जान जा सकती थी। ऐसे में अब देखना होगा कि बैजनाथपुर चौक पार करने के लिए लोगों को और कितने दिन देखने पड़ेंगे।1