बिहार के मधेपुरा जिले के गम्हरिया प्रखंड के चिकनी फुलका गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है, जो विधवा महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाता है। दो छोटे बच्चों की मां पूजा रानी ने अपने सौतेले भैंसुर विकास यादव और उसके समर्थकों पर उनकी जमीन हड़पने, लगातार प्रताड़ित करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पूजा रानी का कहना है कि उनके पति नितेश कुमार उर्फ नीतीश की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं और उन्हें अब अपने बच्चों की सुरक्षा की चिंता सता रही है। पूजा रानी के अनुसार, उनके पति के निधन के बाद से ही उनके सौतेले भैंसुर और उनके समर्थक लगातार उनकी जमीन और संपत्ति पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। वर्ष 2024 में, जब उन्होंने अपनी जमीन पर फसल लगाई, तब कथित तौर पर आरोपियों ने ट्रैक्टर चलाकर पूरी फसल बर्बाद कर दी थी। इतना ही नहीं, जुलाई-अगस्त 2024 में पति के नाम का गलत इस्तेमाल कर जमीन की रजिस्ट्री कराने की कोशिश भी की गई। पीड़िता ने इस मामले में धोखाधड़ी समेत कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया है, जो वर्तमान में न्यायालय में लंबित है। पूजा रानी का आरोप है कि स्थानीय थाने और प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार शिकायत करने के बावजूद उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है। उनके परिवार के कुछ सदस्य उनके साथ खड़े हैं, लेकिन मुख्य आरोपी अदालत की तारीखों पर भी उपस्थित नहीं हो रहा। पूजा रानी ने बताया कि वह पिछले एक साल से थाना, एसडीओ कार्यालय और अन्य सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रही हैं और हाल ही में उन्होंने डीएम कार्यालय में भी सभी दस्तावेज जमा कर कार्रवाई की मांग की है। डर और असुरक्षा के कारण उन्होंने अपने दोनों बच्चों को मायके भेज दिया है। इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अगर एक विधवा महिला को न्याय पाने के लिए महीनों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ें, तो महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर किए जा रहे दावों की सच्चाई क्या है। फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
बिहार के मधेपुरा जिले के गम्हरिया प्रखंड के चिकनी फुलका गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है, जो विधवा महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाता है। दो छोटे बच्चों की मां पूजा रानी ने अपने सौतेले भैंसुर विकास यादव और उसके समर्थकों पर उनकी जमीन हड़पने, लगातार प्रताड़ित करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पूजा रानी का कहना है कि उनके पति नितेश कुमार उर्फ नीतीश की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद से उनकी मुश्किलें बढ़
गई हैं और उन्हें अब अपने बच्चों की सुरक्षा की चिंता सता रही है। पूजा रानी के अनुसार, उनके पति के निधन के बाद से ही उनके सौतेले भैंसुर और उनके समर्थक लगातार उनकी जमीन और संपत्ति पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। वर्ष 2024 में, जब उन्होंने अपनी जमीन पर फसल लगाई, तब कथित तौर पर आरोपियों ने ट्रैक्टर चलाकर पूरी फसल बर्बाद कर दी थी। इतना ही नहीं, जुलाई-अगस्त 2024 में पति के नाम का गलत इस्तेमाल कर जमीन की रजिस्ट्री कराने की कोशिश भी की
गई। पीड़िता ने इस मामले में धोखाधड़ी समेत कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया है, जो वर्तमान में न्यायालय में लंबित है। पूजा रानी का आरोप है कि स्थानीय थाने और प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार शिकायत करने के बावजूद उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है। उनके परिवार के कुछ सदस्य उनके साथ खड़े हैं, लेकिन मुख्य आरोपी अदालत की तारीखों पर भी उपस्थित नहीं हो रहा। पूजा रानी ने बताया कि वह पिछले एक साल से थाना, एसडीओ कार्यालय और अन्य सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रही
हैं और हाल ही में उन्होंने डीएम कार्यालय में भी सभी दस्तावेज जमा कर कार्रवाई की मांग की है। डर और असुरक्षा के कारण उन्होंने अपने दोनों बच्चों को मायके भेज दिया है। इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अगर एक विधवा महिला को न्याय पाने के लिए महीनों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ें, तो महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर किए जा रहे दावों की सच्चाई क्या है। फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
- मधेपुरा जिले के मुरलीगंज में मुहर्रम पर्व के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से बुधवार को पुलिस ने शहर के प्रमुख इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला। इस दौरान आम लोगों से अफवाहों से दूर रहने और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की गई। प्रशिक्षु डीएसपी सह थानाध्यक्ष नूरुल हक के नेतृत्व में यह फ्लैग मार्च थाना परिसर से शुरू हुआ और बाजार के मुख्य मार्गों, चौक-चौराहों, तथा संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरा। मार्च में बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल थे। पुलिस टीम ने लोगों से मुहर्रम को शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे के साथ मनाने का आग्रह किया। फ्लैग मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का जायजा भी लिया गया, और यह संदेश दिया गया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। साथ ही, किसी भी तरह की अफवाह या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई। पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे मुहर्रम पर्व को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं, और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती भी की गई है, जिससे आम लोगों के सहयोग से पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जा सके। प्रशासन की इस सक्रियता से आम लोगों में सुरक्षा के प्रति विश्वास बढ़ा है, जबकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।3
- मधेपुरा बिहार न्यूज चैनल अपने दर्शकों के लिए एक खास उपहार योजना लेकर आया है। चैनल की घोषणा के अनुसार, मधेपुरा बिहार न्यूज को सब्सक्राइब करने वाले दर्शकों को उपहार प्रदान किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, खबरों को लाइक और शेयर करने वाले दर्शकों को भी उपहार मिलेंगे। इस योजना के तहत, चैनल को सब्सक्राइब करने वाले पहले 50 दर्शकों को एक हैंड वॉच उपहार के तौर पर दी जाएगी। यह मधेपुरा बिहार न्यूज द्वारा पेश किया गया उपहार पाने का एक सुनहरा अवसर है।1
- जैजादिया बाजार से मिली ताज़ा जानकारी के अनुसार, वहाँ एक गाड़ी में विस्फोट होने के कारण भारी जाम लग गया है।1
- सुपौल जिले के पिपरा में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए पिपरा पुलिस प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। इसी कड़ी में बुधवार को पिपरा थाना प्रभारी किशोर कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल द्वारा एक फ्लैग मार्च निकाला गया। यह फ्लैग मार्च पिपरा बाजार सहित विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों से होकर गुजरा। इस दौरान थाना प्रभारी किशोर कुमार ने स्थानीय लोगों से सीधे संवाद करते हुए मोहर्रम पर्व को आपसी भाईचारे, प्रेम और सद्भाव के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन को सभी समुदायों के लोगों का सहयोग हमेशा मिलता रहा है और इस बार भी सभी नागरिकों को शांति व्यवस्था बनाए रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह, असामाजिक गतिविधि या कानून व्यवस्था भंग करने वाले तत्वों पर पुलिस की कड़ी नजर रहेगी। साथ ही, लोगों से सोशल मीडिया पर भ्रामक संदेशों को साझा नहीं करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया गया। इस फ्लैग मार्च का मुख्य उद्देश्य आम लोगों में सुरक्षा की भावना पैदा करना और यह संदेश देना था कि प्रशासन क्षेत्र में शांति एवं सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए पूरी तरह तत्पर है।2
- एक व्यक्ति के लिए न्याय की पुरजोर मांग उठाई गई है, जो देश की सेवा में कार्यरत था। इस मांग के साथ ही, सम्राट चौधरी से तत्काल इस्तीफे की भी अपील की गई है। इसके अतिरिक्त, यह भी कहा गया है कि आईजी और डीआईजी जैसे उच्च अधिकारियों को भी गोली चलाने की अनुमति दी जानी चाहिए, जो कार्रवाई की एक अत्यंत कड़ी मांग को दर्शाता है।1
- कुमारखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) स्थित सभा भवन में मंगलवार को सभी एएनएम और जीएनएम की साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। सीएचसी प्रभारी डॉक्टर वरुण कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सभी एएनएम और जीएनएम को अपने पोषक क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों को सफल बनाने पर विशेष जोर देने का निर्देश दिया गया। प्रभारी ने नियमित टीकाकरण के ग्राफ में कमी आने का जिक्र करते हुए इसे एक सप्ताह के भीतर बढ़ाने की हिदायत दी। इसके साथ ही, आगामी 28 जून से शुरू हो रहे पल्स पोलियो अभियान को भी सफल बनाने के निर्देश दिए गए। बैठक में सभी पोर्टल से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई और गर्भवती महिलाओं व शून्य से पाँच साल तक के बच्चों को शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के लिए माइक्रो प्लान के अनुसार निर्धारित तिथि पर लक्षित बच्चे और गर्भवती महिला का शत-प्रतिशत टीकाकरण करने का भी निर्देश दिया गया। इस समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य प्रबंधक कुमार धनंजय, बीसीएम उपेंद्र कुमार अमर और एएनएम पल्लवी कुमारी, पूजा कुमारी, सीमा प्रवीण, शिवानी कुमारी, निरुपमा कुमारी, नीतू कुमारी, पूजा कुमारी सहित सभी एएनएम मौजूद थीं।1
- बिहार के मधेपुरा जिले के गम्हरिया प्रखंड के चिकनी फुलका गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है, जो विधवा महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाता है। दो छोटे बच्चों की मां पूजा रानी ने अपने सौतेले भैंसुर विकास यादव और उसके समर्थकों पर उनकी जमीन हड़पने, लगातार प्रताड़ित करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पूजा रानी का कहना है कि उनके पति नितेश कुमार उर्फ नीतीश की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं और उन्हें अब अपने बच्चों की सुरक्षा की चिंता सता रही है। पूजा रानी के अनुसार, उनके पति के निधन के बाद से ही उनके सौतेले भैंसुर और उनके समर्थक लगातार उनकी जमीन और संपत्ति पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। वर्ष 2024 में, जब उन्होंने अपनी जमीन पर फसल लगाई, तब कथित तौर पर आरोपियों ने ट्रैक्टर चलाकर पूरी फसल बर्बाद कर दी थी। इतना ही नहीं, जुलाई-अगस्त 2024 में पति के नाम का गलत इस्तेमाल कर जमीन की रजिस्ट्री कराने की कोशिश भी की गई। पीड़िता ने इस मामले में धोखाधड़ी समेत कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया है, जो वर्तमान में न्यायालय में लंबित है। पूजा रानी का आरोप है कि स्थानीय थाने और प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार शिकायत करने के बावजूद उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है। उनके परिवार के कुछ सदस्य उनके साथ खड़े हैं, लेकिन मुख्य आरोपी अदालत की तारीखों पर भी उपस्थित नहीं हो रहा। पूजा रानी ने बताया कि वह पिछले एक साल से थाना, एसडीओ कार्यालय और अन्य सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रही हैं और हाल ही में उन्होंने डीएम कार्यालय में भी सभी दस्तावेज जमा कर कार्रवाई की मांग की है। डर और असुरक्षा के कारण उन्होंने अपने दोनों बच्चों को मायके भेज दिया है। इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अगर एक विधवा महिला को न्याय पाने के लिए महीनों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ें, तो महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर किए जा रहे दावों की सच्चाई क्या है। फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।4
- सहसा जिले के बैजनाथपुर चौक पर वाहन चालकों और आम राहगीरों को लगातार कई समस्याओं का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। बारिश के बाद सड़क मार्ग का जलमग्न होना और फ्लाईओवर के नीचे जगह की कमी के कारण लंबे वाहनों का मुड़ न पाना, नियमित रूप से भीषण जाम की समस्या उत्पन्न करता है, जिससे निकलने के लिए चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। अब इन समस्याओं के बीच एक नई परेशानी खड़ी हो गई है। जिन वाहन चालकों को फ्लाईओवर के ऊपर से नहीं जाना होता है, वे बीच सड़क से ही नीचे उतरना चाहते हैं, लेकिन सड़क मार्ग पर रोड स्टट लाइटें न लगे होने के कारण उन्हें सड़क की गहराई या चौड़ाई का पता नहीं चल पाता है, जिससे वे हादसे का शिकार हो जाते हैं। मंगलवार देर शाम ऐसी ही एक घटना सामने आई, जब एक चार पहिया वाहन चालक को फ्लाईओवर के ऊपर से नहीं जाना था और उसने बीच सड़क से ही नीचे उतरने का प्रयास किया। रात के समय सड़क मार्ग के दोनों किनारों पर चमकती हुई लाइटें दिखाई नहीं दीं, जिससे उसे पता नहीं चल पाया कि बगल में सड़क नहीं बल्कि खाई है। चालक बाल-बाल हादसे का शिकार होने से बच गया, जिसे स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने मिलकर किसी तरह सुरक्षित बचाया, अन्यथा एक और जान जा सकती थी। ऐसे में अब देखना होगा कि बैजनाथपुर चौक पार करने के लिए लोगों को और कितने दिन देखने पड़ेंगे।1