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जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं बेटा बिहारी जी आपको हमेशा खुश रखे हर कामयाबी

10 hrs ago
user_Satyawati Chaudhary
Satyawati Chaudhary
Photographer मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
10 hrs ago

जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं बेटा बिहारी जी आपको हमेशा खुश रखे हर कामयाबी

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  • Post by Subhash Chand
    1
    Post by Subhash Chand
    user_Subhash Chand
    Subhash Chand
    मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    40 min ago
  • : उत्तर प्रदेश के जनपद मथुरा की छाता तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम बटैनखुर्द में जमीन धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। ग्रामीणों ने वर्तमान ग्राम प्रधान पर मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज़ तैयार करने और उनके आधार पर अवैध तरीके से बैंक ऋण (Loan) लेने का गंभीर आरोप लगाया है। क्या है पूरा मामला? बटैनखुर्द के दर्जनों ग्रामीणों ने आज तहसील मुख्यालय पहुँचकर उप जिलाधिकारी (SDM) को एक शिकायती पत्र सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम के खसरा संख्या 347 की भूमि, जिस पर वे पीढ़ी-दर-पीढ़ी काबिज हैं, उसे ग्राम प्रधान ने कागजों में हेरफेर कर अन्य लोगों के नाम दर्ज करा दिया है। शिकायत के अनुसार, ग्राम प्रधान ने कोरी समुदाय के कुछ व्यक्तियों (परशुराम, झम्मन, विजय, विजन, भगत सिंह और ठाकुर लाल) के नाम फर्जी 'घरौनी' तैयार करवाई। आरोप है कि इसके बाद इन फर्जी कागजातों के आधार पर सब-रजिस्ट्री कार्यालय छाता में 'दानपत्र' भी निष्पादित करा लिया गया। बैंक से ऋण लेने का भी आरोप पीड़ित ग्रामीणों का दावा है कि इस फर्जीवाड़े की हद यहीं तक नहीं रही। आरोपियों ने इन जाली दस्तावेजों का उपयोग कर बैंक से भारी-भरकम लोन भी स्वीकृत करा लिया है। ग्रामीणों ने पत्र में स्पष्ट किया है कि खसरा संख्या 347 की जमीन पर वर्तमान में श्रीमती ओमवती, बलवीर, भगवान सिंह, शांति, देवीसिंह, सुनील और राजेन्द्र आदि का कब्जा है और वहां उनके घरेलू सामान (लकड़ी, बुर्जी, बिटौरा) रखे हुए हैं। जांच और कार्रवाई की ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि: निर्मित की गई फर्जी घरौनी की तत्काल उच्चस्तरीय जांच हो। जालसाजी में शामिल ग्राम प्रधान और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। बैंक से लिए गए अवैध ऋण की प्रक्रिया की भी समीक्षा की जाए। शिकायतकर्ताओं (देवी सिंह, सुनील, शीनू, हेमराज आदि) का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इस भू-माफिया तंत्र पर नकेल नहीं कसी, तो वे तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने के लिए विवश होंगे।
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    : उत्तर प्रदेश के जनपद मथुरा की छाता तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम बटैनखुर्द में जमीन धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। ग्रामीणों ने वर्तमान ग्राम प्रधान पर मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज़ तैयार करने और उनके आधार पर अवैध तरीके से बैंक ऋण (Loan) लेने का गंभीर आरोप लगाया है।
क्या है पूरा मामला?
बटैनखुर्द के दर्जनों ग्रामीणों ने आज तहसील मुख्यालय पहुँचकर उप जिलाधिकारी (SDM) को एक शिकायती पत्र सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम के खसरा संख्या 347 की भूमि, जिस पर वे पीढ़ी-दर-पीढ़ी काबिज हैं, उसे ग्राम प्रधान ने कागजों में हेरफेर कर अन्य लोगों के नाम दर्ज करा दिया है।
शिकायत के अनुसार, ग्राम प्रधान ने कोरी समुदाय के कुछ व्यक्तियों (परशुराम, झम्मन, विजय, विजन, भगत सिंह और ठाकुर लाल) के नाम फर्जी 'घरौनी' तैयार करवाई। आरोप है कि इसके बाद इन फर्जी कागजातों के आधार पर सब-रजिस्ट्री कार्यालय छाता में 'दानपत्र' भी निष्पादित करा लिया गया।
बैंक से ऋण लेने का भी आरोप
पीड़ित ग्रामीणों का दावा है कि इस फर्जीवाड़े की हद यहीं तक नहीं रही। आरोपियों ने इन जाली दस्तावेजों का उपयोग कर बैंक से भारी-भरकम लोन भी स्वीकृत करा लिया है। ग्रामीणों ने पत्र में स्पष्ट किया है कि खसरा संख्या 347 की जमीन पर वर्तमान में श्रीमती ओमवती, बलवीर, भगवान सिंह, शांति, देवीसिंह, सुनील और राजेन्द्र आदि का कब्जा है और वहां उनके घरेलू सामान (लकड़ी, बुर्जी, बिटौरा) रखे हुए हैं।
जांच और कार्रवाई की 
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि:
निर्मित की गई फर्जी घरौनी की तत्काल उच्चस्तरीय जांच हो।
जालसाजी में शामिल ग्राम प्रधान और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
बैंक से लिए गए अवैध ऋण की प्रक्रिया की भी समीक्षा की जाए।
शिकायतकर्ताओं (देवी सिंह, सुनील, शीनू, हेमराज आदि) का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इस भू-माफिया तंत्र पर नकेल नहीं कसी, तो वे तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने के लिए विवश होंगे।
    user_Murli Thakur Reporter
    Murli Thakur Reporter
    Court reporter मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • ok
    1
    ok
    user_I'm Busy Boy
    I'm Busy Boy
    मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by RPR NEWS TV
    1
    Post by RPR NEWS TV
    user_RPR NEWS TV
    RPR NEWS TV
    Insurance Agent Mathura, Uttar Pradesh•
    2 hrs ago
  • Post by Rakesh dixit
    1
    Post by Rakesh dixit
    user_Rakesh dixit
    Rakesh dixit
    Milk delivery service मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • Post by Satyawati Chaudhary
    1
    Post by Satyawati Chaudhary
    user_Satyawati Chaudhary
    Satyawati Chaudhary
    Photographer मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • वृंदावन में जाम के खिलाफ फूटा जनाक्रोश, सर्वदलीय बैठक में प्रशासन पर उठे सवाल रिपोर्ट - कपिल वर्मा वृंदावन स्थित गणेशी लाल अतिथि भवन पर जाम की समस्या को लेकर आयोजित बैठक में उपस्थित नगरवासी। वृंदावन। धर्मनगरी वृंदावन में लगातार विकराल होती जा रही जाम की समस्या को लेकर अब जनाक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के तत्वावधान में नगर के विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक एवं व्यापारिक संगठनों को साथ लेकर गणेशीलाल अतिथि भवन, दाऊजी की बगीची पर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने एक स्वर में जाम की समस्या पर चिंता जताते हुए इसके स्थायी समाधान की मांग की। बैठक के दौरान वक्ताओं ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि वृंदावन की संकरी गलियां और बढ़ती वाहनों की संख्या के बीच प्रशासन की लापरवाही ने हालात को बदतर बना दिया है। आए दिन लगने वाले भीषण जाम से न केवल स्थानीय नागरिकों को परेशानी उठानी पड़ रही है, बल्कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। वक्ताओं ने विशेष रूप से अनियंत्रित ई-रिक्शाओं के संचालन, बाहरी वाहनों की अनियोजित आवाजाही और यातायात व्यवस्था की कमजोर निगरानी को जाम की मुख्य वजह बताया। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ई-रिक्शाओं की संख्या पर नियंत्रण लगाया जाए, शहर के अंदर बाहरी वाहनों के प्रवेश को सीमित किया जाए तथा एक सुदृढ़ ट्रैफिक प्लान लागू किया जाए। बैठक में यह भी चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही जाम की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो नगरवासी बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। व्यापार मंडल एवं अन्य संगठनों के पदाधिकारियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की, ताकि वृंदावन को जाम की समस्या से मुक्ति मिल सके। अंत में सभी उपस्थित संगठनों ने एकजुटता का परिचय देते हुए इस मुद्दे पर लगातार संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया और इसके लिए जल्द एक समिति के गठन किए जाने का निर्णय लिया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल दाल वाले, साकेत चौधरी, संजय चतुर्वेदी, नगर निगम के उपसभापति मुकेश सारस्वत,पार्षद घनश्याम चौधरी, वैभव अग्रवाल, कुलदीप अरोड़ा, दो भागवत कृष्ण नांगिया, अभय वशिष्ठ ,श्याम सुंदर गौतम, सोहन सिंह सिसोदिया, पवन ठाकुर, विजय राघव, विजय रिणंवा, शरद सैनी , सुषमा अग्रवाल, विष्णु गोला, सत्यभान शर्मा, सुरेश चंद्र शर्मा, अजय बिहारी शर्मा, गौरव अग्रवाल, राहुल अग्रवाल, दीपक पाराशर, राहुल शुक्ला, नीलम गोस्वामी, पूजा चौधरी, किशोर पचौरी, जितेंद्र सिंह अर्जुन कुशवाहा, मनोज भाटिया , सुंदर सिंह, मनोज सैनी आदि उपस्थित थे।
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    वृंदावन में जाम के खिलाफ फूटा जनाक्रोश, सर्वदलीय बैठक में प्रशासन पर उठे सवाल
रिपोर्ट - कपिल वर्मा 
वृंदावन स्थित गणेशी लाल अतिथि भवन पर जाम की समस्या को लेकर आयोजित बैठक में उपस्थित नगरवासी। 
वृंदावन। धर्मनगरी वृंदावन में लगातार विकराल होती जा रही जाम की समस्या को लेकर अब जनाक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के तत्वावधान में नगर के विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक एवं व्यापारिक संगठनों को साथ लेकर गणेशीलाल अतिथि भवन, दाऊजी की बगीची पर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने एक स्वर में जाम की समस्या पर चिंता जताते हुए इसके स्थायी समाधान की मांग की।
बैठक के दौरान वक्ताओं ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि वृंदावन की संकरी गलियां और बढ़ती वाहनों की संख्या के बीच प्रशासन की लापरवाही ने हालात को बदतर बना दिया है। आए दिन लगने वाले भीषण जाम से न केवल स्थानीय नागरिकों को परेशानी उठानी पड़ रही है, बल्कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
वक्ताओं ने विशेष रूप से अनियंत्रित ई-रिक्शाओं के संचालन, बाहरी वाहनों की अनियोजित आवाजाही और यातायात व्यवस्था की कमजोर निगरानी को जाम की मुख्य वजह बताया। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ई-रिक्शाओं की संख्या पर नियंत्रण लगाया जाए, शहर के अंदर बाहरी वाहनों के प्रवेश को सीमित किया जाए तथा एक सुदृढ़ ट्रैफिक प्लान लागू किया जाए।
बैठक में यह भी चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही जाम की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो नगरवासी बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। व्यापार मंडल एवं अन्य संगठनों के पदाधिकारियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की, ताकि वृंदावन को जाम की समस्या से मुक्ति मिल सके।
अंत में सभी उपस्थित संगठनों ने एकजुटता का परिचय देते हुए इस मुद्दे पर लगातार संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया और इसके लिए जल्द एक समिति के गठन किए जाने का निर्णय लिया।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल दाल वाले, साकेत चौधरी, संजय चतुर्वेदी, नगर निगम के उपसभापति मुकेश सारस्वत,पार्षद घनश्याम चौधरी, वैभव अग्रवाल, कुलदीप अरोड़ा, दो भागवत कृष्ण नांगिया, अभय वशिष्ठ ,श्याम सुंदर गौतम, सोहन सिंह सिसोदिया, पवन ठाकुर, विजय राघव, विजय रिणंवा, शरद सैनी , सुषमा अग्रवाल, विष्णु गोला, 
सत्यभान शर्मा, सुरेश चंद्र शर्मा, अजय बिहारी शर्मा, गौरव अग्रवाल, राहुल अग्रवाल, दीपक पाराशर, राहुल शुक्ला, नीलम गोस्वामी, पूजा चौधरी, किशोर पचौरी, जितेंद्र सिंह अर्जुन कुशवाहा, मनोज भाटिया , सुंदर सिंह, मनोज सैनी आदि उपस्थित थे।
    user_VN NEWS18
    VN NEWS18
    मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • मथुरा। वंशी अवतार श्रीहित हरिवंश चन्द्र महाप्रभु की पावन जन्मभूमि, बाद ग्राम स्थित श्रीकृष्ण सरोवर इन दिनों पर्यावरण प्रदूषण की मार झेल रही है। पिछले कई दिनों से बारिश के पानी के साथ बहकर आए काले केमिकल और दूषित तेल ने सरोवर के अस्तित्व पर संकट खड़ा कर दिया है। इस ज़हरीले पानी के कारण सरोवर में मौजूद हज़ारों मछलियों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश व्याप्त है। सरोवर की बदहाली और जलीय जीवों की सामूहिक मृत्यु से आक्रोशित ग्रामीणों ने गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने मथुरा रिफाइनरी प्रबंधन और स्थानीय सांसद हेमा मालिनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जा रहा है, जिससे उनकी धार्मिक आस्था और पर्यावरण दोनों को ठेस पहुँच रही है। अडींग वाली नहर से बारिश का पानी खेतों के रास्ते होता हुआ बाद ग्राम के श्रीकृष्ण सरोवर में आता है। बारिश के मौसम में मथुरा रिफाइनरी के प्लांट से निकलने वाला काला तेल और केमिकल भी इसी पानी के साथ बहकर सरोवर में मिल जाता है। पिछले कई दिनों से लगातार आ रहे इस केमिकल के कारण सरोवर का पानी पूरी तरह काला और प्रदूषित हो चुका है। सरोवर के तट पर मरी हुई मछलियों के अंबार को देख ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द सरोवर की सफाई नहीं कराई गई और दूषित पानी का आना नहीं रोका गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। बाद ग्राम निवासी दिनेश सिंह तरकर ने कहा कि रिफाइनरी प्रबंधन और जिला प्रशासन इसकी जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत जल शोधन की व्यवस्था करे, ताकि लगातार हो रही जलीय जीवों की मौत को रोका जा सके और नहर से आ रहे जल की निकासी का मार्ग अलग से किया जाए।
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    मथुरा। वंशी अवतार श्रीहित हरिवंश चन्द्र महाप्रभु की पावन जन्मभूमि, बाद ग्राम स्थित श्रीकृष्ण सरोवर इन दिनों पर्यावरण प्रदूषण की मार झेल रही है। पिछले कई दिनों से बारिश के पानी के साथ बहकर आए काले केमिकल और दूषित तेल ने सरोवर के अस्तित्व पर संकट खड़ा कर दिया है। इस ज़हरीले पानी के कारण सरोवर में मौजूद हज़ारों मछलियों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश व्याप्त है। सरोवर की बदहाली और जलीय जीवों की सामूहिक मृत्यु से आक्रोशित ग्रामीणों ने गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने मथुरा रिफाइनरी प्रबंधन और स्थानीय सांसद हेमा मालिनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जा रहा है, जिससे उनकी धार्मिक आस्था और पर्यावरण दोनों को ठेस पहुँच रही है।
अडींग वाली नहर से बारिश का पानी खेतों के रास्ते होता हुआ बाद ग्राम के श्रीकृष्ण सरोवर में आता है। बारिश के मौसम में मथुरा रिफाइनरी के प्लांट से निकलने वाला काला तेल और केमिकल भी इसी पानी के साथ बहकर सरोवर में मिल जाता है। पिछले कई दिनों से लगातार आ रहे इस केमिकल के कारण सरोवर का पानी पूरी तरह काला और प्रदूषित हो चुका है। सरोवर के तट पर मरी हुई मछलियों के अंबार को देख ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द सरोवर की सफाई नहीं कराई गई और दूषित पानी का आना नहीं रोका गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। बाद ग्राम निवासी दिनेश सिंह तरकर ने कहा कि रिफाइनरी प्रबंधन और जिला प्रशासन इसकी जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत जल शोधन की व्यवस्था करे, ताकि लगातार हो रही जलीय जीवों की मौत को रोका जा सके और नहर से आ रहे जल की निकासी का मार्ग अलग से किया जाए।
    user_Murli Thakur Reporter
    Murli Thakur Reporter
    Court reporter मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
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