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बाराबंकी में नवागत सीएमओ डॉ. रंजन गौतम का शाही स्वागत विवादों का केंद्र बन गया है। उनके स्वागत के लिए तीन-तीन गाड़ियों का काफिला इस्तेमाल किया गया, साथ ही रेड कारपेट बिछाकर फूलों की वर्षा भी की गई। इस भव्य स्वागत का एक वीडियो वायरल होने के बाद, जिला मजिस्ट्रेट (DM) ने इस पूरे मामले की सख्त जांच के आदेश दिए हैं।
Mueed Abdul
बाराबंकी में नवागत सीएमओ डॉ. रंजन गौतम का शाही स्वागत विवादों का केंद्र बन गया है। उनके स्वागत के लिए तीन-तीन गाड़ियों का काफिला इस्तेमाल किया गया, साथ ही रेड कारपेट बिछाकर फूलों की वर्षा भी की गई। इस भव्य स्वागत का एक वीडियो वायरल होने के बाद, जिला मजिस्ट्रेट (DM) ने इस पूरे मामले की सख्त जांच के आदेश दिए हैं।
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- भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के युवा जिलाध्यक्ष फैसल मलिक और उनकी टीम ने एक कार्यक्रम में राकेश टिकैत का जन्मदिन मनाया। इस अवसर पर फैसल मलिक और उनकी टीम ने केक काटकर खुशी जाहिर की।1
- बाराबंकी2
- दिल्ली में हुए भीषण अग्निकांड के मद्देनज़र, बाराबंकी में अग्निशमन विभाग ने अपनी सतर्कता बढ़ा दी है। इसी क्रम में जिले में फायर सर्विस विभाग ने एक सघन निरीक्षण अभियान शुरू किया है। जिले के फायर अधिकारी राहुल कुमार अपनी टीम के साथ विभिन्न होटलों में अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए मैदान में उतरे। इस अभियान के दौरान, अधिकारियों ने होटलों में लगे अग्निशमन उपकरणों की गहनता से जांच की। इसमें फायर एक्सटिंग्विशर, स्मोक डिटेक्टर और आग बुझाने वाले अन्य सुरक्षा साधनों की कार्यप्रणाली को परखा गया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि सभी उपकरण सही स्थिति में हों और उनका उचित रखरखाव किया जा रहा हो। निरीक्षण के बाद, अधिकारियों ने होटल प्रबंधन को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्हें आग से बचाव के महत्वपूर्ण उपायों और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए भी जागरूक किया गया। विभाग ने निरीक्षण में पाई गई कमियों को दूर करने के लिए होटल संचालकों को सख्त निर्देश दिए हैं और स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।4
- बाराबंकी स्थित जिला महिला चिकित्सालय में कथित अवैध वसूली के आरोपों ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। एक आशा कार्यकर्ता ने अस्पताल में प्रसव सेवाओं, जन्म प्रमाण पत्र और अन्य सुविधाओं के नाम पर धन उगाही के गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी ओर कई अन्य आशा कार्यकर्ताओं ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है। फिलहाल यह पूरा मामला स्वास्थ्य विभाग की जांच प्रक्रिया के अधीन है और जांच रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पूर्व एक आशा कार्यकर्ता ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर यह शिकायत की थी कि जिला महिला चिकित्सालय में गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों से विभिन्न कार्यों के लिए पैसों की मांग की जाती है, जबकि अधिकांश सेवाएं सरकार द्वारा निःशुल्क प्रदान की जाती हैं। इस शिकायत के सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया और तुरंत जांच के आदेश दिए गए। इसके बाद गुरुवार को कई आशा कार्यकर्ता चिकित्सालय पहुंचीं और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) कार्यालय में अपना पक्ष रखा। अधिकांश आशा कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी किसी प्रकार की अवैध वसूली या अनियमितता नहीं देखी है और न ही उन्हें ऐसी किसी घटना की जानकारी है। उनका कहना था कि वे लंबे समय से अस्पताल से जुड़ी सेवाएं दे रही हैं। चर्चा के दौरान, कुछ आशा कार्यकर्ताओं ने शिकायत करने वाली आशा कार्यकर्ता पर मरीजों को निजी अस्पतालों और क्लीनिकों की ओर भेजने में संलिप्त होने का आरोप भी लगाया, हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि लगाए गए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जांच कराई जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच के दौरान यदि किसी व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। डॉ. सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड विशेषज्ञ की कमी के कारण कभी-कभी अतिरिक्त कार्यभार की स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन अस्पताल परिसर के भीतर किसी भी प्रकार की अवैध वसूली की जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि बाहर किसी व्यक्ति द्वारा दलाली या धन उगाही की गतिविधि पाई जाती है, तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला फिलहाल जांचाधीन है और स्वास्थ्य विभाग पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रहा है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे इस पूरे विवाद की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।3
- जनपद बाराबंकी की तहसील नवाबगंज के ब्लॉक बंकी की ग्राम पंचायत सुरसंन्डा में जल मिशन योजना के तहत चल रहे कार्यों में गंभीर लापरवाही सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव की सड़कें बेहद जर्जर हो चुकी हैं, जिससे आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। आरोप है कि जेसीबी मशीन से सड़कों को बीचों-बीच खोदकर काम अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे मार्ग पूरी तरह खराब हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जल मिशन का काम वर्ष 2022 में शुरू हुआ था, लेकिन वर्ष 2026 तक भी यह पूरा नहीं हो सका है। खराब रास्तों के कारण कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं। इस स्थिति से जल मिशन के अधिकारियों और संबंधित विभाग के प्रति ग्रामीणों में काफी नाराजगी है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र के विधायक और सांसद ने आज तक मौके का निरीक्षण नहीं किया, जिससे जनप्रतिनिधियों के प्रति भी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार के बड़े-बड़े दावों के बावजूद जमीनी हकीकत बदतर बनी हुई है। इसके अलावा, गांव में बनाई जा रही पानी की टंकी का निर्माण भी पिछले लगभग 5 से 6 सालों से अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इतने साल बीत जाने के बाद भी टंकी तैयार नहीं हो सकी है। निर्माण स्थल पर पड़ी सरिया में जंग लग चुकी है और मौरंग-गिट्टी जैसी सामग्री भी खराब हो रही है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, यह कार्य जल मिशन के अधिकारी लखन शिंदे और ठेकेदार पुनीत कुमार सिंह की देखरेख में कराया जा रहा था। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और जल्द से जल्द सड़कों व अन्य अधूरे कार्यों को पूरा कराने की मांग की है।1
- बाराबंकी के रामनगर क्षेत्र में अच्छेचा त्रिलोकपुर मार्ग पर घटिया गुणवत्ता वाला डामरीकरण किए जाने का ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क मिट्टी और गिट्टी सहित हाथों से ही उखड़ रही है, जिससे सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से इस डामरीकरण की विस्तृत जांच कराने और संबंधित दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है। साथ ही, ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क का पुनः मानक अनुरूप निर्माण कराए जाने की भी मांग उठाई है।1
- अयोध्या में तपस्वी छावनी के महं जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कथित भाजपा नेता सच्चिदानंद पांडेय के खिलाफ ₹2 लाख के लेनदेन को लेकर कोतवाली अयोध्या (अयोध्या धाम) में मुकदमा दर्ज कराया है। आचार्य का आरोप है कि सच्चिदानंद पांडेय, जो पूर्व में बसपा से लोकसभा प्रत्याशी भी रह चुके हैं, ने उनसे अति आवश्यकता बताकर चेक के माध्यम से ₹2 लाख उधार लिए थे। पांडेय ने यह राशि 10-12 दिन में वापस करने का वादा किया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, रुपये वापस मांगने पर सच्चिदानंद पांडेय ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस प्रकरण पर अयोध्या के भाजपा जिलाध्यक्ष राधेश्याम त्यागी ने स्पष्टीकरण दिया है कि सच्चिदानंद पांडेय वर्तमान में भाजपा के सदस्य नहीं हैं। उन्होंने बताया कि पांडेय लोकसभा चुनाव के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल हो गए थे। फिलहाल, पुलिस साक्ष्यों के आधार पर इस पूरे मामले की जांच कर रही है।1
- बाराबंकी में नवागत सीएमओ डॉ. रंजन गौतम का शाही स्वागत विवादों का केंद्र बन गया है। उनके स्वागत के लिए तीन-तीन गाड़ियों का काफिला इस्तेमाल किया गया, साथ ही रेड कारपेट बिछाकर फूलों की वर्षा भी की गई। इस भव्य स्वागत का एक वीडियो वायरल होने के बाद, जिला मजिस्ट्रेट (DM) ने इस पूरे मामले की सख्त जांच के आदेश दिए हैं।1