अयोध्या में तपस्वी छावनी के महं जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कथित भाजपा नेता सच्चिदानंद पांडेय के खिलाफ ₹2 लाख के लेनदेन को लेकर कोतवाली अयोध्या (अयोध्या धाम) में मुकदमा दर्ज कराया है। आचार्य का आरोप है कि सच्चिदानंद पांडेय, जो पूर्व में बसपा से लोकसभा प्रत्याशी भी रह चुके हैं, ने उनसे अति आवश्यकता बताकर चेक के माध्यम से ₹2 लाख उधार लिए थे। पांडेय ने यह राशि 10-12 दिन में वापस करने का वादा किया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, रुपये वापस मांगने पर सच्चिदानंद पांडेय ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस प्रकरण पर अयोध्या के भाजपा जिलाध्यक्ष राधेश्याम त्यागी ने स्पष्टीकरण दिया है कि सच्चिदानंद पांडेय वर्तमान में भाजपा के सदस्य नहीं हैं। उन्होंने बताया कि पांडेय लोकसभा चुनाव के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल हो गए थे। फिलहाल, पुलिस साक्ष्यों के आधार पर इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
अयोध्या में तपस्वी छावनी के महं जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कथित भाजपा नेता सच्चिदानंद पांडेय के खिलाफ ₹2 लाख के लेनदेन को लेकर कोतवाली अयोध्या (अयोध्या धाम) में मुकदमा दर्ज कराया है। आचार्य का आरोप है कि सच्चिदानंद पांडेय, जो पूर्व में बसपा से लोकसभा प्रत्याशी भी रह चुके हैं, ने उनसे अति आवश्यकता बताकर चेक के माध्यम से ₹2 लाख उधार लिए थे। पांडेय ने यह राशि 10-12 दिन में वापस करने का वादा किया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, रुपये वापस मांगने पर सच्चिदानंद पांडेय ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस प्रकरण पर अयोध्या के भाजपा जिलाध्यक्ष राधेश्याम त्यागी ने स्पष्टीकरण दिया है कि सच्चिदानंद पांडेय वर्तमान में भाजपा के सदस्य नहीं हैं। उन्होंने बताया कि पांडेय लोकसभा चुनाव के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल हो गए थे। फिलहाल, पुलिस साक्ष्यों के आधार पर इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
- अयोध्या में तपस्वी छावनी के महं जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कथित भाजपा नेता सच्चिदानंद पांडेय के खिलाफ ₹2 लाख के लेनदेन को लेकर कोतवाली अयोध्या (अयोध्या धाम) में मुकदमा दर्ज कराया है। आचार्य का आरोप है कि सच्चिदानंद पांडेय, जो पूर्व में बसपा से लोकसभा प्रत्याशी भी रह चुके हैं, ने उनसे अति आवश्यकता बताकर चेक के माध्यम से ₹2 लाख उधार लिए थे। पांडेय ने यह राशि 10-12 दिन में वापस करने का वादा किया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, रुपये वापस मांगने पर सच्चिदानंद पांडेय ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस प्रकरण पर अयोध्या के भाजपा जिलाध्यक्ष राधेश्याम त्यागी ने स्पष्टीकरण दिया है कि सच्चिदानंद पांडेय वर्तमान में भाजपा के सदस्य नहीं हैं। उन्होंने बताया कि पांडेय लोकसभा चुनाव के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल हो गए थे। फिलहाल, पुलिस साक्ष्यों के आधार पर इस पूरे मामले की जांच कर रही है।1
- एक संदेश में आगामी कल के लिए एक विशेष वीडियो देखने का आग्रह किया गया है, जिसका संबंध ‘सूरत मोदी’ से बताया गया है। इसके अतिरिक्त, उपयोगकर्ताओं से ‘करेन’ नामक किसी व्यक्ति को फॉलो करने की भी अपील की गई है।1
- जनपद बाराबंकी की आदर्श नगर पंचायत रामनगर स्थित गायत्री शक्तिपीठ में गुरुवार को 21 दिवसीय शिव महापुराण कथा और शिव गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ भव्य कलश शोभायात्रा के साथ हुआ। कथा आयोजक पंडित राजेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में सुबह लगभग 9 बजे विधि-विधान से यह कलश यात्रा निकाली गई। यह कलश शोभायात्रा गायत्री शक्तिपीठ से प्रारंभ होकर रामनगर कस्बे के विभिन्न मार्गों से होते हुए बुढ़वल चौराहा पहुंची और पुनः शक्तिपीठ परिसर में संपन्न हुई। यात्रा में सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर हिस्सा लिया, जबकि श्रद्धालु पीले वस्त्रों में भक्ति भाव से शामिल हुए और पूरे मार्ग में धार्मिक जयघोष गूंजते रहे। कलश यात्रा के दौरान रामनगर थाने की पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के लिए मुस्तैद रही। शांतिकुंज हरिद्वार से आए विद्वान आचार्यों द्वारा इस 21 दिवसीय शिव महापुराण कथा एवं शिव गायत्री महायज्ञ का संचालन किया जा रहा है। श्रद्धालुओं ने कथा स्थल पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और धर्म लाभ प्राप्त किया। इस अवसर पर कथा आयोजक पंडित राजेश कुमार मिश्रा, समाजसेवी हरिशंकर शुक्ला, बबलू वर्मा, समाज सेविका रामवती, दिनेश बाजपेई, निकेत कुमार, देवेंद्र कुमार मौर्य, वीरेंद्र प्रताप सिंह, सकेत शर्मा, मौनी दास, सौरभ शुक्ला, निशांत त्रिपाठी सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने क्षेत्रवासियों से कथा एवं महायज्ञ में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।1
- भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के युवा जिलाध्यक्ष फैसल मलिक और उनकी टीम ने एक कार्यक्रम में राकेश टिकैत का जन्मदिन मनाया। इस अवसर पर फैसल मलिक और उनकी टीम ने केक काटकर खुशी जाहिर की।1
- बाराबंकी2
- दिल्ली में हुए भीषण अग्निकांड के मद्देनज़र, बाराबंकी में अग्निशमन विभाग ने अपनी सतर्कता बढ़ा दी है। इसी क्रम में जिले में फायर सर्विस विभाग ने एक सघन निरीक्षण अभियान शुरू किया है। जिले के फायर अधिकारी राहुल कुमार अपनी टीम के साथ विभिन्न होटलों में अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए मैदान में उतरे। इस अभियान के दौरान, अधिकारियों ने होटलों में लगे अग्निशमन उपकरणों की गहनता से जांच की। इसमें फायर एक्सटिंग्विशर, स्मोक डिटेक्टर और आग बुझाने वाले अन्य सुरक्षा साधनों की कार्यप्रणाली को परखा गया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि सभी उपकरण सही स्थिति में हों और उनका उचित रखरखाव किया जा रहा हो। निरीक्षण के बाद, अधिकारियों ने होटल प्रबंधन को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्हें आग से बचाव के महत्वपूर्ण उपायों और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए भी जागरूक किया गया। विभाग ने निरीक्षण में पाई गई कमियों को दूर करने के लिए होटल संचालकों को सख्त निर्देश दिए हैं और स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।4
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद में पिछले साल सनसनीखेज महिला कांस्टेबल विमलेश पाल हत्याकांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले के मुख्य आरोपी, हरदोई में तैनात सिपाही इंद्रेश मौर्य की जमानत याचिका मंजूर कर ली है। हाईकोर्ट के इस निर्णय के बाद बाराबंकी पुलिस की विवेचना और शव की पहचान प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह पूरा मामला जुलाई 2025 का है, जब बाराबंकी के सुबेहा थाने में तैनात महिला कांस्टेबल विमलेश पाल अचानक लापता हो गई थीं; उनकी ड्यूटी महादेवा मेले में लगी थी। लापता होने के कुछ दिनों बाद मसौली थाना क्षेत्र के बिंदौरा पुल के पास एक खेत की झाड़ियों से एक महिला का शव बरामद हुआ था, जिसकी पहचान विमलेश पाल के रूप में की गई थी। पुलिस ने दावा किया था कि विमलेश और सिपाही इंद्रेश मौर्य के बीच साल 2017 से प्रेम संबंध थे। विमलेश द्वारा बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराने के बाद दोनों ने आर्य समाज मंदिर में कोर्ट मैरिज कर ली थी। हालांकि, पुलिस के अनुसार, शादी के बाद भी इंद्रेश उसे पत्नी का सामाजिक दर्जा देने और साथ रखने से बच रहा था। पुलिस की थ्योरी के मुताबिक, इसी विवाद और पैसों के लेन-देन से छुटकारा पाने के लिए इंद्रेश ने समीक्षा अधिकारी (RO) की परीक्षा का बहाना बनाकर लखनऊ से बाराबंकी आकर विमलेश के सिर पर वार कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और अभियोजन के बीच तीखी बहस हुई, जिसमें ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने पुलिस की पूरी थ्योरी को कमजोर कर दिया। सुनवाई में यह उजागर हुआ कि बरामद शव की पहचान और पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों में कुछ तकनीकी और फॉरेंसिक खामियां थीं, जिससे यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि शव वास्तव में विमलेश पाल का ही था। इसके अलावा, पुलिस जिस तेजी से इसे 'ब्लाइंड मर्डर' बताते हुए खुलासा कर रही थी, अदालत में कड़ी से कड़ी जोड़ने में वह असमर्थ नजर आई। हाईकोर्ट ने हालांकि मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की है और स्पष्ट किया है कि निचली अदालत में इस मामले का विचारण जारी रहेगा। लेकिन प्रारंभिक साक्ष्यों की कमी और पहचान पर उठे सवालों को देखते हुए आरोपी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया गया। एक पुलिसकर्मी की हत्या के मामले में दूसरे पुलिसकर्मी (पति) को इतनी जल्दी जमानत मिल जाना बाराबंकी पुलिस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। कानूनी जानकारों का कहना है कि पुलिस को ट्रायल कोर्ट में अपनी चार्जशीट और फॉरेंसिक सबूतों को बेहद मजबूती से पेश करना होगा, अन्यथा यह केस कमजोर पड़ सकता है। फिलहाल, इस आदेश के बाद यह मामला क्षेत्र में दोबारा चर्चा का विषय बन गया है।1
- दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में भीषण अग्निकांड की घटना सामने आई है, जिससे इलाके में कोहराम मच गया। इस अग्निकांड में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। राहत और बचाव कार्य के दौरान कुल 37 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। इस घटना में घायल हुए लोगों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।1