वन भूमि क्षेत्र में अवैध कब्जा, ग्रामीणों ने किया विरोध, वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई की सिसई प्रखंड भदौली पंचायत अंतर्गत राजस्व ग्राम सकरौली के वन क्षेत्र में अवैध कब्जा किए जाने का मामला प्रकाश में आया हैं। कब्जा को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताया हैं। ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए बताया कि सकरौली मंगुटोली निवासी ईरकन लकड़ा के द्वारा 8 एकड़ 77 डी वन भूमि को अपना बताते हुए अवैध रूप सीमेंट का पिलर देकर कटिले तार से घेराव किया जा रहा हैं। गांव के स्थानीय मवेशी चराने वाले ग्रामीणों से सूचना मिलने के बाद बृहस्पतिवार को ग्राम प्रधान सुमन पहान की अध्यक्षता में ग्राम सभा का बैठक किया गया। इस बैठक में ईरकन लकड़ा को बुलाया गया था लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। बैठक में ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग के द्वारा तीन बार नर्सरी कर पौधा रोपण किया गया था और वर्षों से जमीन वन विभाग के कब्जे में हैं। जिसे वन विभाग द्वारा मापी कर सीमांकन भी किया गया हैं। उक्त जमीन पर वर्तमान में विभिन्न प्रजाति के विशाल पेड़ लगे हुए हैं। इसके बावजूद इरकन लकड़ा के द्वारा बार-बार जमीन को अपने कब्जा में लेने का प्रयास किया जा रहा हैं। जिसका कई वर्षों से ग्रामीण विरोध करते आ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार जंगल से सकरौली खास, ऊपर टोली, पतरा टोली, कुंबा टोली, मंगू टोली, विश्रामपुर, झटनी टोली,पोटरो, महुआडीपा, भदौली , कुदरा, निमडा, डाड़हा, शाम टोली,गांव के ग्रामीण शादी विवाह और अंतिम संस्कार जैसे कार्यों के लिए साल पेड़ का उपयोग करते हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग एवं प्रखंड प्रशासन से निष्पक्ष जांच करने व अवैध कब्जा को रोकने की मांग की हैं। सूचना मिलते ही वन विभाग के पदाधिकारी अवैध कब्जा वाले जगह निरीक्षण करने पहुंचे। वही ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी को ग्राम सभा की कॉपी देकर निष्पक्ष जांच करने की मांग की हैं।
वन भूमि क्षेत्र में अवैध कब्जा, ग्रामीणों ने किया विरोध, वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई की सिसई प्रखंड भदौली पंचायत अंतर्गत राजस्व ग्राम सकरौली के वन क्षेत्र में अवैध कब्जा किए जाने का मामला प्रकाश में आया हैं। कब्जा को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताया हैं। ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए बताया कि सकरौली मंगुटोली निवासी ईरकन लकड़ा के द्वारा 8 एकड़ 77 डी वन भूमि को अपना बताते हुए अवैध रूप सीमेंट का पिलर देकर कटिले तार से घेराव किया जा रहा हैं। गांव के स्थानीय मवेशी चराने वाले ग्रामीणों से सूचना मिलने के बाद बृहस्पतिवार को ग्राम प्रधान सुमन पहान की अध्यक्षता में ग्राम सभा का बैठक किया गया। इस बैठक में ईरकन लकड़ा को बुलाया गया था लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। बैठक में ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग के द्वारा तीन बार नर्सरी कर पौधा रोपण किया गया था और वर्षों से जमीन वन विभाग के कब्जे
में हैं। जिसे वन विभाग द्वारा मापी कर सीमांकन भी किया गया हैं। उक्त जमीन पर वर्तमान में विभिन्न प्रजाति के विशाल पेड़ लगे हुए हैं। इसके बावजूद इरकन लकड़ा के द्वारा बार-बार जमीन को अपने कब्जा में लेने का प्रयास किया जा रहा हैं। जिसका कई वर्षों से ग्रामीण विरोध करते आ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार जंगल से सकरौली खास, ऊपर टोली, पतरा टोली, कुंबा टोली, मंगू टोली, विश्रामपुर, झटनी टोली,पोटरो, महुआडीपा, भदौली , कुदरा, निमडा, डाड़हा, शाम टोली,गांव के ग्रामीण शादी विवाह और अंतिम संस्कार जैसे कार्यों के लिए साल पेड़ का उपयोग करते हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग एवं प्रखंड प्रशासन से निष्पक्ष जांच करने व अवैध कब्जा को रोकने की मांग की हैं। सूचना मिलते ही वन विभाग के पदाधिकारी अवैध कब्जा वाले जगह निरीक्षण करने पहुंचे। वही ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी को ग्राम सभा की कॉपी देकर निष्पक्ष जांच करने की मांग की हैं।
- वन भूमि क्षेत्र में अवैध कब्जा, ग्रामीणों ने किया विरोध, वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई की सिसई प्रखंड भदौली पंचायत अंतर्गत राजस्व ग्राम सकरौली के वन क्षेत्र में अवैध कब्जा किए जाने का मामला प्रकाश में आया हैं। कब्जा को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताया हैं। ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए बताया कि सकरौली मंगुटोली निवासी ईरकन लकड़ा के द्वारा 8 एकड़ 77 डी वन भूमि को अपना बताते हुए अवैध रूप सीमेंट का पिलर देकर कटिले तार से घेराव किया जा रहा हैं। गांव के स्थानीय मवेशी चराने वाले ग्रामीणों से सूचना मिलने के बाद बृहस्पतिवार को ग्राम प्रधान सुमन पहान की अध्यक्षता में ग्राम सभा का बैठक किया गया। इस बैठक में ईरकन लकड़ा को बुलाया गया था लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। बैठक में ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग के द्वारा तीन बार नर्सरी कर पौधा रोपण किया गया था और वर्षों से जमीन वन विभाग के कब्जे में हैं। जिसे वन विभाग द्वारा मापी कर सीमांकन भी किया गया हैं। उक्त जमीन पर वर्तमान में विभिन्न प्रजाति के विशाल पेड़ लगे हुए हैं। इसके बावजूद इरकन लकड़ा के द्वारा बार-बार जमीन को अपने कब्जा में लेने का प्रयास किया जा रहा हैं। जिसका कई वर्षों से ग्रामीण विरोध करते आ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार जंगल से सकरौली खास, ऊपर टोली, पतरा टोली, कुंबा टोली, मंगू टोली, विश्रामपुर, झटनी टोली,पोटरो, महुआडीपा, भदौली , कुदरा, निमडा, डाड़हा, शाम टोली,गांव के ग्रामीण शादी विवाह और अंतिम संस्कार जैसे कार्यों के लिए साल पेड़ का उपयोग करते हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग एवं प्रखंड प्रशासन से निष्पक्ष जांच करने व अवैध कब्जा को रोकने की मांग की हैं। सूचना मिलते ही वन विभाग के पदाधिकारी अवैध कब्जा वाले जगह निरीक्षण करने पहुंचे। वही ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी को ग्राम सभा की कॉपी देकर निष्पक्ष जांच करने की मांग की हैं।2
- राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर लोहरदगा समाहरणालय परिसर में 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ मिलकर सामूहिक श्रमदान किया गया और पूरे परिसर की साफ-सफाई की गई राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर लोहरदगा समाहरणालय परिसर में 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ मिलकर सामूहिक श्रमदान किया गया और पूरे परिसर की साफ-सफाई की गई1
- सरकार रही नाकाम तो ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा श्रमदान से बदली छापर टोली गांव की सूरत लोहरदगा जिला अंतर्गत भंडरा प्रखंड क्षेत्र के मसमानो पंचायत के छापर टोली में लंबे समय से सडक,पुलिया तथा बजबजाती नलियों से परेशान ग्रामीण संगठित हो अनूठा पहल कर मिशल पेश करते हुए मरमती कार्य मे जुटे सरकार के नकामी को देखते हुए विभाग के प्रति नराजगी जताया और श्रमदान कर लम्बे समय के बाद गांव के लोग मरमती एवं नाली के साफ सफाई में जुटे।1
- गांधी जी के सपनों का भारत… क्या नई पीढ़ी पूरा करेगी बापू का सपना?”1
- गांधी जी एवं शास्त्री जी के जीवन को आत्मा सात करें विद्यार्थी -सकलदीप भगत। शुरू ऐप्प न्यूज़ संवाददाता। खूंटी। मुरहू स्थित श्योर सक्सेस कोचिंग सेंटर में शुक्रवार को महापुरुष गांधी जी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती मनाई गई। संस्थान के निदेशक सकलदीप भगत ने दोनों महापुरुषों के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की। छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए सकलदीप भगत ने कहा की बापूजी ने देश को अंग्रेजों के चंगुल से आजाद करवाने में सबसे अहम भूमिका निभाई उन्होंने अपने सत्य और अहिंसा के सिद्धांत के दम पर अंग्रेजों को कई बार घुटने टेकने को मजबूर कर दिया। उनके सिद्धांत को पूरी दुनिया ने सलाम किया और इसी कारण पूरा विश्व आज के दिन को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के तौर पर भी मनाता है।। उन्होंने स्वतंत्र भारत के दूसरे प्रधानमंत्री एवं "जय जवान जय किसान" का नारा देने वाले भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा की शास्त्री जी एक क्रांतिकारी व्यक्ति थे आजादी के बाद उनकी साफ-सुथरी छवि ने नेहरू जी की मृत्यु के बाद उन्हें दूसरा प्रधानमंत्री बनाया उनके सफल मार्गदर्शन में देश काफी आगे बढ़ा ।अनाज की कीमतों में कटौती ,भारत पाकिस्तान की लड़ाई में सेना को खुली छूट देना, ताशकंद समझौता जैसे महत्वपूर्ण कदम उनकी महानता को दर्शाता है। उन्होंने छात्र छात्राओं को दोनों महापुरुषों की जीवनी से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में आत्मसात करने की बात कही। मौके पर शिक्षिका रिया के साथ-साथ सभी छात्र-छात्राएं मौजूद थे।1
- आदिवासी हिंदू नहीं हैं बयान पर क्या सोचते हैं.? #shorts #shortvideo #mandir #durgapuja #jaishreeram1
- आदिवासी नेता अरविंद उरांव ने कहा की झारखंड में डेमोग्राफिक चेंज हो रहा है... गैर आदिवासी से शादी करने वाली आदिवासी महिलाओं का...1
- इस बार लोहरदगा में होने जा रहा है दुर्गा पूजा के अवसर पर भव्य शोभा यात्रा और रामलीला इस बार लोहरदगा में होने जा रहा है दुर्गा पूजा के अवसर पर भव्य शोभा यात्रा और रामलीला1