प्रधानमंत्री आवास योजना में हेराफेरी व घूसखोरी के आरोपों को लेकर ग्रामीणों का धरना-प्रदर्शन चेनारी। रोहतास जिले के चेनारी प्रखंड मुख्यालय परिसर में विभिन्न ग्राम पंचायतों से पहुंचे ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित हेराफेरी, अनियमितता एवं घूसखोरी के आरोपों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने योजना की सूची में पात्र और जरूरतमंद परिवारों के नाम शामिल नहीं किए जाने तथा कथित रूप से पैसे लेकर अपात्र लोगों के नाम जोड़ने का आरोप लगाया। धरना-प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने आवास योजना की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, लाभुकों की सूची की निष्पक्ष जांच कराने तथा कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य जरूरतमंद और गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है, इसलिए योजना के लाभ में किसी भी प्रकार की अनियमितता या पक्षपात नहीं होना चाहिए। ग्रामीणों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) तथा 20-सूत्री प्रखंड अध्यक्ष को सौंपा। प्रधानमंत्री आवास योजना में हेराफेरी व घूसखोरी के आरोपों को लेकर ग्रामीणों का धरना-प्रदर्शन चेनारी। रोहतास जिले के चेनारी प्रखंड मुख्यालय परिसर में विभिन्न ग्राम पंचायतों से पहुंचे ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित हेराफेरी, अनियमितता एवं घूसखोरी के आरोपों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने योजना की सूची में पात्र और जरूरतमंद परिवारों के नाम शामिल नहीं किए जाने तथा कथित रूप से पैसे लेकर अपात्र लोगों के नाम जोड़ने का आरोप लगाया। धरना-प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने आवास योजना की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, लाभुकों की सूची की निष्पक्ष जांच कराने तथा कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य जरूरतमंद और गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है, इसलिए योजना के लाभ में किसी भी प्रकार की अनियमितता या पक्षपात नहीं होना चाहिए। ग्रामीणों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) तथा 20-सूत्री प्रखंड अध्यक्ष को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने आवास योजना से संबंधित अभिलेखों, लाभुकों की सूची और चयन प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की। धरना-प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने “आवास सहायक मुर्दाबाद” और “पंचायत सचिव मुर्दाबाद” के नारे भी लगाए। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित कर्मियों की भूमिका की जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि यदि किसी पात्र परिवार का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में नहीं है, तो इसकी जांच होनी चाहिए कि उसका नाम क्यों नहीं जोड़ा गया। वहीं, यदि किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल किया गया है, तो उसके चयन की प्रक्रिया और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मियों की भूमिका की भी जांच आवश्यक है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि पंचायतवार आवास योजना के लाभुकों की सूची सार्वजनिक की जाए तथा पात्रता के आधार पर लाभुकों का सत्यापन कराया जाए। साथ ही ग्रामीणों ने कहा कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि गरीब एवं वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजना का लाभ मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी शिकायतों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं, प्रशासनिक स्तर से मामले की जांच एवं ग्रामीणों की शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने की बात कही गई है।
प्रधानमंत्री आवास योजना में हेराफेरी व घूसखोरी के आरोपों को लेकर ग्रामीणों का धरना-प्रदर्शन चेनारी। रोहतास जिले के चेनारी प्रखंड मुख्यालय परिसर में विभिन्न ग्राम पंचायतों से पहुंचे ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित हेराफेरी, अनियमितता एवं घूसखोरी के आरोपों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने योजना की सूची में पात्र और जरूरतमंद परिवारों के नाम शामिल नहीं किए जाने तथा कथित रूप से पैसे लेकर अपात्र लोगों के नाम जोड़ने का आरोप लगाया। धरना-प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने आवास योजना की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, लाभुकों की सूची की निष्पक्ष जांच कराने तथा कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य जरूरतमंद और गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है, इसलिए योजना के लाभ में किसी भी प्रकार की अनियमितता या पक्षपात नहीं होना चाहिए। ग्रामीणों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) तथा 20-सूत्री प्रखंड अध्यक्ष को सौंपा। प्रधानमंत्री आवास योजना में हेराफेरी व घूसखोरी के आरोपों को लेकर ग्रामीणों का धरना-प्रदर्शन चेनारी। रोहतास जिले के चेनारी प्रखंड मुख्यालय परिसर में विभिन्न ग्राम पंचायतों से पहुंचे ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित हेराफेरी, अनियमितता एवं घूसखोरी के आरोपों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने योजना की सूची में पात्र और जरूरतमंद परिवारों के नाम शामिल नहीं किए जाने तथा कथित रूप से पैसे लेकर अपात्र लोगों के नाम जोड़ने का आरोप लगाया। धरना-प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने आवास योजना की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, लाभुकों की सूची की निष्पक्ष जांच कराने तथा कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रधानमंत्री आवास योजना का
उद्देश्य जरूरतमंद और गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है, इसलिए योजना के लाभ में किसी भी प्रकार की अनियमितता या पक्षपात नहीं होना चाहिए। ग्रामीणों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) तथा 20-सूत्री प्रखंड अध्यक्ष को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने आवास योजना से संबंधित अभिलेखों, लाभुकों की सूची और चयन प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की। धरना-प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने “आवास सहायक मुर्दाबाद” और “पंचायत सचिव मुर्दाबाद” के नारे भी लगाए। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित कर्मियों की भूमिका की जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि यदि किसी पात्र परिवार का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में नहीं है, तो इसकी जांच होनी चाहिए कि उसका नाम क्यों नहीं जोड़ा गया। वहीं, यदि किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल किया गया है, तो उसके चयन की प्रक्रिया और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मियों की भूमिका की भी जांच आवश्यक है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि पंचायतवार आवास योजना के लाभुकों की सूची सार्वजनिक की जाए तथा पात्रता के आधार पर लाभुकों का सत्यापन कराया जाए। साथ ही ग्रामीणों ने कहा कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि गरीब एवं वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजना का लाभ मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी शिकायतों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं, प्रशासनिक स्तर से मामले की जांच एवं ग्रामीणों की शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने की बात कही गई है।
- प्रधानमंत्री आवास योजना में हेराफेरी व घूसखोरी के आरोपों को लेकर ग्रामीणों का धरना-प्रदर्शन चेनारी। रोहतास जिले के चेनारी प्रखंड मुख्यालय परिसर में विभिन्न ग्राम पंचायतों से पहुंचे ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित हेराफेरी, अनियमितता एवं घूसखोरी के आरोपों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने योजना की सूची में पात्र और जरूरतमंद परिवारों के नाम शामिल नहीं किए जाने तथा कथित रूप से पैसे लेकर अपात्र लोगों के नाम जोड़ने का आरोप लगाया। धरना-प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने आवास योजना की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, लाभुकों की सूची की निष्पक्ष जांच कराने तथा कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य जरूरतमंद और गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है, इसलिए योजना के लाभ में किसी भी प्रकार की अनियमितता या पक्षपात नहीं होना चाहिए। ग्रामीणों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) तथा 20-सूत्री प्रखंड अध्यक्ष को सौंपा। प्रधानमंत्री आवास योजना में हेराफेरी व घूसखोरी के आरोपों को लेकर ग्रामीणों का धरना-प्रदर्शन चेनारी। रोहतास जिले के चेनारी प्रखंड मुख्यालय परिसर में विभिन्न ग्राम पंचायतों से पहुंचे ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित हेराफेरी, अनियमितता एवं घूसखोरी के आरोपों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने योजना की सूची में पात्र और जरूरतमंद परिवारों के नाम शामिल नहीं किए जाने तथा कथित रूप से पैसे लेकर अपात्र लोगों के नाम जोड़ने का आरोप लगाया। धरना-प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने आवास योजना की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, लाभुकों की सूची की निष्पक्ष जांच कराने तथा कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य जरूरतमंद और गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है, इसलिए योजना के लाभ में किसी भी प्रकार की अनियमितता या पक्षपात नहीं होना चाहिए। ग्रामीणों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) तथा 20-सूत्री प्रखंड अध्यक्ष को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने आवास योजना से संबंधित अभिलेखों, लाभुकों की सूची और चयन प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की। धरना-प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने “आवास सहायक मुर्दाबाद” और “पंचायत सचिव मुर्दाबाद” के नारे भी लगाए। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित कर्मियों की भूमिका की जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि यदि किसी पात्र परिवार का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में नहीं है, तो इसकी जांच होनी चाहिए कि उसका नाम क्यों नहीं जोड़ा गया। वहीं, यदि किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल किया गया है, तो उसके चयन की प्रक्रिया और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मियों की भूमिका की भी जांच आवश्यक है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि पंचायतवार आवास योजना के लाभुकों की सूची सार्वजनिक की जाए तथा पात्रता के आधार पर लाभुकों का सत्यापन कराया जाए। साथ ही ग्रामीणों ने कहा कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि गरीब एवं वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजना का लाभ मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी शिकायतों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं, प्रशासनिक स्तर से मामले की जांच एवं ग्रामीणों की शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने की बात कही गई है।2
- सिलौंधा मोड़ के पास भीषण हादसे में 9वीं की छात्रा की मौत प्रशासन ने पीड़ित परिवार को सौंपा 20 हजार का चेक मोहनिया कैमूर:-स्थानीय थाना क्षेत्र के सिलौंधा मोड़ के पास सुबह लगभग 9:30 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। कैथियां गांव की रहने वाली 12 वर्षीय खुशी कुमारी, जो उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय कटरा कलां में 9वीं कक्षा की छात्रा थी, रोज की तरह साइकिल से स्कूल जा रही थी। इसी दौरान गिट्टी लदे एक अनियंत्रित डंपर ने उसे रौंद दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद डंपर सड़क पर ही पलट गया और चालक फरार हो गया, जबकि छात्रा का शव सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरा। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने मुआवजे और सुरक्षा की मांग को लेकर सड़क पर जाम लगा दिया। इससे सड़क के दोनों ओर गाड़ियों और एम्बुलेंस की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही मोहनिया थाना प्रभारी आलोक कुमार और प्रखंड विकास पदाधिकारी मोहनिया और कुदरा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। मौके पर पहुंचीं कुदरा प्रखंड विकास पदाधिकारी शांभवी श्रीवास्तव ने बताया, "सड़क हादसे में बच्ची की मौत के बाद ग्रामीण और परिजन अनुदान राशि की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। प्रशासन की ओर से नियमानुसार 20 हजार रुपये की सहायता राशि का चेक तत्काल प्रभाव से मृतका के पिता को हस्तगत करा दिया गया है। लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवा दिया गया है।" प्रशासनिक आश्वासन और त्वरित आर्थिक सहायता मिलने के बाद ग्रामीणों ने दो घंटे बाद जाम समाप्त किया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। वहीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। बाइट - प्रखंड विकास पदाधिकारी कुदरा2
- सृष्टि की रचना किसने और कैसे की? डिबेट की शुरुआत में सबसे पहला पक्ष सृष्टि उत्पत्ति का प्रमाण सहित रखा जाएगा। देखें खास वीडियो "शास्त्रार्थ का शंखनाद" Sant Rampal Ji Maharaj YouTube Channel पर। #HistoricDebate #hanuman #jaishriram #Ramayan #Mahabharat For more information visit Sant Rampal Ji Maharaj YouTube Channel1
- सासाराम के तमाम पूजा पंडालों का निरीक्षण करती सासाराम एसडीएम प्रिया रानी! रोहतास : जिला मुख्यालय सासाराम के सभी पूजा पंडालों का निरीक्षण करती सदर एसडीओ प्रिया रानी,प्रभारी एसडीपीओ गौरव यादव, नगर थाना अध्यक्ष शिवेंद्र कुमार व अन्य।2
- कैमूर/बिहार, जनता का दरबार में जिला पदाधिकारी ने सुनीं जनसमस्याएं, 62 आवेदनों के त्वरित निष्पादन का निर्देश जिला मुख्यालय से पंचायत स्तर तक आयोजित जन-संवाद कार्यक्रम में अधिकारियों ने सुनीं नागरिकों की समस्याएं, समयबद्ध समाधान पर जोर कैमूर। आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निष्पादन तथा पात्र लाभुकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा संचालित विशेष अभियान के तहत सोमवार को जिले के विभिन्न स्तरों पर जन-संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंड एवं पंचायत स्तर तक पदाधिकारियों ने आम लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और शिकायतें सुनीं। बता दें कि समाहरणालय स्थित जिला पदाधिकारी कैमूर कुमार अनुराग के जनता का दरबार में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 62 आवेदन प्राप्त हुए। जिला पदाधिकारी ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को नियमानुसार निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदनों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। वही आवास योजना से संबंधित आवेदनों की समीक्षा करते हुए जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को आवेदकों की पात्रता की जांच कर योग्य लाभुकों को अविलंब योजना का लाभ उपलब्ध कराने को कहा। वहीं, अपात्र पाए जाने वाले आवेदकों को आवेदन अस्वीकृत किए जाने का स्पष्ट कारण बताने का भी निर्देश दिया गया। आपको बताते हुए चलें कि जिला मुख्यालय स्तर पर ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज प्रविष्टियों के अनुसार अब तक 18 अधिकारियों द्वारा 46 नागरिकों से संवाद स्थापित किया गया। वहीं जिले के 11 प्रखंडों में 16 अधिकारियों की उपस्थिति में 40 नागरिकों ने अपनी समस्याएं एवं शिकायतें दर्ज कराईं। इसी प्रकार पंचायत स्तर पर 9 अधिकारियों द्वारा 94 नागरिकों की समस्याओं एवं शिकायतों को सुना गया। प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के लिए अग्रसारित किया गया। वही जन-संवाद कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने नागरिकों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझने के साथ-साथ संबंधित मामलों के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। जिला प्रशासन का उद्देश्य सरकारी तंत्र को आम जनता के और करीब लाना तथा स्थानीय स्तर पर ही नागरिकों की समस्याओं के समाधान की व्यवस्था को मजबूत करना है। बता दें कि जिला नोडल पदाधिकारी ने बताया कि जन-संवाद कार्यक्रम में प्राप्त आवेदनों के आधार पर लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी। साथ ही पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी। वही जिला प्रशासन ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।2
- प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर आज आम सभा हुआ कैसे क्या करना है.?1
- #divyqmittal #politics #viralvideos #IAS #awaazebharat1
- आज दिनांक 28सितंबर 2026 को चेनारी प्रखंड मुख्यालय पर विभिन्न गांव से आए हुए ग्रामीण जनता ने प्रधानमंत्री आवास योजना में बहुत ही बड़े पैमाने पर आवास सहायक के द्वारा घुस ले कर सुखी सम्पन्न लोगों को आवास सूची में नाम जोड़ा गया है ,गरीब लोगों का नाम सूची से गायब कर काट दिया गया है जो लोग आवास सहायक को रिश्वत दिया वो लोगों का नाम सूची में शामिल किया गया है जो लोग नहीं दिया उसका नाम सूची से काट दिया गया,जब की बहुत से लोगों का जीरो टैग के नाम पर फोटो दो दो बार घर जा कर लाभुक का खींचा गया और 500,से लेकर 2000,3000 हजार रुपए लिया गया है लेकिन जब आम सभा में लिस्ट का प्रकाशन हुआ तो उसमें बहुत से गरीब लोगों का नाम नहीं था,इसी सब विषय को लेकर आज प्रखण्ड मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन और नारा लगाते हुए प्रखण्ड विकास पदाधिकारी चेनारी, और 20सूत्री अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार सिंह कुशवाहा, 20सूत्री उपाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा गया,20सूत्री कार्यालय में उपस्थित सम्मानित सदस्य, गुडु शर्मा,ऋतु देवी,राजेंद्र तिवारी,अशोक सिंह कुशवाहा, कामेश्वर सिंह कुशवाहा, अक्षय पासवान, एकराम शाह, हरेराम बिंद,आदि उपस्थित थे ,साथ ही मुख्य रूप से ग्रामीण।, अच्छायबार राम,बिल्ट पासवान, हरद्वार शर्मा,रमाशंकर सिंह,सरिता देवी,सितारा देवी,ललिता देवी,जगमोहन मुसहर,मनु मुसहर,उपेंद्र साह,मंटू राम, बहुत से सैकड़ों जनता धरना प्रदर्शन में उपस्थित थे3