पिंजौर / मोरनी खंड के थापली-केदारपुर-भौरिया सड़क मार्ग की जर्जर हालत से ग्रामीणों और वाहन चालकों में भारी नाराजगी है। सड़क की कारपेटिंग पूरी तरह उखड़ चुकी है, जिसके कारण अब मार्ग पर केवल धूल, मिट्टी और गहरे गड्ढे ही नजर आते हैं। इससे रोजाना इस मार्ग से आने-जाने वाले लोगों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क कभी क्षेत्र की प्रमुख संपर्क सड़कों में शामिल थी, लेकिन अब इसकी बदहाली ऐसी है कि इसे पहचानना भी मुश्किल है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों और उबड़-खाबड़ रास्ते के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है, जिससे वाहन चालकों को मजबूरी में बेहद धीमी गति से सफर करना पड़ता है। सड़क से उड़ने वाली धूल लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है, जिससे राहगीरों, दुकानदारों और आसपास रहने वाले लोगों को सांस संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में यही सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे हालात और भी खराब हो जाते हैं। इस स्थिति के बीच, किसान संघ के महामंत्री मनोज कुमार ने मौके पर पहुंचकर सड़क का निरीक्षण किया और ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह सड़क क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग है, लेकिन इसकी लंबे समय से अनदेखी की जा रही है। उन्होंने संबंधित विभाग से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र मरम्मत कार्य शुरू नहीं कराया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ऐसी स्थिति में इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
पिंजौर / मोरनी खंड के थापली-केदारपुर-भौरिया सड़क मार्ग की जर्जर हालत से ग्रामीणों और वाहन चालकों में भारी नाराजगी है। सड़क की कारपेटिंग पूरी तरह उखड़ चुकी है, जिसके कारण अब मार्ग पर केवल धूल, मिट्टी और गहरे गड्ढे ही नजर आते हैं। इससे रोजाना इस मार्ग से आने-जाने वाले लोगों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क कभी क्षेत्र की प्रमुख संपर्क सड़कों में शामिल थी, लेकिन अब इसकी बदहाली ऐसी है कि इसे पहचानना भी मुश्किल है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों और उबड़-खाबड़ रास्ते के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है, जिससे वाहन चालकों को मजबूरी में बेहद धीमी गति से सफर करना पड़ता है। सड़क से उड़ने वाली धूल लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है, जिससे राहगीरों, दुकानदारों और आसपास रहने वाले लोगों को सांस संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में यही सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे हालात और भी खराब हो जाते हैं। इस स्थिति के बीच, किसान संघ के महामंत्री मनोज कुमार ने मौके पर पहुंचकर सड़क का निरीक्षण किया और ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह सड़क क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग है, लेकिन इसकी लंबे समय से अनदेखी की जा रही है। उन्होंने संबंधित विभाग से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र मरम्मत कार्य शुरू नहीं कराया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ऐसी स्थिति में इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
- आज सढोरा स्थित ब्रह्मकुमारी प्रजापति ईश्वरीय विश्वविद्यालय उपहार भवन में आध्यात्मिक दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्र की संचालिका बीके सुलोचना ने मुख्य वक्ता के रूप में आध्यात्मिक उन्नति के महत्व के बारे में जानकारी प्रदान की। यह आयोजन विश्व आध्यात्मिक दिवस के रूप में मनाया गया।1
- हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (HRTC) के कर्मचारियों और सरकार के बीच वित्तीय देनदारियों को लेकर चल रहा गतिरोध अब चरम पर पहुँच गया है। अपनी लंबित वित्तीय देनदारियों को लेकर लंबे समय से मोर्चा खोले बैठी HRTC चालक-परिचालक यूनियन ने अब राज्यव्यापी चक्का जाम का एलान कर दिया है। यह घोषणा मंगलवार को सचिवालय में यूनियन के पदाधिकारियों की अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) के साथ हुई वार्ता पूरी तरह विफल रहने के बाद की गई। वार्ता विफल होने के उपरांत, यूनियन के सदस्यों ने पुराने बस अड्डे पर निगम प्रबंधन व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और 24 जून की रात 12 बजे से पूरे प्रदेश में चक्का जाम करने की अंतिम घोषणा कर दी। इस पूरे विवाद के बीच, यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष मान सिंह का शिमला से चंबा तबादला किए जाने से स्थिति और ज्यादा बिगड़ गई है। मान सिंह ठाकुर ने बताया कि उन्हें पहले उपमुख्यमंत्री (परिवहन मंत्री) के साथ बैठक के लिए बुलाया गया था, लेकिन सचिवालय पहुँचने पर उन्हें सूचित किया गया कि बैठक रद्द हो गई है और उन्हें ACS परिवहन के साथ वार्ता करनी होगी। मान सिंह ने इसे निगम के 12 हजार कर्मचारियों के साथ धोखा करार दिया और कहा कि सरकार के इस अड़ियल रवैये से कर्मचारियों का हौसला टूटा है और उनमें भारी आक्रोश है। उन्होंने अपने तबादले को लेकर कहा कि यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं है और वे चंबा जाने को तैयार हैं, क्योंकि उन्होंने खुद कर्मचारियों से नीट (NEET) परीक्षा के मद्देनजर शांत रहने की अपील की थी। हालाँकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारी अब पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। कंडक्टर और ड्राइवर यूनियन का स्पष्ट रुख है कि जब तक तबादला आदेश रद्द नहीं होते और वित्तीय देनदारियों पर लिखित आदेश नहीं मिलते, तब तक कोई वार्ता नहीं होगी। मान सिंह ने बताया कि इस आंदोलन को टेक्निकल यूनियन, पेंशनर्स जॉइंट एक्शन कमेटी और ड्राइवर यूनियन ने भी अपना पूर्ण समर्थन दे दिया है। उन्होंने प्रदेश की जनता से अपील की है कि वे 24 जून की रात 12 बजे के बाद HRTC की बसों में अपनी बुकिंग न कराएँ और न ही बसों का इंतजार करें, क्योंकि इसके बाद चक्का जाम पूरी तरह प्रभावी रहेगा। मान सिंह ने अंत में कहा कि कर्मचारियों को रोकने की क्षमता अब संगठन के बस में भी नहीं रही है और इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार व प्रबंधन की होगी।2
- तु है कहाँ तुझे ढूंढे मेरी नज़र, सिर्फ एक मुलाकात की तमन्ना है दिल को समझा सकु इस जमाने मे मेरा भी कोई है l1
- यमुनानगर जिले में एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है जो साधु के वेश में हाईवे पर गाड़ियों को रुकवाकर लोगों से गहनों की स्नेचिंग करता था। माथे पर भस्म लगाकर और पानी मांगने के बहाने, यह 'नकली बाबा' अपनी मीठी बातों में लोगों को उलझाता था और उनकी सोने की चेन लेकर चम्पत हो जाता था। इसे 'हाईवे का स्नेचिंग वाला बाबा' कहा जा रहा था, जो करेड़ा खुर्द हाईवे पर सक्रिय था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह व्यक्ति कोई संत नहीं, बल्कि डेहा बस्ती का रहने वाला सेठ अमीरचंद है। हाल ही में करेड़ा खुर्द हाईवे पर पंचकूला के एक डॉक्टर से इसी अंदाज में चेन स्नेचिंग की वारदात हुई थी। जिला पुलिस की स्पेशल सेल की टीम ने आरोपी सेठ अमीरचंद को बैंक कॉलोनी मोड़ के पास से दबोच लिया है। वह अब पुलिस की गिरफ्त में है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि इस 'बाबा के चोले' में कितनी और वारदातों के राज छुपे हैं। इस घटना के मद्देनजर, लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। यह संदेश दिया गया है कि हाईवे पर यदि कोई साधु पानी मांगे, तो इंसानियत जरूर दिखाएं, लेकिन साथ ही अपनी चेन और अन्य सामान पर भी नजर रखें। क्योंकि हर साधु दिखने वाला व्यक्ति साधु हो, यह जरूरी नहीं; साधु के भेस में उचक्का भी हो सकता है जो आपके माल पर हाथ साफ कर सकता है।1
- यमुनानगर क्राइम ब्रांच-2 ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को हथियारों सहित गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों को लूट की योजना बनाते समय पकड़ा गया। वे सुपारी लेकर वारदात को अंजाम देते थे। यह जानकारी एडिशनल एसपी आशीष चौधरी ने दी।1
- शिमला पुलिस ने जिले के रोहड़ू में एक बुजुर्ग महिला की संदिग्ध मौत के पेचीदा 'ब्लाइंड मर्डर' मामले को सुलझाने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने महज छह दिनों के भीतर इस हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाते हुए नेपाल मूल के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला बीती 16 जून 2026 को सामने आया था, जब रोहड़ू पुलिस थाने को शलाश डोगरी निवासी 77 वर्षीय श्रीमती गीता देवी के अपने घर में मृत पाए जाने की सूचना मिली। प्रारंभिक जांच में ही पुलिस को यह आभास हो गया था कि यह एक सामान्य मौत नहीं, बल्कि हत्या है। पुलिस ने आशंका जताई थी कि अज्ञात बदमाश चोरी की नीयत से घर में घुसे थे और पकड़े जाने के डर या विरोध करने पर उन्होंने बुजुर्ग महिला की हत्या कर दी। यह मामला शुरुआत में पुलिस के लिए अत्यंत कठिन था क्योंकि घटनास्थल पर न कोई चश्मदीद गवाह था, न घर या आसपास सीसीटीवी कैमरा लगा था, और न ही शुरुआत में किसी बड़ी संपत्ति के गायब होने की पुष्टि हो पाई थी। इन चुनौतियों के बावजूद, 17 जून को रोहड़ू थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विस्तृत तफ्तीश शुरू की गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, पुलिस टीमों ने तुरंत वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाने शुरू किए; फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने मौके से जैविक और भौतिक सबूत एकत्र किए, जिसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। सुरागों के अभाव में, शिमला पुलिस ने मानवीय इनपुट और आधुनिक तकनीक का एक साथ इस्तेमाल किया। एक ओर जहां मृतका के करीबियों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों से गहन पूछताछ की जा रही थी, वहीं तकनीकी विंग ने घटनास्थल की ओर जाने वाले सभी रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। संदिग्ध वाहनों की आवाजाही को ट्रैक किया गया, और सबसे महत्वपूर्ण मोड़ मोबाइल टावर के डंप डेटा के गहन विश्लेषण से आया। लाखों मोबाइल सिग्नलों के बीच कड़ियां जोड़ते हुए, पुलिस आखिरकार उन तीन संदिग्धों तक पहुंच गई, जिनकी लोकेशन वारदात के वक्त घटनास्थल के बिल्कुल आसपास पाई गई थी। तकनीकी विश्लेषण से मिले पुख्ता सुराग के आधार पर, पुलिस ने 22 जून 2026 को तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के दौरान, वे वैज्ञानिक साक्ष्यों के सामने ज्यादा देर तक पुलिस को गुमराह नहीं कर पाए और अपना गुनाह कबूल कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान लाल बहादुर उर्फ लालू (28), नवीन (19), और संतोष (20) के रूप में हुई है, जो वर्तमान में शिमला के टिक्कर और चिड़गांव क्षेत्र में रह रहे थे। ASP मेहर पंवर के अनुसार, आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया डंडा भी बरामद कर उसे मुख्य साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया गया है। शिमला पुलिस की इस त्वरित और सटीक कार्रवाई की चारों ओर सराहना हो रही है, जिसने इतनी कम अवधि में बिना किसी सीधे सुराग के इस पेचीदा हत्याकांड का पर्दाफाश कर अपराधियों को दबोच लिया। फिलहाल, पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।1
- भारतीय जनता पार्टी ने 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा देश में लगाई गई इमरजेंसी को 'संविधान हत्या दिवस' के रूप में मनाने का ऐलान किया है। इसी क्रम में, भाजपा ने यमुनानगर स्थित जिला कमल कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर कांग्रेस पर तीखा निशाना साधा। पत्रकारों को संबोधित करते हुए, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश सपरा ने आरोप लगाया कि इमरजेंसी के दौरान लोकतंत्र को गंभीर रूप से कमजोर किया गया और बड़ी संख्या में नागरिकों को असहनीय परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने पुनः पुष्टि की कि भाजपा इस दिन को 'संविधान हत्या दिवस' के तौर पर चिह्नित कर रही है। इस कार्यक्रम में भाजपा नेत्री मालिक रोजी आनंद, पूर्व मंत्री चौधरी कंवरपाल गुज्जर, जिला परिषद चेयरमैन रमेश ठसका, मेयर सुमन बहमनी और जिला महामंत्री नरेंद्र राणा सहित कई प्रमुख नेता उपस्थित रहे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, भाजपा नेताओं ने इमरजेंसी के समय हुई घटनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। मालिक रोजी आनंद और पूर्व मंत्री कंवरपाल गुज्जर ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि उस दौर में हजारों लोग प्रभावित हुए और जबरन नसबंदी जैसी अमानवीय घटनाएं भी सामने आईं। पूर्व मंत्री कंवरपाल गुज्जर ने इस बात पर जोर दिया कि उस अवधि में लोकतांत्रिक अधिकारों को निर्दयता से कुचला गया और सत्ता को बचाने के लिए प्रजातंत्र को भारी क्षति पहुंचाई गई। मालिक रोजी आनंद ने बताया कि हरियाणा में इमरजेंसी को लेकर भाजपा द्वारा तीन बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पंचकूला में होने वाले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और एक राज्यसभा सांसद मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। इसी प्रकार, रोहतक में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय सचिव ओ.पी. धनखड़ की उपस्थिति रहेगी। जबकि, फरीदाबाद में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और कृष्णपाल गुज्जर कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। उन्होंने यह भी सूचित किया कि 'संविधान हत्या दिवस' के अवसर पर हर जिले में विशेष प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी, जिनमें इमरजेंसी के भयावह दृश्यों और घटनाओं को उजागर किया जाएगा।1
- बुधवार को इंद्री क्षेत्र के गांव रामपुरा मोड़ के समीप गढ़ीबीरबल रोड पर दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने हुई जोरदार टक्कर में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस भीषण हादसे के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और सभी चारों घायलों को उपचार के लिए इंद्री के नागरिक अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने एक युवक को मृत घोषित कर दिया और शेष तीन घायलों का उपचार शुरू किया। घायलों में से एक की हालत नाजुक होने के कारण उसे इलाज के लिए करनाल स्थित कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि अन्य दो घायलों का इलाज इंद्री के नागरिक अस्पताल में चल रहा है। इस संबंध में, एसआई राजा राम ने जानकारी देते हुए बताया कि रामनगर डेरा मोड़ के निकट गढ़ीबीरबल रोड पर हुई इस दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत और तीन लोग घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि मृतक और करनाल रेफर किए गए घायल की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है, हालांकि इंद्री अस्पताल में उपचाराधीन दो घायल गांव मुसेपुर के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए गहन जांच कर रही है।1