नारिया पावर हाउस की जर्जर हालत पर उठे सवाल दीवारों पर पड़ी दरारें *नारिया पावर हाउस की जर्जर हालत पर उठे सवाल*, *उद्घाटन से पहले ही दीवारों पर पड़ी दरारें* *वाराणसी।* शहर के नरिया क्षेत्र में बने पावर हाउस की हालत को लेकर बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लाखों रुपये खर्च कर तैयार किया गया यह पावर हाउस अभी तक विधिवत रूप से शुरू भी नहीं हुआ, लेकिन परिसर की चारों तरफ की दीवारें जर्जर होकर गिरने के कगार पर पहुंच गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर शुरुआत से ही सवाल उठते रहे हैं। उनका आरोप है कि यदि सरकारी धन से कराए गए निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया और टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं, तो उसका खामियाजा आखिरकार जनता और सरकारी खजाने को ही भुगतना पड़ता है। लोगों का सवाल है कि जब पावर हाउस का उद्घाटन तक नहीं हुआ, तो निर्माण के कुछ समय बाद ही इसकी दीवारें जर्जर कैसे हो गईं? क्या निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की गई थी? क्या संबंधित अधिकारियों ने मौके पर निरीक्षण किया था? हालांकि, कमीशन लेकर टेंडर देने या अधिकारियों की जेब में पैसा जाने जैसे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि निर्माण में मानकों का पालन हुआ था या नहीं और सरकारी धन का सही इस्तेमाल किया गया या नहीं। अब देखना होगा कि बिजली विभाग और संबंधित अधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और पावर हाउस की जर्जर दीवारों को लेकर जिम्मेदारी किसकी तय होती है।
नारिया पावर हाउस की जर्जर हालत पर उठे सवाल दीवारों पर पड़ी दरारें *नारिया पावर हाउस की जर्जर हालत पर उठे सवाल*, *उद्घाटन से पहले ही दीवारों पर पड़ी दरारें* *वाराणसी।* शहर के नरिया क्षेत्र में बने पावर हाउस की हालत को लेकर बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लाखों रुपये खर्च कर तैयार किया गया यह पावर हाउस अभी तक विधिवत रूप से शुरू भी नहीं हुआ, लेकिन परिसर की चारों तरफ की दीवारें जर्जर होकर गिरने के कगार पर पहुंच गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर शुरुआत से ही सवाल उठते रहे हैं। उनका आरोप है कि यदि सरकारी धन से कराए गए निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया और टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं, तो उसका खामियाजा आखिरकार जनता और सरकारी खजाने को ही भुगतना पड़ता है। लोगों का सवाल है कि जब पावर हाउस का उद्घाटन तक नहीं हुआ, तो निर्माण के कुछ समय बाद ही इसकी दीवारें जर्जर कैसे हो गईं? क्या निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की गई थी? क्या संबंधित अधिकारियों ने मौके पर निरीक्षण किया था? हालांकि, कमीशन लेकर टेंडर देने या अधिकारियों की जेब में पैसा जाने जैसे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि निर्माण में मानकों का पालन हुआ था या नहीं और सरकारी धन का सही इस्तेमाल किया गया या नहीं। अब देखना होगा कि बिजली विभाग और संबंधित अधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और पावर हाउस की जर्जर दीवारों को लेकर जिम्मेदारी किसकी तय होती है।
- जौनपुर जलालपुर क्षेत्र के कई जगह में जमकर बारिश हो रही है जौनपुर आज जलालपुर क्षेत्र के कई गांव में कई छात्रों में सुबह से रुक-रुक कर वर्षा हो रही थी लेकिन शाम होते जमकर 2 घंटे की बारिश होने से कई फसलों का खेत में हुआ गिरना1
- Breaking:यूपी में सियासत का नया 'मूंछ' वाला अध्याय,अखिलेश यादव ने CO के बयान का दिया अनोखा जवाब न्यूज टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट लखनऊ मैनपुरी:उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों बयानबाजी के साथ-साथ 'मूंछों पर ताव' भी चर्चा का विषय बना हुआ है। पिछले दिनों मैनपुरी में यूपी पुलिस के CO अशोक सिंह का एक वीडियो वायरल हुआ था,जिसमें वो मूंछों पर ताव देते हुए कहते सुनाई दे रहे थे।इस वीडियो पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में तंज कसते हुए कहा था कि "उसकी मूंछें बहुत छोटी थीं।इसके बाद कल अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ललितपुर के अपने एक कार्यकर्ता की तस्वीर ट्वीट की, जिसकी बड़ी-बड़ी घनी मूंछें हैं। फोटो के साथ उन्होंने कैप्शन लिखा अच्छा लगता है ऐसी मूछों पर ताव।आज लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने उसी कार्यकर्ता को मंच पर बुलाया। मंच पर मौजूद सभी नेताओं के बीच कार्यकर्ता ने अपनी बड़ी मूंछों पर ताव दिया, जिस पर सभी नेता हंसते नजर आए। अखिलेश यादव खुद कार्यकर्ता को सभी से मिलाते दिखे।बता दें कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यूपी में सियासी पारा चढ़ा हुआ है और अब पुलिस और नेताओं के बीच 'मूंछ' को लेकर शुरू हुई ये जंग सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है।1
- जनता न्यूज़ टीवी संवाददाता गुलशन कुमार वाराणसी महाराष्ट्र। राष्ट्रीय पत्रकार परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की टीम एवं वाराणसी मंडल अध्यक्ष महाराष्ट्र पहुंची। इस दौरान उत्तर प्रदेश के प्रदेश मीडिया प्रभारी विवेक सिंह से जुड़े मामले को लेकर टीम दहिसर थाने पहुंची और राष्ट्रीय पत्रकार परिषद के प्रयास से मामले का समाधान कराया गया। इसी दौरान महाराष्ट्र के पत्रकार एवं सोशल वर्कर रणधीर दास, सत्या सिंह और वंदना पांडे से मुलाकात हुई। राष्ट्रीय पत्रकार परिषद की कार्यप्रणाली और पत्रकार हित में किए जा रहे कार्यों से प्रभावित होकर तीनों ने संगठन से जुड़ने की इच्छा जताई। इसके बाद राष्ट्रीय पत्रकार परिषद की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र उपाध्याय ने संगठन में नई जिम्मेदारियों की घोषणा की। रणधीर दास को महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष, सत्या सिंह को महिला प्रकोष्ठ महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष तथा वंदना पांडे को महिला प्रकोष्ठ महाराष्ट्र प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस अवसर पर राष्ट्रीय सलाहकार एवं प्रदेश अध्यक्ष सुशील चौबे, उत्तर प्रदेश मीडिया प्रभारी विवेक सिंह, वाराणसी मंडल अध्यक्ष हरिश्चंद्र पटेल एवं वाराणसी के सदस्य गुलशन कुमार सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।1
- कहने को समृद्ध, बदहाली में वयोवृद्ध—डाफी में जलभराव से नारकीय हालात, घरों से निकलना मुश्किल अस्पतालों के सामने कमर तक पानी, 20 दिनों से जलभराव का आरोप; शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार बेखबर वाराणसी। कहने को समृद्ध, लेकिन सुविधाओं के नाम पर बदहाल—वाराणसी के वार्ड संख्या 23, सीर गोवर्धनपुर के अंतर्गत आने वाला डाफी क्षेत्र आज इसी विरोधाभास की तस्वीर पेश कर रहा है। क्षेत्र में करीब पांच हजार मतदाता हैं। अशोकपुरम और बजरंगनगर सहित कई कॉलोनियों में बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी, वर्तमान में सरकारी सेवाओं में कार्यरत लोग तथा अन्य संभ्रांत परिवार रहते हैं। इसके बावजूद लगातार बारिश के बाद क्षेत्र की सड़कें और गलियां जलभराव की चपेट में हैं और लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है। डाफी क्षेत्र की कई कॉलोनियों में कई-कई दिनों से पानी जमा होने का दावा स्थानीय लोगों ने किया है। कहीं सड़कें तालाब में तब्दील हैं तो कहीं घरों के आसपास गंदा पानी जमा है। जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण लोगों को पानी के बीच से होकर आवागमन करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या नई नहीं है, बल्कि हर बरसात में यही स्थिति सामने आती है, बावजूद इसके स्थायी समाधान की दिशा में गंभीर पहल नहीं दिखाई देती। अस्पतालों के सामने जलभराव ने बढ़ाई मरीजों की परेशानी डाफी क्षेत्र में कई बड़े अस्पताल और चिकित्सा संस्थान हैं, जहां वाराणसी के अलावा पूर्वांचल और प्रदेश के विभिन्न जिलों तथा दूसरे राज्यों से भी मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पतालों के आसपास जलभराव की स्थिति ने समस्या को और गंभीर बना दिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार री-लाइफ केयर अस्पताल के सामने कमर तक पानी जमा होने की स्थिति बनी हुई है। यदि यह स्थिति बनी रहती है तो मरीजों, बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और तीमारदारों के लिए अस्पताल तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है। आपात स्थिति में आने-जाने वाले मरीजों के लिए यह जलभराव और भी गंभीर परेशानी पैदा कर सकता है। 20 दिनों से घुटने के ऊपर तक पानी, शिकायतों के बाद भी समाधान नहीं क्षेत्रीय निवासी पूजा सिंह का कहना है कि उनके क्षेत्र में करीब 20 दिनों से घुटने के ऊपर तक पानी जमा है। उनका आरोप है कि समस्या केवल बारिश के पानी तक सीमित नहीं है, बल्कि पीछे से छोड़े गए पानी के कारण भी जलभराव की स्थिति और गंभीर हुई है। पूजा सिंह के मुताबिक उन्होंने समस्या को लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल, जिलाधिकारी और नगर निगम सहित संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शिकायतों के बावजूद जल निकासी नहीं कराई जाती है तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है। डाफी हरिजन बस्ती में भी जलभराव, बीमारी फैलने का खतरा डाफी हरिजन बस्ती की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली बताई जा रही है। लंबे समय से पानी जमा होने के कारण वहां गंदगी और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की बात स्थानीय लोग कह रहे हैं। लोगों को डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों का खतरा सता रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जलभराव वाले क्षेत्रों में नियमित रूप से फॉगिंग, एंटी-लार्वा छिड़काव और सफाई जैसे जरूरी उपाय पर्याप्त स्तर पर नहीं किए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब तक पानी की निकासी नहीं होगी, तब तक केवल फॉगिंग कराना समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। जनप्रतिनिधियों से लोगों का सवाल—हर बरसात में क्यों दोहराती है यही कहानी? जलभराव को लेकर स्थानीय लोगों में जिम्मेदार विभागों और जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी भी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान विकास और मूलभूत सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन बरसात आते ही सड़क, नाली और जल निकासी की वास्तविक स्थिति सामने आ जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे किसी राजनीतिक विवाद के बजाय स्थायी समाधान चाहते हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र में ऐसी जल निकासी व्यवस्था विकसित की जाए जिससे बारिश के बाद पानी कई दिनों तक जमा न रहे और लोगों को हर साल इसी समस्या से न जूझना पड़े। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते जल निकासी, सफाई, फॉगिंग और नालियों की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो वे आगामी चुनाव में अपने जनप्रतिनिधियों से इन समस्याओं का हिसाब मांगेंगे। अब बड़ा सवाल—क्या यही है विकास की तस्वीर? डाफी की मौजूदा स्थिति कई सवाल खड़े करती है। एक ओर शहर में विकास कार्यों और आधुनिक सुविधाओं की बात होती है, वहीं दूसरी ओर हजारों लोगों की आबादी वाले क्षेत्र में बारिश का पानी कई दिनों तक जमा रहना व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। क्या विकास का पैमाना केवल सड़क, भवन और निर्माण कार्य हैं? क्या जल निकासी, स्वच्छता, स्वास्थ्य सुरक्षा और आम नागरिक को सम्मानजनक जीवन देना विकास का हिस्सा नहीं है? डाफी की जलमग्न सड़कें और गलियां जिम्मेदार विभागों एवं जनप्रतिनिधियों से यही सवाल पूछ रही हैं कि आखिर हर बरसात में पैदा होने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान कब होगा? स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर जलभराव की तत्काल निकासी, नालियों की सफाई, फॉगिंग एवं एंटी-लार्वा छिड़काव कराने के साथ-साथ भविष्य के लिए स्थायी जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें.4
- महाकालेश्वर मंदिर में चोरी, पीतल के बर्तन ले गए चोर,पुलिस जांच पड़ताल में जुटी महाकालेश्वर मंदिर में चोरी, पीतल के बर्तन ले गए चोर वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र के रामपुर गांव स्थित महाकालेश्वर महादेव मंदिर में बुधवार की रात चोरों ने धावा बोल दिया। चोर मंदिर से पीतल के बर्तन समेत अन्य सामान चोरी कर ले गए। गुरुवार सुबह करीब 07 बजे मंदिर पहुंचे लोगों को चोरी की जानकारी हुई, जिसके बाद इसकी सूचना रोहनिया पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मंदिर परिसर का निरीक्षण कर घटना की जांच-पड़ताल शुरू कर दी। पुलिस ने आसपास के लोगों से भी घटना के संबंध में जानकारी ली। मंदिर में चोरी की घटना से ग्रामीणों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से जल्द से जल्द चोरी का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करने तथा चोरी गया सामान बरामद करने की मांग की है। पुलिस मामले की जांच के साथ चोरों की पहचान करने में जुटी हुई है।1
- छापकर बाजार में सप्लाई करने वाले BJP के छोटे-बड़े नेता और मंत्री केवल संपत्ति बनाने में लगे हैं... ये सड़ गए... कानपुर पुलिस ने नकली नोट छापकर बाजार में सप्लाई करने वाले गैंग से करीब ₹2 लाख के नकली नोट बरामद किये है इस गैंग के सौमिल गुप्ता, रोशन अली और शेरसिंह किराये के कमरे में कम्प्यूटर-प्रिंटर की मदद से नोट छापकर बाजार में खपाते थे BJP के छोटे-बड़े नेता और मंत्री केवल संपत्ति बनाने में लगे हैं... ये सड़ गए... सब भ्रष्ट हैं... कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने जो कहा है कि राम मंदिर में ₹50 का चढ़ावा भी सुरक्षित नहीं है वह बिल्कुल सही कहा है जगद्गुरु परमहंस आचार्य2
- जौनपुर ब्रेकिंगअपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आतिश कुमार सिंह की बाइट जौनपुर अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आतिश कुमार सिंह की गोली चलने का संदर्भ में1
- यूपी का चुनाव मजेदार होता जा रहा है • पिछले दिनों मैनपुरी में यूपी पुलिस के CO अशोक सिंह ने मूंछों पर ताव देते हुए कहा - ये वीडियो अखिलेश यादव को दे देना • अखिलेश यादव ने इस बात को पकड़ लिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा - "उसकी मूंछें बहुत छोटी थीं" कल अखिलेश ने ललितपुर के अपने कार्यकर्ता की तस्वीर ट्वीट की और लिखा- "अच्छा लगता है ऐसी मूछों पर ताव.." आज उस कार्यकर्ता को स्टेज पर लेकर आए और कार्यकर्ता ने सबके सामने अपनी मूछों पर ताव दिया1
- वाराणसी ब्रेकिंग थाना कैंट के अर्दली बाजार में व्यक्ति ने खुद को मारी गोली एसीपी कैंट प्रज्ञा पाठक का बयान न्यूज़ टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट वाराणसी। आज सुबह 5 बजे सूचना मिली कि थाना कैंट के अर्दली बाजार क्षेत्र में एक व्यक्ति ने खुद को गोली मार ली है। मौके पर पुलिस पहुंची तो पता चला कि विजेंद्र कुमार सोनी ने खुद को गोली मारी है। हालत नाजुक होने पर परिजन उन्हें BHU ट्रामा हॉस्पिटल ले गए, वहां पुलिस बल मौजूद है। फॉरेंसिक टीम ने जांच की है। तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।1