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आज मंगलवार को छिंदवाड़ा कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई में शहरी, ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों से आए आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। दोपहर 12 बजे शुरू हुई इस जनसुनवाई में, आवेदकों ने ज़मीन के सीमांकन, नक्शा दुरूस्त करने, अतिक्रमण हटाने, नाला गहरीकरण, प्रधानमंत्री आवास योजना, बिजली-पानी और सामाजिक सहायता जैसी विभिन्न शिकायतें रखीं। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को इन सभी मामलों के त्वरित निवारण के निर्देश दिए। उन्होंने कई प्रकरणों को तत्काल नोट कर उनके समाधान का आदेश दिया, जबकि कुछ मामलों को समयसीमा समीक्षा के लिए चिह्नित किया ताकि उनका भी शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।
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आज मंगलवार को छिंदवाड़ा कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई में शहरी, ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों से आए आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। दोपहर 12 बजे शुरू हुई इस जनसुनवाई में, आवेदकों ने ज़मीन के सीमांकन, नक्शा दुरूस्त करने, अतिक्रमण हटाने, नाला गहरीकरण, प्रधानमंत्री आवास योजना, बिजली-पानी और सामाजिक सहायता जैसी विभिन्न शिकायतें रखीं। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को इन सभी मामलों के त्वरित निवारण के निर्देश दिए। उन्होंने कई प्रकरणों को तत्काल नोट कर उनके समाधान का आदेश दिया, जबकि कुछ मामलों को समयसीमा समीक्षा के लिए चिह्नित किया ताकि उनका भी शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- सिवनी पुलिस अधीक्षक श्री कृष्ण लालचंदानी ने अपनी साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान जिले भर से आए नागरिकों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने इस दौरान कई मामलों का मौके पर ही निराकरण कर दिया, जिससे लोगों को तत्काल राहत मिली। जो मामले मौके पर हल नहीं हो पाए, उनके संबंध में पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे शेष प्रकरणों में समय-सीमा के भीतर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करें। इस पहल से पुलिस और जनता के बीच भरोसा मजबूत हो रहा है, क्योंकि लोगों की समस्याओं का त्वरित निपटारा संभव हो पा रहा है।1
- सौसर विधायक विजय चौरे ने उज्जैन स्थित बाबा महाकाल के पावन दरबार में पहुँचकर ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने सभी के उत्तम स्वास्थ्य और निरंतर उन्नति की प्रार्थना की। विधायक चौरे ने विशेष रूप से सौसर विधानसभा सहित समस्त क्षेत्रवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और निरंतर प्रगति की मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल की कृपा सभी पर बनी रहे और क्षेत्र निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ता रहे। विधायक विजय चौरे के महाकाल दर्शन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी साझा की गईं, जिन्हें श्रद्धालुओं और समर्थकों ने खूब सराहा।1
- बादलपार स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में बाउंड्री वॉल बनाने की मांग की जा रही है। मंदिर परिसर में बाउंड्री वॉल नहीं होने के कारण आवारा जानवरों का आतंक बढ़ गया है, जिसके चलते वहां लगे पेड़-पौधे नष्ट हो रहे हैं। इस समस्या के समाधान और परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जल्द से जल्द बाउंड्री वॉल के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है।2
- मुलताई नगर के भगत सिंह वार्ड में नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे नाली निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। वार्डवासियों का आरोप है कि इस निर्माण कार्य में गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा जा रहा, जिससे भविष्य में कई समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। एक प्रमुख समस्या यह है कि पेयजल आपूर्ति पाइपलाइन का वाल्व नाली के अंदर स्थित है, जहाँ अक्सर पानी भरा रहता है। इस स्थिति के कारण वाल्व के संचालन, मरम्मत या उसे बदलने में वार्डवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या के बारे में नगर पालिका अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार को कई बार जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। इसके अतिरिक्त, स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि नाली निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री में केवल रेत, गिट्टी और सीमेंट का उपयोग हो रहा है, जबकि सरिया (स्टील रॉड) का उपयोग नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में ठेकेदार से बात करने पर वार्डवासियों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इन आरोपों के चलते वार्ड में निर्माण कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका से पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष और तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनकी माँग है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, पेयजल पाइपलाइन के वाल्व को नाली के बाहर एक सुरक्षित स्थान पर स्थापित कर वार्डवासियों की इस समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए।1
- बैतूल जिला पुलिस ने 07 जुलाई 2026 को पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार 'सेफ क्लिक –2.0' साइबर जागरूकता अभियान के तहत एक 'साइबर सेफ्टी वाक' का आयोजन किया। पुलिस ग्राउंड, बैतूल से आयोजित इस वाक में पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों, सिंहस्थ–2028 प्रशिक्षण में सहभागी अधिकारी-कर्मचारियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं, मीडिया प्रतिनिधियों और नागरिकों सहित लगभग 500 से 600 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और साइबर सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुँचाया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल युग में सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है और छोटी लापरवाही भी बड़े साइबर अपराध का कारण बन सकती है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने, मूलभूत नियमों का पालन करने और अपने परिवार व समाज को भी जागरूक करने का आह्वान किया। इसके बाद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने सभी उपस्थितजनों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई, जिसमें सभी ने स्वयं को साइबर सुरक्षित रखने और दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया। शपथ के उपरांत साइबर सेफ्टी वाक शुरू हुई, जो पुलिस ग्राउंड से जिला चिकित्सालय, मुल्ला पेट्रोल पंप, शिवाजी चौक और स्टेडियम मार्ग से होते हुए वापस पुलिस ग्राउंड पहुँची। वाक के दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में साइबर सुरक्षा संबंधी तख्तियाँ और जागरूकता संदेश लिए हुए थे, जिसके माध्यम से उन्होंने आमजन को "सोचें • समझें • फिर क्लिक करें" और "साइबर सुरक्षित रहें, साइबर अपराध से बचें" जैसे संदेश दिए। इस अवसर पर एसडीओपी बैतूल अन्नपूर्णा सिरसाम, डीएसपी (अजाक) शैफा हाशमी, थाना प्रभारी गंज निरीक्षक नीरज पाल, रक्षित निरीक्षक दिनेश मार्सकोले, साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक अश्विनी चौधरी, सूबेदार नवीन सोनकर और साइबर सेल टीम सहित अन्य अधिकारी व प्रतिभागी मौजूद रहे। उपस्थितजनों को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (साइबरक्राइम .गॉव .इन) और साइबर हेल्पलाइन 1930 की विस्तृत जानकारी दी गई, साथ ही साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई गई। बैतूल जिला पुलिस ने नागरिकों से विशेष अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक, APK फ़ाइल, QR कोड या OTP संबंधी अनुरोध पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करने या साइबरक्राइम .गॉव .इन पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है। इस पूरे अभियान का केंद्रीय संदेश था कि साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। नागरिकों से जागरूक और सतर्क रहकर सुरक्षित डिजिटल भारत के निर्माण में अपनी सहभागिता निभाने और "सोचें • समझें • फिर क्लिक करें" के मंत्र का पालन करने का आह्वान किया गया।2
- कोतवाली पुलिस ने मंगलवार सुबह 10 बजे मिली जानकारी के अनुसार, ₹5 लाख 46 हजार की राशि लेकर फरार हुए एक आरोपी को चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी थाना से मिली सूचना के आधार पर हुई है। आरोपी की पहचान हिसार निवासी हरभजन सिंह उर्फ हरभेज के रूप में हुई है। उसके खिलाफ 28 जून को एक शिकायत दर्ज की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि वह खमारपानी शराब दुकान के कलेक्शन के ₹5,46,050 जमा न करके फरार हो गया था। इस मामले में एफआईआर संख्या 502/26, धारा 303(2) बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। नगर पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया, जिसने आरोपी को पकड़ने के लिए कई स्थानों पर दबिश दी। आखिर में टीम ने आरोपी को चंडीगढ़ से दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से नकली आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस भी बरामद हुए हैं।1
- सिवनी जिले में 1 जून से 7 जुलाई 2026 तक कुल औसत 248.8 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की इसी अवधि में हुई 428.8 मिलीमीटर बारिश के मुकाबले काफी कम है, जो जिले में जारी मानसूनी सक्रियता के बावजूद कम वर्षा की स्थिति को दर्शाता है। मंगलवार को जिले में औसत 14.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जिसमें बरघाट तहसील में सर्वाधिक वर्षा हुई है।1
- मध्य प्रदेश के मोहखेड़ जनपद की ग्राम पंचायत देवगढ़ के कलकोट गांव में वर्ष 2020 में मनरेगा योजना के तहत निर्मित एक पुलिया पहली ही तेज बारिश में क्षतिग्रस्त होकर बह गई। करीब ₹12-13 लाख की लागत से बनी यह पुलिया बह जाने के कारण गांव दो हिस्सों में बंट गया, जिससे ग्रामीणों का संपर्क टूट गया। पुलिया टूटने के इस गंभीर परिणाम से स्कूली बच्चों, मरीजों और आम ग्रामीणों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस घटना को लेकर ग्रामीणों ने पुलिया के निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं और मामले की विस्तृत जांच की मांग की है।1