विद्यालय में भाजपा नेता की दबंगई क्या सुरक्षित है हमारे शिक्षण संस्थान विद्यालयों में अराजकता का प्रवेश: क्या सुरक्षित हैं हमारे शिक्षण संस्थान?— बृजेंद्र कुमार सिंह बांदा जनपद के बड़ोखर खुर्द क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय बजरंगपुरवा में घटी हालिया घटना केवल एक स्थानीय विवाद नहीं, बल्कि हमारे शिक्षा तंत्र और कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। जिस स्थान को ज्ञान, अनुशासन और संस्कार का केंद्र होना चाहिए, वही यदि दबंगई, हिंसा और भय का मंच बन जाए, तो यह स्थिति किसी भी सभ्य समाज के लिए अत्यंत चिंताजनक है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित क्षेत्र के भाजपा सेक्टर प्रभारी सत्यानंद यादव अपने साथियों के साथ विद्यालय परिसर में अनाधिकृत रूप से प्रवेश करते हैं, शिक्षकों के साथ अभद्रता करते हैं, सरकारी अभिलेखों को क्षतिग्रस्त करते हैं और विरोध करने पर मारपीट पर उतर आते हैं। यदि यह आरोप सत्य हैं, तो यह केवल एक व्यक्ति का अपराध नहीं, बल्कि उस मानसिकता का प्रतीक है जिसमें सत्ता के निकट होने का भ्रम कानून से ऊपर होने का दंभ पैदा कर देता है।विद्यालय केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि समाज के भविष्य का निर्माण स्थल होते हैं। यहाँ बच्चों के भीतर नैतिकता, अनुशासन और नागरिकता के मूल्य विकसित किए जाते हैं। ऐसे में यदि शिक्षक ही स्वयं को असुरक्षित महसूस करें, तो शिक्षा का वातावरण स्वतः ही प्रभावित होगा। शिक्षक का सम्मान और उनकी सुरक्षा किसी भी सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है।इस प्रकरण का एक अत्यंत गंभीर पक्ष यह भी है कि थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई में विलंब की बात सामने आ रही है। यदि पीड़ित को न्याय मिलने में संदेह हो, तो यह कानून व्यवस्था की विश्वसनीयता को कमजोर करता है। न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि होते हुए दिखना भी चाहिए—यही लोकतंत्र की आत्मा है। यह अत्यंत आवश्यक है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष और त्वरित जांच सुनिश्चित करे। दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई न केवल पीड़ितों को न्याय दिलाएगी, बल्कि समाज में यह स्पष्ट संदेश भी देगी कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।समाज को भी आत्ममंथन करना होगा। क्या हम ऐसी घटनाओं को सामान्य मानकर मौन रहेंगे, या फिर शिक्षा संस्थानों की गरिमा और सुरक्षा के लिए सामूहिक आवाज उठाएंगे? विद्यालयों को भयमुक्त वातावरण देना केवल प्रशासन का ही नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है।यह घटना एक चेतावनी है—यदि समय रहते ऐसी प्रवृत्तियों पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो शिक्षा के मंदिर भी अराजकता के शिकार हो सकते हैं। और जब शिक्षा असुरक्षित होगी, तो भविष्य भी सुरक्षित नहीं रह सकता।
विद्यालय में भाजपा नेता की दबंगई क्या सुरक्षित है हमारे शिक्षण संस्थान विद्यालयों में अराजकता का प्रवेश: क्या सुरक्षित हैं हमारे शिक्षण संस्थान?— बृजेंद्र कुमार सिंह बांदा जनपद के बड़ोखर खुर्द क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय बजरंगपुरवा में घटी हालिया घटना केवल एक स्थानीय विवाद नहीं, बल्कि हमारे शिक्षा तंत्र और कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। जिस स्थान को ज्ञान, अनुशासन और संस्कार का केंद्र होना चाहिए, वही यदि दबंगई, हिंसा और भय का मंच बन जाए, तो यह स्थिति किसी भी सभ्य समाज के लिए अत्यंत चिंताजनक है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित क्षेत्र के भाजपा सेक्टर प्रभारी सत्यानंद यादव अपने साथियों के साथ विद्यालय परिसर में अनाधिकृत रूप से प्रवेश करते हैं, शिक्षकों के साथ अभद्रता करते हैं, सरकारी अभिलेखों को क्षतिग्रस्त करते हैं और विरोध करने पर मारपीट पर उतर आते हैं। यदि यह आरोप सत्य हैं, तो यह केवल एक व्यक्ति का अपराध नहीं, बल्कि उस मानसिकता का प्रतीक है जिसमें सत्ता के निकट होने का भ्रम कानून से ऊपर होने का दंभ पैदा कर देता है।विद्यालय केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि समाज के भविष्य का निर्माण स्थल होते हैं। यहाँ बच्चों के भीतर नैतिकता, अनुशासन और नागरिकता के मूल्य विकसित किए जाते हैं। ऐसे में यदि शिक्षक ही स्वयं को असुरक्षित महसूस करें, तो शिक्षा का वातावरण स्वतः ही प्रभावित होगा। शिक्षक का सम्मान और उनकी सुरक्षा किसी भी सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है।इस प्रकरण का एक अत्यंत गंभीर पक्ष यह भी है कि थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई में विलंब की बात सामने आ रही है। यदि पीड़ित को न्याय मिलने में संदेह हो, तो यह कानून व्यवस्था की विश्वसनीयता को कमजोर करता है। न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि होते हुए दिखना भी चाहिए—यही लोकतंत्र की आत्मा है। यह अत्यंत आवश्यक है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष और त्वरित जांच सुनिश्चित करे। दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई न केवल पीड़ितों को न्याय दिलाएगी, बल्कि समाज में यह स्पष्ट संदेश भी देगी कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।समाज को भी आत्ममंथन करना होगा। क्या हम ऐसी घटनाओं को सामान्य मानकर मौन रहेंगे, या फिर शिक्षा संस्थानों की गरिमा और सुरक्षा के लिए सामूहिक आवाज उठाएंगे? विद्यालयों को भयमुक्त वातावरण देना केवल प्रशासन का ही नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है।यह घटना एक चेतावनी है—यदि समय रहते ऐसी प्रवृत्तियों पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो शिक्षा के मंदिर भी अराजकता के शिकार हो सकते हैं। और जब शिक्षा असुरक्षित होगी, तो भविष्य भी सुरक्षित नहीं रह सकता।
- यूपी के जनपद बांदा से है,जहां स्मार्ट मीटर को लेकर महिलाओं का गुस्सा फूटा, प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन।1
- घरेलू विवाद के चलते पति ने पत्नी की कि निर्मम हत्या पति ने पत्नी पर कुल्हाड़ी से किया हमला हत्या कर मौके से फरार हुआ पति कोचिंग से लौटी बेटी की मां को खून में लथपत देख निकली चीख चीखें सुन घटना स्थल पहुंचे मोहल्ले वासी मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस बबेरू थाना अंतर्गत मुरवल क्षेत्र का मामला1
- बांदा बबेरू थाना क्षेत्र से दिनांक 15.04.2026 की देर रात्रि में एक व्यक्ति द्वारा सूचना दी गई कि उसके पड़ोसी द्वारा उसकी नाबालिग पुत्री को अपने घर ले जाया गया है तथा उसे आशंका है कि उसके साथ कोई घटना कारित न कर दी जाए । सूचना प्राप्त होते ही तत्काल पुलिस द्वारा मौके पर पहुँचकर नामित व्यक्ति के घर से बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया गया तथा नामित व्यक्ति को हिरासत में ले लिया गया । बच्ची का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया, जिसके अवलोकन से स्पष्ट हुआ कि बच्ची को किसी प्रकार की कोई जाहिरा चोट नहीं है । प्राप्त तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर नामित अभियुक्त को गिरफ्तार कर नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर जेल भेजा गया है। इस संबंध में वीडियो बाइट अपर पुलिस अधीक्षक बांदा शिवराज ।1
- *पति ने कुल्हाड़ी से हमला कर-पत्नी को उतारा मौत के घाट* रिपोर्ट-अल्तमश हुसैन-7054881233 बबेरू/बाँदा। बबेरू कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बगेहटा गांव में पति ने पत्नी को घर में स्नान करते समय कुल्हाड़ी से कई बार हमला कर पत्नी को मौत के घाट उतारा दिया, घटना के बाद आरोपी पति मौके से फरार हो गया, घटना की जानकारी मिलने पर गांव में हड़कंप मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। मौके से पुलिस आला कत्ल कुल्हाड़ी बरामद कर ली। वही भाई की तहरीर पर हत्या मुकदमा दर्ज कराया गया है।बबेरू कोतवाली क्षेत्र के बगेहटा गांव निवासी मोबिन शेख ने अपनी पत्नी सरीफन उर्फ़ सरफिया उम्र 48 वर्ष ने आये दिन पति पत्नी के बीच घरेलू कलह के चलते झगड़ा चलता था, गुरुवार कि सुबह पति ने पत्नी के ऊपर कुल्हाड़ी से कई बार हमला कर पत्नी को मौत के घाट उतार दिया, घटना की जानकारी मिलने पर परिजनों में हड़कंप मच गया, वही गांव में सनसनी का माहौल हो गया, वही घटना कि जानकारी परिजनों ने पुलिस को दिया। सूचना पर कोतवाली प्रभारी राजेंद्र सिंह राजावत भारी पुलिस बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर फॉरेंसिंग टीम को बुलाकर घटना स्थल व हर एंगल से जाँच करवाई गयी हैं, वही पुलिस ने घटना स्थल से आला कत्ल कुल्हाड़ी बरामद कर लिया हैं। उसके बाद पुलिस ने शव का पंचायत नामा भरकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया गया हैं. इस घटना से क्षेत्र व गांव में सनसनी फैल गई ।घटना की सूचना पर भाई शाहिद पुत्र करीम बख्श ग्राम पारा बिहारी थाना बिसंडा ने कोतवाली बबेरू में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया।2
- डिजिटल हेल्थ मिशन के तहत लोगों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को ऑनलाइन किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य इलाज की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाना है।DIGITAL HEALTH MISSION BIG UPDATE1
- ➡️ महिला को बंधक बनाकर 9 लाख की लूट ➡️ थाना से 3 किमी दूर निवादा गांव में वारदात ➡️ नकाबपोश 3 बदमाशों ने घर में घुसकर दिया अंजाम ➡️ मुंह, हाथ-पैर बांधकर जेवर व नकदी लेकर फरार ➡️ ठोकर मारकर महिला ने बेटे को जगाया, पुलिस को दी सूचना ➡️ मौके पर पहुंची यूपी-112, गांव में दहशत का माहौल ➡️ पुलिस जांच में जुटी, जल्द खुलासे का दावा1
- Post by JSB NEWS UP1
- बांदा में अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद द्वारा सामूहिक विवाह सम्मेलन की तैयारियां शुरू।1