स्वतंत्रता सेनानी हीरालाल जी ताम्रकार विशेष वार्तालाप में आपके द्वारा संचालित व्यवस्था का अनुभव देशवासियों के समक्ष रखते हुए आपने यह दर्द अनुभव किया आज देश की संचालित व्यवस्थाके संरक्षण में किस तरह आंतरिक का आतंकवाद के रूप में भ्रष्टाचार और मिलावट खोरी के रूप में कार्य कर रही है जो मानवता के लिए और राष्ट्रीय के लिए घातक है आतंकवाद को प्रभावित परिभाषित करते हुए प्रधानमंत्री जी के द्वारा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बार-बार दोहराया जाता है हर वह गतिविधि आतंकवाद है जो राष्ट्रीय के लिए घातक हो जो मानवता के लिए घातक हो वहीं दूसरी ओर देश में व्याप्त भ्रष्टाचार और मिलावट खोरी आंतरिक आतंकवाद के रूप में देश के लिए और मानवता के लिए कितने घटक हैं यह अनुभव प्रधानमंत्री जी कर ही नहीं पाए आज तक इन्हें आतंकवाद की श्रेणी में ही नहीं लाया गया और भ्रष्टाचार के बड़े-बड़े करना में जनता के समक्ष समाचार जगत के द्वारा बार-बार प्रकाशित होते रहे प्रसारित होते रहे मिलावट खोरी किस तरह मानव जीवन के साथ खिलवाड़ कर रही है यह अनुभव भी प्रधानमंत्री जी को आज तक हुआ ही नहीं जो स्वास्थ्य के लिए घातक बन चुकी है वही देश में एक बहुत बड़ा आंदोलन हुआ जो अन्ना हजारे जी के द्वारा किया गया था इस आंदोलन की कड़ी में जुड़ते हुए प्रधानमंत्री जी सार्वजनिक रूप से आए और कह गए काला धन वापस लाऊंगा जब तहर में गए गहराइयों में जाकर देखा तो यह अनुभव किया रिजर्व बैंक आफ इंडिया ने यह बता दिया भारतीय मुद्रा का तो कोई मन की ही नहीं है और जिस मानक पर मुद्रा है वह मुद्रा ही नहीं है तो संचालित मुद्रा केवल वायदा कानून के अंतर्गत एक रसीद के रूप में संचालित है रुपया तो सिर्फ भारत सरकार का एक ही है वहीं रिजर्व बैंक आफ इंडिया जितना सोना है उतना ही पैसा छाप सकती है उतने ही पैसे का संचालन कर सकती है पर उससे कई अधिक गुण लोन वितरण कर दिए गए देश की जनता को कर्जदार बना दिया गया इस देश में जन्म लेने वाला व्यक्ति जन्म से ही कर्जदार पैदा होने लगा दिया भारत के पास हैं जिनका मुख्य श्रेय उन राजनेताओं को है जो देशभक्त के रूप में सट्टा का संचालन कर रहे होते हैं परिणाम 140 करोड लोगों के समक्ष है निर्णायक निर्णय आमजन को ही लेने होंगे है
स्वतंत्रता सेनानी हीरालाल जी ताम्रकार विशेष वार्तालाप में आपके द्वारा संचालित व्यवस्था का अनुभव देशवासियों के समक्ष रखते हुए आपने यह दर्द अनुभव किया आज देश की संचालित व्यवस्थाके संरक्षण में किस तरह आंतरिक का आतंकवाद के रूप में भ्रष्टाचार और मिलावट खोरी के रूप में कार्य कर रही है जो मानवता के लिए और राष्ट्रीय के लिए घातक है आतंकवाद को प्रभावित परिभाषित करते हुए प्रधानमंत्री जी के द्वारा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बार-बार दोहराया जाता है हर वह गतिविधि आतंकवाद है जो राष्ट्रीय के लिए घातक हो जो मानवता के लिए घातक हो वहीं दूसरी ओर देश में व्याप्त भ्रष्टाचार और मिलावट खोरी आंतरिक आतंकवाद के रूप में देश के लिए और मानवता के लिए कितने घटक हैं यह अनुभव प्रधानमंत्री जी कर ही नहीं पाए आज तक इन्हें आतंकवाद की श्रेणी में ही नहीं लाया गया और भ्रष्टाचार के बड़े-बड़े करना में जनता के समक्ष समाचार जगत के द्वारा बार-बार प्रकाशित होते रहे प्रसारित होते रहे मिलावट खोरी किस तरह मानव जीवन के साथ खिलवाड़ कर रही है यह अनुभव भी प्रधानमंत्री जी को आज तक हुआ ही नहीं जो स्वास्थ्य के लिए घातक बन चुकी है वही देश में एक बहुत बड़ा आंदोलन हुआ जो अन्ना हजारे जी के द्वारा किया गया था इस आंदोलन की कड़ी में जुड़ते हुए प्रधानमंत्री जी सार्वजनिक रूप से आए और कह गए काला धन वापस लाऊंगा जब तहर में गए गहराइयों में जाकर देखा तो यह अनुभव किया रिजर्व बैंक आफ इंडिया ने यह बता दिया भारतीय मुद्रा का तो कोई मन की ही नहीं है और जिस मानक पर मुद्रा है वह मुद्रा ही नहीं है तो संचालित मुद्रा केवल वायदा कानून के अंतर्गत एक रसीद के रूप में संचालित है रुपया तो सिर्फ भारत सरकार का एक ही है वहीं रिजर्व बैंक आफ इंडिया जितना सोना है उतना ही पैसा छाप सकती है उतने ही पैसे का संचालन कर सकती है पर उससे कई अधिक गुण लोन वितरण कर दिए गए देश की जनता को कर्जदार बना दिया गया इस देश में जन्म लेने वाला व्यक्ति जन्म से ही कर्जदार पैदा होने लगा दिया भारत के पास हैं जिनका मुख्य श्रेय उन राजनेताओं को है जो देशभक्त के रूप में सट्टा का संचालन कर रहे होते हैं परिणाम 140 करोड लोगों के समक्ष है निर्णायक निर्णय आमजन को ही लेने होंगे है
- Post by Kailash Fulwari1
- Post by Shahid hussain1
- विशेष वार्तालाप में आपके द्वारा संचालित व्यवस्था का अनुभव देशवासियों के समक्ष रखते हुए आपने यह दर्द अनुभव किया आज देश की संचालित व्यवस्थाके संरक्षण में किस तरह आंतरिक का आतंकवाद के रूप में भ्रष्टाचार और मिलावट खोरी के रूप में कार्य कर रही है जो मानवता के लिए और राष्ट्रीय के लिए घातक है आतंकवाद को प्रभावित परिभाषित करते हुए प्रधानमंत्री जी के द्वारा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बार-बार दोहराया जाता है हर वह गतिविधि आतंकवाद है जो राष्ट्रीय के लिए घातक हो जो मानवता के लिए घातक हो वहीं दूसरी ओर देश में व्याप्त भ्रष्टाचार और मिलावट खोरी आंतरिक आतंकवाद के रूप में देश के लिए और मानवता के लिए कितने घटक हैं यह अनुभव प्रधानमंत्री जी कर ही नहीं पाए आज तक इन्हें आतंकवाद की श्रेणी में ही नहीं लाया गया और भ्रष्टाचार के बड़े-बड़े करना में जनता के समक्ष समाचार जगत के द्वारा बार-बार प्रकाशित होते रहे प्रसारित होते रहे मिलावट खोरी किस तरह मानव जीवन के साथ खिलवाड़ कर रही है यह अनुभव भी प्रधानमंत्री जी को आज तक हुआ ही नहीं जो स्वास्थ्य के लिए घातक बन चुकी है वही देश में एक बहुत बड़ा आंदोलन हुआ जो अन्ना हजारे जी के द्वारा किया गया था इस आंदोलन की कड़ी में जुड़ते हुए प्रधानमंत्री जी सार्वजनिक रूप से आए और कह गए काला धन वापस लाऊंगा जब तहर में गए गहराइयों में जाकर देखा तो यह अनुभव किया रिजर्व बैंक आफ इंडिया ने यह बता दिया भारतीय मुद्रा का तो कोई मन की ही नहीं है और जिस मानक पर मुद्रा है वह मुद्रा ही नहीं है तो संचालित मुद्रा केवल वायदा कानून के अंतर्गत एक रसीद के रूप में संचालित है रुपया तो सिर्फ भारत सरकार का एक ही है वहीं रिजर्व बैंक आफ इंडिया जितना सोना है उतना ही पैसा छाप सकती है उतने ही पैसे का संचालन कर सकती है पर उससे कई अधिक गुण लोन वितरण कर दिए गए देश की जनता को कर्जदार बना दिया गया इस देश में जन्म लेने वाला व्यक्ति जन्म से ही कर्जदार पैदा होने लगा दिया भारत के पास हैं जिनका मुख्य श्रेय उन राजनेताओं को है जो देशभक्त के रूप में सट्टा का संचालन कर रहे होते हैं परिणाम 140 करोड लोगों के समक्ष है निर्णायक निर्णय आमजन को ही लेने होंगे है1
- Ajmer mein Tel chor ki vardat badhati najar aaegi1
- Dil Na doge1
- Post by Rajevishnoi rawla1
- अजमेर से बड़ी खबर सामने आई है, जहां महिला उत्पीड़न कोर्ट ने तेजाब हमले के एक गंभीर मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। नाबालिग बच्ची पर तेजाब फेंकने वाले आरोपी मोहम्मद इस्माइल को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर 2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह घटना चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन पर उस समय हुई थी, जब बच्ची स्कूल जा रही थी। आरोपी ने उस पर तेजाब फेंक दिया, जिससे बच्ची की आंखों की रोशनी चली गई। मामले में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान की गई थी। कोर्ट में 17 गवाहों और 57 दस्तावेजों के आधार पर आरोपी का अपराध साबित हुआ। पुलिस की मजबूत पैरवी और जांच के चलते आरोपी को कड़ी सजा दिलाई गई। इस पूरे मामले में चित्तौड़गढ़ जीआरपी थाना के एएसआई धूलजी तिरगर और कांस्टेबल पवन कुमार की अहम भूमिका रही। यह फैसला ऐसे जघन्य अपराधों के खिलाफ एक सख्त संदेश माना जा रहा है।1
- अजमेर । दरगाह थाना में डिलवरी बॉय ने अपने साथियों के साथ रिपोर्ट दर्ज कराने पहुँचा । डिलेवरी बॉय कार्तिक वाल्मीकि ने बताया कि हमारे साथ काम करने वाले सतपाल लगभग 3 वर्षों से अजमेर में स्विगी में कार्यरत हैं 25/03/2026 की रात को मोबाइल नंबर के माध्यम से डायपर का ऑर्डर प्राप्त हुआ। खाते में ऑनलाइन डिलीवरी के लिए 1000 रुपये। ख्वाजा साहब की दरगाह के पास गेट नम्बर 4 पर निर्धारित स्थान के अनुसार घर के दरवाजे पर पहुंचने पर, संबंधित पक्ष सामान लेने के लिए नीचे नहीं उतरा। जब मेरे साथी ने फोन किया तो उसने कहा कि मैं ऊपरी मंजिल पर हूं, मैं नीचे नहीं आ सकता, मेरा सामान ऊपर ले आओ डिलेवरी बॉय ने इनकार करने पर, उस व्यक्ति ने गाली देना शुरू कर दिया और धक्का देते हुए ऊपरी मंजिल पर ले गया। वहां पहुंचते ही उसने कपड़े उतार दिए और पीटना शुरू कर दिया, साथ ही कहने लगा कि जब भी मैं सामान मंगवाऊंगा, तू उसे ऊपर ले आऊंगा, वरना मैं तुम्हें मार डालूंगा। आज हमने उस व्यक्ति की शिकायत दर्ज दरगाह थाने में दी हैं इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की ।1