बाढ़ की विभीषिका से बेहाल ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, राजस्व अधिकारियों पर बरसी पीड़ित महिला बाराबंकी। सरयू नदी की बाढ़ और कटान से तबाही झेल रहे ग्रामीणों का गुस्सा अब प्रशासनिक इंतजामों को लेकर सामने आने लगा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में राजस्व अधिकारियों के पहुंचने पर एक पीड़ित महिला ने अपनी पीड़ा सुनाते हुए जमकर नाराजगी जताई। महिला ने दर्द भरे अंदाज में कहा, “घर कट गवा, नान-नान बच्चे हैं, सामान है… यू सब कहा लय के जै, बताओ? जोन इंतजाम कल लावा गवा है, यू पहले से होत तो गांव न काटत।” महिला की यह बात सुनकर मौके पर मौजूद लोग भी भावुक हो गए। पीड़ितों का कहना है कि जब बाढ़ और कटान का खतरा लगातार बढ़ रहा था, तब यदि समय रहते प्रभावी इंतजाम कर दिए जाते तो शायद हालात इतने भयावह न होते। ग्रामीणों के मुताबिक अब कई परिवारों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि घर उजड़ने के बाद छोटे बच्चों और गृहस्थी के सामान को लेकर आखिर जाएं तो जाएं कहां। राहत और बचाव के लिए किए जा रहे इंतजामों को लेकर भी ग्रामीणों में नाराजगी दिखाई दे रही है। बाढ़ की मार झेल रहे लोगों का कहना है कि उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थान, भोजन, रहने की व्यवस्था और अन्य जरूरी मदद की जरूरत है। वहीं ग्रामीणों की नाराजगी ने प्रशासन के राहत इंतजामों की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
बाढ़ की विभीषिका से बेहाल ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, राजस्व अधिकारियों पर बरसी पीड़ित महिला बाराबंकी। सरयू नदी की बाढ़ और कटान से तबाही झेल रहे ग्रामीणों का गुस्सा अब प्रशासनिक इंतजामों को लेकर सामने आने लगा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में राजस्व अधिकारियों के पहुंचने पर एक पीड़ित महिला ने अपनी पीड़ा सुनाते हुए जमकर नाराजगी जताई। महिला ने दर्द भरे अंदाज में कहा, “घर कट गवा, नान-नान बच्चे हैं, सामान है… यू सब कहा लय के जै, बताओ? जोन इंतजाम कल लावा गवा है, यू पहले से होत तो गांव न काटत।” महिला की यह बात सुनकर मौके पर मौजूद लोग भी भावुक हो गए। पीड़ितों का कहना है कि जब बाढ़ और कटान का खतरा लगातार बढ़ रहा था, तब यदि समय रहते प्रभावी इंतजाम कर दिए जाते तो शायद हालात इतने भयावह न होते। ग्रामीणों के मुताबिक अब कई परिवारों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि घर उजड़ने के बाद छोटे बच्चों और गृहस्थी के सामान को लेकर आखिर जाएं तो जाएं कहां। राहत और बचाव के लिए किए जा रहे इंतजामों को लेकर भी ग्रामीणों में नाराजगी दिखाई दे रही है। बाढ़ की मार झेल रहे लोगों का कहना है कि उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थान, भोजन, रहने की व्यवस्था और अन्य जरूरी मदद की जरूरत है। वहीं ग्रामीणों की नाराजगी ने प्रशासन के राहत इंतजामों की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
- बाढ़ की विभीषिका से बेहाल ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, राजस्व अधिकारियों पर बरसी पीड़ित महिला बाराबंकी। सरयू नदी की बाढ़ और कटान से तबाही झेल रहे ग्रामीणों का गुस्सा अब प्रशासनिक इंतजामों को लेकर सामने आने लगा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में राजस्व अधिकारियों के पहुंचने पर एक पीड़ित महिला ने अपनी पीड़ा सुनाते हुए जमकर नाराजगी जताई। महिला ने दर्द भरे अंदाज में कहा, “घर कट गवा, नान-नान बच्चे हैं, सामान है… यू सब कहा लय के जै, बताओ? जोन इंतजाम कल लावा गवा है, यू पहले से होत तो गांव न काटत।” महिला की यह बात सुनकर मौके पर मौजूद लोग भी भावुक हो गए। पीड़ितों का कहना है कि जब बाढ़ और कटान का खतरा लगातार बढ़ रहा था, तब यदि समय रहते प्रभावी इंतजाम कर दिए जाते तो शायद हालात इतने भयावह न होते। ग्रामीणों के मुताबिक अब कई परिवारों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि घर उजड़ने के बाद छोटे बच्चों और गृहस्थी के सामान को लेकर आखिर जाएं तो जाएं कहां। राहत और बचाव के लिए किए जा रहे इंतजामों को लेकर भी ग्रामीणों में नाराजगी दिखाई दे रही है। बाढ़ की मार झेल रहे लोगों का कहना है कि उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थान, भोजन, रहने की व्यवस्था और अन्य जरूरी मदद की जरूरत है। वहीं ग्रामीणों की नाराजगी ने प्रशासन के राहत इंतजामों की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।1
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- Post by राम जी दीक्षित पत्रकार1
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- खेत देखने गए युवक की बाइक चोरी पुलिस ने मुकदमा किया दर्ज बताते चलें बाराबंकी जनपद के थाना मसौली क्षेत्र अंतर्गत खेत देखने गए एक युवक की बाइक गायब हो गई खेत देखकर वापस लौट रहे युवक ने देखा तो बाइक गायब मिली काफी खोजबीन की परंतु कोई सुराग नहीं लगा तो वहीं युवक की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है1