60 दिन से लंबित विवेचनाओं पर एएसपी ने कसी लगाम विवेचकों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण के निर्देश संतकबीरनगर। 60 दिन से अधिक समय से लंबित विवेचनाओं को लेकर पुलिस महकमा गंभीर है। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह ने शनिवार को अर्दली रूम कर खलीलाबाद, मेंहदावल और धनघटा सर्किल की लंबित विवेचनाओं की समीक्षा की। उन्होंने विवेचकों से प्रत्येक मामले की प्रगति और विवेचना लंबित रहने के कारणों की जानकारी ली। एएसपी ने कहा कि लंबित विवेचनाओं में साक्ष्य और अभिलेख जुटाने, संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज करने तथा अन्य वैधानिक कार्रवाई को बिना अनावश्यक विलंब के पूरा किया जाए। उन्होंने 60 दिन से अधिक लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विवेचकों को स्पष्ट किया कि किसी प्रकरण में विधिक अथवा व्यावहारिक समस्या आने पर उसे तत्काल उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया जाए। साक्ष्यों के आधार पर विवेचना आगे बढ़ाते हुए निष्पक्षता और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखने को कहा। एएसपी ने क्षेत्राधिकारियों को भी अपने-अपने सर्किल की लंबित विवेचनाओं की नियमित समीक्षा कर प्रभावी मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए। इस दौरान सीओ खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पांडेय, सीओ मेंहदावल सर्व दवन सिंह और सीओ धनघटा अभयनाथ मिश्रा मौजूद रहे।
60 दिन से लंबित विवेचनाओं पर एएसपी ने कसी लगाम विवेचकों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण के निर्देश संतकबीरनगर। 60 दिन से अधिक समय से लंबित विवेचनाओं को लेकर पुलिस महकमा गंभीर है। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह ने शनिवार को अर्दली रूम कर खलीलाबाद, मेंहदावल और धनघटा सर्किल की लंबित विवेचनाओं की समीक्षा की। उन्होंने विवेचकों से प्रत्येक मामले की प्रगति और विवेचना लंबित रहने के कारणों की जानकारी ली। एएसपी ने कहा कि लंबित विवेचनाओं में साक्ष्य और अभिलेख जुटाने, संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज करने तथा अन्य वैधानिक कार्रवाई को बिना अनावश्यक विलंब के पूरा किया जाए। उन्होंने 60 दिन से अधिक लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विवेचकों को स्पष्ट किया कि किसी प्रकरण में विधिक अथवा व्यावहारिक समस्या आने पर उसे तत्काल उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया जाए। साक्ष्यों के आधार पर विवेचना आगे बढ़ाते हुए निष्पक्षता और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखने को कहा। एएसपी ने क्षेत्राधिकारियों को भी अपने-अपने सर्किल की लंबित विवेचनाओं की नियमित समीक्षा कर प्रभावी मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए। इस दौरान सीओ खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पांडेय, सीओ मेंहदावल सर्व दवन सिंह और सीओ धनघटा अभयनाथ मिश्रा मौजूद रहे।
- 21.40 किलो गांजा लेकर लखनऊ जा रहा तस्कर गिरफ्तार कोतवाली पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई, बुलेट और 3500 रुपये भी बरामद; आरोपी पर 18 मुकदमे दर्ज संतकबीरनगर। लखनऊ में गांजा खपाने जा रहे अंतरराज्यीय तस्कर को कोतवाली खलीलाबाद पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने दबोच लिया। आरोपी के कब्जे से 21 किलो 400 ग्राम गांजा, बुलेट मोटरसाइकिल और 3,500 रुपये नकद बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ बलिया, देवरिया और गोरखपुर के विभिन्न थानों में चोरी, हथियार, एनडीपीएस, धोखाधड़ी और हत्या के प्रयास समेत 18 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक शनिवार रात करीब 12:04 बजे टीम ग्राम नौहट के पूरब स्थित आम की बगिया के पास सुनसान सड़क पर जांच कर रही थी। इसी दौरान बुलेट से जा रहे संदिग्ध युवक को रोककर तलाशी ली गई। मोटरसाइकिल के पीछे बोरे में गांजा बरामद होने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम चन्द्रभूषण सिंह पुत्र जितेन्द्र सिंह निवासी छित्तनपुर, थाना असांव, जिला सिवान (बिहार) बताया। पुलिस के अनुसार उसने बताया कि बुलेट उसने सिवान के एक व्यक्ति से खरीदी थी और इसी मोटरसाइकिल से गांजा की तस्करी करता था। बरामद गांजा लखनऊ ले जाकर बेचने की तैयारी थी। आरोपी ने इस रास्ते से पहले भी कई बार गांजा लेकर आने-जाने की बात पुलिस को बताई। गिरफ्तारी के संबंध में कोतवाली खलीलाबाद में मु0अ0सं0 900/2026, धारा 317(2) बीएनएस और 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ के आधार पर तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। कार्रवाई एसपी संदीप कुमार मीना के निर्देशन में एएसपी सुशील कुमार सिंह, सीओ खलीलाबाद प्रियम राज शेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश दुबे और एसओजी प्रभारी रजनीश राय के नेतृत्व में की गई।1
- संतकबीरनगर में गांजे की बड़ी खेप पकड़ी गई! 21 किलो 400 ग्राम अवैध गांजे के साथ अंतर्राज्यीय आरोपी गिरफ्तार खलीलाबाद। कोतवाली खलीलाबाद पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने ग्राम नौहट के पूरब आम की बगिया के पास कार्रवाई करते हुए 21 किलो 400 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया। पुलिस ने मौके से एक बुलेट मोटरसाइकिल और 3,500 रुपये नकद भी बरामद किए हैं।गिरफ्तार आरोपी की पहचान चन्द्रभूषण सिंह निवासी छित्तनपुर, थाना असांव, जनपद सिवान (बिहार) के रूप में हुई है।पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने गांजा लेकर लखनऊ जाने की बात बताई। पुलिस द्वारा जारी आपराधिक इतिहास के मुताबिक आरोपी के विरुद्ध बलिया, देवरिया और गोरखपुर में 18 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।मामले में थाना कोतवाली खलीलाबाद में मु0अ0सं0 900/2026 के तहत धारा 317(2) बीएनएस एवं 8/20 एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। संतकबीरनगर | खलीलाबाद 📰 खबरें 24 — हर पल आपके साथ #संतकबीरनगर #खलीलाबाद #BreakingNews #GanjaSmuggling #CrimeNews #SOG #PoliceAction #UPPolice #अवैधगांजा1
- संतकबीरनगर पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्कर को 21 किलो गांजे के साथ किया गिरफ्तार संतकबीरनगर: जनपद की कोतवाली खलीलाबाद पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय गांजा तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से 21 किलो 400 ग्राम अवैध गांजा, एक बुलेट मोटरसाइकिल और 3,500 रुपये नकद बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपी चन्द्रभूषण सिंह (निवासी- सिवान, बिहार) शातिर अपराधी है, जिसके खिलाफ उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों (बलिया, देवरिया, गोरखपुर) में एनडीपीएस, गैंगस्टर और आर्म्स एक्ट समेत करीब 18 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह बिहार से गांजा लाकर लखनऊ बेचने जा रहा था। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। संतकबीरनगर पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्कर को 21 किलो गांजे के साथ किया गिरफ्तार संतकबीरनगर: जनपद की कोतवाली खलीलाबाद पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय गांजा तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से 21 किलो 400 ग्राम अवैध गांजा, एक बुलेट मोटरसाइकिल और 3,500 रुपये नकद बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपी चन्द्रभूषण सिंह (निवासी- सिवान, बिहार) शातिर अपराधी है, जिसके खिलाफ उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों (बलिया, देवरिया, गोरखपुर) में एनडीपीएस, गैंगस्टर और आर्म्स एक्ट समेत करीब 18 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह बिहार से गांजा लाकर लखनऊ बेचने जा रहा था। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।1
- लगातार तेज हवाओं के साथ बरसात से कई जगह पेड़ गिरे जगह-जगह यातायात प्रभावित संत कबीर नगर जनपद में लगातार दो दिन से हो रही बरसात और तेज हवा के कारण कई जगह रास्ते में पेड़ गिर जाने से यातायात प्रभावित हो गया और किसानो की तमाम फसले बर्बाद हो गई विद्युत आपूर्ति ठप होने से लोगों को अंधेरे का सामना करना पड़ रहा है।1
- गोरखपुर जिले में एक गरीब परिवार जो शैलेश की चाय की दुकान deipar post PIPRAULI gida गोरखपुर में पुरी तरह धवस्त हो ghi है1
- गोरखपुर के बड़हलगंज में पटना चौराहे पर पलटा भूसी से भरा ट्रक, 12 लोग थे सवार #GorakhpurNews #Barhalganj #BreakingNews #TruckAccident #Gorakhpur #UPNews #RoadAccident1
- 60 दिन से लंबित विवेचनाओं पर एएसपी ने कसी लगाम विवेचकों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण के निर्देश संतकबीरनगर। 60 दिन से अधिक समय से लंबित विवेचनाओं को लेकर पुलिस महकमा गंभीर है। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह ने शनिवार को अर्दली रूम कर खलीलाबाद, मेंहदावल और धनघटा सर्किल की लंबित विवेचनाओं की समीक्षा की। उन्होंने विवेचकों से प्रत्येक मामले की प्रगति और विवेचना लंबित रहने के कारणों की जानकारी ली। एएसपी ने कहा कि लंबित विवेचनाओं में साक्ष्य और अभिलेख जुटाने, संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज करने तथा अन्य वैधानिक कार्रवाई को बिना अनावश्यक विलंब के पूरा किया जाए। उन्होंने 60 दिन से अधिक लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विवेचकों को स्पष्ट किया कि किसी प्रकरण में विधिक अथवा व्यावहारिक समस्या आने पर उसे तत्काल उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया जाए। साक्ष्यों के आधार पर विवेचना आगे बढ़ाते हुए निष्पक्षता और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखने को कहा। एएसपी ने क्षेत्राधिकारियों को भी अपने-अपने सर्किल की लंबित विवेचनाओं की नियमित समीक्षा कर प्रभावी मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए। इस दौरान सीओ खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पांडेय, सीओ मेंहदावल सर्व दवन सिंह और सीओ धनघटा अभयनाथ मिश्रा मौजूद रहे।1
- भारी बारिश के बीच पेड़ उखड़कर गिरा, मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त; आर्थिक मदद के लिए शासन-प्रशासन से लगाई गुहार सहजनवा। तहसील सहजनवा क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच ग्राम सभा तेनुहारी शुक्ल में एक गरीब परिवार पर आफत टूट पड़ी। गांव निवासी दिनेश शुक्ला (पहाड़ी) पुत्र स्वर्गीय साधुसरन शुक्ला के मकान पर करीब सौ वर्ष से अधिक पुराना बरगद का विशाल पेड़ अचानक उखड़कर गिर गया। पेड़ के मकान पर गिरने से भवन का काफी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे परिवार के सामने रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश के कारण जमीन में नमी बढ़ गई थी। इसी दौरान घर के पास स्थित वर्षों पुराना बरगद का पेड़ अचानक जड़ से उखड़ गया और देखते ही देखते मकान के ऊपर जा गिरा। पेड़ के भारी वजन से मकान को काफी नुकसान पहुंचा। घटना के बाद परिवार के लोगों में दहशत का माहौल है। पीड़ित दिनेश शुक्ला का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर बताया जा रहा है। परिवार के पास रहने के लिए यही एक मकान था, जिसमें वह अपने परिवार के साथ गुजर-बसर कर रहे थे। मकान क्षतिग्रस्त होने के बाद परिवार के सामने सिर छिपाने तक का संकट खड़ा हो गया है। बारिश के मौसम में क्षतिग्रस्त मकान में रहना परिवार के लिए जोखिम भरा बना हुआ है। परिजनों का कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे अपने स्तर से क्षतिग्रस्त मकान की मरम्मत अथवा दोबारा निर्माण करा सकें। मकान को हुए नुकसान के बाद परिवार के सामने रोजमर्रा की जरूरतों के साथ-साथ सुरक्षित आवास की चिंता भी बढ़ गई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद आस पास के लोगों ने परिवार का हाल जाना और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा के कारण गरीब परिवार को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसे में प्रशासन को मौके का निरीक्षण कर क्षति का आकलन कराना चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को नियमानुसार सरकारी सहायता मिल सके। पीड़ित परिवार ने शासन-प्रशासन से तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। परिवार की मांग है कि संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त मकान का निरीक्षण करें और सरकारी आपदा राहत अथवा अन्य पात्र योजना के तहत आर्थिक मदद उपलब्ध कराएं, जिससे परिवार अपने रहने के लिए सुरक्षित आशियाना तैयार कर सके। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से पीड़ित परिवार की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। अब देखना यह है कि प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को कब तक राहत मिल पाती है।3