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वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के लगातार दो शक्तिशाली भूकंपों के तीन दिन बाद भी स्थिति अत्यंत भयावह बनी हुई है। तटीय राज्य ला गुआइरा में सर्वाधिक तबाही देखी गई है, जहाँ राहत एवं बचाव दल दिन-रात मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, इस भीषण आपदा में अब तक 1,430 लोगों की मौत होने की सूचना है, जबकि 68,900 लोग लापता बताए जा रहे हैं। हालांकि, मृतकों और लापता लोगों के इन आंकड़ों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है, और जांच तथा राहत कार्य आगे बढ़ने के साथ इनमें बदलाव संभव है। भूकंप के तेज झटकों के कारण कई इमारतें धराशायी हो गईं, सड़कों में दरारें पड़ गईं और अनेक क्षेत्रों में बिजली तथा संचार व्यवस्था ठप हो गई है। हजारों लोग बेघर हो गए हैं और खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में चारों ओर केवल मलबा और तबाही का मंजर पसरा हुआ है। बचाव दल भारी मशीनों के साथ-साथ कई स्थानों पर नंगे हाथों से भी मलबा हटाकर जीवित लोगों की तलाश कर रहे हैं। हर गुजरते घंटे के साथ बचाव अभियान और भी चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है, क्योंकि विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप के बाद जीवित लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सबसे महत्वपूर्ण मानी जाने वाली 48 से 72 घंटे की अवधि अब समाप्ति की ओर है, जिससे उम्मीदें लगातार कम होती जा रही हैं। भीषण गर्मी और लगातार बिगड़ते हालात भी राहत कार्य में एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं। इसके बावजूद, प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में आपात राहत अभियान तेज कर दिया है, जिसमें स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां भी बचाव एवं राहत कार्य में सक्रिय रूप से जुटी हुई हैं।

9 hrs ago
user_रजत यादव
रजत यादव
Voice of people इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
9 hrs ago

वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के लगातार दो शक्तिशाली भूकंपों के तीन दिन बाद भी स्थिति अत्यंत भयावह बनी हुई है। तटीय राज्य ला गुआइरा में सर्वाधिक तबाही देखी गई है, जहाँ राहत एवं बचाव दल दिन-रात मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, इस भीषण आपदा में अब तक 1,430 लोगों की मौत होने की सूचना है, जबकि 68,900 लोग लापता बताए जा रहे हैं। हालांकि, मृतकों और लापता लोगों के इन आंकड़ों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है, और जांच तथा राहत कार्य आगे बढ़ने के साथ इनमें बदलाव संभव है। भूकंप के तेज झटकों के कारण कई इमारतें धराशायी हो गईं, सड़कों में दरारें पड़ गईं और अनेक क्षेत्रों में बिजली तथा संचार व्यवस्था ठप हो गई है। हजारों लोग बेघर हो गए हैं और खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में चारों ओर केवल मलबा और तबाही का मंजर पसरा हुआ है। बचाव दल भारी मशीनों के साथ-साथ कई स्थानों पर नंगे हाथों से भी मलबा हटाकर जीवित लोगों की तलाश कर रहे हैं। हर गुजरते घंटे के साथ बचाव अभियान और भी चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है, क्योंकि विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप के बाद जीवित लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सबसे महत्वपूर्ण मानी जाने वाली 48 से 72 घंटे की अवधि अब समाप्ति की ओर है, जिससे उम्मीदें लगातार कम होती जा रही हैं। भीषण गर्मी और लगातार बिगड़ते हालात भी राहत कार्य में एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं। इसके बावजूद, प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में आपात राहत अभियान तेज कर दिया है, जिसमें स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां भी बचाव एवं राहत कार्य में सक्रिय रूप से जुटी हुई हैं।

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  • Post by इटावा एक्सप्रेस etawah express
    1
    Post by इटावा एक्सप्रेस etawah express
    user_इटावा एक्सप्रेस etawah express
    इटावा एक्सप्रेस etawah express
    पत्रकार Etawah, Uttar Pradesh•
    54 min ago
  • इटावा में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की मासिक बैठक आयोजित की गई, जहाँ व्यापारियों की सुरक्षा, उनके अधिकारों और विभिन्न समस्याओं पर गहन चर्चा हुई। इस बैठक का मुख्य ज़ोर व्यापारियों के हितों की रक्षा करने और उनके साथ एकजुट होकर कार्य करने पर था। बैठक में उपस्थित विकास रावत ने इस बात पर बल दिया कि व्यापारी समाज देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे व्यापारियों की सुरक्षा, सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे। रावत ने आगे कहा कि व्यापारियों के सुख-दुःख में सहभागी बनना और उनकी हर संभव सहायता करना उनकी प्रमुख प्राथमिकता है। इस दौरान संगठन की आगामी गतिविधियों और व्यापारियों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक के समापन पर, सभी पदाधिकारियों और व्यापारियों ने एकजुटता दिखाते हुए व्यापारी हितों की रक्षा हेतु निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया।
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    इटावा में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की मासिक बैठक आयोजित की गई, जहाँ व्यापारियों की सुरक्षा, उनके अधिकारों और विभिन्न समस्याओं पर गहन चर्चा हुई। इस बैठक का मुख्य ज़ोर व्यापारियों के हितों की रक्षा करने और उनके साथ एकजुट होकर कार्य करने पर था।

बैठक में उपस्थित विकास रावत ने इस बात पर बल दिया कि व्यापारी समाज देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे व्यापारियों की सुरक्षा, सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे। रावत ने आगे कहा कि व्यापारियों के सुख-दुःख में सहभागी बनना और उनकी हर संभव सहायता करना उनकी प्रमुख प्राथमिकता है।

इस दौरान संगठन की आगामी गतिविधियों और व्यापारियों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक के समापन पर, सभी पदाधिकारियों और व्यापारियों ने एकजुटता दिखाते हुए व्यापारी हितों की रक्षा हेतु निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया।
    user_शिवा ठाकुर जिला अध्यक्ष
    शिवा ठाकुर जिला अध्यक्ष
    Animal rescue service इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की मासिक बैठक में विकास रावत ने व्यापारियों की सुरक्षा और उनके हक व अधिकारों की लड़ाई में पूरी तरह साथ रहने का आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपने व्यापारी भाइयों के हर अच्छे-बुरे समय में उनके साथ हैं और इस प्रतिबद्धता पर पूरी तरह कायम हैं।
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    उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की मासिक बैठक में विकास रावत ने व्यापारियों की सुरक्षा और उनके हक व अधिकारों की लड़ाई में पूरी तरह साथ रहने का आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपने व्यापारी भाइयों के हर अच्छे-बुरे समय में उनके साथ हैं और इस प्रतिबद्धता पर पूरी तरह कायम हैं।
    user_VIKAS RAWAT
    VIKAS RAWAT
    Lawyer Etawah, Uttar Pradesh•
    3 hrs ago
  • वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के लगातार दो शक्तिशाली भूकंपों के तीन दिन बाद भी स्थिति अत्यंत भयावह बनी हुई है। तटीय राज्य ला गुआइरा में सर्वाधिक तबाही देखी गई है, जहाँ राहत एवं बचाव दल दिन-रात मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, इस भीषण आपदा में अब तक 1,430 लोगों की मौत होने की सूचना है, जबकि 68,900 लोग लापता बताए जा रहे हैं। हालांकि, मृतकों और लापता लोगों के इन आंकड़ों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है, और जांच तथा राहत कार्य आगे बढ़ने के साथ इनमें बदलाव संभव है। भूकंप के तेज झटकों के कारण कई इमारतें धराशायी हो गईं, सड़कों में दरारें पड़ गईं और अनेक क्षेत्रों में बिजली तथा संचार व्यवस्था ठप हो गई है। हजारों लोग बेघर हो गए हैं और खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में चारों ओर केवल मलबा और तबाही का मंजर पसरा हुआ है। बचाव दल भारी मशीनों के साथ-साथ कई स्थानों पर नंगे हाथों से भी मलबा हटाकर जीवित लोगों की तलाश कर रहे हैं। हर गुजरते घंटे के साथ बचाव अभियान और भी चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है, क्योंकि विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप के बाद जीवित लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सबसे महत्वपूर्ण मानी जाने वाली 48 से 72 घंटे की अवधि अब समाप्ति की ओर है, जिससे उम्मीदें लगातार कम होती जा रही हैं। भीषण गर्मी और लगातार बिगड़ते हालात भी राहत कार्य में एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं। इसके बावजूद, प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में आपात राहत अभियान तेज कर दिया है, जिसमें स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां भी बचाव एवं राहत कार्य में सक्रिय रूप से जुटी हुई हैं।
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    वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के लगातार दो शक्तिशाली भूकंपों के तीन दिन बाद भी स्थिति अत्यंत भयावह बनी हुई है। तटीय राज्य ला गुआइरा में सर्वाधिक तबाही देखी गई है, जहाँ राहत एवं बचाव दल दिन-रात मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, इस भीषण आपदा में अब तक 1,430 लोगों की मौत होने की सूचना है, जबकि 68,900 लोग लापता बताए जा रहे हैं। हालांकि, मृतकों और लापता लोगों के इन आंकड़ों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है, और जांच तथा राहत कार्य आगे बढ़ने के साथ इनमें बदलाव संभव है।

भूकंप के तेज झटकों के कारण कई इमारतें धराशायी हो गईं, सड़कों में दरारें पड़ गईं और अनेक क्षेत्रों में बिजली तथा संचार व्यवस्था ठप हो गई है। हजारों लोग बेघर हो गए हैं और खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में चारों ओर केवल मलबा और तबाही का मंजर पसरा हुआ है। बचाव दल भारी मशीनों के साथ-साथ कई स्थानों पर नंगे हाथों से भी मलबा हटाकर जीवित लोगों की तलाश कर रहे हैं। हर गुजरते घंटे के साथ बचाव अभियान और भी चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है, क्योंकि विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप के बाद जीवित लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सबसे महत्वपूर्ण मानी जाने वाली 48 से 72 घंटे की अवधि अब समाप्ति की ओर है, जिससे उम्मीदें लगातार कम होती जा रही हैं। भीषण गर्मी और लगातार बिगड़ते हालात भी राहत कार्य में एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं। इसके बावजूद, प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में आपात राहत अभियान तेज कर दिया है, जिसमें स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां भी बचाव एवं राहत कार्य में सक्रिय रूप से जुटी हुई हैं।
    user_रजत यादव
    रजत यादव
    Voice of people इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • स्थानीय स्तर पर, समस्या अभी भी वैसी की वैसी ही बनी हुई है, जिसमें कोई बदलाव नहीं आया है।
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    स्थानीय स्तर पर, समस्या अभी भी वैसी की वैसी ही बनी हुई है, जिसमें कोई बदलाव नहीं आया है।
    user_Shuru User, satendra kevat
    Shuru User, satendra kevat
    Farmer चाकरनागर, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • झारखंड के राज्यपाल सन्तोष गंगवार का काफिला वापस जाते हुए देखा गया।
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    झारखंड के राज्यपाल सन्तोष गंगवार का काफिला वापस जाते हुए देखा गया।
    user_Ankur Tripathi
    Ankur Tripathi
    Local News Reporter चाकरनागर, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • आज इटावा सदर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नगर पालिका शक्ति केंद्र के बूथ पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्री अन्नू गुप्ता जी और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 'मन की बात' कार्यक्रम को सुना।
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    आज इटावा सदर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नगर पालिका शक्ति केंद्र के बूथ पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्री अन्नू गुप्ता जी और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 'मन की बात' कार्यक्रम को सुना।
    user_शिवा ठाकुर जिला अध्यक्ष
    शिवा ठाकुर जिला अध्यक्ष
    Animal rescue service इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • जसवंतनगर थाना क्षेत्र के नगला विशुन गांव में घर के सामने मिट्टी डालने को लेकर हुए विवाद में दो पक्ष आपस में भिड़ गए। यह कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई, जिसमें एक महिला और उसकी पुत्री घायल हो गईं। पीड़िता साधना, जो राकेश कुमार की पत्नी हैं, ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वह अपने घर के सामने मिट्टी डलवा रही थीं। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले कुछ लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया, जिसके बाद विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि पड़ोसियों ने साधना और बीच-बचाव करने आए उनके पति राकेश कुमार के साथ मारपीट की। इस मारपीट में साधना और उनकी बेटी निकेता के सिर में चोटें आई हैं। घटना के बाद परिजन घायल मां-बेटी को लेकर जसवंतनगर थाने पहुंचे, जहाँ उन्होंने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए लिखित शिकायत दी। पुलिस ने घायलों को चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेज दिया है और बताया कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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    जसवंतनगर थाना क्षेत्र के नगला विशुन गांव में घर के सामने मिट्टी डालने को लेकर हुए विवाद में दो पक्ष आपस में भिड़ गए। यह कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई, जिसमें एक महिला और उसकी पुत्री घायल हो गईं।

पीड़िता साधना, जो राकेश कुमार की पत्नी हैं, ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वह अपने घर के सामने मिट्टी डलवा रही थीं। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले कुछ लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया, जिसके बाद विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि पड़ोसियों ने साधना और बीच-बचाव करने आए उनके पति राकेश कुमार के साथ मारपीट की। इस मारपीट में साधना और उनकी बेटी निकेता के सिर में चोटें आई हैं।

घटना के बाद परिजन घायल मां-बेटी को लेकर जसवंतनगर थाने पहुंचे, जहाँ उन्होंने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए लिखित शिकायत दी। पुलिस ने घायलों को चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेज दिया है और बताया कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    user_M. Janib -Jaswant Nagar
    M. Janib -Jaswant Nagar
    पत्रकार जसवंतनगर, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
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