जसवंतनगर थाना क्षेत्र के नगला विशुन गांव में घर के सामने मिट्टी डालने को लेकर हुए विवाद में दो पक्ष आपस में भिड़ गए। यह कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई, जिसमें एक महिला और उसकी पुत्री घायल हो गईं। पीड़िता साधना, जो राकेश कुमार की पत्नी हैं, ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वह अपने घर के सामने मिट्टी डलवा रही थीं। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले कुछ लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया, जिसके बाद विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि पड़ोसियों ने साधना और बीच-बचाव करने आए उनके पति राकेश कुमार के साथ मारपीट की। इस मारपीट में साधना और उनकी बेटी निकेता के सिर में चोटें आई हैं। घटना के बाद परिजन घायल मां-बेटी को लेकर जसवंतनगर थाने पहुंचे, जहाँ उन्होंने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए लिखित शिकायत दी। पुलिस ने घायलों को चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेज दिया है और बताया कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जसवंतनगर थाना क्षेत्र के नगला विशुन गांव में घर के सामने मिट्टी डालने को लेकर हुए विवाद में दो पक्ष आपस में भिड़ गए। यह कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई, जिसमें एक महिला और उसकी पुत्री घायल हो गईं। पीड़िता साधना, जो राकेश कुमार की पत्नी हैं, ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वह अपने घर के सामने मिट्टी डलवा रही थीं। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले कुछ लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया, जिसके बाद विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि पड़ोसियों ने साधना और बीच-बचाव करने आए उनके पति राकेश कुमार के साथ मारपीट की। इस मारपीट में साधना और उनकी बेटी निकेता के सिर में चोटें आई हैं। घटना के बाद परिजन घायल मां-बेटी को लेकर जसवंतनगर थाने पहुंचे, जहाँ उन्होंने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए लिखित शिकायत दी। पुलिस ने घायलों को चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेज दिया है और बताया कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- इटावा में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की मासिक बैठक आयोजित की गई, जहाँ व्यापारियों की सुरक्षा, उनके अधिकारों और विभिन्न समस्याओं पर गहन चर्चा हुई। इस बैठक का मुख्य ज़ोर व्यापारियों के हितों की रक्षा करने और उनके साथ एकजुट होकर कार्य करने पर था। बैठक में उपस्थित विकास रावत ने इस बात पर बल दिया कि व्यापारी समाज देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे व्यापारियों की सुरक्षा, सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे। रावत ने आगे कहा कि व्यापारियों के सुख-दुःख में सहभागी बनना और उनकी हर संभव सहायता करना उनकी प्रमुख प्राथमिकता है। इस दौरान संगठन की आगामी गतिविधियों और व्यापारियों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक के समापन पर, सभी पदाधिकारियों और व्यापारियों ने एकजुटता दिखाते हुए व्यापारी हितों की रक्षा हेतु निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया।1
- उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की मासिक बैठक में विकास रावत ने व्यापारियों की सुरक्षा और उनके हक व अधिकारों की लड़ाई में पूरी तरह साथ रहने का आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपने व्यापारी भाइयों के हर अच्छे-बुरे समय में उनके साथ हैं और इस प्रतिबद्धता पर पूरी तरह कायम हैं।1
- वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के लगातार दो शक्तिशाली भूकंपों के तीन दिन बाद भी स्थिति अत्यंत भयावह बनी हुई है। तटीय राज्य ला गुआइरा में सर्वाधिक तबाही देखी गई है, जहाँ राहत एवं बचाव दल दिन-रात मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, इस भीषण आपदा में अब तक 1,430 लोगों की मौत होने की सूचना है, जबकि 68,900 लोग लापता बताए जा रहे हैं। हालांकि, मृतकों और लापता लोगों के इन आंकड़ों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है, और जांच तथा राहत कार्य आगे बढ़ने के साथ इनमें बदलाव संभव है। भूकंप के तेज झटकों के कारण कई इमारतें धराशायी हो गईं, सड़कों में दरारें पड़ गईं और अनेक क्षेत्रों में बिजली तथा संचार व्यवस्था ठप हो गई है। हजारों लोग बेघर हो गए हैं और खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में चारों ओर केवल मलबा और तबाही का मंजर पसरा हुआ है। बचाव दल भारी मशीनों के साथ-साथ कई स्थानों पर नंगे हाथों से भी मलबा हटाकर जीवित लोगों की तलाश कर रहे हैं। हर गुजरते घंटे के साथ बचाव अभियान और भी चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है, क्योंकि विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप के बाद जीवित लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सबसे महत्वपूर्ण मानी जाने वाली 48 से 72 घंटे की अवधि अब समाप्ति की ओर है, जिससे उम्मीदें लगातार कम होती जा रही हैं। भीषण गर्मी और लगातार बिगड़ते हालात भी राहत कार्य में एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं। इसके बावजूद, प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में आपात राहत अभियान तेज कर दिया है, जिसमें स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां भी बचाव एवं राहत कार्य में सक्रिय रूप से जुटी हुई हैं।1
- स्थानीय स्तर पर, समस्या अभी भी वैसी की वैसी ही बनी हुई है, जिसमें कोई बदलाव नहीं आया है।1
- आगरा के पिनाहट कस्बे के मौजा पिनाहट में दो खेतों के बीच मेड़ और बाउंड्री को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है। पीड़ित आकाश पुत्र मिश्रीलाल ने आरोप लगाया है कि पड़ोसी पक्ष के लोगों ने उनकी खेत की बाउंड्री तोड़ दी है। आकाश के अनुसार, मौजा पिनाहट स्थित उनके खेत (गाटा संख्या 1530) की मेड़ को करीब 25 दिन पहले पड़ोसी दिनेश चंद, नरेश चंद और राजेश कुमार पुत्रगण मनोहर लाल (खेत नंबर 1529) ने ट्रैक्टर चलाकर तोड़ दिया था। अपनी जमीन की सुरक्षा के लिए आकाश ने वहाँ सीमेंट की रेडीमेड बाउंड्री लगवाई थी, जिसे शनिवार रात उन्हीं विपक्षियों ने कुछ लोगों को बुलाकर कथित तौर पर फिर तुड़वा दिया। पीड़ित का दावा है कि राजस्व विभाग के सरकारी कागजों में दोनों पक्षों के खेत अलग-अलग गाटा संख्या के साथ दर्ज हैं। इसके बावजूद, विपक्षी दिनेश चंद, नरेश चंद और राजेश कुमार उनकी पूरी जमीन पर अपना हक जता रहे हैं और उस पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। यह घटना तब हुई जब 'थाना दिवस' पर राजस्व टीम (कानूनगो व लेखपाल) ने शनिवार को ही सोमवार को मौके पर आकर जमीन की विधिवत सरकारी पैमाइश करने का आदेश दिया था। बाउंड्री तोड़ने की यह कार्रवाई सरकारी नापतोल से ठीक पहले शनिवार रात को की गई। इस संबंध में पीड़ित आकाश ने स्थानीय थाने में शिकायत पत्र देकर पुलिस प्रशासन से मामले की गहन जांच करने और न्यायसंगत कार्रवाई सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है। उन्होंने सरकारी पैमाइश के माध्यम से इस पूरे विवाद का तत्काल निस्तारण कराने की भी मांग की है।4
- आज मुख्यमंत्री योगी आगरा का दौरा करेंगे। वे जिले में लगभग तीन घंटे तक मौजूद रहेंगे, जहाँ अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में लोक निर्माण विभाग की विभिन्न योजनाओं, ज़िले में चल रहे विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की वर्तमान स्थिति पर गहन चर्चा की जाएगी।1
- जसवंतनगर थाना पुलिस ने ग्राम परसौआ में अवैध मिट्टी खनन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। रविवार को की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने मिट्टी से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में ले लिया। हालांकि, मौके का फायदा उठाकर ट्रैक्टर चालक, जेसीबी चालक और खनन कार्य में शामिल अन्य लोग पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो गए। थाना के उपनिरीक्षक शुभम वर्मा ने बताया कि अवैध खनन की सूचना मिलने पर पुलिस टीम तुरंत ग्राम परसौआ पहुंची। घटनास्थल पर जेसीबी मशीन और कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की मदद से अवैध रूप से मिट्टी का खनन किया जा रहा था। पुलिस को देखते ही खनन में लगे सभी व्यक्ति अपने वाहन लेकर मौके से भागने लगे। इसी दौरान पुलिस ने मिट्टी से लदी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को बरामद कर लिया, लेकिन उसका चालक भी फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस ने जब्त की गई ट्रैक्टर-ट्रॉली को थाने ला दिया है। इस मामले की सूचना संबंधित विभाग को दे दी गई है और पुलिस अवैध खनन में शामिल सभी लोगों की पहचान करने के साथ-साथ उनके विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रही है।1
- जसवंतनगर थाना क्षेत्र के नगला विशुन गांव में घर के सामने मिट्टी डालने को लेकर हुए विवाद में दो पक्ष आपस में भिड़ गए। यह कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई, जिसमें एक महिला और उसकी पुत्री घायल हो गईं। पीड़िता साधना, जो राकेश कुमार की पत्नी हैं, ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वह अपने घर के सामने मिट्टी डलवा रही थीं। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले कुछ लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया, जिसके बाद विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि पड़ोसियों ने साधना और बीच-बचाव करने आए उनके पति राकेश कुमार के साथ मारपीट की। इस मारपीट में साधना और उनकी बेटी निकेता के सिर में चोटें आई हैं। घटना के बाद परिजन घायल मां-बेटी को लेकर जसवंतनगर थाने पहुंचे, जहाँ उन्होंने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए लिखित शिकायत दी। पुलिस ने घायलों को चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेज दिया है और बताया कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।1