मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित शुद्धिकरण’ के विरोध में दंतेवाड़ा जिला कांग्रेस कमेटी ने सौंपा ज्ञापन तहसीलदार महोदय को रिपोर्ट रवि सरकार किरंदुल में जिला कांग्रेस कमेटी के द्वारा उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर किए गए शुद्धिकरण अनुष्ठान’ को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है, इसी मामले के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा की ओर से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व),तहसील बड़े बचेली को ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया गया,ज्ञापन में कांग्रेस ने हल्द्वानी-देहरादून में हुई घटना को लेकर आपत्ति जताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है,ज्ञापन में कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित रूप से किए गए ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’ का कांग्रेस विरोध करती है,मामले ने उस समय और राजनीतिक रूप ले लिया जब कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस घटना पर सवाल उठाते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दूसरी ओर,इस विवाद को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ भी हल्द्वानी में मामला दर्ज किए जाने की खबर सामने आई है, ज्ञापन में जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा ने आरोप लगाया है कि ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’जैसी गतिविधियां सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों के विपरीत संदेश देती हैं,कांग्रेस ने इसे दलित समाज के सम्मान और संविधान में निहित समानता के अधिकार से जोड़ते हुए प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है, क्या है पूरा विवाद?,मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 8 अगस्त 2026 को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली हुई थी। इसके बाद उसी स्थल पर कुछ संगठनों द्वारा कथित तौर पर हवन, गंगाजल छिड़कने और शुद्धिकरण’का आयोजन किया गया,इस घटना को कांग्रेस ने गंभीर आपत्ति का विषय बनाया और इसे जातिगत भेदभाव तथा छुआछूत की मानसिकता से जोड़कर सवाल उठाए और हल्लाबोल किया जा रहा है,हालांकि, इस घटना को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और घटना के पीछे की मंशा को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं,इसलिए ‘शुद्धिकरण’ के उद्देश्य और उसमें शामिल लोगों की भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा, दंतेवाड़ा में कांग्रेस का संदेश जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य हल्द्वानी की घटना का विरोध करना और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करना है, ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि देश में सभी नागरिकों को समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए तथा जाति के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए,ज्ञापन पर कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर भी दिखाई दे रहे हैं। इस तरह हल्द्वानी के‘शुद्धिकरण’ विवाद की गूंज अब दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा तक पहुंच गई है और जिला कांग्रेस ने प्रशासन के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया है भारी संख्या में विरोध दर्ज किया जिसने सभीं जिले के एवं नगर के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं युवा महिला की विशेष उपस्थिति थी इस आंदोलन में मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित शुद्धिकरण’ के विरोध में दंतेवाड़ा जिला कांग्रेस कमेटी ने सौंपा ज्ञापन तहसीलदार महोदय को रिपोर्ट रवि सरकार किरंदुल में जिला कांग्रेस कमेटी के द्वारा उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर किए गए शुद्धिकरण अनुष्ठान’ को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है, इसी मामले के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा की ओर से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व),तहसील बड़े बचेली को ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया गया,ज्ञापन में कांग्रेस ने हल्द्वानी-देहरादून में हुई घटना को लेकर आपत्ति जताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है,ज्ञापन में कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित रूप से किए गए ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’ का कांग्रेस विरोध करती है,मामले ने उस समय और राजनीतिक रूप ले लिया जब कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस घटना पर सवाल उठाते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दूसरी ओर,इस विवाद को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ भी हल्द्वानी में मामला दर्ज किए जाने की खबर सामने आई है, ज्ञापन में जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा ने आरोप लगाया है कि ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’जैसी गतिविधियां सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों के विपरीत संदेश देती हैं,कांग्रेस ने इसे दलित समाज के सम्मान और संविधान में निहित समानता के अधिकार से जोड़ते हुए प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है, क्या है पूरा विवाद?,मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 8 अगस्त 2026 को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली हुई थी। इसके बाद उसी स्थल पर कुछ संगठनों द्वारा कथित तौर पर हवन, गंगाजल छिड़कने और शुद्धिकरण’का आयोजन किया गया,इस घटना को कांग्रेस ने गंभीर आपत्ति का विषय बनाया और इसे जातिगत भेदभाव तथा छुआछूत की मानसिकता से जोड़कर सवाल उठाए और हल्लाबोल किया जा रहा है,हालांकि, इस घटना को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और घटना के पीछे की मंशा को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं,इसलिए ‘शुद्धिकरण’ के उद्देश्य और उसमें शामिल लोगों की भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा, दंतेवाड़ा में कांग्रेस का संदेश जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य हल्द्वानी की घटना का विरोध करना और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करना है, ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि देश में सभी नागरिकों को समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए तथा जाति के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए,ज्ञापन पर कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर भी दिखाई दे रहे हैं। इस तरह हल्द्वानी के‘शुद्धिकरण’ विवाद की गूंज अब दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा तक पहुंच गई है और जिला कांग्रेस ने प्रशासन के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया है भारी संख्या में विरोध दर्ज किया जिसने सभीं जिले के एवं नगर के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं युवा महिला की विशेष उपस्थिति थी इस आंदोलन में
मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित शुद्धिकरण’ के विरोध में दंतेवाड़ा जिला कांग्रेस कमेटी ने सौंपा ज्ञापन तहसीलदार महोदय को रिपोर्ट रवि सरकार किरंदुल में जिला कांग्रेस कमेटी के द्वारा उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर किए गए शुद्धिकरण अनुष्ठान’ को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है, इसी मामले के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा की ओर से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व),तहसील बड़े बचेली को ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया गया,ज्ञापन में कांग्रेस ने हल्द्वानी-देहरादून में हुई घटना को लेकर आपत्ति जताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है,ज्ञापन में कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित रूप से किए गए ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’ का कांग्रेस विरोध करती है,मामले ने उस समय और राजनीतिक रूप ले लिया जब कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस घटना पर सवाल उठाते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दूसरी ओर,इस विवाद को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ भी हल्द्वानी में मामला दर्ज किए जाने की खबर सामने आई है, ज्ञापन में जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा ने आरोप लगाया है कि ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’जैसी गतिविधियां सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों के विपरीत संदेश देती हैं,कांग्रेस ने इसे दलित समाज के सम्मान और संविधान में निहित समानता के अधिकार से जोड़ते हुए प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है, क्या है पूरा विवाद?,मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 8 अगस्त 2026 को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली हुई थी। इसके बाद उसी स्थल पर कुछ संगठनों द्वारा कथित तौर पर हवन, गंगाजल छिड़कने और शुद्धिकरण’का आयोजन किया गया,इस घटना को कांग्रेस ने गंभीर आपत्ति का विषय बनाया और इसे जातिगत भेदभाव तथा छुआछूत की मानसिकता से जोड़कर सवाल उठाए और हल्लाबोल किया जा रहा है,हालांकि, इस घटना को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और घटना के पीछे की मंशा को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं,इसलिए ‘शुद्धिकरण’ के उद्देश्य और उसमें शामिल लोगों की भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा, दंतेवाड़ा में कांग्रेस का संदेश जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य हल्द्वानी की घटना का विरोध करना और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करना है, ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि देश में सभी नागरिकों को समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए तथा जाति के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए,ज्ञापन पर कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर भी दिखाई दे रहे हैं। इस तरह हल्द्वानी के‘शुद्धिकरण’ विवाद की गूंज अब दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा तक पहुंच गई है और जिला कांग्रेस ने प्रशासन के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया है भारी संख्या में विरोध दर्ज किया जिसने सभीं जिले के एवं नगर के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं युवा महिला की विशेष उपस्थिति थी इस आंदोलन में मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित शुद्धिकरण’ के विरोध में दंतेवाड़ा जिला कांग्रेस कमेटी ने सौंपा ज्ञापन तहसीलदार महोदय को रिपोर्ट रवि सरकार किरंदुल में जिला कांग्रेस कमेटी के द्वारा उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर किए गए शुद्धिकरण अनुष्ठान’ को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है, इसी मामले के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा की ओर से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व),तहसील बड़े बचेली को ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया गया,ज्ञापन में कांग्रेस ने हल्द्वानी-देहरादून में हुई घटना को लेकर आपत्ति जताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है,ज्ञापन में कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित रूप से किए गए ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’ का कांग्रेस विरोध करती है,मामले ने उस समय और राजनीतिक रूप ले लिया जब कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस घटना पर सवाल उठाते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दूसरी ओर,इस विवाद को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ भी हल्द्वानी में मामला दर्ज किए जाने की खबर सामने आई है, ज्ञापन में जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा ने आरोप लगाया है कि ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’जैसी गतिविधियां सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों के विपरीत संदेश देती हैं,कांग्रेस ने इसे दलित समाज के सम्मान और संविधान में निहित समानता के अधिकार से जोड़ते हुए प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है, क्या है पूरा विवाद?,मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 8 अगस्त 2026 को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली हुई थी। इसके बाद उसी स्थल पर कुछ संगठनों द्वारा कथित तौर पर हवन, गंगाजल छिड़कने और शुद्धिकरण’का आयोजन किया गया,इस घटना को कांग्रेस ने गंभीर आपत्ति का विषय बनाया और इसे जातिगत भेदभाव तथा छुआछूत की मानसिकता से जोड़कर सवाल उठाए और हल्लाबोल किया जा रहा है,हालांकि, इस घटना को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और घटना के पीछे की मंशा को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं,इसलिए ‘शुद्धिकरण’ के उद्देश्य और उसमें शामिल लोगों की भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा, दंतेवाड़ा में कांग्रेस का संदेश जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य हल्द्वानी की घटना का विरोध करना और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करना है, ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि देश में सभी नागरिकों को समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए तथा जाति के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए,ज्ञापन पर कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर भी दिखाई दे रहे हैं। इस तरह हल्द्वानी के‘शुद्धिकरण’ विवाद की गूंज अब दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा तक पहुंच गई है और जिला कांग्रेस ने प्रशासन के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया है भारी संख्या में विरोध दर्ज किया जिसने सभीं जिले के एवं नगर के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं युवा महिला की विशेष उपस्थिति थी इस आंदोलन में
- मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित शुद्धिकरण’ के विरोध में दंतेवाड़ा जिला कांग्रेस कमेटी ने सौंपा ज्ञापन तहसीलदार महोदय को रिपोर्ट रवि सरकार किरंदुल में जिला कांग्रेस कमेटी के द्वारा उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर किए गए शुद्धिकरण अनुष्ठान’ को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है, इसी मामले के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा की ओर से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व),तहसील बड़े बचेली को ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया गया,ज्ञापन में कांग्रेस ने हल्द्वानी-देहरादून में हुई घटना को लेकर आपत्ति जताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है,ज्ञापन में कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित रूप से किए गए ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’ का कांग्रेस विरोध करती है,मामले ने उस समय और राजनीतिक रूप ले लिया जब कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस घटना पर सवाल उठाते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दूसरी ओर,इस विवाद को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ भी हल्द्वानी में मामला दर्ज किए जाने की खबर सामने आई है, ज्ञापन में जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा ने आरोप लगाया है कि ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’जैसी गतिविधियां सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों के विपरीत संदेश देती हैं,कांग्रेस ने इसे दलित समाज के सम्मान और संविधान में निहित समानता के अधिकार से जोड़ते हुए प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है, क्या है पूरा विवाद?,मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 8 अगस्त 2026 को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली हुई थी। इसके बाद उसी स्थल पर कुछ संगठनों द्वारा कथित तौर पर हवन, गंगाजल छिड़कने और शुद्धिकरण’का आयोजन किया गया,इस घटना को कांग्रेस ने गंभीर आपत्ति का विषय बनाया और इसे जातिगत भेदभाव तथा छुआछूत की मानसिकता से जोड़कर सवाल उठाए और हल्लाबोल किया जा रहा है,हालांकि, इस घटना को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और घटना के पीछे की मंशा को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं,इसलिए ‘शुद्धिकरण’ के उद्देश्य और उसमें शामिल लोगों की भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा, दंतेवाड़ा में कांग्रेस का संदेश जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य हल्द्वानी की घटना का विरोध करना और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करना है, ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि देश में सभी नागरिकों को समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए तथा जाति के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए,ज्ञापन पर कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर भी दिखाई दे रहे हैं। इस तरह हल्द्वानी के‘शुद्धिकरण’ विवाद की गूंज अब दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा तक पहुंच गई है और जिला कांग्रेस ने प्रशासन के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया है भारी संख्या में विरोध दर्ज किया जिसने सभीं जिले के एवं नगर के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं युवा महिला की विशेष उपस्थिति थी इस आंदोलन में मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित शुद्धिकरण’ के विरोध में दंतेवाड़ा जिला कांग्रेस कमेटी ने सौंपा ज्ञापन तहसीलदार महोदय को रिपोर्ट रवि सरकार किरंदुल में जिला कांग्रेस कमेटी के द्वारा उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर किए गए शुद्धिकरण अनुष्ठान’ को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है, इसी मामले के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा की ओर से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व),तहसील बड़े बचेली को ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया गया,ज्ञापन में कांग्रेस ने हल्द्वानी-देहरादून में हुई घटना को लेकर आपत्ति जताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है,ज्ञापन में कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित रूप से किए गए ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’ का कांग्रेस विरोध करती है,मामले ने उस समय और राजनीतिक रूप ले लिया जब कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस घटना पर सवाल उठाते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दूसरी ओर,इस विवाद को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ भी हल्द्वानी में मामला दर्ज किए जाने की खबर सामने आई है, ज्ञापन में जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा ने आरोप लगाया है कि ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’जैसी गतिविधियां सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों के विपरीत संदेश देती हैं,कांग्रेस ने इसे दलित समाज के सम्मान और संविधान में निहित समानता के अधिकार से जोड़ते हुए प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है, क्या है पूरा विवाद?,मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 8 अगस्त 2026 को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली हुई थी। इसके बाद उसी स्थल पर कुछ संगठनों द्वारा कथित तौर पर हवन, गंगाजल छिड़कने और शुद्धिकरण’का आयोजन किया गया,इस घटना को कांग्रेस ने गंभीर आपत्ति का विषय बनाया और इसे जातिगत भेदभाव तथा छुआछूत की मानसिकता से जोड़कर सवाल उठाए और हल्लाबोल किया जा रहा है,हालांकि, इस घटना को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और घटना के पीछे की मंशा को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं,इसलिए ‘शुद्धिकरण’ के उद्देश्य और उसमें शामिल लोगों की भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा, दंतेवाड़ा में कांग्रेस का संदेश जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य हल्द्वानी की घटना का विरोध करना और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करना है, ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि देश में सभी नागरिकों को समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए तथा जाति के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए,ज्ञापन पर कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर भी दिखाई दे रहे हैं। इस तरह हल्द्वानी के‘शुद्धिकरण’ विवाद की गूंज अब दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा तक पहुंच गई है और जिला कांग्रेस ने प्रशासन के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया है भारी संख्या में विरोध दर्ज किया जिसने सभीं जिले के एवं नगर के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं युवा महिला की विशेष उपस्थिति थी इस आंदोलन में1
- नेरली घाटी में ट्रक पेड़ से टकराया, लंबा जाम लगा...... दंतेवाड़ा के नेरली घाटी में एक ट्रक अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराया। हादसे के बाद बचेली-नेरली मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। सड़क पर लंबा जाम लगने से कई यात्री बसें और कारें फंस गईं। घाटी में वाहनों की लंबी कतार लगने से राहगीरों को भी परेशानी हुई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। फिलहाल टीम मार्ग से ट्रक हटाकर यातायात बहाल करने में जुटी हुई है।4
- एरियर्स बिल निकालने के नाम पर 10 हजार की रिश्वत, कोंटा BEO कार्यालय में ACB की कार्रवाई 16 लाख के बिल के एवज में 80 हजार की beo ने की थी मांग पहली एरियर्स बिल निकालने के नाम पर 10 हजार की रिश्वत, कोंटा BEO कार्यालय में ACB की कार्रवाई 16 लाख के बिल के एवज में 80 हजार की beo ने की थी मांग पहली सुकमा- कोंटा स्थित खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने कार्रवाई करते हुए BEO चंद्र कुमार यारदा को कथित रूप से 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। अधिकारी पर शिक्षकों से एरियर्स की करीब 16 लाख रुपए की राशि के बिल बनाने और निकालने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता मंगल राम ने इस संबंध में एसीबी से शिकायत की थी। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी की टीम ने बुधवार को कोंटा BEO कार्यालय में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान चंद्र कुमार यारदा को कथित तौर पर 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा गया 16 लाख के एवज में 80 हजार की मांग की थी एसीबी की टीम ने कार्रवाई के बाद कार्यालय में दस्तावेजों और संबंधित रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है। अचानक हुई इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। मामले में एसीबी द्वारा आगे की जांच और वैधानिक कार्रवाई जारी है। बाईट- रमेश मरकाम DSP ACB जगदलपुर ACB DSP रमेश मरकाम ने बताया कि शिकायतकर्ता मंगल राम की शिकायत के बाद मामले की जांच की गई थी। एरियर्स के बिल निकालने के एवज में 10 हजार रुपए रिश्वत लेने के आरोप में BEO चंद्र कुमार यारदा को गिरफ्तार किया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई और जांच जारी है। बाईट- मंगल कवासी शिकायत करता शिकायतकर्ता मंगल राम ने बताया कि एरियर्स की राशि का बिल बनाने और निकालने के नाम पर उनसे रिश्वत की मांग की जा रही थी। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से की। एसीबी की टीम ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए कोंटा BEO कार्यालय में दबिश दी और 10 हजार रुपए लेते अधिकारी को पकड़ा। उन्होंने कहा कि कार्रवाई से उम्मीद है कि शिक्षकों से इस तरह की अवैध वसूली पर रोक लगेगी।16 लाख के बिल के लिये 5% 80 हजार की मांग की थी4
- सुकमा में भाजपा की जिला कार्यशाला एवं कार्यसमिति बैठक संपन्न सुकमा में भाजपा की जिला कार्यशाला एवं कार्यसमिति बैठक संपन्न *सुकमा, 02 सितंबर 2026 -* आज अटल सदन में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सेवा समर्पण के 25 वर्ष के उपलक्ष्य में *सेवा संकल्प अभियान (17 सितंबर - 17 अक्टूबर)* की जिला कार्यशाला आयोजित हुई। बैठक में *प्रदेश संगठन महामंत्री श्री पवन साय जी ने पीपीटी के माध्यम से* सेवा संकल्प अभियान की विस्तृत कार्ययोजना, बूथ सशक्तिकरण, पंचायत चुनाव की रणनीति और संगठनात्मक विषयों को विस्तार से समझाया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को बताया कि किस प्रकार हर बूथ पर टोली बनाकर सेवा कार्यों को करना है। प्रदेश उपाध्यक्ष एवं कार्यक्रम प्रभारी जी वेंकट ने राष्ट्र निर्माण विषय पर कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया। संभाग सह प्रभारी हरपाल सिंह ने अभियान को सफल बनाने का मंत्र दिया। जिला संगठन प्रभारी टेकेश्वर जैन ने कहा कि सेवा ही संगठन है। विधानसभा प्रभारी रुपसिंह मंडावी ने कहा कि बूथ जीता तो चुनाव जीता। बैठक में जिला अध्यक्ष धनीराम बारसे, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अरुण सिंह भदौरिया, हुंगाराम मरकाम, किसान मोर्चा प्रदेश मंत्री सोयम मुका, कोंटा नगर पंचायत चुनाव प्रभारी राम आश्रम, सह प्रभारी संग्राम राणा, जिला महामंत्री विश्वराज सिंह, बलिराम नायक जी सहित अपेक्षित पदाधिकारी कार्यकर्त्ता उपस्थित रहे।1
- दलपत सागर का वजूद बचाने फिर करोड़ों का दांव, NMDC देगा 50 लाख, नई योजना 9.88 करोड़ की बस्तर रियासत के राजा दलपत देव द्वारा निर्मित और 340 एकड़ में फैला प्रदेश का सबसे बड़ा ऐतिहासिक तालाब दलपत सागर एक बार फिर अपनी बदहाली और सफाई अभियानों को लेकर सुर्खियों में है। वजूद बचाने के लिए फिर करोड़ों का दांव लगाया गया है। सागर को जलकुंभी से मुक्त कराने के लिए जगदलपुर नगर निगम और NMDC के बीच समझौता हुआ है। NMDC अपने CSR मद से 50 लाख की मदद देगा, जिसकी 20 लाख की पहली किस्त जारी भी हो गई है। लेकिन 9.88 करोड़ की नई योजना के बीच 13 करोड़ के पुराने खर्च पर सवाल भी उठ रहे हैं। दलपत सागर का बड़ा हिस्सा आज भी जलकुंभी की हरी चादर से ढका है। रिकॉर्ड बताते हैं कि पिछले 20 सालों में इसके संरक्षण पर 13 करोड़ से ज्यादा पानी की तरह बहाया गया, लेकिन नतीजा सिफर रहा। निगम की 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ जलकुंभी हटाने पर ही करीब 3 करोड़ खर्च हुए, जिसमें 80 से 90 लाख की वीड हार्वेस्टर मशीन भी शामिल है। 2021 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 3 करोड़ की घोषणा की थी, राजा दलपत देव की मूर्ति, परिक्रमा पथ, घाट, लाइट और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट का वादा था, जो आज तक धरातल पर नहीं उतरा। अब प्रशासन 9.88 करोड़ के मास्टर प्लान के साथ फिर मैदान में है। मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत 9 करोड़ 88 लाख की स्वीकृति मिल चुकी है। नगर निगम आयुक्त प्रवीर वर्मा के मुताबिक मार्च 2027 तक दलपत सागर को पूरी तरह जलकुंभी मुक्त करने का लक्ष्य है। फिलहाल NMDC के 50 लाख के CSR फंड से सघन सफाई अभियान शुरू किया जा रहा है। करोड़ों खर्च के बाद भी जलकुंभी बार-बार क्यों पनपती है? विशेषज्ञों के मुताबिक शहर के कई बड़े नालों का प्रदूषित पानी सीधा सागर में गिरता है, जो जलकुंभी के लिए खाद का काम करता है। प्रशासन का जोर सिर्फ जलकुंभी निकालने पर है, उसे पनपने से रोकने वाले पोषक तत्वों पर नहीं। नागरिकों की मांग है कि जब तक नालों का डायवर्जन नहीं होगा, चाहे 13 करोड़ खर्च हो या 50 करोड़, स्थायी समाधान नहीं होगा।4
- कोंडागांव मुलमुला में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया हलषष्ठी पर्व सुहागिन महिलाओं ने संतान की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए रखा व्रत, शिव मंदिर प्रांगण में विधि-विधान से किया पूजन।1
- श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया कमरछठ हलषष्ठी का पर्व _माताओं ने संतान के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखा व्रत श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया कमरछठ हलषष्ठी का पर्व _माताओं ने संतान के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखा व्रत फरसगांव :- पावन नगरी ग्राम बड़ेडोंगर में बुधवार को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जुड़े पावन पर्व कमरछठ (हलषष्ठी) का पर्व माताओं एवं महिलाओं द्वारा पूरे श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। पर्व के अवसर पर पूरे ग्राम में धार्मिक एवं भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। कमरछठ के अवसर पर ग्राम की माताओं ने अपनी संतानों के सुखमय जीवन, उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, सुख-समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए व्रत रखा और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने पूजा के लिए विभिन्न प्रकार के मौसमी फल, फूल एवं पारंपरिक पूजा सामग्री श्रद्धापूर्वक एकत्रित कर पूजा स्थल पर पहुंचाई। इसके बाद सभी महिलाओं ने सामूहिक रूप से पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना कर अपनी संतानों की रक्षा एवं परिवार की खुशहाली के लिए मंगल कामना की। पूजन के दौरान महिलाओं की धार्मिक आस्था, अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति अटूट विश्वास विशेष रूप से देखने को मिला। पारंपरिक वेशभूषा में पहुंची मातृशक्ति ने पूरे उत्साह एवं श्रद्धा के साथ पूजा में भाग लिया। महिलाओं ने एक-दूसरे के साथ मिलकर पूजा की तैयारियां कीं और पारंपरिक रीति से पर्व को संपन्न किया। ग्रामीण अंचलों में कमरछठ अथवा हलषष्ठी पर्व का विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व माना जाता है। यह पर्व मातृत्व, ममता और संतान के प्रति समर्पण की भावना का प्रतीक है। इस दिन माताएं अपनी संतानों के बेहतर स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना के लिए व्रत रखकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करती हैं। बड़ेडोंगर में आयोजित इस धार्मिक पर्व ने ग्राम की समृद्ध संस्कृति और वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपराओं को जीवंत कर दिया। आधुनिकता के दौर में भी ग्रामीण क्षेत्रों में पीढ़ियों से चली आ रही लोक आस्थाओं और धार्मिक परंपराओं का संरक्षण समाज की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करता है। कमरछठ के अवसर पर बड़ेडोंगर की मातृशक्ति द्वारा एकजुट होकर पर्व मनाना धार्मिक चेतना, सांस्कृतिक एकता और अपनी परंपराओं के प्रति सम्मान का सुंदर उदाहरण रहा। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा तथा महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए पर्व की गरिमा को और बढ़ाया।2
- मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित शुद्धिकरण’ के विरोध में दंतेवाड़ा जिला कांग्रेस कमेटी ने सौंपा ज्ञापन तहसीलदार महोदय को रिपोर्ट रवि सरकार किरंदुल में जिला कांग्रेस कमेटी के द्वारा उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर किए गए शुद्धिकरण अनुष्ठान’ को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है, इसी मामले के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा की ओर से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व),तहसील बड़े बचेली को ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया गया,ज्ञापन में कांग्रेस ने हल्द्वानी-देहरादून में हुई घटना को लेकर आपत्ति जताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है,ज्ञापन में कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित रूप से किए गए ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’ का कांग्रेस विरोध करती है,मामले ने उस समय और राजनीतिक रूप ले लिया जब कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस घटना पर सवाल उठाते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दूसरी ओर,इस विवाद को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ भी हल्द्वानी में मामला दर्ज किए जाने की खबर सामने आई है, ज्ञापन में जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा ने आरोप लगाया है कि ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’जैसी गतिविधियां सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों के विपरीत संदेश देती हैं,कांग्रेस ने इसे दलित समाज के सम्मान और संविधान में निहित समानता के अधिकार से जोड़ते हुए प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है, क्या है पूरा विवाद?,मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 8 अगस्त 2026 को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली हुई थी। इसके बाद उसी स्थल पर कुछ संगठनों द्वारा कथित तौर पर हवन, गंगाजल छिड़कने और शुद्धिकरण’का आयोजन किया गया,इस घटना को कांग्रेस ने गंभीर आपत्ति का विषय बनाया और इसे जातिगत भेदभाव तथा छुआछूत की मानसिकता से जोड़कर सवाल उठाए और हल्लाबोल किया जा रहा है,हालांकि, इस घटना को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और घटना के पीछे की मंशा को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं,इसलिए ‘शुद्धिकरण’ के उद्देश्य और उसमें शामिल लोगों की भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा, दंतेवाड़ा में कांग्रेस का संदेश जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य हल्द्वानी की घटना का विरोध करना और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करना है, ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि देश में सभी नागरिकों को समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए तथा जाति के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए,ज्ञापन पर कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर भी दिखाई दे रहे हैं। इस तरह हल्द्वानी के‘शुद्धिकरण’ विवाद की गूंज अब दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा तक पहुंच गई है और जिला कांग्रेस ने प्रशासन के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया है भारी संख्या में विरोध दर्ज किया जिसने सभीं जिले के एवं नगर के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं युवा महिला की विशेष उपस्थिति थी इस आंदोलन में मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित शुद्धिकरण’ के विरोध में दंतेवाड़ा जिला कांग्रेस कमेटी ने सौंपा ज्ञापन तहसीलदार महोदय को रिपोर्ट रवि सरकार किरंदुल में जिला कांग्रेस कमेटी के द्वारा उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर किए गए शुद्धिकरण अनुष्ठान’ को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है, इसी मामले के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा की ओर से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व),तहसील बड़े बचेली को ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया गया,ज्ञापन में कांग्रेस ने हल्द्वानी-देहरादून में हुई घटना को लेकर आपत्ति जताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है,ज्ञापन में कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित रूप से किए गए ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’ का कांग्रेस विरोध करती है,मामले ने उस समय और राजनीतिक रूप ले लिया जब कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस घटना पर सवाल उठाते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दूसरी ओर,इस विवाद को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ भी हल्द्वानी में मामला दर्ज किए जाने की खबर सामने आई है, ज्ञापन में जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा ने आरोप लगाया है कि ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’जैसी गतिविधियां सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों के विपरीत संदेश देती हैं,कांग्रेस ने इसे दलित समाज के सम्मान और संविधान में निहित समानता के अधिकार से जोड़ते हुए प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है, क्या है पूरा विवाद?,मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 8 अगस्त 2026 को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली हुई थी। इसके बाद उसी स्थल पर कुछ संगठनों द्वारा कथित तौर पर हवन, गंगाजल छिड़कने और शुद्धिकरण’का आयोजन किया गया,इस घटना को कांग्रेस ने गंभीर आपत्ति का विषय बनाया और इसे जातिगत भेदभाव तथा छुआछूत की मानसिकता से जोड़कर सवाल उठाए और हल्लाबोल किया जा रहा है,हालांकि, इस घटना को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और घटना के पीछे की मंशा को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं,इसलिए ‘शुद्धिकरण’ के उद्देश्य और उसमें शामिल लोगों की भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा, दंतेवाड़ा में कांग्रेस का संदेश जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य हल्द्वानी की घटना का विरोध करना और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करना है, ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि देश में सभी नागरिकों को समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए तथा जाति के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए,ज्ञापन पर कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर भी दिखाई दे रहे हैं। इस तरह हल्द्वानी के‘शुद्धिकरण’ विवाद की गूंज अब दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा तक पहुंच गई है और जिला कांग्रेस ने प्रशासन के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया है भारी संख्या में विरोध दर्ज किया जिसने सभीं जिले के एवं नगर के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं युवा महिला की विशेष उपस्थिति थी इस आंदोलन में1