महोबा-हमीरपुर सीमा पर रात में दौड़ रहे लकड़ी लदे ट्रैक्टर हरे पेड़ों की कटाई से पर्यावरण पर बढ़ा खतरा, वन विभाग पर उठे सवाल महोबा और हमीरपुर जनपद की सीमा पर अवैध लकड़ी कटान का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। पनवाड़ी क्षेत्र से सटे बॉर्डर इलाके में रात के समय हरे पेड़ों की कटाई कर लकड़ी को ट्रैक्टरों के माध्यम से हमीरपुर जिले की ओर भेजे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि शासन द्वारा हरे पेड़ों के कटान पर प्रतिबंध होने के बावजूद लकड़ी माफिया सक्रिय हैं और रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर कटान कराया जा रहा है। जानकारी के अनुसार पनवाड़ी क्षेत्र से काटी गई लकड़ी को ट्रैक्टरों के जरिए हमीरपुर जनपद के राठ क्षेत्र, नकरा से आगे गिरवर तथा मझगुवां थाना क्षेत्र तक पहुंचाया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि सीमा से लगे इलाकों में अवैध लकड़ी फैक्ट्री संचालित होने की भी चर्चा है, जहां लकड़ी को खपाया जा रहा है। दिन के बजाय रात में ट्रैक्टरों की आवाजाही अधिक होने से प्रशासनिक निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खेतों की मेड़, बागों और जंगल से हरे-भरे पेड़ों को काटकर धीरे-धीरे वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। लगातार कटान से पर्यावरण संतुलन प्रभावित हो रहा है। पेड़ों की संख्या घटने से पक्षियों और वन्य जीवों का प्राकृतिक आवास कम होता जा रहा है, जिससे जंगली जानवर गांवों की ओर आने को मजबूर हो सकते हैं। इससे भविष्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका भी बढ़ सकती है। स्थानीय लोगों ने कहा कि हर वर्ष वृक्षारोपण अभियान चलाकर हजारों पौधे लगाए जाते हैं, लेकिन दूसरी ओर अवैध कटान पर प्रभावी रोक न लगना चिंता का विषय है। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह कटान जारी रहा तो आने वाले वर्षों में क्षेत्र का पर्यावरण संतुलन बिगड़ सकता है और गर्मी, सूखा तथा मिट्टी कटाव जैसी समस्याएं और बढ़ेंगी। क्षेत्रवासियों ने शासन, प्रशासन और वन विभाग से सीमा क्षेत्रों में संयुक्त अभियान चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि रात के समय चेकिंग बढ़ाई जाए और अवैध परिवहन में लगे वाहनों पर सख्त कार्रवाई हो। इस संबंध में वन विभाग के वन रेंज अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि कुछ प्रजाति की लकड़ी पर नियमानुसार छूट दी गई है, लेकिन इसके लिए किसान को खेत की गाटा संख्या और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति लकड़ी परिवहन नियम विरुद्ध है। रात्रि में भी विभाग की निगरानी जारी रहती है और जो ट्रैक्टर या वाहन संदिग्ध स्थिति में पकड़े जाते हैं, उन्हें सीज कर कार्रवाई की जाती है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमा क्षेत्र में लगातार हो रही गतिविधियों पर और सख्ती की जरूरत है, ताकि पर्यावरण संरक्षण के प्रयास केवल कागजों तक सीमित न रहें।
महोबा-हमीरपुर सीमा पर रात में दौड़ रहे लकड़ी लदे ट्रैक्टर हरे पेड़ों की कटाई से पर्यावरण पर बढ़ा खतरा, वन विभाग पर उठे सवाल महोबा और हमीरपुर जनपद की सीमा पर अवैध लकड़ी कटान का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। पनवाड़ी क्षेत्र से सटे बॉर्डर इलाके में रात के समय हरे पेड़ों की कटाई कर लकड़ी को ट्रैक्टरों के माध्यम से हमीरपुर जिले की ओर भेजे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि शासन द्वारा हरे पेड़ों के कटान पर प्रतिबंध होने के बावजूद लकड़ी माफिया सक्रिय हैं और रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर कटान कराया जा रहा है। जानकारी के अनुसार पनवाड़ी क्षेत्र से काटी गई लकड़ी को ट्रैक्टरों के जरिए हमीरपुर जनपद के राठ क्षेत्र, नकरा से आगे गिरवर तथा मझगुवां थाना क्षेत्र तक पहुंचाया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि सीमा से लगे इलाकों में अवैध लकड़ी फैक्ट्री संचालित होने की भी चर्चा है, जहां लकड़ी को खपाया जा रहा है। दिन के बजाय रात में ट्रैक्टरों की आवाजाही अधिक होने से प्रशासनिक निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खेतों की मेड़, बागों और जंगल से हरे-भरे पेड़ों को काटकर धीरे-धीरे वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। लगातार कटान से पर्यावरण संतुलन प्रभावित हो रहा है। पेड़ों की संख्या घटने से पक्षियों और वन्य जीवों का प्राकृतिक आवास कम होता जा रहा है, जिससे जंगली जानवर गांवों की ओर आने को मजबूर हो सकते हैं। इससे भविष्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका भी बढ़ सकती है। स्थानीय लोगों ने कहा कि हर वर्ष वृक्षारोपण अभियान चलाकर हजारों पौधे लगाए जाते हैं, लेकिन दूसरी ओर अवैध कटान पर प्रभावी रोक न लगना चिंता का विषय है। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह कटान जारी रहा तो आने वाले वर्षों में क्षेत्र का पर्यावरण संतुलन बिगड़ सकता है और गर्मी, सूखा तथा मिट्टी कटाव जैसी समस्याएं और बढ़ेंगी। क्षेत्रवासियों ने शासन, प्रशासन और वन विभाग से सीमा क्षेत्रों में संयुक्त अभियान चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि रात के समय चेकिंग बढ़ाई जाए और अवैध परिवहन में लगे वाहनों पर सख्त कार्रवाई हो। इस संबंध में वन विभाग के वन रेंज अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि कुछ प्रजाति की लकड़ी पर नियमानुसार छूट दी गई है, लेकिन इसके लिए किसान को खेत की गाटा संख्या और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति लकड़ी परिवहन नियम विरुद्ध है। रात्रि में भी विभाग की निगरानी जारी रहती है और जो ट्रैक्टर या वाहन संदिग्ध स्थिति में पकड़े जाते हैं, उन्हें सीज कर कार्रवाई की जाती है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमा क्षेत्र में लगातार हो रही गतिविधियों पर और सख्ती की जरूरत है, ताकि पर्यावरण संरक्षण के प्रयास केवल कागजों तक सीमित न रहें।
- महोबा-हमीरपुर सीमा पर रात में दौड़ रहे लकड़ी लदे ट्रैक्टर हरे पेड़ों की कटाई से पर्यावरण पर बढ़ा खतरा, वन विभाग पर उठे सवाल महोबा और हमीरपुर जनपद की सीमा पर अवैध लकड़ी कटान का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। पनवाड़ी क्षेत्र से सटे बॉर्डर इलाके में रात के समय हरे पेड़ों की कटाई कर लकड़ी को ट्रैक्टरों के माध्यम से हमीरपुर जिले की ओर भेजे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि शासन द्वारा हरे पेड़ों के कटान पर प्रतिबंध होने के बावजूद लकड़ी माफिया सक्रिय हैं और रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर कटान कराया जा रहा है। जानकारी के अनुसार पनवाड़ी क्षेत्र से काटी गई लकड़ी को ट्रैक्टरों के जरिए हमीरपुर जनपद के राठ क्षेत्र, नकरा से आगे गिरवर तथा मझगुवां थाना क्षेत्र तक पहुंचाया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि सीमा से लगे इलाकों में अवैध लकड़ी फैक्ट्री संचालित होने की भी चर्चा है, जहां लकड़ी को खपाया जा रहा है। दिन के बजाय रात में ट्रैक्टरों की आवाजाही अधिक होने से प्रशासनिक निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खेतों की मेड़, बागों और जंगल से हरे-भरे पेड़ों को काटकर धीरे-धीरे वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। लगातार कटान से पर्यावरण संतुलन प्रभावित हो रहा है। पेड़ों की संख्या घटने से पक्षियों और वन्य जीवों का प्राकृतिक आवास कम होता जा रहा है, जिससे जंगली जानवर गांवों की ओर आने को मजबूर हो सकते हैं। इससे भविष्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका भी बढ़ सकती है। स्थानीय लोगों ने कहा कि हर वर्ष वृक्षारोपण अभियान चलाकर हजारों पौधे लगाए जाते हैं, लेकिन दूसरी ओर अवैध कटान पर प्रभावी रोक न लगना चिंता का विषय है। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह कटान जारी रहा तो आने वाले वर्षों में क्षेत्र का पर्यावरण संतुलन बिगड़ सकता है और गर्मी, सूखा तथा मिट्टी कटाव जैसी समस्याएं और बढ़ेंगी। क्षेत्रवासियों ने शासन, प्रशासन और वन विभाग से सीमा क्षेत्रों में संयुक्त अभियान चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि रात के समय चेकिंग बढ़ाई जाए और अवैध परिवहन में लगे वाहनों पर सख्त कार्रवाई हो। इस संबंध में वन विभाग के वन रेंज अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि कुछ प्रजाति की लकड़ी पर नियमानुसार छूट दी गई है, लेकिन इसके लिए किसान को खेत की गाटा संख्या और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति लकड़ी परिवहन नियम विरुद्ध है। रात्रि में भी विभाग की निगरानी जारी रहती है और जो ट्रैक्टर या वाहन संदिग्ध स्थिति में पकड़े जाते हैं, उन्हें सीज कर कार्रवाई की जाती है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमा क्षेत्र में लगातार हो रही गतिविधियों पर और सख्ती की जरूरत है, ताकि पर्यावरण संरक्षण के प्रयास केवल कागजों तक सीमित न रहें।1
- Post by पत्रकार अरबाज हाशमी1
- मौदहा हमीरपुर। मौदहा से मांचा जाते समय बच्चा छीनने के लिए पहले से घात लगाए ससुरालियों ने पत्नी सहित अन्य लोगों को लाठी डण्डा और लोहे के राड से बेरहमी से पीटकर लहूलुहान कर दिया जिनमे से एक की हालत नाजुक बनी हुए है हालांकि पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मांचा निवासी शबनम बानो पत्नी दानिश अली ने कोतवाली में दिए शिकायती पत्र में बताया कि, शुक्रवार सुबह वह मौदहा से मांचा अपने भाई निजाम, फरीद और माँ जैनब के साथ आटो से जा रही थी तभी रास्ते में सिलौली में उसके पति दानिश अली ने फोर व्हीलर लगाकर उसका बच्चा छीनने की कोशिश की, लेकिन बच्चा छीनने में नाकाम होने पर उसके पति ने अपने परिजनों दावर अली उर्फ़ सोनू, नवाब अली, हयात अली उर्फ़ बफाती, बब्बू अली और नवाब अली सभी निवासी मांचा ने उनका आटो मांचा गेट पर आगे फोर व्हीलर लगाकर रोक लिया और सभी को लाठी डण्डा और लोहे के राड से बेरहमी से पीटकर लहूलुहान कर दिया जबकि उसके भाई फरीद को जान से मरा समझकर सडक किनारे नाले में फेंक दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को इलाज के लिए मौदहा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया जहां से फरीद की हालत नाजुक होने के कारण सदर अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी संतोष सिंह ने सरकारी अस्पताल पहुंच घायलों का हाल जाना और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।4
- ➡️ वकीलों का आंदोलन हुआ उग्र, सभी न्यायालयों का बहिष्कार ➡️ तहसील परिसर में अधिवक्ताओं का जोरदार प्रदर्शन व नारेबाजी ➡️ 15 दिन पहले पेशकार से विवाद के बाद बढ़ा आंदोलन ➡️ कामकाज ठप, वादकारियों को हो रही भारी परेशानी ➡️ एडीएम की वार्ता का प्रस्ताव अधिवक्ताओं ने ठुकराया ➡️ हालात सामान्य होने के फिलहाल नहीं दिख रहे आसार1
- दिव्या दरबार में कई तरह के भूत प्रेत से पीड़ित श्रद्धालु अर्जी लगाने पहुंच रहे हैं1
- बांदा के मटौंध थाना क्षेत्र में 16 अप्रैल को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक महिला और एक पुरुष की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस मामले में क्षेत्राधिकारी सदर राजवीर सिंह गौर ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।1
- हैवतपुरा पहुंची भीम आर्मी व आजाद समाज पार्टी की टीम, पीड़ित परिवार से मुलाकात सांसद चंद्रशेखर आजाद ने वीडियो कॉल पर हर संभव मदद का दिया आश्वासन महोबा। ब्लॉक पनवाड़ी के ग्राम हैवतपुरा में हरनारायण प्रजापति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले को लेकर भीम आर्मी एवं आजाद समाज पार्टी की टीम गांव पहुंची और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। ज्ञात हो कि हरनारायण प्रजापति 13 अप्रैल की शाम लगभग 8:30 बजे से लापता थे, जिनका शव 14 अप्रैल को करीब 12 बजे दिन में मकान के पीछे नाले के पास मिला। घटना की सूचना मिलने पर आजाद समाज पार्टी के पदाधिकारी गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया। इस दौरान पीड़ित परिवार की नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद से वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत कराई गई। सांसद चंद्रशेखर आजाद ने परिवार को अपना परिवार बताते हुए हर संभव सहायता देने तथा आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजवाने का आश्वासन दिया। इस मौके पर प्रदेश संगठन मंत्री नीरज कश्यप, मंडल प्रभारी हसन खान गोलू, मंडल अध्यक्ष भाईचारा कमेटी अमान सिंह लोधी, जिला अध्यक्ष भगवान दास प्रधान, जिला अध्यक्ष हमीरपुर रामबाबू वर्मा, जगराम वर्मा, संदीप कुमार गौतम सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- आधा दर्जन महिलाओं ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन1
- Post by पत्रकार अरबाज हाशमी1