राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ का मां नर्मदा की दार्शनिक स्थलों का सीधा प्रसारण आज का बुलेटिन मां नर्मदा को समर्पित । विश्व का सबसे बड़ा पर्यटक स्थल अमरकंटक जो प्रकृतिक सौंदर्य की छठ ओड हुए हैं। जन जंगल जमीन अपार भंडार होने के बाद । धिक्कार है मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जो केंद्र में इस समय मंत्री हैं उन पर्यटक स्थलों पर रोड़ों का निर्माण नहीं करवाया ।वहीं वर्तमान मुख्यमंत्री मोहन यादव गंगा मां के गुण गाते फिरते हैं। लेकिन पगडंडिया सीमेंटेड नहीं बनवा पा रहे हैं। वही यहां की आदिवासी सांसद का भी ध्यान नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गंगा के भक्ति है मां जमुना के भक्ति है मां नर्मदा के भक्ति है । इतने बड़े तीर्थराज को वह क्यों नहीं डवलप करवा पा रहे हैं। जैन समाज के अरबपति करोड़पति राजनेता सांसद विधायक और केंद्र में मंत्री पीयूष गोयल क्यों नहीं कर पा रहे अमरकंटक तीर्थ स्थल का प्रधानमंत्री से कहकर विकास। इस विश्व विख्यात भगवान आदिनाथ के सर्वोदय तीर्थ के और मां नर्मदा के उद्गम के और अन्य पर्यटक स्थलों को देखने के लिए उनकी रोड़ों की जर्जर हालत और उनकी पगडंडियों के सुधार के लिए।
राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ का मां नर्मदा की दार्शनिक स्थलों का सीधा प्रसारण आज का बुलेटिन मां नर्मदा को समर्पित । विश्व का सबसे बड़ा पर्यटक स्थल अमरकंटक जो प्रकृतिक सौंदर्य की छठ ओड हुए हैं। जन जंगल जमीन अपार भंडार होने के बाद । धिक्कार है मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जो केंद्र में इस समय मंत्री हैं उन पर्यटक स्थलों पर रोड़ों का निर्माण नहीं करवाया ।वहीं वर्तमान मुख्यमंत्री मोहन यादव गंगा मां के गुण गाते फिरते हैं। लेकिन पगडंडिया सीमेंटेड नहीं बनवा पा रहे हैं। वही यहां की आदिवासी सांसद का भी ध्यान नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गंगा के भक्ति है मां जमुना के भक्ति है मां नर्मदा के भक्ति है । इतने बड़े तीर्थराज को वह क्यों नहीं डवलप करवा पा रहे हैं। जैन समाज के अरबपति करोड़पति राजनेता सांसद विधायक और केंद्र में मंत्री पीयूष गोयल क्यों नहीं कर पा रहे अमरकंटक तीर्थ स्थल का प्रधानमंत्री से कहकर विकास। इस विश्व विख्यात भगवान आदिनाथ के सर्वोदय तीर्थ के और मां नर्मदा के उद्गम के और अन्य पर्यटक स्थलों को देखने के लिए उनकी रोड़ों की जर्जर हालत और उनकी पगडंडियों के सुधार के लिए।
- राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ का मां नर्मदा की दार्शनिक स्थलों का सीधा प्रसारण आज का बुलेटिन मां नर्मदा को समर्पित । विश्व का सबसे बड़ा पर्यटक स्थल अमरकंटक जो प्रकृतिक सौंदर्य की छठ ओड हुए हैं। जन जंगल जमीन अपार भंडार होने के बाद । धिक्कार है मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जो केंद्र में इस समय मंत्री हैं उन पर्यटक स्थलों पर रोड़ों का निर्माण नहीं करवाया ।वहीं वर्तमान मुख्यमंत्री मोहन यादव गंगा मां के गुण गाते फिरते हैं। लेकिन पगडंडिया सीमेंटेड नहीं बनवा पा रहे हैं। वही यहां की आदिवासी सांसद का भी ध्यान नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गंगा के भक्ति है मां जमुना के भक्ति है मां नर्मदा के भक्ति है । इतने बड़े तीर्थराज को वह क्यों नहीं डवलप करवा पा रहे हैं। जैन समाज के अरबपति करोड़पति राजनेता सांसद विधायक और केंद्र में मंत्री पीयूष गोयल क्यों नहीं कर पा रहे अमरकंटक तीर्थ स्थल का प्रधानमंत्री से कहकर विकास। इस विश्व विख्यात भगवान आदिनाथ के सर्वोदय तीर्थ के और मां नर्मदा के उद्गम के और अन्य पर्यटक स्थलों को देखने के लिए उनकी रोड़ों की जर्जर हालत और उनकी पगडंडियों के सुधार के लिए।1
- डूंगरपुर। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जन्मोत्सव 'रामनवमी' के अवसर पर आज पूरा डूंगरपुर शहर राममय नजर आया। डूंगरपुर शहर सहित कस्बों में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें भक्ति, उत्साह और उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिला। बादल महल से शुरू हुई यह शोभायात्रा पुराने शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरी। भगवा रंग के वस्त्र धारण किए हजारों युवा डीजे की धुन और भगवान श्री राम के भजनों पर झूमते हुए नजर आए। शोभायात्रा में शामिल विभिन्न धार्मिक झांकियां आकर्षण का केंद्र बनीं, वहीं नन्हे-मुन्ने बच्चे भगवान के मनमोहक स्वरूपों में सजकर सभी का मन मोह रहे थे। इस भव्य आयोजन में महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे शहर की गलियां जय श्री राम के नारों से गूंज उठा। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा जगह-जगह कड़े बंदोबस्त किए गए थे। शोभायात्रा शांतिपूर्ण तरीके से विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः बादल महल पहुंचकर संपन्न हुई।1
- भीलूड़ा में रामनवमी पर उमड़ा आस्था का सैलाब, रघुनाथ मंदिर में भव्य आयोजन डूंगरपुर जिले के भीलूड़ा गांव में रामनवमी का पर्व इस वर्ष भी पूरे श्रद्धा, उत्साह और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। वागड़ अयोध्या के नाम से प्रसिद्ध इस गांव के प्राचीन रघुनाथ मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल देखने को मिला। रामनवमी के पावन अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। जैसे ही भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का समय आया, पूरा मंदिर परिसर “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा। प्रभु श्री रघुनाथ जी की प्रतिमा का आकर्षक श्रृंगार किया गया, वहीं मंदिर को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से भव्य रूप से सजाया गया था। दोपहर में महाआरती का आयोजन किया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई। इस दौरान डूंगरपुर, बांसवाड़ा सहित पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान श्रीराम के दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर समिति और ग्रामवासियों के सहयोग से पूरे आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम से क्षेत्र में सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।1
- बांसिया गांव में रावला परिसर में चल रही संगीतमय राम कथा के छठे दिन बुधवार को भरत मिलाप का मार्मिक प्रसंग सुनाया गया। कथा के दौरान राम वनवास, राजा दशरथ की मृत्यु और भरत के त्याग व समर्पण की कथा ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। बांसिया में आयोजित संगीतमय राम कथा के छठे दिन व्यासपीठ से पूज्य श्याम महाराज ने रामायण के अत्यंत भावुक प्रसंग ‘भरत मिलाप’ का विस्तार से वर्णन किया। कथा में बताया गया कि जब भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण वनवास के लिए अयोध्या से प्रस्थान करते हैं, तो उनके वियोग में अयोध्या नगरी शोक में डूब जाती है। इस दुःखद परिस्थिति में राजा दशरथ अपने प्रिय पुत्र राम के वियोग को सहन नहीं कर पाते और अंततः उनका देहांत हो जाता है। श्याम महाराज ने कहा कि जब भरत को इस घटना का पता चलता है, तो वे अत्यंत दुखी होकर राम को वापस अयोध्या लाने के लिए वन की ओर प्रस्थान करते हैं। भरत का अपने बड़े भाई के प्रति प्रेम, सम्मान और समर्पण आज के समाज के लिए एक आदर्श उदाहरण है। कथा में आगे बताया गया कि भरत ने भगवान राम से अयोध्या लौटकर राज्य संभालने की विनती की, लेकिन भगवान राम ने पिता की आज्ञा और वचन पालन को सर्वोपरि मानते हुए वनवास पूरा करने का निर्णय दोहराया। इस पर भरत ने राम की चरण पादुका मांगकर उन्हें अयोध्या की राजगद्दी पर स्थापित किया और स्वयं एक सेवक की भांति राज्य का संचालन किया। व्यासपीठ से श्याम महाराज ने बताया कि यह प्रसंग हमें सिखाता है कि जीवन में कर्तव्य, वचनबद्धता और परिवार के प्रति समर्पण सबसे बड़ा धर्म है। आज के समय में जब रिश्तों में स्वार्थ बढ़ रहा है, ऐसे में भरत और राम का आदर्श जीवन हमें त्याग, प्रेम और मर्यादा का मार्ग दिखाता है। कथा के दौरान बीच-बीच में प्रस्तुत मधुर भजनों ने वातावरण को पूर्ण रूप से राममय बना दिया, जिससे श्रद्धालु भक्ति में लीन हो गए। छठे दिन की कथा के यजमान महिपाल सिंह चौहान बनकोडा रहे, जिन्होंने अपनी धर्मपत्नी के साथ विधिवत व्यासपीठ की पूजा-अर्चना की। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भक्ति भाव से कथा का रसपान किया।1
- धंबोला। सीता राम सेवा मंडल, धंबोला के तत्वावधान में रामजन्मोत्सव के पावन अवसर पर आयोजित दो दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम ने पूरे क्षेत्र को राममय बना दिया। 25 मार्च, बुधवार को प्रातः 9 बजे अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ हुआ, जो अगले दिन 26 मार्च को प्रातः 10 बजे पूर्णाहुति हवन, आरती एवं प्रसादी वितरण के साथ संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने पूरे समय भक्ति भाव से सहभागिता निभाई। 26 मार्च, गुरुवार को प्रातःकालीन धार्मिक वातावरण के बीच दोपहर 12:30 बजे राम नवमी पूजा, आरती एवं खीर प्रसाद वितरण किया गया। इसके पश्चात शाम 4 बजे सामूहिक सुंदरकांड पाठ का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। शाम 6 बजे भगवान श्रीराम की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसने पूरे नगर का वातावरण भक्तिमय कर दिया। शोभायात्रा में भजन-कीर्तन और जयकारों से वातावरण गूंज उठा। रात्रि 7:30 बजे बालकों को पारितोषिक वितरण, महाआरती एवं बूंदी के लड्डू का प्रसाद वितरण किया गया। इस आयोजन में विभिन्न सहयोगकर्ताओं का विशेष योगदान रहा। श्री बागेश्वर सेवा समिति द्वारा 25 किलोग्राम शक्कर के लड्डू का भोग अर्पित किया गया। खीर प्रसादी के यजमान भावेश गौरीशंकर पंड्या रहे। संजय प्रवीण चंद्र पंड्या द्वारा संपूर्ण फूलों की व्यवस्था की गई। दो दिवसीय आयोजन में शीतल पेय की व्यवस्था विपिन रमेश चंद्र पंड्या द्वारा की गई। साथ ही खुशी टेंट, धंबोला का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। पूरे आयोजन ने क्षेत्र में धार्मिक एकता, सामाजिक समरसता एवं सांस्कृतिक परंपराओं को सशक्त करने का संदेश दिया।1
- Post by Bherulal Damor1
- परिवहन विभाग कर रहा हे वाहनों की संघन जाँच 300 के करीब वाहनों को किया जब्त1
- राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ का लाइव। पवित्र पावनी मां नर्मदा के चरणों में नमन करते हुए। आज सुबह हमने अपना दिन का आगाज जैन समाज के विश्व विख्यात जैन तीर्थ मंदिर सर्वोदय धाम से किया। शांति धारा का लाइव कवरेज किया। हम यहां के विश्व विख्यात मंदिरों लाइव प्रसारण कर रहे। कल हमने मां नर्मदा की की उद्गम स्थान से लेकर मंदिर परिसर का लाइव प्रसारण दिखाया। आज सुबह 6:00 बजे सर्वोदय जैन तीर्थ स्थल पहुंचे वहां हमने भगवान आदिनाथ जी की शांति धारा का लाइव प्रसारण दिखाया। इसीलिए तो हमको हमारे पाठक आंखों पर बिठा रहते हैं ।और कहते हैं सबसे तेज सबसे विश्वसनीय अगर कोई चैनल है तो राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़।1