कोल्हान से 'नेशनल आदिवासी मीडिया एसोसिएशन (NAMA)' की शुरुआत, आदिवासी मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का लक्ष्य चाईबासा (पश्चिमी सिंहभूम)। कोल्हान की धरती से आदिवासी समाज की आवाज़ को सशक्त मंच प्रदान करने के उद्देश्य से नेशनल आदिवासी मीडिया एसोसिएशन (NAMA) की शुरुआत की गई है। हालांकि फिलहाल संगठन को आधिकारिक रूप नहीं दिया गया है, लेकिन इसकी प्रारंभिक घोषणा के साथ ही संगठन की रूपरेखा तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। चाईबासा स्थित MASKAL न्यूज के कार्यालय सह स्टूडियो में आयोजित बैठक के दौरान डिजिटल मीडिया से जुड़े ब्लास्टर केराई (पब्लिक एक्शन न्यूज) ने कहा कि बहुत जल्द कोल्हान से NAMA की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। इसके साथ ही संगठन की जानकारी एवं उद्देश्य से संबंधित लिखित आवेदन कोल्हान के सभी प्रशासनिक अधिकारियों को भी सौंपा जाएगा। ब्लास्टर केराई ने कहा कि NAMA का मुख्य उद्देश्य आदिवासी समाज से जुड़े उन मुद्दों और आवाज़ों को सामने लाना है, जो अब तक विभिन्न कारणों से दबे रह गए हैं। संगठन आदिवासी समुदाय के अधिकार, संस्कृति, परंपरा, शिक्षा, स्वास्थ्य, जल-जंगल-जमीन और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में एक व्यापक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें कोल्हान सहित विभिन्न क्षेत्रों के आदिवासी मीडिया से जुड़े पत्रकारों एवं डिजिटल मीडिया कर्मियों को आमंत्रित कर संगठन से जोड़ा जाएगा। उनका मानना है कि एक मजबूत मीडिया मंच के माध्यम से आदिवासी समाज की वास्तविक समस्याओं और उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकेगा।
कोल्हान से 'नेशनल आदिवासी मीडिया एसोसिएशन (NAMA)' की शुरुआत, आदिवासी मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का लक्ष्य चाईबासा (पश्चिमी सिंहभूम)। कोल्हान की धरती से आदिवासी समाज की आवाज़ को सशक्त मंच प्रदान करने के उद्देश्य से नेशनल आदिवासी मीडिया एसोसिएशन (NAMA) की शुरुआत की गई है। हालांकि फिलहाल संगठन को आधिकारिक रूप नहीं दिया गया है, लेकिन इसकी प्रारंभिक घोषणा के साथ ही संगठन की रूपरेखा तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। चाईबासा स्थित MASKAL न्यूज के कार्यालय सह स्टूडियो में आयोजित बैठक के दौरान डिजिटल मीडिया से जुड़े ब्लास्टर केराई (पब्लिक एक्शन न्यूज) ने कहा कि बहुत जल्द कोल्हान से NAMA की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। इसके साथ ही संगठन की जानकारी एवं उद्देश्य से संबंधित लिखित आवेदन कोल्हान के सभी प्रशासनिक अधिकारियों को भी सौंपा जाएगा। ब्लास्टर केराई ने कहा कि NAMA का मुख्य उद्देश्य आदिवासी समाज से जुड़े उन मुद्दों और आवाज़ों को सामने लाना है, जो अब तक विभिन्न कारणों से दबे रह गए हैं। संगठन आदिवासी समुदाय के अधिकार, संस्कृति, परंपरा, शिक्षा, स्वास्थ्य, जल-जंगल-जमीन और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में एक व्यापक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें कोल्हान सहित विभिन्न क्षेत्रों के आदिवासी मीडिया से जुड़े पत्रकारों एवं डिजिटल मीडिया कर्मियों को आमंत्रित कर संगठन से जोड़ा जाएगा। उनका मानना है कि एक मजबूत मीडिया मंच के माध्यम से आदिवासी समाज की वास्तविक समस्याओं और उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकेगा।
- कोल्हान से 'नेशनल आदिवासी मीडिया एसोसिएशन (NAMA)' की शुरुआत, आदिवासी मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का लक्ष्य चाईबासा (पश्चिमी सिंहभूम)। कोल्हान की धरती से आदिवासी समाज की आवाज़ को सशक्त मंच प्रदान करने के उद्देश्य से नेशनल आदिवासी मीडिया एसोसिएशन (NAMA) की शुरुआत की गई है। हालांकि फिलहाल संगठन को आधिकारिक रूप नहीं दिया गया है, लेकिन इसकी प्रारंभिक घोषणा के साथ ही संगठन की रूपरेखा तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। चाईबासा स्थित MASKAL न्यूज के कार्यालय सह स्टूडियो में आयोजित बैठक के दौरान डिजिटल मीडिया से जुड़े ब्लास्टर केराई (पब्लिक एक्शन न्यूज) ने कहा कि बहुत जल्द कोल्हान से NAMA की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। इसके साथ ही संगठन की जानकारी एवं उद्देश्य से संबंधित लिखित आवेदन कोल्हान के सभी प्रशासनिक अधिकारियों को भी सौंपा जाएगा। ब्लास्टर केराई ने कहा कि NAMA का मुख्य उद्देश्य आदिवासी समाज से जुड़े उन मुद्दों और आवाज़ों को सामने लाना है, जो अब तक विभिन्न कारणों से दबे रह गए हैं। संगठन आदिवासी समुदाय के अधिकार, संस्कृति, परंपरा, शिक्षा, स्वास्थ्य, जल-जंगल-जमीन और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में एक व्यापक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें कोल्हान सहित विभिन्न क्षेत्रों के आदिवासी मीडिया से जुड़े पत्रकारों एवं डिजिटल मीडिया कर्मियों को आमंत्रित कर संगठन से जोड़ा जाएगा। उनका मानना है कि एक मजबूत मीडिया मंच के माध्यम से आदिवासी समाज की वास्तविक समस्याओं और उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकेगा।1
- देख लो सीबीआई का नंबर है निडर रहो जहां पुलिस प्रशासन न माने बात घूस की हो बात तो आप CBl से संपर्क करें घुस रिश्वत जैसे क्राइम को जड़ से खत्म करना है आपकी पहचान गुप्त रखी जाएगी आपका एक कदम घुस रिश्वत जैसे क्राइम को खत्म कर सकता है जय🇮🇳 हिंद1
- झारखण्ड जतरा 2026: मोरहाबादी मैदान में 9 अगस्त से बिखरेगी आदिवासी संस्कृति की छटा, 33 जनजातियों का होगा महासंगम रांची (06/08/2026): झारखण्ड की समृद्ध आदिवासी विरासत और लोक कला को वैश्विक मंच देने के लिए राजधानी रांची का ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान एक बार फिर पूरी तरह तैयार है। आगामी 9 और 10 अगस्त 2026 को यहाँ भव्य 'झारखण्ड जतरा 2026' (झारखण्ड आदिवासी महोत्सव) का आयोजन होने जा रही है। इस दो दिवसीय महाउत्सव को लेकर राज्य में "मांदर की गूंज, ढोल की थाप, झारखण्ड की संस्कृति की अमिट छाप..." का उत्साह चारों ओर देखा जा सकता है। 6,000 कलाकार बिखेरेंगे लोक कला का जादू प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस वर्ष आयोजन को अब तक का सबसे बड़ा स्वरूप दिया जा रहा है। महोत्सव में झारखण्ड की 33 जनजातियों का सांस्कृतिक संगम देखने को मिलेगा। इस ऐतिहासिक समागम में राज्यभर से आए 6,000 से अधिक लोक कलाकार अपनी पारंपरिक वेशभूषा में अद्भुत और मनमोहक प्रस्तुतियां देंगे। कलाकारों द्वारा पेश किए जाने वाले पारंपरिक नृत्य और संगीत के माध्यम से आगंतुकों को सदियों पुरानी जनजातीय परंपराओं को करीब से महसूस करने का अवसर मिलेगा। प्रमुख आकर्षण जिन पर रहेंगी सबकी नजरें विरासत और आधुनिकता के इस मेल में दर्शकों के लिए कई खास इंतजाम किए गए हैं: सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: छऊ, संथाली, मुंडारी, और उरांव जैसे पारंपरिक लोक नृत्यों का भव्य प्रदर्शन। कला और शिल्प प्रदर्शनी: जनजातीय कलाकारों द्वारा निर्मित बांस कला, डोकरा मेटल क्राफ्ट और सोहराई पेंटिंग्स के लाइव स्टॉल्स। परंपरिक खान-पान (ट्राइबल फूड): आगंतुक यहाँ धुस्का-चना, छिलका रोटी, रुगड़ा और पारंपरिक पीठा जैसे लजीज स्थानीय व्यंजनों का स्वाद चख सकेंगे। साहित्यिक गोष्ठी: आदिवासी भाषा, साहित्य और उनकी समृद्ध ऐतिहासिक पहचान को सहेजने पर देश-विदेश के विशेषज्ञों की परिचर्चा। तैयारियों का जायजा, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम 9 अगस्त को मनाए जाने वाले 'विश्व आदिवासी दिवस' के विशेष अवसर पर आयोजित होने वाले इस मेले को लेकर मोरहाबादी मैदान में युद्ध स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। बड़े-बड़े वाटरप्रूफ पंडाल और भव्य स्टेज का निर्माण अंतिम चरण में है। जिला प्रशासन ने दर्शकों की भारी भीड़ को देखते हुए यातायात रूट में बदलाव और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। आयोजन समिति ने राज्य के साथ-साथ देश-विदेश के पर्यटकों को आमंत्रित करते हुए कहा है, "आइए और शामिल हो जाइए आदिवासी विरासत और परंपरा के इस महाउत्सव में"। यह आयोजन केवल एक मेला नहीं, बल्कि झारखण्ड की माटी की खुशबू और पहचान को महसूस करने का एक अभूतपूर्व जरिया है।1
- *◆ विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 : मतदाता सूची के प्रारूप का हुआ प्रकाशन* *◆ मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांचें : उपायुक्त मो० जावेद हुसैन* *◆ विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 : मतदाता सूची के प्रारूप का हुआ प्रकाशन* *◆ मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांचें : उपायुक्त मो० जावेद हुसैन* खूंटी : भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 (Special Intensive Revision-2026) के तहत आज राज्य सहित खूंटी जिला के सभी विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची के प्रारूप (Draft Electoral Roll) का प्रकाशन कर दिया गया है। उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी मो० जावेद हुसैन ने जिले के सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे प्रकाशित मतदाता सूची के प्रारूप में अपना नाम, पता एवं अन्य विवरण का अवश्य मिलान कर लें। जिन पात्र भारतीय नागरिकों का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं है वे फॉर्म 6 एवं घोषणा पत्र भरकर अवश्य मतदाता सूची से जुड़े। मतदाता अपने नाम की जांच ऑनलाइन भी कर सकते हैं। उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार है। प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में सही एवं अद्यतन रूप में दर्ज होना आवश्यक है। उन्होंने सभी मतदाताओं से अपील की कि वे स्वयं अपना नाम जांचने के साथ-साथ अपने परिवार के सदस्यों का नाम भी मतदाता सूची में सुनिश्चित करें तथा आवश्यकता होने पर समय पर दावा एवं आपत्ति दर्ज कराएं। उन्होंने सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (ERO), सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (AERO) एवं बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को निर्देश दिया है कि मतदाताओं को आवश्यक सहयोग प्रदान करें तथा दावा एवं आपत्ति से संबंधित सभी आवेदनों का नियमानुसार निष्पादन सुनिश्चित करें। ================== *#Team IPRD, Khunti*1
- मझगांव विधानसभा क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 को लेकर राजनीतिक दलों के साथ बैठक आयोजित चाईबासा: विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR)-2026 के सफल, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित क्रियान्वयन को लेकर अपर उपायुक्त सह निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (एआरओ), मझगांव विधानसभा क्षेत्र की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 05 अगस्त 2026 को किया जा चुका है। इसके बाद 05 अगस्त से 04 सितंबर 2026 तक दावा एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। निर्धारित प्रक्रिया के तहत सत्यापन एवं निष्पादन के बाद 07 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। अपर उपायुक्त सह एआरओ ने बताया कि 08-09 अगस्त तथा 22-23 अगस्त 2026 को सभी मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में प्रपत्र-6, 7 एवं 8 के माध्यम से नाम जोड़ने, विलोपन, संशोधन एवं स्थानांतरण से संबंधित आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 25 अगस्त से 04 सितंबर 2026 तक होम-टू-रोल वेरिफिकेशन अभियान चलाया जाएगा। वहीं 15 अगस्त 2026 को पंचायत भवनों में ग्राम सभाओं का आयोजन कर मतदाता सूची के संबंध में जागरूकता बढ़ाई जाएगी।1
- झारखंड में पेपर लीक की खबरों पर मंत्री इरफान अंसारी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने साफ कहा है कि राज्य में पेपर लीक नहीं हुआ है।1
- यहां विषय है कि ग्राम गीतिलपी पंचायत मेरोमहोनार की अंतर्गत आता है गीतहिल पे गांव में आज यह बैठक हुआ जो मुंडा मंकी के चुनाव को लेकर बैठक हुआ और यहां इस बात को फैसला न होने के कारण मुंडा मां की का चुनाव पेंडिंग रह गया इसे और अगला डेट बढ़ा दिया गया इसका चुनाव फिर कब किया जाएगा यह जनता या ग्राम नागरिकता की फैसला और उनका हाथ में है यह सरकार के पास पहुंच सके की वह लोग का कहना है कि जब पुराना कुर्सी नमक से है उसी को मुंडा का काम दिया जाएगा करके कहा है और गांव के लोगों का कहना है कि जो शिक्षित और एलिका पड़ी और समझदारी हो उसी को बनाना चाहते हैं जो कि हर समस्या को समाधान कर सके इस सरकार के पास पहुंचना चाहिए1
- छात्रों की आवाज स्पष्ट रूप से बता रही है कि यह बात सच है बड़े-बड़े पोस्ट बहारी लोगो को बिक्री का काम करती है यही कारण है घूसखोरी का और गरीब व्यक्तियों के ऊपर आत्याचार होने का यह लोग अपने मनमानी करते रहते हैं और करप्शन को बढ़ावा देते हैं1