छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित एमएमआई नारायणा हॉस्पिटल पर एक पीड़ित महिला ने इलाज के नाम पर "गोरखधंधा" करने और भारी अनियमितता का बेहद गंभीर आरोप लगाया है। अंबिकापुर की रहने वाली श्रीमती सुभद्रा गुप्ता ने एक वीडियो जारी कर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ न्याय की गुहार लगाई है। उनका आरोप है कि उनके पति के पास 15 लाख रुपये का इंश्योरेंस था, लेकिन अस्पताल ने बिना बताए बिल को बढ़ाकर 56 से 57 लाख रुपये तक पहुंचा दिया है। पीड़िता के अनुसार, उनके पति श्री भरत प्रसाद गुप्ता को गत 11 अप्रैल को पैरालिसिस का अटैक आया था, जिसके बाद उन्हें पहले अंबिकापुर के संजीवनी अस्पताल में भर्ती कराया गया और फिर 14 अप्रैल को रेफर कर रायपुर के एमएमआई नारायणा हॉस्पिटल लाया गया। महिला का आरोप है कि एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उनके पति के स्वास्थ्य में 1% भी सुधार नहीं हुआ है, जबकि बाहर से लगातार दवाइयां लाने के बावजूद अस्पताल का बिल लगातार बढ़ता ही जा रहा है। श्रीमती सुभद्रा गुप्ता ने रोते हुए मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया और कहा कि वे अब तक 30 लाख रुपये जमा कर चुकी हैं, लेकिन अस्पताल प्रशासन उन्हें डिस्चार्ज करने के लिए 25-26 लाख रुपये और मांग रहा है। 5 लाख रुपये का तुरंत इंतजाम करने की बात कहने पर भी मरीज को डिस्चार्ज नहीं किया जा रहा है और उन्हें जमीन व घर बेचने के लिए उकसाया जा रहा है, जिससे वे आत्महत्या करने तक को मजबूर हो रही हैं। पीड़िता ने छत्तीसगढ़ सरकार, स्वास्थ्य विभाग और जनता से तत्काल जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने और उनके पति को बिना शर्त डिस्चार्ज कराने की गुहार लगाई है। इस गंभीर मामले पर फिलहाल अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापार में तब्दील होने को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित एमएमआई नारायणा हॉस्पिटल पर एक पीड़ित महिला ने इलाज के नाम पर "गोरखधंधा" करने और भारी अनियमितता का बेहद गंभीर आरोप लगाया है। अंबिकापुर की रहने वाली श्रीमती सुभद्रा गुप्ता ने एक वीडियो जारी कर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ न्याय की गुहार लगाई है। उनका आरोप है कि उनके पति के पास 15 लाख रुपये का इंश्योरेंस था, लेकिन अस्पताल ने बिना बताए बिल को बढ़ाकर 56 से 57 लाख रुपये तक पहुंचा दिया है। पीड़िता के अनुसार, उनके पति श्री भरत प्रसाद गुप्ता को गत 11 अप्रैल को पैरालिसिस का अटैक आया था, जिसके बाद उन्हें पहले अंबिकापुर के संजीवनी अस्पताल में भर्ती कराया गया और फिर 14 अप्रैल को रेफर कर रायपुर के एमएमआई नारायणा हॉस्पिटल लाया गया। महिला का आरोप है कि एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उनके पति के स्वास्थ्य में 1% भी सुधार नहीं हुआ है, जबकि बाहर से लगातार दवाइयां लाने के बावजूद अस्पताल का बिल लगातार बढ़ता ही जा रहा है। श्रीमती सुभद्रा गुप्ता ने रोते हुए मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया और कहा कि वे अब तक 30 लाख रुपये जमा कर चुकी हैं, लेकिन अस्पताल प्रशासन उन्हें डिस्चार्ज करने के लिए 25-26 लाख रुपये और मांग रहा है। 5 लाख रुपये का तुरंत इंतजाम करने की बात कहने पर भी मरीज को डिस्चार्ज नहीं किया जा रहा है और उन्हें जमीन व घर बेचने के लिए उकसाया जा रहा है, जिससे वे आत्महत्या करने तक को मजबूर हो रही हैं। पीड़िता ने छत्तीसगढ़ सरकार, स्वास्थ्य विभाग और जनता से तत्काल जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने और उनके पति को बिना शर्त डिस्चार्ज कराने की गुहार लगाई है। इस गंभीर मामले पर फिलहाल अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापार में तब्दील होने को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
- छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित एमएमआई नारायणा हॉस्पिटल पर एक पीड़ित महिला ने इलाज के नाम पर "गोरखधंधा" करने और भारी अनियमितता का बेहद गंभीर आरोप लगाया है। अंबिकापुर की रहने वाली श्रीमती सुभद्रा गुप्ता ने एक वीडियो जारी कर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ न्याय की गुहार लगाई है। उनका आरोप है कि उनके पति के पास 15 लाख रुपये का इंश्योरेंस था, लेकिन अस्पताल ने बिना बताए बिल को बढ़ाकर 56 से 57 लाख रुपये तक पहुंचा दिया है। पीड़िता के अनुसार, उनके पति श्री भरत प्रसाद गुप्ता को गत 11 अप्रैल को पैरालिसिस का अटैक आया था, जिसके बाद उन्हें पहले अंबिकापुर के संजीवनी अस्पताल में भर्ती कराया गया और फिर 14 अप्रैल को रेफर कर रायपुर के एमएमआई नारायणा हॉस्पिटल लाया गया। महिला का आरोप है कि एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उनके पति के स्वास्थ्य में 1% भी सुधार नहीं हुआ है, जबकि बाहर से लगातार दवाइयां लाने के बावजूद अस्पताल का बिल लगातार बढ़ता ही जा रहा है। श्रीमती सुभद्रा गुप्ता ने रोते हुए मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया और कहा कि वे अब तक 30 लाख रुपये जमा कर चुकी हैं, लेकिन अस्पताल प्रशासन उन्हें डिस्चार्ज करने के लिए 25-26 लाख रुपये और मांग रहा है। 5 लाख रुपये का तुरंत इंतजाम करने की बात कहने पर भी मरीज को डिस्चार्ज नहीं किया जा रहा है और उन्हें जमीन व घर बेचने के लिए उकसाया जा रहा है, जिससे वे आत्महत्या करने तक को मजबूर हो रही हैं। पीड़िता ने छत्तीसगढ़ सरकार, स्वास्थ्य विभाग और जनता से तत्काल जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने और उनके पति को बिना शर्त डिस्चार्ज कराने की गुहार लगाई है। इस गंभीर मामले पर फिलहाल अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापार में तब्दील होने को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।1
- धार्मिक आस्था और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच टकराव का एक नया मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवती काली मां का रूप धारण कर बिना वस्त्र नृत्य करती दिखाई दे रही है। इस वीडियो के सामने आते ही इंटरनेट पर तीखी प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है और देखते ही देखते यह मुद्दा एक राष्ट्रीय बहस का विषय बन गया है। इस वीडियो में दिखाए गए दृश्य काफी संवेदनशील हैं। इस पूरे मामले को लेकर यह स्पष्ट किया गया है कि किसी भी धर्म, आस्था या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई उद्देश्य नहीं है।1
- केसीजी जिले के छुईखदान थाना पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत ग्राम खैरी में एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने अवैध रूप से गांजा बेचने के आरोप में 50 वर्षीय भारत मरकाम उर्फ नंदू को गिरफ्तार किया है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने ग्राम खैरी के मुख्य मार्ग पर स्थित कचरा शेड के पास घेराबंदी कर आरोपी को दबोचा। पूछताछ और तलाशी के दौरान आरोपी के पास मौजूद क्रीम रंग के थैले से 114 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से गांजे के साथ-साथ बिक्री के ₹350 नगद सहित कुल ₹3,150 का मशरूका जब्त किया है। इस मामले में आरोपी के खिलाफ छुईखदान थाने में अपराध क्रमांक 257/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर उपजेल सलोनी भेज दिया गया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।1
- रायपुर के राज टॉकीज ने टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग और अपने व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए आवश्यक जानकारी और लिंक साझा किए हैं। टॉकीज के लिए ऑनलाइन टिकट बुक माय शो (BookMyShow) के माध्यम से बुक किए जा सकते हैं। इसके साथ ही, राज टॉकीज ने संपर्क के लिए फोन नंबर 0771-2229223 भी जारी किया है। टॉकीज प्रशासन ने लोगों से उनके आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल होने और दूसरों को भी जोड़ने के लिए लिंक साझा करने की अपील की है।1
- खैरागढ़ के पिपलाकछार में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही के कारण खेत में काम कर रहे 50 वर्षीय किसान धनसाय पटेल की करंट लगने से मौत हो गई, जबकि दो अन्य ग्रामीण घायल हो गए। यह हादसा बुधवार दोपहर का है, जब धनसाय अन्य मजदूरों के साथ खेत में धान की रोपाई कर रहे थे। दरअसल, खेत के पास बिजली का एक तार पिछले दो महीनों से टूटा पड़ा था, जो अनजाने में खेत के झटका तार से छू रहा था। रोपाई के दौरान चंपा साहू नामक महिला इस तार की चपेट में आ गई। उसे बचाने के लिए खेत मालिक का बेटा सीमन साहू दौड़ा और वह भी करंट की चपेट में आ गया। इसके बाद दोनों को बचाने पहुंचे धनसाय पटेल को करंट का जोरदार झटका लगा और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। बाद में एक अन्य युवक ने लकड़ी की मदद से तीनों को अलग किया। इस हादसे से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले दो महीनों से इस टूटे तार की कई बार लिखित और मौखिक शिकायत की गई थी, लेकिन विभाग ने सुध नहीं ली। हादसे के तुरंत बाद जब बिजली विभाग की टीम तार ठीक करने पहुँची, तो आक्रोशित ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और "मौत के बाद जागने" का आरोप लगाते हुए जेई (JE) कार्यालय का घेराव किया। मौके पर पहुँची पुलिस ने ग्रामीणों को शांत कराया। वर्तमान में घायल सीमन और चंपा का इलाज सिविल अस्पताल में जारी है और ग्रामीण लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।2
- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में डॉ. रमन सिंह ने कोरकोट्टी के शहीदों को नमन किया है। इसके साथ ही उन्होंने उमर अब्दुल्ला के बयान पर भी कड़ा पलटवार किया। डॉ. रमन सिंह ने उमर अब्दुल्ला पर निशाना साधते हुए कहा कि वे पहले अपनी पार्टी संभालें।1
- रायपुर जिले के आरंग विकासखंड के खरोरा क्षेत्र में चार दिन पहले हुई भारी वर्षा के कारण कई गांवों के खेतों में जलभराव हो गया है। पानी भरने की वजह से खेतों में धान के बीजों का अंकुरण प्रभावित होकर पूरी तरह नष्ट हो गया है। इस नुकसान के कारण किसानों को अब अपने खेतों में दोबारा धान की बुवाई करनी पड़ रही है। वर्तमान में क्षेत्र में दोबारा धान की बुवाई का कार्य तेजी से किया जा रहा है, जबकि जिन स्थानों पर स्थिति अनुकूल है, वहां किसान थरहा (धान की रोपाई) का काम कर रहे हैं। जावा रायपुर के सुनील नायक ने बताया कि इस भारी बारिश के कारण किसानों को अतिरिक्त खर्च का बोझ उठाकर दोबारा बुवाई करनी पड़ रही है। फिलहाल, किसान मौसम के अनुकूल रहने की उम्मीद के साथ खेती-किसानी के काम में जुटे हुए हैं।4
- मध्यप्रदेश के सतना जिले में एक निलंबित इंजीनियर के वायरल वीडियो ने सरकारी सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वित्तीय अनियमितता के आरोपों में पहले ही सस्पेंड हो चुके इंजीनियर सतीश समेले ने इस वीडियो के जरिए विभाग में चल रहे भ्रष्टाचार को लेकर बड़ा खुलासा किया है, जिससे पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो में सतीश समेले ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि पंचायत से लेकर भोपाल तक कमीशन का खेल चलता है। उन्होंने दावा किया कि विभाग में बाकायदा "सूटकेस" सिस्टम काम करता है और इंजीनियरों से केवल "वसूली एजेंट" के रूप में काम करवाया जाता है। बंदूक लेकर निरीक्षण पर जाने वाले इस अधिकारी के इस बेबाक बयान ने भ्रष्टाचार की पोल खोलकर रख दी है। इस खुलासे के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। संजय पटेल (Sanjay Patel) नाम के एक यूजर ने अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए लिखा कि एक सामान्य व्यक्ति अगर 10 रुपये का हेरफेर करे तो उसे चोरी माना जाता है, और ये लोग प्रतिष्ठा के अगुवा बने फिर रहे हैं; इस सिस्टम को फेल करने वालों को फांसी की सजा होनी चाहिए। इस पूरे मामले पर फिलहाल शासन-प्रशासन की ओर से कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1