पंचायत समिति के सामने रोड पर सांडों की लड़ाई से अफरा-तफरी, आधे घंटे तक लगा रहा जाम हरनावदाशाहजी- छीपाबड़ौद कस्बे में पंचायत समिति कार्यालय के सामने सांडों के बीच अचानक हुई लड़ाई से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सांडों की भिड़ंत के चलते सड़क पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। इस दौरान सांडों को अलग करने के लिए लोगों द्वारा चार से पांच पानी के कम्प्रेसर की फुहार लगाकर पानी की तेज बौछारें की गईं, लेकिन इसके बावजूद सांडों की लड़ाई नहीं रुकी। करीब 30 मिनट तक दोनों सांड आपस में लड़ते रहे, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों में दहशत का माहौल बना रहा। इस दौरान एक बाइक को भी सांडों ने निशाना बना दिया, जिससे बाइक क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ। काफी मशक्कत के बाद सांडों को सड़क से हटाया जा सका, तब जाकर यातायात सुचारू हुआ। स्थानीय लोगों ने कस्बे में घूम रहे आवारा पशुओं पर नियंत्रण की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
पंचायत समिति के सामने रोड पर सांडों की लड़ाई से अफरा-तफरी, आधे घंटे तक लगा रहा जाम हरनावदाशाहजी- छीपाबड़ौद कस्बे में पंचायत समिति कार्यालय के सामने सांडों के बीच अचानक हुई लड़ाई से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सांडों की भिड़ंत के चलते सड़क पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या
में लोग जमा हो गए। इस दौरान सांडों को अलग करने के लिए लोगों द्वारा चार से पांच पानी के कम्प्रेसर की फुहार लगाकर पानी की तेज बौछारें की गईं, लेकिन इसके बावजूद सांडों की लड़ाई नहीं रुकी। करीब 30 मिनट तक दोनों सांड आपस में लड़ते रहे, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों में दहशत का माहौल बना रहा। इस दौरान एक बाइक को भी
सांडों ने निशाना बना दिया, जिससे बाइक क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ। काफी मशक्कत के बाद सांडों को सड़क से हटाया जा सका, तब जाकर यातायात सुचारू हुआ। स्थानीय लोगों ने कस्बे में घूम रहे आवारा पशुओं पर नियंत्रण की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
- Samudra manthan pranayam at the1
- हरनावदाशाहजी. क्षेत्र में गत दिनों गिरी मावठ के साथ चली तेज हवाओं ने रबी की फसलों में व्यापक नुकसान पंहुचाया। खासकर सालरखो , रतनपुरिया एवं फूलबडौद के माळ में गेंहू की फसल में सर्वाधिक नुकसान हुआ है जबकि कई जगह अफीम की फसल भी प्रभावित हुई। गेंहू की फसल में बालियां आने लगी थी जो पूरी तरह पकी भी नही लेकिन उससे पहले आई आपदा ने फसल को तहस नहस कर दिया। खेत में फसल के बिछोने लग गए जिससे पैदावार प्रभावित होगी। इस नुकसान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी. आइए सुनते हैं उन्ही की जुबानी..2
- मौखमपुरा मण्डल का विराट हिन्दू सम्मेलन कोहड़ी में सम्पन्न छीपाबड़ौद - मौखमपुरा मण्डल के तत्वावधान में कोहड़ी में विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य एवं प्रेरणादायी आयोजन सम्पन्न हुआ। सम्मेलन में क्षेत्रभर से आए श्रद्धालुओं, युवाओं एवं समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में सांस्कृतिक जागरूकता, एकता एवं सनातन मूल्यों के प्रति आस्था को सुदृढ़ करना रहा। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सेवा भारती के जिला संयोजक रामकिशन मालव ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि हिन्दू संस्कृति विश्व को मानवता, सेवा और संस्कारों का संदेश देती है। उन्होंने समाज में आपसी भाईचारे, सेवा भावना तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से अपने संस्कारों एवं परम्पराओं पर गर्व करने तथा समाजहित के कार्यों में आगे आने की प्रेरणा दी। सम्मेलन में कथा वाचक गोविन्द कृष्ण शास्त्री ने अपने ओजस्वी एवं भावपूर्ण प्रवचन से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने सनातन धर्म की महान परम्पराओं, धार्मिक ग्रंथों की शिक्षाओं एवं नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हिन्दू संस्कृति केवल पूजा-पद्धति नहीं बल्कि जीवन जीने की श्रेष्ठ शैली है, जो सदैव सत्य, करुणा और सेवा का मार्ग दिखाती है। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक भजनों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं समाज जागरण के संदेशों ने वातावरण को भक्तिमय एवं प्रेरणादायी बना दिया। सम्मेलन में समाज की एकता, संस्कारों की रक्षा तथा नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सम्मेलन का समापन राष्ट्र और समाज की उन्नति की मंगलकामनाओं के साथ हुआ। कार्यक्रम में संयोजक रामप्रसाद नागर एवं पवन तथा जिला प्रचार प्रमुख हरिसिंह गोचर उपस्थित रहें। Jitendra Kushwah Mob. 89699996272
- बारां शहर की लंका कॉलोनी स्थित उचित मूल्य दुकान पर राशन डीलर की लापरवाही खुलकर सामने आई है। नियमों के अनुसार सुबह खुलने वाली दुकान दोपहर 12 बजे तक भी नहीं खुली, जिससे सुबह 8 बजे से इंतजार कर रहे उपभोक्ता परेशान होते रहे। गर्मी में महिलाएं, बुजुर्ग और मजदूर वर्ग घंटों दुकान के बाहर बैठे रहे, लेकिन न तो राशन डीलर पहुंचा और न ही कोई सूचना दी गई। उपभोक्ताओं का कहना है कि यह कोई पहली बार नहीं है, राशन डीलर अक्सर मनमर्जी से दुकान खोलता है और समय की बिल्कुल परवाह नहीं करता। मामले की शिकायत एसडीएम को भी की गई, लेकिन इसके बावजूद जांच टीम मौके पर नहीं पहुंची। इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की उदासीनता के चलते राशन डीलरों की मनमानी बढ़ती जा रही है और गरीब व जरूरतमंद उपभोक्ता सबसे ज्यादा परेशान हो रहे हैं। गरीबों के हक के साथ खिलवाड़ नियमों की खुलेआम अनदेखी शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं अब सवाल यह है क्या प्रशासन इस मामले में सख्त कदम उठाएगा? या फिर उपभोक्ताओं की परेशानी यूं ही जारी रहेगी? आपकी आवाज़ = बदलाव कमेंट करें और प्रशासन का ध्यान इस ओर दिलाएं।1
- Post by Ramesh Kumar2
- गुना मे चोरों का आतंक केंट थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाली भगत सिंह कॉलोनी गिरधर शोरूम के सामने से खड़े दो ट्रकों से डीज़ल ट्रक की बैट्री चोरी, जिस क्षेत्र से ट्रैकों में चोरी की गई है उस जगह से चंद कदम की दूरी पर नाना खेड़ी पुलिस चौकी स्थित है परंतु चोरों के हौसले बुलाद दे रहे हैं चूड़ियों चोरिओ का अंजाम1
- मदागन माफी गांव मे क्रिकेट टूर्नामेंट का हुआ फाइनल,पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अर्चना बल्लू चौहान हुए शामिल,21000 रु की राशि पुरुस्कार के रूप मे की प्रदान1
- पंचायत समिति के सामने सांडों की लड़ाई से अफरा-तफरी, आधे घंटे तक लगा जाम छीपाबड़ौद- बुधवार को कस्बे में पंचायत समिति कार्यालय के सामने सांडों के बीच अचानक हुई भीषण लड़ाई से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सांडों की भिड़ंत के चलते सड़क पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। सांडों को अलग करने के लिए स्थानीय लोगों द्वारा चार से पांच पानी के कंप्रेसर लगाकर पानी की तेज बौछारें की गईं, लेकिन इसके बावजूद सांडों की लड़ाई नहीं रुकी। करीब 30 मिनट तक दोनों सांड आपस में लड़ते रहे, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों में दहशत का माहौल बना रहा। इस दौरान एक बाइक को भी सांडों ने निशाना बना दिया, जिससे बाइक क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ। काफी मशक्कत के बाद सांडों को सड़क से हटाया जा सका, तब जाकर यातायात सुचारू हुआ। स्थानीय लोगों ने कस्बे में घूम रहे आवारा पशुओं पर नियंत्रण की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।4