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प्रस्तुत तस्वीर में दो व्यक्ति दिखाई दे रहे हैं, जिनमें से एक को सभी लोग जानते हैं। पोस्ट में बताया गया है कि दूसरे व्यक्ति के बारे में एक 'कड़वा सच' सामने आएगा, जिसे 'बीजेपी का चेहरा' बताया गया है। पोस्ट में जोर दिया गया है कि यह कड़वा सच हर इंसान को जानना चाहिए।
रवि कुमार आजाद
प्रस्तुत तस्वीर में दो व्यक्ति दिखाई दे रहे हैं, जिनमें से एक को सभी लोग जानते हैं। पोस्ट में बताया गया है कि दूसरे व्यक्ति के बारे में एक 'कड़वा सच' सामने आएगा, जिसे 'बीजेपी का चेहरा' बताया गया है। पोस्ट में जोर दिया गया है कि यह कड़वा सच हर इंसान को जानना चाहिए।
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- पुलिस प्रशासन से की गई शिकायत के अनुसार, एक मस्जिद के इमाम ने दो बच्चों को मस्जिद में बुलाकर उनकी पिटाई की। वादी के चाचा का कहना है कि बच्चे अपने घर के सामने पटाखे फोड़ रहे थे, जबकि मस्जिद उनसे दूर थी। बच्चों के चाचा ने जब इमाम से इस बात पर आपत्ति जताई कि उन्होंने बिना किसी वजह के बच्चों को पीटा है, तो इमाम ने उन्हें 'बहुत बुरा-भला' कहा। इसके बाद, कुछ व्यक्तियों द्वारा वादी के घर पर चढ़ाई की गई। वादी का आरोप है कि इन लोगों ने उसे जान से मारने की धमकी दी और उसे तथा उसके परिवार वालों को मारने-पीटने आए थे। घर आकर उन्होंने वादी को धमकी दी कि वे उसे 'बीच से फाड़ देंगे', 'नाक से लकीर खिंचवा देंगे' और उसकी 'गर्दन उतार देंगे'। इस पूरे मामले में, वादी पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहा है।1
- प्रस्तुत तस्वीर में दो व्यक्ति दिखाई दे रहे हैं, जिनमें से एक को सभी लोग जानते हैं। पोस्ट में बताया गया है कि दूसरे व्यक्ति के बारे में एक 'कड़वा सच' सामने आएगा, जिसे 'बीजेपी का चेहरा' बताया गया है। पोस्ट में जोर दिया गया है कि यह कड़वा सच हर इंसान को जानना चाहिए।1
- महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में मूसलाधार बारिश के बाद आई भीषण बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है। चावणे स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के एलपीजी सिलेंडर गोदाम तक बाढ़ का पानी पहुँच गया, जिसके कारण तेज बहाव में वहाँ रखे करीब 1200 खाली गैस सिलेंडर बह गए। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में दर्जनों खाली गैस सिलेंडर बाढ़ के तेज बहाव में नदी में तैरते और बहते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। बताया गया है कि ये खाली सिलेंडर पानी के तीव्र प्रवाह की चपेट में आ गए थे। गौरतलब है कि कुछ ही महीने पहले इन्हीं एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति के लिए लोगों को लंबी-लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था, लेकिन अब वही सिलेंडर बाढ़ के पानी में बहते नजर आ रहे हैं।1
- लक्सर विधानसभा क्षेत्र के दरगाहपुर गाँव में विधायक निधि से हुए सड़क निर्माण कार्य को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। पूर्व राज्य मंत्री और लक्सर विकास समिति के अध्यक्ष रविंद्र सिंह आनंद ने इस मामले में कथित वित्तीय अनियमितताओं पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, कागजों में 205.50 मीटर सड़क दर्ज है, जबकि मौके पर केवल 170 मीटर सड़क ही मिली है। इस बड़ी विसंगति का मतलब है कि 35.50 मीटर सड़क गायब है। इस मामले में संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं। रविंद्र सिंह आनंद ने इस दरगाहपुर सड़क घोटाले पर तीखा हमला बोलते हुए सवाल उठाया है कि आखिर आगे क्या कार्रवाई हो सकती है और जनता के लिए यह प्रमुख सवाल बना हुआ है कि इस मामले की जांच में क्या सामने आएगा।1
- Post by Nitin kumar sharma ji1
- Post by Gurpreet Singh1
- मस्जिद के इमाम पर दो बच्चों को पीटने का गंभीर आरोप लगा है। वादी के परिवार के अनुसार, यह घटना तब हुई जब बच्चे अपने घर के सामने पटाखे चला रहे थे। बताया गया है कि इमाम ने उन बच्चों को पकड़ा, अपने हुजरे में बुलाकर उनकी पिटाई की। इसके बाद, बच्चों के चाचा ने इमाम से पूछा कि उन्होंने बच्चों को क्यों पीटा, जिस पर इमाम ने उन्हें बहुत बुरा-भला कहा। वादी सैयद मुकर्रम का कहना है कि इस घटना के बाद कुछ व्यक्तियों ने उनके घर पर चढ़ाई कर दी। वादी का आरोप है कि उन व्यक्तियों ने उनके बच्चों को जान से मारने की धमकी दी और उनके घर पर आकर मारपीट करने का प्रयास किया। धमकी देने वालों ने कथित तौर पर यह भी कहा, "तेरे बच्चों को हम बीच से फाड़ देंगे और तेरे से नाक से लकीर खिचवाऊंगा मैं।" इस पूरे मामले में वादी सैयद मुकर्रम ने पुलिस से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।1
- मानसून की पहली मूसलाधार बारिश ने देवबंद नगर पालिका के विकास और तैयारियों के बड़े-बड़े दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं, जिसके चलते पूरा शहर घुटनों तक गंदे पानी में डूबा एक टापू में तब्दील हो गया है। नालों की तली-झाड़ सफाई न होने से लोगों के घरों, रिहायशी इलाकों और मुख्य मार्गों पर दूषित व बदबूदार पानी भर गया है, जिससे स्थानीय लोगों का जीना मुहाल हो गया है। नियमों के अनुसार मानसून से पहले शहर के छोटे-बड़े सभी नालों की पूरी सफाई होनी चाहिए थी ताकि जलभराव की स्थिति न बने, लेकिन देवबंद के जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार गहरी नींद में सोए रहे। इसका परिणाम यह हुआ कि नालों में जमा भारी सिल्ट (मिट्टी) और मलबे के कारण पहली बारिश का पानी आगे नहीं बढ़ सका और वापस आकर घरों, रिहायशी इलाकों तथा मुख्य बाजारों में घुस गया। सड़कों पर बहते इस गंदे पानी ने न केवल नगर पालिका के दावों को धो डाला है, बल्कि व्यापारिक प्रतिष्ठानों और घरों को भारी नुकसान पहुंचाया है। आक्रोशित स्थानीय निवासियों ने इसे सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि नाला सफाई के नाम पर हुए सीधे भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। देवबंद की जनता अब प्रशासन से सीधा सवाल कर रही है कि मानसून की जानकारी होने के बावजूद समय पर मुकम्मल सफाई क्यों नहीं की गई और नाला सफाई के नाम पर पास हुए बजट का उपयोग कहां हुआ। इस नारकीय स्थिति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर एक्शन लेने की मांग की गई है। इसके साथ ही, सड़कों और गलियों में ठहरे इस गंदे पानी से संक्रामक बीमारियों और महामारी फैलने का खतरा भी मंडरा रहा है, जिसके चलते जनता ने जिला प्रशासन से लापरवाह अधिकारियों पर तुरंत सख्त से सख्त कार्रवाई करने, युद्धस्तर पर पंप लगाकर जल निकासी कराने और जलभराव वाले इलाकों में फॉगिंग व सैनिटाइजेशन सुनिश्चित करने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि इस भारी बदइंतजामी और जनता के आक्रोश पर जिले के आला अधिकारी क्या कड़ा एक्शन लेते हैं, या फिर हर बार की तरह इस बार भी कागजी जांच के पीछे सच को दबा दिया जाएगा।1