महिला आरक्षण बिल संसद में न पारित होने के विरोध में भाजपा द्वारा शुक्रवार को पलवल में प्रदर्शन किया गया और विपक्ष का पुतला फूंका। इस अवसर पर फरीदाबाद की मेयर श्रीमती प्रवीण बत्रा,जिला अध्यक्ष विपिन बैसला सहित पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद थे। पलवल फरीदाबाद की मेयर श्रीमती प्रवीण बत्रा ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के तहत भाजपा सरकार लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण बिल को पेश किया, लेकिन विपक्ष में इसके खिलाफ वोट कर महिलाओं के हक का अपमान किया। उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल का दिन भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जा सकता था लेकिन विपक्ष की साजिश के चलते वह दिन इतिहास का एक काला दिवस बन गया है। उन्होंने कहा कि संसद में जो हुआ वह सिर्फ एक विधेयक की हार नहीं थी बल्कि भारत की 70 करोड़ महिलाओं के सपनों पर सीधा प्रहार था। यह वह क्षण था जब देश ने साफ देखा कि कौन महिलाओं के सशक्तिकरण के साथ खड़ा है और कौन उनके रास्ते में बाधा बनकर खड़ा है। उन्होंने कहा कि संसद में जब नारी शक्ति के सम्मान में विधेयक गिरा ,कांग्रेस सहित तमाम इंडी दलों के सदस्यों ने जिस तरह जश्न मनाया वह अशोभनीय था यह देश की नारी शक्ति का अपमान है। प्रियंका वाड्रा ने बिल का गिरना संविधान की जीत है बताया था क्या नारी शक्ति का अपमान ही कांग्रेस,सपा,डीएमके और तृणमूल के लिए जीत है। कांग्रेस और उसके सहयोगियों का इतिहास महिलाओं के साथ छल और देरी का रहा है, 60 वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद उन्होंने महिलाओं को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया,लेकिन उन्हें वास्तविक राजनीतिक अधिकार देने की कभी गंभीर कोशिश नहीं की।
महिला आरक्षण बिल संसद में न पारित होने के विरोध में भाजपा द्वारा शुक्रवार को पलवल में प्रदर्शन किया गया और विपक्ष का पुतला फूंका। इस अवसर पर फरीदाबाद की मेयर श्रीमती प्रवीण बत्रा,जिला अध्यक्ष विपिन बैसला सहित पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद थे। पलवल फरीदाबाद की मेयर श्रीमती प्रवीण बत्रा ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के तहत भाजपा सरकार लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण बिल को पेश किया, लेकिन विपक्ष में इसके खिलाफ वोट कर महिलाओं के हक का अपमान किया। उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल का दिन भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जा सकता था लेकिन विपक्ष की साजिश के चलते वह दिन इतिहास का एक काला दिवस बन गया है। उन्होंने कहा कि संसद में जो हुआ वह सिर्फ एक विधेयक की हार नहीं थी बल्कि भारत की 70 करोड़ महिलाओं के सपनों पर सीधा प्रहार था। यह वह क्षण था जब देश ने साफ देखा कि कौन महिलाओं के सशक्तिकरण के साथ खड़ा है और कौन उनके रास्ते में बाधा बनकर खड़ा है। उन्होंने कहा कि संसद में जब नारी शक्ति के सम्मान में विधेयक गिरा ,कांग्रेस सहित तमाम इंडी दलों के सदस्यों ने जिस तरह जश्न मनाया वह अशोभनीय था यह देश की नारी शक्ति का अपमान है। प्रियंका वाड्रा ने बिल का गिरना संविधान की जीत है बताया था क्या नारी शक्ति का अपमान ही कांग्रेस,सपा,डीएमके और तृणमूल के लिए जीत है। कांग्रेस और उसके सहयोगियों का इतिहास महिलाओं के साथ छल और देरी का रहा है, 60 वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद उन्होंने महिलाओं को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया,लेकिन उन्हें वास्तविक राजनीतिक अधिकार देने की कभी गंभीर कोशिश नहीं की।
- पलवल फरीदाबाद की मेयर श्रीमती प्रवीण बत्रा ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के तहत भाजपा सरकार लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण बिल को पेश किया, लेकिन विपक्ष में इसके खिलाफ वोट कर महिलाओं के हक का अपमान किया। उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल का दिन भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जा सकता था लेकिन विपक्ष की साजिश के चलते वह दिन इतिहास का एक काला दिवस बन गया है। उन्होंने कहा कि संसद में जो हुआ वह सिर्फ एक विधेयक की हार नहीं थी बल्कि भारत की 70 करोड़ महिलाओं के सपनों पर सीधा प्रहार था। यह वह क्षण था जब देश ने साफ देखा कि कौन महिलाओं के सशक्तिकरण के साथ खड़ा है और कौन उनके रास्ते में बाधा बनकर खड़ा है। उन्होंने कहा कि संसद में जब नारी शक्ति के सम्मान में विधेयक गिरा ,कांग्रेस सहित तमाम इंडी दलों के सदस्यों ने जिस तरह जश्न मनाया वह अशोभनीय था यह देश की नारी शक्ति का अपमान है। प्रियंका वाड्रा ने बिल का गिरना संविधान की जीत है बताया था क्या नारी शक्ति का अपमान ही कांग्रेस,सपा,डीएमके और तृणमूल के लिए जीत है। कांग्रेस और उसके सहयोगियों का इतिहास महिलाओं के साथ छल और देरी का रहा है, 60 वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद उन्होंने महिलाओं को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया,लेकिन उन्हें वास्तविक राजनीतिक अधिकार देने की कभी गंभीर कोशिश नहीं की।1
- खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम रहे मुख्य अतिथि”1
- कन्हैया मित्तल की आवाज पलवल के समस्त भक्तों को सुनने को मिल रही है जी कन्हैया मित्तल ने सभी पलवल वासियों का मन मोह लिया है। हरियाणा सरकार में मंत्री श्री गौरव गौतम ने खाटू नरेश के पलवल में ही दर्शन कर दिए हैं।1
- Post by माथुर पत्रकार1
- आज अयोध्या से करनी सेना भारत के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री सनी सिंह ने मीडिया को संबोधित करते हुए एक महत्वपूर्ण बयान दिया। अपने संबोधन में सनी सिंह ने अखिल भारत हिन्दू महासभा को समर्थन देते हुए कहा कि महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. सिद्धार्थ उनके बड़े भाई समान हैं। उन्होंने आगे कहा कि “डॉ. सिद्धार्थ का सम्मान करना मतलब हमारा सम्मान करना , और उनका अपमान करना मतलब हमारा अपमान करना समान है।” सनी सिंह के इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अधिक जानकारी के लिए पूरी वीडियो देखें।1
- Post by Ranjana rathor1
- Post by Gulfamkhan3096@gmail.com1
- भारत के तीन प्रमुख संत जिन्होंने वैज्ञानिकों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया। नमबर एक, संत दादा गुरू, इन्होंने तीन साल से अन्न का एक दाना तक नहीं खाया है और एक साल से पानी का भी त्याग कर रखा है। नमबर दो, सत्य नारायन बाबा, इन महाराज जी ने करीब 24 सालों से भोजन का त्याग कर रखा है। कहा जाता है, इन्होंने अपनी जीब काट कर महादेव को चढ़ा दी थी। नमबर तीन, पूज्य दिनेश फलाहारी जी महाराज, पिछले कई वर्षों से अन्न त्याग और चपल त्याग के संकल्प पर अडिग, भीशन गर्मी हो या कडाके की सर्दी, न भोजन ग्रहन, न पादुका धारन, ये तप केवल त्याग नहीं, एक संकल्प है, जब तक श्री कृष्ण जन्मभूमि से ईदगाह मस्जिद नहीं हठती , तब तक ये तप निरंतर जारी रहेगा. एहि वह संत है जो श्री कृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में मुक्ख याचिका करता है. त्याग ही तप है और तप ही धर्म है. यह संदेश हमें ऐसे महान संतों से सीखने को मिलता है।1