मधेपुरा में NH पर कचरे का अंबार: नगर परिषद की ‘अस्थायी’ व्यवस्था से जनता बेहाल, प्रशासन बेपरवाह मधेपुरा-पूर्णियां एनएच पर मतनाजा पुल के पास कचरा डंपिंग ने मधेपुरा नगर परिषद की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे संवेदनशील और व्यस्त इलाके को कचरा फेंकने की जगह बना देना साफ तौर पर प्रशासनिक लापरवाही और अव्यवस्था को उजागर करता है। दिनभर वाहनों की आवाजाही वाले इस मार्ग पर सड़ते कचरे से उठती दुर्गंध, उड़ती गंदगी और फैलता प्रदूषण राहगीरों व स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत बन चुका है। स्थिति यह है कि पुल के आसपास रहना और गुजरना तक दूभर हो गया है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इसे “अस्थायी व्यवस्था” बताकर पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं। नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी तान्या कुमारी का कहना है कि स्थायी डंपिंग यार्ड में कंपोस्ट पिट और एमआरएफ का निर्माण जारी है और इसे पूरा होने में अभी एक से डेढ़ महीने का समय लगेगा। तब तक पुल के पास कचरा डंप किया जा रहा है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या बिना वैकल्पिक इंतजाम के एनएच किनारे कचरा फेंकना जायज है? क्या आम जनता की सेहत और सुविधा की कोई कीमत नहीं? यह “अस्थायी समाधान” अब लोगों के लिए स्थायी संकट बनता जा रहा है। बाइट - तान्या कुमारी, ईओ, मधेपुरा नगर परिषद
मधेपुरा में NH पर कचरे का अंबार: नगर परिषद की ‘अस्थायी’ व्यवस्था से जनता बेहाल, प्रशासन बेपरवाह मधेपुरा-पूर्णियां एनएच पर मतनाजा पुल के पास कचरा डंपिंग ने मधेपुरा नगर परिषद की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे संवेदनशील और व्यस्त इलाके को कचरा फेंकने की जगह बना देना साफ
तौर पर प्रशासनिक लापरवाही और अव्यवस्था को उजागर करता है। दिनभर वाहनों की आवाजाही वाले इस मार्ग पर सड़ते कचरे से उठती दुर्गंध, उड़ती गंदगी और फैलता प्रदूषण राहगीरों व स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत बन चुका है। स्थिति यह है कि पुल के आसपास रहना और गुजरना तक दूभर हो गया है, लेकिन
जिम्मेदार अधिकारी इसे “अस्थायी व्यवस्था” बताकर पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं। नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी तान्या कुमारी का कहना है कि स्थायी डंपिंग यार्ड में कंपोस्ट पिट और एमआरएफ का निर्माण जारी है और इसे पूरा होने में अभी एक से डेढ़ महीने का समय लगेगा। तब तक पुल के पास कचरा
डंप किया जा रहा है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या बिना वैकल्पिक इंतजाम के एनएच किनारे कचरा फेंकना जायज है? क्या आम जनता की सेहत और सुविधा की कोई कीमत नहीं? यह “अस्थायी समाधान” अब लोगों के लिए स्थायी संकट बनता जा रहा है। बाइट - तान्या कुमारी, ईओ, मधेपुरा नगर परिषद
- मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज प्रखंड क्षेत्र के परमानंदपुर में ग्लोबल फाउंडेशन ट्रस्ट के तत्वाधान में महिला सशक्तिकरण एवं महिला रोजगार को केंद्र में रखते हुए विशेष सर्वे अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य समाज की उन जरूरतमंद एवं बेसहारा युवतियों की पहचान करना था, जिनकी उम्र 21 वर्ष से अधिक है और जिनके सिर से पिता का साया उठ चुका है। सर्वे के दौरान कई ऐसी युवतियां चिन्हित की गईं, जिनकी शादी दहेज प्रथा के कारण अब तक नहीं हो सकी है। संस्था ने इसे सामाजिक कुरीति बताते हुए इसके उन्मूलन की आवश्यकता पर बल दिया। इस मौके पर संस्था की ओर से घोषणा की गई कि चिन्हित जरूरतमंद युवतियों के लिए सामूहिक विवाह योजना के तहत योग्य वर की तलाश कर उनकी शादी संपन्न कराई जाएगी। संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि ग्लोबल फाउंडेशन ट्रस्ट समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से निरंतर कार्य कर रहा है और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम जारी रहेंगे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने दहेज प्रथा के खिलाफ सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे न तो दहेज लेंगे और न ही देंगे। इस दौरान “हम बदलेंगे, हमारा समाज बदलेगा” का नारा भी दिया गया। कार्यक्रम में संस्था के डायरेक्टर डॉ. परवेज आलम, कोषाध्यक्ष श्रीमती जूली खातून एवं सचिव पत्रकार प्रिंस कुमार मिट्ठू सहित अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में समाज में समानता, सम्मान एवं नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।3
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- कुमारखंड। सीएचसी स्थित प्रभारी वैश्म में शुक्रवार को सीएचसी प्रभारी डॉ वरुण कुमार की अध्यक्षता में प्रखंड रोगी कल्याण समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में उपस्थित सदस्यों को पूर्व की बैठक में लिए गए प्रस्ताव पर हुई कार्रवाई की जानकारी बीएचएम कुमार धनंजय ने दी। साथ बताया गया कि कुछ प्रस्ताव अभी भी लंबित है जिसके उचित कारणों को बतलाया गया। बैठक में रोगी कल्याण समिति सदस्यों ने अलग अलग प्रस्ताव लिए और उसके क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक कार्रवाई करने को लेकर सीएचसी प्रभारी को अधिकृत किया। बैठक में लिए गए प्रस्ताव में स्वच्छ पेयजल को लेकर आरो प्याऊ के लिए स्थानीय पंचायत समिति एवं मुखिया एवं प्रखंड प्रमुख को आवेदन लिखने, सीएचसी परिसर के आगे में स्थित सभी दुकानदारों से भाड़ा वसूली के लिए नौटिस करने का निर्णय संबंधित प्रस्ताव लिया गया। इस दौरान प्रखंड क्षेत्र के चंडीस्थान में क्षतिग्रस्त स्वास्थ्य उपकेंद्र भवन को तोड़वा कर सुनिश्चित डाक करने से संबंधित प्रस्ताव लिया गया। बैठक में सदस्यों ने दो ममता के रिक्त पद पर पुनः बहाली करने का निर्णय लेने के सम्बन्ध में भी प्रस्ताव लिया। इसके अलावा सीएचसी के सीमांकन के लिए सीओ को पत्र लिखते हुए एसडीएम एवं डीएम को उसका एक एक प्रतिलिपि भेजने से संबंधित प्रस्ताव लिया गया। मौके पर एसटीएस राकेश रोशन कुमार ने सभी सदस्यों से प्रखंड क्षेत्र में वर्ल्ड टीबी डे 24 मार्च से चल रहे 100 दिन के टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधि से सहयोग करने एवं निक्षय मित्र बनने का आग्रह किया गया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में सहयोग दें और ऐसे मरीज को चिह्नित कर उन्हें अस्पताल भेजने के लिए प्रेरित करें। मौके पर सीएचसी प्रभारी ने कहा कि सभी सदस्य व पंचायत के जनप्रतिनिधि सभी पंचायत में चल रहे सर्वाइकल कैंसर से बचाव को लेकर वैक्सीनेशन कार्यक्रम में सहयोग दें। बैठक में जदयू प्रखंड अध्यक्ष संजय कुमार गांधी, रतन यादव, सरोज कुमारी, सपना कुमारी, नित्यानंद ऋषिदेव, प्राण कुमार, प्रमोद कुमार, बीएचएम कुमार धनंजय, बीसीएम उपेन्द्र कुमार अमर, ब्रह्मदेव कुमार, डीईओ मुजाहिद आलम, सैमसन कुमार, वीरेंद्र कुमार मौजूद थे।1
- सहरसा जिला के पचंगछिया रेलवे स्टेशन पर लंबे समय के इंतजार के बाद फुट ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू हो गया है… लेकिन इसके बावजूद यहां की समस्याएं अब भी खत्म होती नजर नहीं आ रही हैं। स्थानीय लोगों में खुशी के साथ-साथ नाराजगी भी देखने को मिल रही है… क्योंकि स्टेशन पर अब भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। बिजलपुर पंचायत के पूर्व मुखिया संजीव कुमार और युवा नेता राजू गुप्ता ने स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव की मांग उठाई है… उन्होंने रेल मंत्री से यहां सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग की है… ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके। राजू गुप्ता का कहना है कि स्टेशन पर ना तो शौचालय की समुचित व्यवस्था है… ना ही बैठने की सुविधा… इसके अलावा पार्किंग और टिकट काउंटर की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है… जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं संजीव कुमार ने स्टेशन की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है… उन्होंने यहां आरपीएफ की तैनाती की मांग की है… ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। फिलहाल फुट ओवरब्रिज का काम शुरू जरूर हुआ है… लेकिन इसकी रफ्तार धीमी बताई जा रही है… ऐसे में लोगों को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।1
- Post by Avinash Kumar1
- मधेपुरा-पूर्णियां एनएच पर मतनाजा पुल के पास कचरा डंपिंग ने मधेपुरा नगर परिषद की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे संवेदनशील और व्यस्त इलाके को कचरा फेंकने की जगह बना देना साफ तौर पर प्रशासनिक लापरवाही और अव्यवस्था को उजागर करता है। दिनभर वाहनों की आवाजाही वाले इस मार्ग पर सड़ते कचरे से उठती दुर्गंध, उड़ती गंदगी और फैलता प्रदूषण राहगीरों व स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत बन चुका है। स्थिति यह है कि पुल के आसपास रहना और गुजरना तक दूभर हो गया है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इसे “अस्थायी व्यवस्था” बताकर पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं। नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी तान्या कुमारी का कहना है कि स्थायी डंपिंग यार्ड में कंपोस्ट पिट और एमआरएफ का निर्माण जारी है और इसे पूरा होने में अभी एक से डेढ़ महीने का समय लगेगा। तब तक पुल के पास कचरा डंप किया जा रहा है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या बिना वैकल्पिक इंतजाम के एनएच किनारे कचरा फेंकना जायज है? क्या आम जनता की सेहत और सुविधा की कोई कीमत नहीं? यह “अस्थायी समाधान” अब लोगों के लिए स्थायी संकट बनता जा रहा है। बाइट - तान्या कुमारी, ईओ, मधेपुरा नगर परिषद4