सुपरफास्ट ट्रेन ठहराव की मांग तेज, स्थानीय नेताओं ने उठाई आवाज सहरसा जिला के पचंगछिया रेलवे स्टेशन पर लंबे समय के इंतजार के बाद फुट ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू हो गया है… लेकिन इसके बावजूद यहां की समस्याएं अब भी खत्म होती नजर नहीं आ रही हैं। स्थानीय लोगों में खुशी के साथ-साथ नाराजगी भी देखने को मिल रही है… क्योंकि स्टेशन पर अब भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। बिजलपुर पंचायत के पूर्व मुखिया संजीव कुमार और युवा नेता राजू गुप्ता ने स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव की मांग उठाई है… उन्होंने रेल मंत्री से यहां सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग की है… ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके। राजू गुप्ता का कहना है कि स्टेशन पर ना तो शौचालय की समुचित व्यवस्था है… ना ही बैठने की सुविधा… इसके अलावा पार्किंग और टिकट काउंटर की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है… जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं संजीव कुमार ने स्टेशन की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है… उन्होंने यहां आरपीएफ की तैनाती की मांग की है… ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। फिलहाल फुट ओवरब्रिज का काम शुरू जरूर हुआ है… लेकिन इसकी रफ्तार धीमी बताई जा रही है… ऐसे में लोगों को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।
सुपरफास्ट ट्रेन ठहराव की मांग तेज, स्थानीय नेताओं ने उठाई आवाज सहरसा जिला के पचंगछिया रेलवे स्टेशन पर लंबे समय के इंतजार के बाद फुट ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू हो गया है… लेकिन इसके बावजूद यहां की समस्याएं अब भी खत्म होती नजर नहीं आ रही हैं। स्थानीय लोगों में खुशी के साथ-साथ नाराजगी भी देखने को मिल रही है… क्योंकि स्टेशन पर अब भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। बिजलपुर पंचायत के पूर्व मुखिया संजीव कुमार और युवा नेता राजू गुप्ता ने स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव की मांग उठाई है… उन्होंने रेल मंत्री से यहां सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग की है… ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके। राजू गुप्ता का कहना है कि स्टेशन पर ना तो शौचालय की समुचित व्यवस्था है… ना ही बैठने की सुविधा… इसके अलावा पार्किंग और टिकट काउंटर की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है… जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं संजीव कुमार ने स्टेशन की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है… उन्होंने यहां आरपीएफ की तैनाती की मांग की है… ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। फिलहाल फुट ओवरब्रिज का काम शुरू जरूर हुआ है… लेकिन इसकी रफ्तार धीमी बताई जा रही है… ऐसे में लोगों को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।
- सहरसा जिला के पचंगछिया रेलवे स्टेशन पर लंबे समय के इंतजार के बाद फुट ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू हो गया है… लेकिन इसके बावजूद यहां की समस्याएं अब भी खत्म होती नजर नहीं आ रही हैं। स्थानीय लोगों में खुशी के साथ-साथ नाराजगी भी देखने को मिल रही है… क्योंकि स्टेशन पर अब भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। बिजलपुर पंचायत के पूर्व मुखिया संजीव कुमार और युवा नेता राजू गुप्ता ने स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव की मांग उठाई है… उन्होंने रेल मंत्री से यहां सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग की है… ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके। राजू गुप्ता का कहना है कि स्टेशन पर ना तो शौचालय की समुचित व्यवस्था है… ना ही बैठने की सुविधा… इसके अलावा पार्किंग और टिकट काउंटर की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है… जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं संजीव कुमार ने स्टेशन की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है… उन्होंने यहां आरपीएफ की तैनाती की मांग की है… ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। फिलहाल फुट ओवरब्रिज का काम शुरू जरूर हुआ है… लेकिन इसकी रफ्तार धीमी बताई जा रही है… ऐसे में लोगों को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।1
- Post by मिथिलेश कुमार1
- नौहट्टा प्रखंड के मोहनपुर (मेन रोड): अपना सपनों का आशियाना बनाने की चाह रखने वालों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। मेन रोड मोहनपुर कब्रिस्तान के बगल में 'जे के एन्ड सन्स ट्रेडर्स' (J K & Sons Traders) का भव्य शुभारंभ हो गया है। अब क्षेत्र के लोगों को निर्माण सामग्री के लिए शहर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। बुनियाद से लेकर फिनिशिंग तक सब कुछ उपलब्ध इस प्रतिष्ठान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ घर की नींव रखने से लेकर उसे खूबसूरत रंगों से सजाने तक का हर सामान किफायती दरों पर उपलब्ध है। यहाँ मिलने वाली प्रमुख सामग्रियां इस प्रकार हैं: निर्माण सामग्री: उच्च गुणवत्ता वाली गिट्टी, बालू, सीमेंट और सरिया। छत और फिटिंग: एस्बेस्टस (श्वेस्टर), चदरा, ईंट और हर प्रकार के पाइप। हार्डवेयर: प्लंबिंग और हार्डवेयर का सारा जरूरी सामान। पेंट गैलरी: घर को चमकाने के लिए मशहूर 'बिरला ऑप्स' (Birla Opus) के पेंट का शानदार कलेक्शन। विश्वसनीयता और गुणवत्ता का संगम 'जे के एन्ड सन्स ट्रेडर्स' के संचालक ने बताया कि उनका उद्देश्य ग्राहकों को उचित मूल्य पर बेहतरीन ब्रांड्स का सामान उपलब्ध कराना है। विशेष रूप से बिरला ऑप्स पेंट के जुड़ जाने से अब ग्राहकों को रंगों के लिए भी कहीं और जाने की जरूरत नहीं होगी। पता याद रखें: > जे के एन्ड सन्स ट्रेडर्स > मेन रोड, कब्रिस्तान के बगल में, मोहनपुर।1
- Post by Mankhush kumar1
- बिहार के मधेपुरा से बड़ी खबर है, जहां प्रमंडलीय आयुक्त ने समाहरणालय का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोलने की कोशिश की है… साफ संदेश—काम में ढिलाई अब नहीं चलेगी। मधेपुरा समाहरणालय में आज उस वक्त हलचल तेज हो गई।जब प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार अचानक निरीक्षण पर पहुंच गए। आयुक्त ने एक-एक कर स्थापना शाखा, पंचायत शाखा और सामान्य शाखा का बारीकी से जायजा लिया… फाइलों, रजिस्टरों और लंबित मामलों की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान कई शाखाओं में फाइलों के लंबित रहने पर नाराजगी जताई गई और साफ निर्देश दिया गया कि सभी मामलों का निष्पादन समय-सीमा के भीतर हर हाल में किया जाए। आयुक्त ने अधिकारियों से दो टूक कहा जनता से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने कार्यालय में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, कार्यस्थल की व्यवस्था और ऑफिस के माहौल की भी समीक्षा की गई और इसे बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा डिजिटल सिस्टम को बढ़ावा देने और अभिलेखों के डिजिटलीकरण पर भी विशेष जोर दिया गया… ताकि कामकाज तेज और पारदर्शी बन सके। जनता के काम में देरी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी। सभी अधिकारी समयबद्ध और जवाबदेह तरीके से काम करें। निरीक्षण के अंत में आयुक्त ने साफ कर दिया कि प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार और जनता का भरोसा बनाए रखना ही सबसे बड़ी प्राथमिकता है… अब देखना होगा कि इस सख्ती का जमीनी असर कितना दिखता है।4
- supaul nirmali majhari me jcb, buldojar chahiye1
- Post by Avinash Kumar1
- सहरसा से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां भूमिहीन परिवारों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। जिले के सत्तर कटैया अंचल अंतर्गत बिजलपुर पंचायत में सैकड़ों भूमिहीन परिवार आज भी रहने के लिए जमीन की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि इन परिवारों ने कई बार अंचल कार्यालय और जिला प्रशासन को आवेदन देकर रहने के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी। वहीं दूसरी ओर, बिहार सरकार द्वारा अतिक्रमण मुक्त अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। ऐसे में जो गरीब परिवार वर्षों से सरकारी जमीन पर रहकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं, उन्हें हटाने की तैयारी की जा रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब भूमिहीन परिवारों को वैकल्पिक जमीन उपलब्ध ही नहीं कराई गई है, तो आखिर उन्हें हटाया कैसे जाएगा? इस मुद्दे को लेकर बिजलपुर पंचायत के ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। सैकड़ों परिवार जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं और जल्द से जल्द रहने के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर उन्हें जल्द जमीन नहीं दी गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1